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‘‘आप’’ सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी की ED पर बोले केजरीवाल, ‘‘मोदी जी ने पंजाब में शुरू कर दी चुनाव की तैयारी’’

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आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ईडी की रेड पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। अभी हाल ही में पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को हटाकर उनकी की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाया है। पार्टी ईडी की कार्रवाई को अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़ कर देख रही है। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि मोदी जी ने पंजाब में चुनावों की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन पंजाब के लोग ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाजपा को इसका करारा जवाब देंगे।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ईडी की रेड, टिपिकल मोदी स्टाइल। हम वो पत्ते नहीं  जो शाख से टूट कर गिर जाएंगे, आंधियो को कह दो अपनी औक़ात में रहें।

‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि जब भी किस राज्य में चुनाव होता है, तो मोदी जी अपनी चुनावी फौज का पहला दस्ता ईडी और सीबीआई का भेजते हैं। रेड करने का ड्रामा चलता है फिर दंगे भड़काने वाली फौज जाती है। उसके बाद अमित शाह और मोदी जी के दौरे होते है। लेकिन मोदी जी ध्यान रखिएगा, ये पंजाब है। यहां बाबा साहब और भगत सिंह से नफरत करने वालों की दाल नहीं गलने वाली।

वहीं, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार का टूलबॉक्स बहुत ही जाना-पहचाना है। ईडी द्वारा राघव चड्ढा को धमकाया गया और उन्होंने डर या लालच में आकर अपनी उस पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने का फैसला किया, जिसने उन्हें सांसद बनाया या आज वे जो कुछ भी हैं, उसी की बदौलत हैं। जब सोशल मीडिया पर राघव चड्ढा को घेरा गया, तो भाजपा के लोग उनके बचाव में सामने आ गए। उपनेता के पद पर आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को नियुक्त कर दिया। अब ईडी राघव चड्ढा को परेशान करने के बजाय अशोक मित्तल के पीछे पड़ गई है और उनके घर व व्यवसाय पर छापेमारी कर रही है। केंद्र सरकार राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा दे देती है। यह सब आपस में बहुत गहराई से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। यानी भाजपा सरकार इतनी हताश है कि उसने राघव चड्ढा के लिए सांसद अशोक मित्तल के यहां छापेमारी करवा दी।

‘‘आप’’ की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जांच एजेंसियों के डर और दबाव की राजनीति के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का हर एक कार्यकर्ता और नेता सच्चाई की लड़ाई लड़ने के लिए संकल्पित है।

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Punjab News: होशियारपुर के कंडी क्षेत्र में 70 साल बाद बनेंगी शानदार सड़कें, सीएम भगवंत मान ने 150 करोड़ के विकास कार्यों का किया उद्घाटन

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Punjab News:पंजाब के कंढी क्षेत्र में दशकों की उपेक्षा को दूर करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज टांडा उड़मुड़ में 150 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने लगभग 70 वर्षों से सुविधाओं से वंचित गांवों के लिए आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचे, उच्च स्तरीय पुल और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक नेटवर्क की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पिछली सरकारों के राजनीतिक भेदभाव को दूर करके निर्णायक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार लंबे समय से उपेक्षित इस क्षेत्र को बेहतर बुनियादी ढांचा और सम्मान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विकास में वृद्धि और प्रदेश की राजनीति के लिए नैतिक मूल्यांकन के रूप में चित्रित किया

मुख्यमंत्री ने अकाली दल को जनता का भरोसा तोड़ने और श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अनादर करने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आज की इस पहल को विकास में वृद्धि और प्रदेश की राजनीति के लिए नैतिक मूल्यांकन के रूप में चित्रित किया।

कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने एक्स हैंडल पर लिखा: “आज मैंने होशियारपुर जिले के टांडा में 150 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन संबंधी आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। हमारी सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।”

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा: “क्षेत्र की लिंक सड़कों के नवीनीकरण के लिए 141.88 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोगों को समर्पित की गई हैं। इसके साथ ही गुरुद्वारा रामपुर खेड़ा साहिब जाने वाली संगत की सुविधा के लिए 2.39 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘उच्च स्तरीय पुल’ बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए 3.30 करोड़ रुपये की लागत से 6 गांवों में ‘हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ स्थापित किए जा रहे हैं और 1.35 करोड़ रुपये की लागत से गढ़दीवाला में एक ‘शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र’ स्थापित किया जा रहा है।”

