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तीन नए अधिनियमित आपराधिक Laws की लिस्ट
देश में तीन नए आपराधिक Laws लागू हो गए है, जो भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में बदलाव लाएंगे। भारतीय न्यायिक संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय सहायक नियम (बीएसए) 2023 आज से पूरे देश में लागू हो गए हैं।
इन तीनों कानूनों ने क्रमशः ब्रिटिश काल के कानूनों भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारत साक्ष्य उपखंड का स्थान ले लिया। आज से सभी नई एफआईआर बीएनएस के तहत दर्ज की जाएंगी| हालाँकि, इस कानून के लागू होने से पहले दायर मामलों का अंतिम निपटारा पुराने कानूनों के तहत ही किया जाता रहेगा। नए कानून ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस शिकायतों की ऑनलाइन फाइलिंग, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे एसएमएस के जरिए समन भेजने और सभी गंभीर अपराधों के दृश्य की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधानों के साथ एक आधुनिक न्याय प्रणाली स्थापित करेंगे।
समय सीमा तय: हमारा प्रयास 3 साल के भीतर न्याय हासिल करने का होगा।
* 35 भागों में समयरेखा जोड़ी गई
* यदि शिकायत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दर्ज कराई गई है तो 3 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कराएं।
* यौन उत्पीड़न की जांच रिपोर्ट 7 दिन के भीतर भेजनी होगी।
* पहली सुनवाई के 60 दिनों के भीतर आरोप दायर किए जाएंगे।
* दोषी अपराधियों पर 90 दिनों के भीतर अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जाना चाहिए
* आपराधिक मामलों में सुनवाई पूरी होने के 45 दिनों के भीतर फैसला सुनाया जाएगा नया आपराधिक कानून “न्याय पर केंद्रित है, सज़ा पर नहीं”
सामुदायिक सज़ा: छोटे अपराधों के लिए भारतीय न्याय दर्शन के अनुसार- 5000 रुपये से कम की चोरी के लिए सामुदायिक सेवाओं का प्रावधान।
* सामुदायिक सेवाओं के 6 अपराधों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध शामिल है
- * प्राथमिकता: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध (पहला खजाना लूटना था)
- * बीएनएस में ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध’ पर नया अध्याय
- * महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से संबंधित 35 धाराएं हैं,
- * सामूहिक बलात्कार: 20 वर्ष कारावास/आजीवन कारावास नाबालिग से सामूहिक बलात्कार: मृत्युदंड/आजीवन कारावास झूठे वादे/छिपाकर सेक्स करना अब अपराध है
- * पीड़िता का बयान उसके आवास पर महिला अधिकारी के समक्ष दर्ज किया गया.
- * पीड़िता के अभिभावक की मौजूदगी में बयान दर्ज किये जायेंगे. प्रौद्योगिकी का उपयोग
- * विश्व की सबसे आधुनिक न्यायिक प्रणाली का निर्माण करना
- * इसमें अगले 50 वर्षों में आने वाली सभी आधुनिक तकनीकें शामिल होंगी।
- कम्प्यूटरीकरण: पुलिस जांच से न्यायालय तक की प्रक्रिया।
- * ई-रिकॉर्ड
- * जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, चार्ज शीट… डिजिटल होंगी
- * 90 दिन में पीड़ित को मिलेगी जानकारी
- फॉरेंसिक अनिवार्य: 7 साल या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में
- * जांच में वैज्ञानिक पद्धति को बढ़ावा देना
- * सजा दर को 90% तक ले जाने का लक्ष्य
- सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में फोरेंसिक अनिवार्य है
* राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में बुनियादी ढांचा 5 साल में तैयार हो जाएगा
- * जनशक्ति के लिए राज्यों में एफएसयू शुरू करना
- * फोरेंसिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्थानों पर प्रयोगशालाओं की स्थापना। पीड़ित-केंद्रित कानून
- * पीड़ित-केंद्रित कानूनों की 3 प्रमुख विशेषताएं
- * पीड़ित को अपने विचार व्यक्त करने का अवसर
- सूचना का अधिकार और नुकसान की भरपाई का अधिकार
- * शून्य एफआईआर दर्ज करने को संस्थागत बनाया गया
- * अब कहीं भी दर्ज कराई जा सकेगी FIR
- * पीड़ित को एफआईआर की प्रति नि:शुल्क पाने का अधिकार है
90 दिनों के भीतर जांच में प्रगति की जानकारी देशद्रोह और ‘देशद्रोह’ की परिभाषा को हटाना
*गुलामी के सारे लक्षण मिटा दो | अंग्रेजों के राजद्रोह कानून राज्यों (देश) के लिए नहीं बल्कि शासन के लिए थे। ‘देशद्रोह’ को उखाड़ फेंका गया हालाँकि, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए कड़ी सज़ा| भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ कृत्यों के लिए पुलिस की जवाबदेही बढ़ाकर 7 साल या आजीवन कारावास कर दी गई| तलाशी और जब्ती में वीडियोग्राफी अनिवार्य है |
- गिरफ्तार व्यक्तियों के बारे में जानकारी देना अनिवार्य है
- 3 वर्ष से कम/60 वर्ष से अधिक की आजीवन कारावास की सजा के लिए पुलिस अधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य है
- गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होगा। 20 से अधिक ऐसी धाराएं हैं जो पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगी। पहली बार प्रारंभिक परीक्षा की व्यवस्था की गई
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भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत, AI से लेकर स्पेस तक कई क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। अमेरिका, इजरायल, सिंगापुर, नेपाल, मालदीव, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड समेत कई देशों ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दोहराया। उनके संबोधन में युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता, तकनीक, विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर खास जोर रहा।
