Connect with us

Crime

Ludhiana में प्रेम जाल का शिकार हुई लड़की, शादी का झांसा देकर किया शारीरिक शोषण, Police कार्रवाई में भी हो रही देरी

Published

on

पंजाब के लुधियाना से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक लड़की को उसके दूर के रिश्तेदार ने प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया। पीड़ित लड़की के अनुसार, घटना की शुरुआत 2022 से हुई थी, जब लड़के ने धीरे-धीरे उसका विश्वास जीतना शुरू किया।

लड़के ने उसे बार-बार अपने घर आने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। जब लड़की ने यह बात अपने माता-पिता को बताने की कोशिश की, तो लड़के ने धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह और उसके परिवार के लोगों को जान से मार देगा। लड़की ने बताया कि लड़के ने उसे शादी का झांसा दिया और कहा कि उसके जेवरात और पैसे उसके साथ ले चलें, ताकि शादी की जा सके।

घटना की हकीकत:
24 जून को लड़की अपने घर में अकेली थी, तभी लड़का आया और फिर से शादी का झांसा देकर उसे डराया। उसके बाद वह लड़की को दिल्ली और मुंबई तक ले गए, लेकिन शादी नहीं की। लड़की ने कहा कि उसने लड़के से बार-बार मना किया, लेकिन वह नहीं माना।

जब लड़की की मां को इसकी जानकारी लगी, तो उन्होंने लड़के के घर जाकर मना किया। इसके बावजूद लड़का और उसके परिवार वाले लड़की को डराते रहे। लड़की के अनुसार, उसकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा था। उसके जेवरात और पैसे जब लड़की ने अपने साथ लिए, तो लड़के ने उन्हें भी ले लिया।

लड़के के परिवार का रवैया:
लड़के की बहन और जीजा ने लड़की को धमकाया और उसके साथ मारपीट की। लड़की को डर के मारे कई बार अपने निर्णय बदलने पड़े। अंततः लड़की अपने घर वापस लौट आई, लेकिन लड़के ने अब तक उसका फोन नहीं उठाया और पुलिस शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस और प्रशासन की देरी:
लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और मेडिकल जांच की मांग की, लेकिन अभी तक उसका मेडिकल टेस्ट नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, लेकिन लड़की का कहना है कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लड़की ने यह भी आरोप लगाया कि थाना के कुछ कर्मचारी फैसले पर दबाव बना रहे हैं और उन्हें मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं मिल रही।

पीड़ित का संदेश:
लड़की ने साफ कहा कि वह पैसों या जेवरात की मांग नहीं कर रही, बल्कि उसे लड़के के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहिए। उसने कहा कि उसकी इज्जत पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है और वह चाहता है कि न्याय मिले।

यह मामला महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ते प्रेम जाल और शोषण के खतरों को सामने लाता है। साथ ही, यह प्रशासन और पुलिस की कार्यवाही में देरी और दबाव की समस्या को भी उजागर करता है।

NOTE: NEWS SOURCE AVP News Punjab

Crime

Delhi Blast: Red Fort के पास Car explosion काCCTV Footage आया सामने, ट्रैफ़ि Traffic के बिच अचानक हुआ Car में धमाका

Published

on

दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए तेज कार धमाके की शुरुआत से लेकर अब तक की पूरी जानकारी सामने आ चुकी है। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मामला बेहद संवेदनशील है और जांच एनआईए (National Investigation Agency) कर रही है। नीचे इस घटना से जुड़ी सारी प्रमुख बातें सरल और सीधी भाषा में दी जा रही हैं—ताकि हर पाठक आसानी से समझ सके।

घटना क्या हुई और कब हुई

  • तारीख: 10 नवंबर 2025 (सोमवार)
  • समय: लगभग शाम 6:50:52 PM (सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पर यही समय दिखा)
  • स्थान: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास, गेट नंबर-1 के नज़दीक, लाल किले चौराहा।
  • घटना के वक्त ट्रैफिक सिग्नल पर कई वाहन धीरे-धीरे चल रहे थे — बाइक, कार और ऑटो की लाइनें लगी हुई थीं। इसी दौरान एक आई-20 कार में अचानक जोरदार धमाका हुआ और उसमें आग लग गई। फुटपाथ और आसपास के कई वाहन भी जल गए।

सीसीटीवी फुटेज

बुधवार को पहली बार उस धमाके का CCTV फुटेज जारी हुआ। फुटेज में साफ दिखता है कि ट्रैफिक चल रहा है और अचानक कार से तेज रोशनी/आग की लपटें उठती हैं और कैमरे की फुटेज कुछ देर के लिए अंधेरी हो जाती है। यह फुटेज घटना के समय और माहौल को स्पष्ट करता है और जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है।