उन्होंने अंत में लिखा, “इसके अलावा गांव तलवंडी डड्डियां में 1.54 करोड़ रुपये की लागत वाली एक जल आपूर्ति परियोजना भी शुरू की गई है। आम आदमी की सरकार रंगला पंजाब के सपने को साकार करने और हर नागरिक को मानक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “होशियारपुर के कंढी क्षेत्र में 70 साल बाद शानदार सड़कें बनाई जाएंगी। टांडा उड़मुड़ में लिंक सड़कों का नवीनीकरण और अपग्रेड किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा होशियारपुर-दसूहा रोड को गुरुद्वारा रामपुर खेड़ा से जोड़ने वाली लिंक सड़क पर उच्च-स्तरीय पुल बनाया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “छह गांवों कंधाला शेखां, राजपुर, धुग्गा कलां, प्रेमपुर, गिलजियां और जहूरा में आधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “70 वर्षों से टांडा उड़मुड़ इलाका राजनीतिक भेदभाव का शिकार रहा क्योंकि पिछली सरकारें यहां विकास कार्य करने में असफल रहीं। हमारी सरकार ने इलाके की प्रगति और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए कई शानदार पहल की हैं। इस नेक काम के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है क्योंकि पंजाब सरकार प्रदेश के हर कोने के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

ग्रामीण क्षेत्रों में 576 क्लीनिक और शहरी क्षेत्रों में 414 क्लीनिक शामिल हैं

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा अब तक प्रदेश भर में 990 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 576 क्लीनिक और शहरी क्षेत्रों में 414 क्लीनिक शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “इन नए क्लीनिकों में 107 दवाइयां मुफ्त दी जा रही हैं और 47 प्रकार के डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “प्रदेश के हर नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घरों के नजदीक उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही और 400 क्लीनिक खोले जाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले 75 वर्षों में किसी भी सरकार ने आम लोगों को ऐसी सुविधाएं देने की जहमत नहीं उठाई, लेकिन ‘आप’ सरकार द्वारा सभी लोगों के लिए ये क्लीनिक खोले गए हैं।”

शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पहला स्थान प्राप्त किया है।” उन्होंने आगे कहा, “यह सभी पंजाबियों के लिए अत्यंत गर्व और संतुष्टि की बात है कि इस सर्वेक्षण में प्रदेश ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।”

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों के दौरान 740 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा और 1284 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। प्रदेश भर में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं और 60 पहले ही कार्यशील किए जा चुके हैं। ये स्कूल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रहे हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों की योग्यताओं और रुचियों के आधार पर शिक्षा प्रदान करना है ताकि वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकें। पहली बार 24 लाख अभिभावकों ने मेगा पीटीएम में भाग लिया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मेडिकल और नॉन-मेडिकल सहित सभी स्ट्रीम की पेशकश की जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, “आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी, नीट, जेईई और सीएलएटी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए कोचिंग भी प्रदान की जाती है।” उन्होंने कहा, “शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक बुराइयों को समाप्त किया जा सकता है। इसलिए पंजाब सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत प्रदेश में से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें गरीबी से बाहर निकाल सकती है।” उन्होंने आगे कहा, “शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया को रोशन करती है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार द्वारा इस पर विशेष जोर दिया जा रहा है।” उन्होंने कहा, “प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रदेश के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है और 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इस योजना के तहत 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है।” उन्होंने कहा, “लोगों को इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “प्रदेश के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय भी बिजली मिल रही है, जिससे उनका जीवन बदल गया है।” उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार प्रदेश के लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का समझदारी से उपयोग कर रही है।” मांवां धियां सत्कार योजना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने यह योजना 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए शुरू की है, जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जाएंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “टैक्स का पैसा प्रदेश के लोगों का है और वे इसे समझदारी से लोगों की भलाई पर खर्च कर रहे हैं। करदाताओं का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है। भले ही ‘आप’ सरकार ने अपनी सभी गारंटियां पूरी कर ली हैं, लेकिन फिर भी पंजाब के विकास के लिए प्रयास जारी रहेंगे।”

उन्होंने कहा, “इस मंच से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर बातचीत हो रही है, जबकि अन्य पार्टियों के मंचों पर महज सत्ता हथियाने के प्रयास किए जा रहे हैं।”