तेज आर्थिक विकास पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में देश ने तेजी से बदलाव किया है। भारत अब दुनिया की प्रमुख तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल तकनीक और डिजिटल लेन-देन को भी भारत की बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
AI, सेमीकंडक्टर और स्पेस पर खास फोकस
विकसित भारत के लक्ष्य में आधुनिक तकनीक को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। AI, सेमीकंडक्टर, स्पेस, डिजिटल इनोवेशन और नई ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत अपनी क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया। इसके अलावा आने वाले वर्षों में नए सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत-इजरायल साझेदारी बनेगी अहम ताकत
भारत की तकनीकी और रणनीतिक साझेदारियों में इजरायल के साथ संबंधों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘Special Strategic Partnership for Peace, Innovation & Prosperity’ के नए स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई थी।
इस साझेदारी के तहत AI, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। दोनों देश AI और स्पेस सेक्टर में संयुक्त अवसरों को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विकास की पूरी दिशा को 2047 के लक्ष्य से जोड़ा जा रहा है। युवा शक्ति, आधुनिक तकनीक, विनिर्माण, कृषि, रक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को विकास के प्रमुख आधार के तौर पर सामने रखा गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत राष्ट्र बनाया जाए। इसी दिशा में आने वाले वर्षों के लिए देश के सामने एक लंबा विकास रोडमैप रखा जा रहा है।
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पंजाब में SIR का दूसरा चरण शुरू, जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट; ऐसे चेक करें अपना नाम
पंजाब में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा चरण शुरू हो गया है। चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। अब पंजाब के मतदाता ऑनलाइन अपना नाम और वोट की स्थिति चेक कर सकते हैं।
मतदाता CEO पंजाब की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना नाम चेक कर सकते हैं। वेबसाइट पर SIR से जुड़े कई विकल्प दिए गए हैं, जिनमें ASDD LIST, DRAFT 2026 और SEARCH LIST SIR 2003 शामिल हैं।
DRAFT 2026 में ऐसे चेक करें नाम
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए सबसे पहले CEO पंजाब की वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद DRAFT 2026 विकल्प पर क्लिक करें। यहां अपना जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनना होगा। इसके बाद कैप्चा भरकर भाग नंबर और भाग के नाम के आधार पर संबंधित वोटर लिस्ट की PDF देखी या डाउनलोड की जा सकती है।
ASDD LIST से भी करें जांच
मतदाता ASDD LIST के जरिए भी अपनी वोट की स्थिति की जांच कर सकते हैं। इसके लिए EPIC नंबर दर्ज करना होगा। अगर आपका नाम ASDD सूची में दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि संबंधित नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। वहीं, नाम नहीं मिलने पर सिस्टम में ‘Unidentified’ स्टेटस दिखाई दे सकता है।
BLO और राजनीतिक दलों को भी मिलेंगी सूचियां
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ERO की ओर से राजनीतिक दलों और BLO को भी वोटर लिस्ट की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी। ये सूचियां बूथवार तैयार की गई हैं, जिससे संबंधित क्षेत्र के मतदाताओं की जानकारी की जांच की जा सके।
इसलिए पंजाब के मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम और वोट की स्थिति समय रहते जरूर चेक करें। अगर नाम या किसी जानकारी में गलती मिलती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
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नांदेड़ साहिब में सुखबीर बादल पर हमला, निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती
महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हमला होने की खबर सामने आई है। घटना के बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
जानकारी के अनुसार, सुखबीर सिंह बादल अपने परिवार के साथ तख्त श्री हजूर साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। इसी दौरान माता साहिब कौर गुरुद्वारा साहिब के पास उनके साथ यह घटना हुई। हमले के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद गुरुद्वारा साहिब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किसने और किस वजह से किया।
फिलहाल सुखबीर सिंह बादल को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी मेडिकल जांच के बाद ही सामने आएगी। वहीं, पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद नांदेड़ साहिब में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हमले से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
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