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विश्व भर के दिग्गज उद्योगपतियों ने की Punjabकी सराहना, हजारों करोड़ के निवेश का हुआ ऐलान

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विश्व भर के दिग्गज उद्योगपतियों ने आज प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026 के दौरान पंजाब को निवेश केंद्र में बदलने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। इन प्रमुख उद्योगपतियों ने पंजाब सरकार की नीतियों की प्रशंसा की और राज्य में नए निवेश तथा विस्तार संबंधी योजनाओं का ऐलान किया।

दुनिया की अग्रणी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के कार्यकारी चेयरमैन लक्ष्मी एन. मित्तल ने कहा, “पंजाब में होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है क्योंकि यह धरती कड़ी मेहनत, सहनशीलता और उदारता सिखाती है। पंजाब महज एक राज्य नहीं बल्कि ऊर्जा, हिम्मत और आगे बढ़ने के दृढ़ इरादे का नाम है। पंजाबी अपनी बेमिसाल मेहनत और लगन के कारण दुनिया में जहां भी हैं, वहां अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।”

उन्होंने कहा, “पंजाबियों ने दुनिया भर में खेतों से लेकर व्यापार तक दृढ़ वचनबद्धता के साथ अपनी पहचान बनाई है। बठिंडा तेलशोधक कारखाना नवीनतम तकनीक के साथ पंजाब में आने वाले उद्योगों के लिए मजबूत नींव है। हमने पंजाब में 60,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया है जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। घरेलू गैस की मौजूदा कमी को देखते हुए, रिफाइनरी ने उत्पादन 1000 टन से बढ़ाकर 3000 टन प्रतिदिन कर दिया है। पंजाब सरकार के निरंतर समर्थन के साथ, हमने 26,000 करोड़ रुपए की लागत से एक मेगा विश्व स्तरीय पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी स्थापित किया है जो लघु, छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ा हुलारा दे रहा है और पंजाब में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को गति प्रदान कर रहा है।”

लक्ष्मी एन. मित्तल ने आगे नई विस्तार योजनाओं का ऐलान किया और कहा, “हमारी कंपनी नवीकरणीय और टिकाऊ ऊर्जा में अपनी भागीदारी बढ़ाएगी। हम आधुनिक तकनीक और मशीन इंटेलिजेंस का उपयोग करके 500 फ्यूल स्टेशन स्थापित करके पेट्रोल पंप क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। पंजाब में पहला पेट्रोल पंप जल्द ही बठिंडा में शुरू किया जाएगा। मैं पंजाब सरकार के सहयोग और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा औद्योगिक क्षेत्र और इसके तेज विकास को प्राथमिकता देने के लिए दिखाई गई व्यक्तिगत दिलचस्पी की सराहना करता हूं। हमारी कंपनी और पंजाब सरकार के बीच पंजाब में औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत करने के लिए साझेदारी लंबे समय तक चलेगी और हम पंजाब के औद्योगिक विकास में और भी योगदान देने के लिए तैयार हैं।”

अपने विचार साझा करते हुए, हीरो एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल ने कहा, “पंजाब सरकार पंजाब को औद्योगिक राह पर वापस लाने के लिए सौहार्दपूर्ण प्रयास कर रही है। पंजाब कभी देश में आर्थिक रूप से अग्रणी राज्य था और अब औद्योगिक विकास, प्रगतिशील कृषि तथा तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रियल एस्टेट पर ध्यान केंद्रित करके इसे दोबारा बदलने के लिए जोरदार प्रयास किए जा रहे हैं। यह सम्मेलन उद्योग-अनुकूल नीतियों के साथ पंजाब में औद्योगिक क्रांति को प्रत्यक्ष रूप देने में बहुत मदद करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “आज भारत और भारतीय विश्व स्तर पर ऐसी नई छवि का आनंद ले रहे हैं जो पहले कभी नहीं बनी थी और हमें विकास को तेज करने के लिए इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में ले जाने के लिए इस गति को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बहुत सारे क्षेत्र विकास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। मैं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की भी सराहना करता हूं जिन्होंने पंजाब के आर्थिक विकास को तेज करने वाली कई नवीन पहलकदमियां शुरू की हैं।”

टाटा स्टील लिमिटेड के सी.ई.ओ. और मैनेजिंग डायरेक्टर टी. वी. नरेंद्रन ने कहा, “मैं पंजाब सरकार, खासकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना करता हूं, जिन्होंने लुधियाना में टाटा प्रोजेक्ट को हकीकत में बदल दिया है और यह प्रोजेक्ट अब उद्घाटन के चरण में है। हमें पंजाब में एक शानदार अनुभव हुआ है। हमारे प्रोजेक्ट को दो साल पहले मंजूरी दी गई थी और पंजाब सरकार द्वारा दिए गए निरंतर समर्थन और सहयोग के कारण इसे सुचारू रूप से चलाया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह प्लांट दुनिया के पर्यावरण-अनुकूल और साफ स्टील पैदा करने के लिए ऊर्जा-कुशल तकनीकों का उपयोग करने वाली नवीनतम सुविधाओं में से एक होगा। टाटा का 3200 करोड़ रुपए का यह स्टील प्लांट सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में और भी बहुत निवेश होगा।”

सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राज्यसभा सदस्य और ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता ने कहा, “यह पंजाब के लिए वाकई एक नई शुरुआत है क्योंकि पंजाब सरकार ने उद्योग के लिए प्रभावशाली नीतियां लाई हैं जो इतिहास रच रही हैं। ये नई नीतियां औद्योगिक भागीदारों, खासकर युवाओं, पर्यावरण और उच्च-तकनीकी क्षेत्रों के मुद्दों और सरोकारों को संबोधित करती हैं।”

उन्होंने यह भी ऐलान किया, “ट्राइडेंट ग्रुप अगले दो सालों में पंजाब में 5000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा और टेक्सटाइल सेक्टर में 10,000 से अधिक नौकरियां पैदा की जाएंगी जिनमें से 5000 महिलाओं के लिए होंगी।”

राजिंदर गुप्ता ने आगे कहा, “पंजाब सरकार औद्योगिक क्षेत्र में एक नई सुबह सुनिश्चित करने के लिए किए गए सौहार्दपूर्ण प्रयासों के लिए प्रशंसा की हकदार है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब एक बार फिर औद्योगिक विकास में शीर्ष दस राज्यों में गिना जाएगा। यह पंजाब के लिए इस क्षेत्र में और ऊंचाइयां छूने का सही समय है। औद्योगिक क्षेत्र में पंजाब का विकास बेमिसाल और तुलना से परे है।”

जे.एस.डब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने भी विस्तार योजनाओं का ऐलान किया और कहा, “मेरी पृष्ठभूमि पंजाब से जुड़ी है और मुझे पंजाब के विकास यात्रा से जुड़े होने पर गर्व है। हम अपने राजपुरा प्लांट का विस्तार करेंगे और स्टील क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए 3000 करोड़ का निवेश करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब पारंपरिक रूप से कृषि के लिए जाना जाता है लेकिन आज यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा पेश की गई प्रगतिशील और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। उद्यमिता पंजाबियों के खून में दौड़ती है और वे दुनिया के हर कोने में पंजाब को गौरवान्वित करते रहते हैं। मैं इन्वेस्ट पंजाब सम्मेलन के आयोजन और इसकी सक्रिय पहलकदमियों के लिए भी पंजाब सरकार की सराहना करता हूं जो पंजाब को उद्योग और विकास के लिए भारत के अग्रणी स्थानों में से एक के रूप में स्थापित कर रही हैं।

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गुरुग्राम में किसने खरीदा ₹271 करोड़ का देश का सबसे महंगा पेंटहाउस!

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भारत के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में गुरुग्राम ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। डीएलएफ के सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में करीब ₹271 करोड़ का पेंटहाउस बिकने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महंगी प्रॉपर्टी को कारोबारी मानव सरदाना ने खरीदा है, जो ‘इंपीरियल ऑटो’ से जुड़े रहे हैं। इस डील ने गुरुग्राम की प्रीमियम रियल एस्टेट मार्केट में नई चर्चा छेड़ दी है।

‘द डहलियास’ को डीएलएफ का सबसे महत्वाकांक्षी सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट 29 मंजिलों वाले 8 टावरों में फैला है, जिसमें कुल 420 अपार्टमेंट्स हैं। इसकी कुल प्रोजेक्ट वैल्यू करीब ₹40,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। प्रोजेक्ट को खास तौर पर बेहद हाई-नेट-वर्थ ग्राहकों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ₹271 करोड़ में खरीदे गए इस पेंटहाउस का सुपर एरिया करीब 17,200 वर्ग फीट है, जबकि इसका कारपेट एरिया लगभग 10,500 वर्ग फीट बताया गया है। इस हिसाब से सुपर एरिया के आधार पर इसकी कीमत करीब ₹1.58 लाख प्रति वर्ग फीट और कारपेट एरिया के हिसाब से लगभग ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फीट बैठती है।

इतनी बड़ी कीमत के साथ यह सौदा भारत के सबसे महंगे आवासीय संपत्ति लेनदेन में शामिल हो गया है। खास बात यह है कि कारपेट एरिया के हिसाब से कीमत गुरुग्राम को देश के सबसे महंगे रिहायशी बाजारों में शामिल मुंबई की प्रीमियम लोकेशनों के काफी करीब ले आती है।