नुकसान और घायलों की स्थिति

  • मृतक: 12 लोगों की मौत हुई।
  • घायल: 20+ लोग घायल; इनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
  • कई वाहन और बाइक भी धमाके की चपेट में आकर जल गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और कुछ की हालत नाज़ुक है।

संदिग्ध और साजिश

  • पुलिस की शुरुआती जानकारी में कार में बैठे व्यक्ति का नाम उमर बताया जा रहा है। बताया गया है कि उमर कार में अकेला ही बैठा था, हालांकि पुलिस आयुक्त ने पहले तीन लोग होने की बात कही थी।
  • पुलिस को शक है कि यह हमला दो साल से रची जा रही साजिश का हिस्सा था। जांच में यह पता चला कि किसी नेटवर्क ने लोगों की भर्ती और फंडिंग पिछले कुछ वर्षों से की थी। यह समूह एन्क्रिप्टेड चैनलों का प्रयोग कर रहा था और कुछ कामों को धर्मार्थ या शैक्षिक आड़ में छुपाकर फंड इकट्ठा किया जा रहा था।
  • शुरुआती पड़ताल में यह भी आशंका जताई जा रही है कि उमर डर कर भागने की कोशिश में या घबराहट में विस्फोट कर बैठा — यानी फिलहाल इसे सीधे आत्मघाती हमला मानने से पहले जांच चल रही है।

विस्फोटक और फॉरेंसिक रिपोर्ट

  • घटनास्थल से दो तरह के विस्फोटकों के नमूने और दो कारतूस बरामद हुए हैं। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) इनकी जांच कर रही है।
  • प्रारंभिक विश्लेषण में एक नमूना अमोनियम नाइट्रेट जैसा दिख रहा है। दूसरा नमूना अमोनियम नाइट्रेट से भी ज्यादा शक्तिशाली बताया जा रहा है — पर अभी फाइनल रिपोर्ट आने पर ही सही निष्कर्ष मिल पाएगा।
  • अभी तक मौके से 40 से ज़्यादा सैंपल इकट्ठा किए जा चुके हैं और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट में ईंधन तेल और डेटोनेटर के इस्तेमाल की भी आशंका है।

जांच एजेंसियाँ और कानूनी मामला

  • मामले की जांच फिलहाल एनआईए कर रही है। दिल्ली पुलिस ने भी तफ्तीश में सहयोग दिया है।
  • दिल्ली पुलिस ने इस घटना को यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में दर्ज कर लिया है — जो आमतौर पर आतंकी साजिश और विस्फोटक से जुड़े मामलों के लिए लागू होते हैं।
  • पुलिस ने आसपास के सभी CCTV फुटेज खंगाले हैं और उमर की कार के 11 घंटे का रूट पुलिस ने ट्रेस कर लिया है। जांच में पाया गया कि उमर लगभग तीन घंटे सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में रुका हुआ था और वहीं उसने इंटरनेट पर फरीदाबाद में साथियों की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरें देखीं।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा और बड़ी साजिश को नाकाम करना

  • सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अगर विस्फोटक का पूरा प्लान के मुताबिक इस्तेमाल हुआ होता, तो नुकसान और भी बहुत बड़ा हो सकता था।
  • उन्होंने बताया कि सतर्कता और समय-सीमित कार्रवाई की वजह से बड़ी साजिश नाकाम हुई। एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में की गई कुछ कार्रवाइयाँ भी इस नेटवर्क से जुड़ी हुई लग रही हैं — इन सबकी गहन जांच जारी है।

पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता

दिल्ली सरकार ने धमाके के पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है:

  • मृतकों के परिजनों को ₹10,00,000 (दस लाख) का अनुदान।
  • अस्थायी रूप से अक्षम लोगों को ₹5,00,000।
  • गंभीर रूप से घायल लोगों को ₹2,00,000।
  • साधारण घायलों को ₹20,000 दी जाएगी।

अभी क्या जानना बाकी है

  • विस्फोटकों की फाइनल फॉरेंसिक रिपोर्ट और उनके स्रोत की पहचान अभी बाकी है।
  • नेटवर्क के और हिस्सेदारों की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
  • घटना की पूरी न्यायिक और फॉरेंसिक प्रक्रिया के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि यह पूर्वनियोजित आत्मघाती हमला था या दुर्घटनावश विस्फोट हुआ।
Continue Reading

Crime

Panipat में Police-Criminal Encounter: दो को गोली लगी, एक दबोचा; घर में Firing कर की थी लूट

Published

on

हरियाणा के पानीपत में पुलिस ने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत बड़ी कार्रवाई की है। विकास नगर में हुए लूट और फायरिंग मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें से दो बदमाश मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए PGIMS रोहतक/खानपुर मेडिकल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इनसे तीन अवैध पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

क्या था पूरा मामला?

