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Haryana

Manesar Land Scam में पूर्व CM Bhupinder Singh Hooda को झटका: High Court ने की याचिका खारिज, अब CBI की Special Court में होंगे आरोप तय

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हरियाणा के चर्चित मानेसर लैंड स्कैम केस में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ा झटका लगा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हुड्डा की वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने पंचकूला स्थित CBI की विशेष अदालत में चल रही कार्रवाई को रोकने की मांग की थी।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब CBI स्पेशल कोर्ट में हुड्डा और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद केस का ट्रायल यानी मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी।

क्या है मानेसर लैंड स्कैम मामला?

यह पूरी कहानी 2007 से शुरू होती है। उस समय की हुड्डा सरकार ने गुरुग्राम जिले के मानेसर, उल्हावास और लक्खीशेरपुर गांवों की जमीन सरकारी कामों के नाम पर अधिग्रहित (acquire) करने की प्रक्रिया शुरू की थी

सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण का नोटिस आने के बाद किसानों में डर था कि उनकी जमीन औने-पौने दाम पर चली जाएगी। इसी वजह से कई किसानों ने अपनी जमीन बहुत कम कीमतों में बेच दी

इसके बाद सरकार ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया रद्द कर दी

लेकिन आरोप यह है कि:

  • किसानों से सस्ते दाम में खरीदी गई जमीन
  • बाद में बिल्डरों, कॉलोनाइजरों और रियल एस्टेट कंपनियों को बहुत ही कम रेट पर लाइसेंस जारी करके दी गई।

यानी किसानों को नुकसान और बिल्डरों को फायदा

इससे बिचौलिए (middlemen) और रियल एस्टेट कारोबारियों को करोड़ों रुपये का फायदा होने की बात कही गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस स्कैम की जांच CBI को सौंपने के आदेश दिए थे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि:

  • यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण (malafide) थी,
  • इसे धोखाधड़ी (fraud) माना जा सकता है,
  • सरकार को बिचौलियों और कंपनियों द्वारा कमाए गए गलत फायदा (illegal profit) की एक-एक पाई वापस लेनी चाहिए

CBI की कार्रवाई

  • CBI ने 2015 में जांच शुरू की।
  • 2018 में CBI ने 34 आरोपियों के खिलाफ 80 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें हुड्डा भी शामिल हैं।
  • CBI का दावा है कि इस जमीन सौदे में कई सरकारी अधिकारी, प्राइवेट कंपनियां और बिचौलिए शामिल थे

इस साल जनवरी 2024 में CBI ने अदालत को बताया था कि:

  • पिछले चार सालों से सुनवाई रुकी हुई है, इसलिए मामला जल्द निपटाया जाए।

हुड्डा की ओर से क्या दलील दी गई थी?

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के वकीलों ने हाईकोर्ट में कहा था कि:

  • सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सह-आरोपियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
  • ऐसे में अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करना सही नहीं, यह मुकदमे को टुकड़ों में बांटने जैसा है

लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया

अब आगे क्या होगा?

अब पंचकूला की CBI स्पेशल कोर्ट में:

  1. हुड्डा और अन्य आरोपियों पर औपचारिक आरोप तय होंगे।
  2. इसके बाद गवाहों के बयान और सबूतों की सुनवाई शुरू होगी
  3. फिर आगे मुकदमे का फैसला आएगा

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

  • इसमें किसान हित, सरकारी पारदर्शिता, और रियल एस्टेट कंपनियों के प्रभाव जैसे बड़े सवाल जुड़े हैं।
  • यह मामला हरियाणा की राजनीति को भी प्रभावित करता है, क्योंकि हुड्डा आज भी एक बड़े राजनीतिक चेहरे हैं।
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हरियाणा पुलिस में 5500 कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन फिर से शुरू, एज लिमिट में मिली 3 साल की छूट

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हरियाणा पुलिस में भर्ती होने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने कांस्टेबल के 5500 पदों पर भर्ती के लिए अप्लीकेशन विंडो एक बार फिर खोल दी है. जो उम्मीदवार पहले आवेदन नहीं कर सके थे या आयु सीमा के कारण पात्र नहीं थे, उनके लिए अब 19 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करने का सुनहरा अवसर है.

दरअसल, राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग स्वीकार करते हुए इस भर्ती में आयु सीमा में तीन साल की छूट प्रदान की जाएगी. जिससे अब और अधिक युवा इस प्रतियोगिता का हिस्सा बन सकेंगे.

हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल की वैकेंसी

इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 5500 रिक्तियां भरी जाएंगी. वैकेंसी डिटेल इस प्रकार है-

  • कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी-पुरुष)- 4500 रुपये
  • कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी-महिला)- 600 पद
  • कांस्टेबल (पुरुष- रेलवे पुलिस/GRP)- 400 पद
  • हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए उम्मीदवारों को 12वीं पास होना चाहिए. साथ में मैट्रिक तक हिंदी या संस्कृष विषय पढ़ा होना चाहिए. इस भर्ती में सिर्फ वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं. जिन्होंने हरियाणा सीईटी ग्रुप-सी परीक्षा पास की है.
  • सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 18 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए. (अधिकतम उम्र सीमा में तीन साल की विशेष छूट के बाद). आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दी जाएगी.
  • चयन प्रक्रिया
  • हरियाणा पुलिस में चयन के लिए उम्मीदवारों को कई चरणों से गुजरना होगा.
  • सीईटी स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग- आयोग रिक्तियों के आधार पर अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए बुलाएगा.
  • शारीरिक माप परीक्षण- इसमें पुरुष उम्मीदवारों की लंबाई 170 सेमी और महिलाओं की न्यूनतम 158 सेमी अनिवार्य है. इसमें पुरुषों का सीना भी मापा जाएगा.
  • फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट- इसमें दौड़ होगी. पुरुषों को 12 मिनट में 2.5 किमी और महिलाओं को 6 मिनट में 1 किमी की दौड़ पूरी करनी होगी.
  • लिखित परीक्षा- शारीरिक मानकों में सफल होने के बाद लिखित परीक्षा पास करनी होगी. जिसका वेटेज 97 फीसदी होगा. शेष तीन फीसदी का वेटेज एनसीसी सर्टिफिकेट धारकों को बोनस के रूप में दिए जाएंगे.
  • आवेदन शुल्क
  • इस पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया फ्री है.
  • कैसे करना है आवेदन?
  • हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की वेबसाइट hssc.gov.in पर या सीधे adv012026.hryssc.com पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. आवेदन फॉर्म भरते समय अपने डॉक्यूमेंट्स, जैसे 12वीं की मार्कशीट, सीईटी स्कोरकार्ड और कैटेगरी सर्टिफिकेट अपलोड करने होंगे.
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‘टटीहरी’ गाने को लेकर विवाद: Haryana महिला आयोग ने रैपर बादशाह के खिलाफ गिरफ्तारी के निर्देश दिए

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हरियाणा महिला आयोग ने ‘टटीहरी’ गाने से जुड़े विवाद के मामले में बॉलीवुड सिंगर-रैपर Badshah के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने समन जारी होने के बावजूद शुक्रवार को पानीपत में पेश न होने पर उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए।

बादशाह के वकीलों ने आयोग को बताया कि पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण वह निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हो सके। साथ ही आयोग से अगली तारीख देने की भी मांग की गई थी।

इस दौरान हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन Renu Bhatia बैठक में नाराज़ नजर आईं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बादशाह दोपहर 3 बजे तक पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद आयोग ने पंचकूला और पानीपत के एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि बादशाह को गिरफ्तार किया जाए और उनका पासपोर्ट जब्त किया जाए, ताकि वह देश छोड़कर न जा सकें। आयोग का कहना है कि महिलाओं और बेटियों की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

गौरतलब है कि महिला आयोग ने 6 मार्च को बादशाह को नोटिस भेजा था। नोटिस में उन्हें ‘टटीहरी’ गाने में कथित रूप से लड़कियों के बारे में आपत्तिजनक बोल और दृश्य होने के मामले में पानीपत के एसपी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। हालांकि, बादशाह के वकील ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति मांगी थी।

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कैथल पहुंचे CM नायब सैनी:अमरनाथ भगत के निधन पर शोक प्रकट किया, परिवार से बातचीत की

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हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने हैफेड के पूर्व चेयरमैन कैलाश भगत के पिता अमरनाथ भगत के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने कैलाश भगत से बातचीत की और परिवार के प्रति सहानुभूति जताई। उनके साथ मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी कैथल आए। सीएम वीरवार को कैथल में कैलाश भगत के आवास पर पहुंचे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

दरअसल अमरनाथ भगत का 5 दिन पहले निधन हो गया था। उनके निधन पर शोक प्रकट करने के लिए रोजाना राजनीति चेहरे पहुंचे रहे हैं। वीरवार को सीएम भी अपने काफिले के साथ वहां पहुंचे। इस दौरान वे परिवार के सदस्यों से भी मिले और उनसे बातचीत की।

कैलाश भगत से बातचीत करते सीएम

कैलाश भगत से बातचीत करते सीएम

अमरनाथ भगत की कैथल की राजनीति में सक्रिय भूमिका रही

बता दें कि स्वर्गीय अमरनाथ भगत की कैथल की राजनीति में सक्रिय भूमिका रही है। वे अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के साथ काम कर चुके हैं। अमरनाथ भगत का नाम कैथल की जानी मानी राजनीतिक हस्तियों में आता है। इसके अलावा अमरनाथ भगत कैथल में RSS के सक्रिय कार्यकर्ता भी रहे हैं। उन्होंने RSS के साथ काफी कार्यकर्ताओं को जोड़ा।

जिस समय कैथल और कुरुक्षेत्र एक जिले में होते थे, उस समय अमरनाथ भगत भाजपा के जिलाध्यक्ष बने थे। उन्होंने लगातार 4 बार इस पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनका नाम भाजपा के समर्पित नेताओं में लिया जाता है।

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