मुंबई के वर्ली और अन्य प्रमुख इलाकों में भी लग्जरी घरों की कीमतें कई बार ₹2 लाख प्रति वर्ग फीट से ऊपर पहुंच जाती हैं। ऐसे में गुरुग्राम में ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फीट के करीब की यह डील शहर में बढ़ती लग्जरी हाउसिंग डिमांड और प्रीमियम प्रॉपर्टी की कीमतों को दर्शाती है।

गुरुग्राम पिछले कुछ वर्षों में देश के प्रमुख लग्जरी रियल एस्टेट बाजारों में तेजी से उभरा है। बड़े कॉरपोरेट हाउस, उद्योगपति और हाई-नेट-वर्थ खरीदार यहां बड़े आकार के अपार्टमेंट, पेंटहाउस और अल्ट्रा-लक्जरी घरों में निवेश कर रहे हैं। ₹271 करोड़ की यह डील इस बात का संकेत मानी जा रही है कि गुरुग्राम में प्रीमियम प्रॉपर्टी का बाजार अब देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों को टक्कर देने लगा है।

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देश में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ, सिर्फ ‘‘आप’’ लड़ रही आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विश्व आदिवासी दिवस पर देश भर के आदिवासी समाज को बधाई देते हुए कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ है। दूसरी सभी पार्टियों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और ज़मीन पर डाका डाला और उनसे छीन कर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया। केवल आम आदमी पार्टी ही आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ रही है। आज आदिवासी नेता चैतर वसावा एक झूठे केस में जेल में हैं, क्योंकि वे आदिवासी समाज की आवाज़ उठा रहे थे। हम सभी उनके जल्द बाहर आने के लिए प्रार्थना करते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर आदिवासी समाज के लोगों से कहा कि पिछले 75 साल में आदिवासी समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। 75 साल में देश ने तरक्की की, बाकी सभी समाज के लोगों ने तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज पीछे रह गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया। उनके जितने भी संसाधन थे, उन पर डाका डाला गया। जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज का पैदाइशी अधिकार है, लेकिन इन्हें समाज से छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया गया क्योंकि बाकी पार्टियों के नेता चोर और भ्रष्टाचारी थे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है और इसके लिए कितनी ही बार हमारे नेता जेल गए हैं। चैतर वसावा आदिवासी समाज का बेटा और भाई है। वह आदिवासी समाज को हक दिलवाने के लिए न जाने कितनी बार जेल गए हैं। ये लोग पेसा कानून तो ले आए, लेकिन उसे लागू नहीं किया। समाज और ग्राम सभा से पूछे बिना ही ये सारे निर्णय ले लेते हैं। आज चैतर वसावा जेल में है क्योंकि वह आदिवासी समाज के लिए लड़ रहा है। वह जल्दी बाहर आए, इसके लिए प्रार्थना करना।

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बेंगलुरु के 3-Star और 5-Star होटलों में बड़ी फूड सेफ्टी जांच, Expired दूध-मांस और खराब सब्जियां मिलने से मचा हड़कंप

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बेंगलुरु के बड़े और लग्जरी होटलों की रसोइयों में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एफएसएसएआई की टीमों ने शहर के 26 होटलों में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब मांस और मछली, सड़ी हुई सब्जियां, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए।

इस कार्रवाई के लिए 30 निरीक्षण टीमें तैनात की गई थीं। अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, जो खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड या इस्तेमाल के लायक नहीं पाई गई, उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया।

जांच के दौरान द ललित अशोक से करीब 76 किलो मांस, 200 किलो सब्जियां और 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध बरामद किया गया। ताज यशवंतपुर से करीब 72 किलो मांस और मछली, जबकि फोर सीजन्स होटल से लगभग 19 किलो मांस मिला। शांगरी-ला होटल से करीब 15 किलो मांस और विवांता बेंगलुरु व्हाइटफील्ड से लगभग 3 किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद हटाए गए।

सबसे बड़ी बरामदगी में से एक रेडिसन ब्लू एट्रिया से हुई, जहां करीब 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मांस, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ होटलों की रसोई और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।

अधिकारियों को कुछ सब्जियों पर फंगस मिली, जबकि कई जगह खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने में भी लापरवाही सामने आई। कुछ उत्पादों पर जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था।

निरीक्षण के दौरान चिकन, मटन, मछली, दूध, खाना पकाने के तेल, मसाले, चीज और सॉस समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया है, वहां होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बड़े और लग्जरी होटलों से इसलिए की गई है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि होटल चाहे कितना भी बड़ा या महंगा हो, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं।

अब अधिकारियों की नजर उन फूड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर भी है, जहां से होटलों और कैटरिंग संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।

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