13 अक्टूबर की रात विकास नगर निवासी राजवंती, पत्नी सुरेश, ने पुलिस को शिकायत दी थी कि संजीव उर्फ बाजा और उसके साथी उनके घर में घुस आए थे। उन्होंने परिवार पर फायरिंग की और घर से

  • ₹3 लाख नकद
  • सोने की चेन
  • चांदी की पायलें
    लूट ली थीं। यह मामला जमीनी विवाद से जुड़ा बताया गया।

पुलिस ने कैसे पकड़े आरोपी

पानीपत के SP भूपेंद्र सिंह ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश के लिए CIA वन की टीम को लगाया। इंस्पेक्टर विजय के नेतृत्व में टीम लगातार सुराग जुटा रही थी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी जवाहरा-शाहपुर रोड से रात के समय गुजरने वाले हैं।
इस पर पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी की।

जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चला दीं और मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश की।

मुठभेड़ कैसे हुई

  • बदमाशों ने पुलिस पर 4 राउंड फायरिंग की
  • पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की
  • इस दौरान आरोपियों संदीप और सन्नी के पैर में गोली लगी
  • तीसरा आरोपी भागते हुए पकड़ लिया गया

फिलहाल दोनों घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

बरामदगी

मौके से पुलिस ने
3 पिस्तौल
6 जिंदा कारतूस
जब्त किए।

FIR दर्ज

  • इस लूट व फायरिंग की पहली FIR सेक्टर-29 थाने में दर्ज है।
  • मुठभेड़ और हथियार बरामदगी के मामले में नई FIR नंबर 356, दिनांक 8 नवंबर 2025, थाना इसराना में दर्ज हुई है।

SP का बयान

SP भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत यह पुलिस की बड़ी सफलता है। आरोपियों के क्राइम रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश भी जारी है।
पुलिस ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।

Continue Reading

Crime

Corruption के खिलाफ Amritsar में Vigilance की बड़ी कार्रवाई, SHO के नाम पर रिश्वत लेते आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया

Published

on

भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अमृतसर में एक बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने एक ऐसे शख्स को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है जो SHO (थानेदार) के नाम पर रिश्वत ले रहा था। यह कार्रवाई अमृतसर के छेहरटा इलाके में की गई।

जानकारी के मुताबिक, एक स्थानीय व्यक्ति ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि कुछ समय पहले SHO और उसकी टीम उसके घर आई थी। उन्होंने उस व्यक्ति पर नशा तस्करी (drug smuggling) के आरोप लगाए और धमकी दी कि अगर मामला सुलझाया नहीं गया तो उसके खिलाफ अपराध का केस दर्ज कर दिया जाएगा।

शिकायतकर्ता ने डर के कारण SHO के एक जानकार ललित अरोड़ा से संपर्क किया। बताया गया कि ललित अरोड़ा ने SHO की ओर से केस दर्ज न करने के बदले ₹25 लाख की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकता, जिस पर दोनों के बीच ₹5 लाख में सौदा तय हो गया।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरा मामला विजिलेंस विभाग को बताया। विभाग ने पहले जांच की और फिर कार्रवाई करने का प्लान बनाया। जब ललित अरोड़ा शिकायतकर्ता से ₹5 लाख रिश्वत लेते हुए मिला, तो विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाहों की मौजूदगी में उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ अमृतसर में केस दर्ज कर लिया गया है और अब विजिलेंस यह जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में SHO या उसकी टीम के अन्य सदस्य भी शामिल थे या नहीं।

विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति पुलिस या सरकारी अफसर के नाम पर जनता को धोखा न दे सके।

मुख्य बातें एक नज़र में:

  • विजिलेंस की कार्रवाई अमृतसर के छेहरटा इलाके में हुई।
  • आरोपी ललित अरोड़ा, SHO के नाम पर रिश्वत मांग रहा था।
  • रिश्वत की रकम ₹25 लाख मांगी गई, ₹5 लाख पर डील तय हुई।
  • विजिलेंस ने आरोपी को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
  • केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू हो चुकी है।
Continue Reading

Trending