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Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, नतीजे 4 जून को आएंगे

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India General Election

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का आखिरकार ऐलान हो गया है. देश में 7 चरणों में और महाराष्ट्र में 5 चरणों में वोटिंग होगी. देश में 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में और महाराष्ट्र में 19 अप्रैल से 20 मई तक पांच चरणों में मतदान प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। लोकसभा चुनाव का पूरा नतीजा 4 जून को आएगा.

देशभर में लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा मुख्य आयुक्त राजीव कुमार और आयुक्त सुखबीर सिंह संधू, श्री ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव कुमार के साथ चुनाव आयुक्त एसएस सिंह और ज्ञानेश कुमार भी मौजूद रहे. 2024 पूरी दुनिया में चुनाव का साल है और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव कुमार ने ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं से वोट करने की अपील की है.

महाराष्ट्र में कितने चरणों में मतदान? (महाराष्ट्र चरणवार मतदान तिथियां)
महाराष्ट्र में पांच चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे. देश में 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में और महाराष्ट्र में 19 अप्रैल से 20 मई तक पांच चरणों में मतदान प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। लोकसभा चुनाव का पूरा नतीजा 4 जून को आएगा.

महाराष्ट्र में कौन सी सीट पर कब मतदान होना है
पहला चरण: वोटिंग- 19 अप्रैल: रामटेक, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, गढ़चिरौली-चिमूर, चंद्रपुर (विदर्भ में 5)

दूसरा चरण: मतदान- 26 अप्रैल: बुलढाणा, अकोला, अमरावती, वर्धा, यवतमाल-वाशिम, हिंगोली, नांदेड़, परभणी (कुल निर्वाचन क्षेत्र- 8)

तीसरा चरण: मतदान- 7 मई: रायगढ़, बारामती, धाराशिव, लातूर, सोलापुर, माधा, सांगली, सतारा, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, हटकनंगले (कुल निर्वाचन क्षेत्र – 11)

चौथा चरण: 13 मई: नांदेड़, जलगांव, रावेर, जालना, औरंगाबाद, मावल, पुणे, शिरूर, अहमदनगर, शिरडी, बीड (कुल निर्वाचन क्षेत्र – 11)

पांचवां चरण: 20 मई: धुले, डिंडोरी, नासिक, पालघर, भिवंडी, कल्याण, ठाणे, मुंबई उत्तर, मुंबई उत्तर पश्चिम, मुंबई उत्तर पूर्व, मुंबई उत्तर मध्य, मुंबई दक्षिण मध्य और मुंबई दक्षिण (कुल निर्वाचन क्षेत्र – 13)

543 लोकसभा सीटों के लिए मतदान
देश की 543 लोकसभा सीटों के लिए 7 चरणों में वोटिंग होगी. सभी सीटों पर वोटों की गिनती 4 जून को होगी. महाराष्ट्र में पांच चरणों में मतदान होगा.

पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल: उत्तर पूर्व, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड,

दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल –

तीसरे चरण का मतदान 7 मई –

चौथा चरण 13 मई को मतदान–

पांचवे चरण की वोटिंग 20 मई –

चुनाव आयुक्त ने क्या कहा?
सबकी नजर भारतीय चुनाव पर है. इस साल पूरी दुनिया में चुनावों का मौसम चल रहा है. देश में कुल 97 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। 150 लाख से अधिक मतदान केंद्र, 55 लाख से अधिक ईवीएम, 1.2 करोड़ पहली बार मतदाता, 48 हजार तीसरी बार मतदाता, 100 साल से ऊपर 2 लाख मतदाता, 1.5 करोड़ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, चुनाव अधिकारी, 18 से 21 आयु वर्ग के मतदाता 21.50 करोड़, 12 राज्यों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।

पैसे बांटते हुए पाए जाने पर क्या करें?
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि कहां पैसा बांटा जा रहा है, कहां गड़बड़ी हो रही है, बस एक फोटो खींचकर सी विजिल ऐप पर अपलोड करें, अपने मोबाइल फोन के अक्षांश और देशांतर से लोकेशन ट्रैक करें और हमारी टीम वहां पहुंच जाएगी. 100 मिनट.

हिंसा से बचने का संकल्प लिया
हम चुनावों में हिंसा से बचने के लिए प्रतिबद्ध हैं। केंद्रीय पुलिस बल की टुकड़ियां तैनात की जाएंगी. जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष होगा. कुल पांच फ़ीड होंगे. मतदान केंद्र, चेक पोस्ट अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित हैं, ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी, राजीव कुमार ने बताया।

लोकसभा चुनाव 2024 की विशेषताएं
फ्री-बिज़ पर प्रतिबंध

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मनमर्जी से कोई घोषणा नहीं की जा सकती. राजनीतिक दलों को घोषणा करते समय खर्च और वित्तीय प्रावधान बताने वाली रिपोर्ट देनी होगी.

कर्मचारियों का वेतन दोगुना
चुनाव आयोग ने हाल ही में चुनाव कर्मचारियों का वेतन दोगुना कर दिया है।

300 से 27
पहले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए 300 गाइडलाइन थीं, उसे संकलित कर 27 गाइडलाइन में तब्दील कर दिया गया है

17 साल की उम्र में मतदाता बनने के लिए आवेदन किया जा सकता है
आयोग ने 17 वर्ष की आयु में मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरने की सुविधा दी। 18 वर्ष की आयु में आप तुरंत मतदान कर सकते हैं।

सभी मैनुअल, हैंडबुक, चेक सूचियों की समीक्षा
लोकसभा 2024 के लिए सभी नियमों, हैंडबुक, चेक लिस्ट पर पुनर्विचार किया गया है

सचिन तेंदुलकर, राजकुमार राव नेशनल आइकॉन

ईवीएम, वीवीपैट, सीयू मशीनें ले जाने के लिए शॉक प्रूफ, वॉटर प्रूफ बैग

2019 में कैसे थे चुनाव?
पिछले चुनाव यानी 2019 में लोकसभा चुनाव 7 चरणों में हुए थे. उस समय देश में 11 अप्रैल 2019 से 19 मई 2019 के बीच मतदान हुआ था. उस मतदान से देश के 543 सांसद चुने गये। पिछले चुनाव में 78 महिला सांसद चुनी गयी थीं.

महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटें
महाराष्ट्र से लोकसभा के लिए 48 सांसद चुने जाते हैं। महाराष्ट्र में कुल 48 लोकसभा सीटें हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव (महाराष्ट्र लोकसभा चुनाव परिणाम 2019) के दौरान महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन था। उस वक्त बीजेपी और शिवसेना गठबंधन ने सबसे ज्यादा सीटें जीती थीं. बीजेपी 23, शिवसेना 18, राश

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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