विद्यार्थियों को स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “ये अवसरवादी नेता हैरान हैं क्योंकि लोग उन्हें कोई समर्थन नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उनका एजेंडा प्रदेश के लोगों के बजाय अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है। वे कहते हैं कि विद्यार्थियों को स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए, जबकि अकाली और कांग्रेस लोगों को बांटना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने देश में अपनी तरह की पहली पहल में एक समर्पित सड़क सुरक्षा बल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश और राष्ट्रीय राजमार्गों पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी कीमती जानों को बचाना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल श्री गुरु साहिब जी की बेअदबी के लिए दोषी है। उन्हें वोट देने का मतलब है उस बेअदबी का समर्थन करना। इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते और लोग उन्हें उनके बुरे कामों के लिए कभी माफ नहीं कर सकते। ये अवसरवादी नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी सियासी हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग और रुख बदलते रहते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग बेअदबी के लिए जिम्मेदार हैं, वे श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए और पूरी जनता के सामने अपना अपराध कबूल किया। हालांकि यह उनकी राजनीतिक इच्छाओं के अनुसार नहीं था, इसलिए उन्होंने कुछ समय बाद यू-टर्न ले लिया और कहा कि कुछ लोग केंद्रीय एजेंसियों के हाथों की कठपुतली बनकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन अब पूरे प्रदेशवासी इन नेताओं का असली चेहरा जान गए हैं, जिन्होंने हमेशा अपनी राजनीतिक चालों के माध्यम से लोगों को गुमराह किया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से अधिकारी बनाकर सशक्त बनाने के बजाय, अकालियों ने यह सुनिश्चित किया कि गरीबों के विद्यार्थी पढ़ाई न करें और केवल आटा दाल योजना तक ही सीमित रहें। कमजोर वर्गों की पीढ़ियां अपनी संकीर्ण सोच वाली आटा दाल योजना के माध्यम से बादलों के रहमो-करम पर थीं। इन नेताओं ने पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा से वंचित रखकर उन लोगों की पीठ में छुरा मारा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हर कोई जानता है कि एक परिवार अंग्रेजों का पिठ्ठू रहा है और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ मिलीभगत करने वालों को अंग्रेजों ने ‘सर’ की उपाधि दी थी। इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग नरसंहार के दोषी जनरल डायर को इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने का निमंत्रण देकर सम्मानित भी किया था। ऐसे कार्यों ने हमेशा उनकी देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता और चरित्र को लोगों के सामने पूरी तरह से उजागर किया है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “सिर्फ यही नहीं, इस परिवार ने यह भी सुनिश्चित किया कि जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी भी दी जाए। इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता और बादल के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर अंकित है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और देशभक्तों की पीठ में छुरा मारने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस में हर नेता प्रदेश का मुखिया बनने की इच्छा रखता है। उनके पास चुनावों में काम करने के लिए आम कार्यकर्ताओं की तुलना में मुख्यमंत्री के चेहरे कहीं अधिक हैं। कांग्रेस पार्टी दुविधा का शिकार है जो अपने ही आंतरिक झगड़े के कारण ढह जाएगी। यह बहुत दुख की बात है कि सत्ता के लिए झगड़े करने वाले इन नेताओं को एकजुट करने वाले उच्च कांग्रेसी नेता तो इनके नामों का सही उच्चारण भी नहीं जानते।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार लोगों के लिए तहे दिल से पूरी लगन से काम कर रही है और 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, बिना किसी भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजा बंद करवाना, रोजाना 70 लाख रुपये की बचत और बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है। जिस समय ‘आप’ सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस समय सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था। आज 71 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा है और आने वाले धान के सीजन तक इसे 90 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन लोगों ने अपने निजी सियासी हितों के लिए पंजाब के हितों को नजरअंदाज किया था।” उन्होंने आगे कहा, “इन्हीं कारणों से प्रदेश के लोगों ने उन्हें कोई समर्थन नहीं दिया था।” उन्होंने कहा, “अकाली दल की तथाकथित पंजाब बचाओ यात्रा वास्तव में परिवार बचाओ यात्रा है।” उन्होंने आगे कहा, “लगातार 15 सालों तक प्रदेश को लूटने के बाद, उन्हें यह बताना चाहिए कि वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “जिन्हें अपनी पार्टी की कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे, वे प्रदेश में 117 सीटें जीतने के सपने देख रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इन नेताओं ने प्रदेश में गैंगस्टरों को संरक्षण दिया था और नशा तस्करों को बचाकर युवाओं को नशे के रास्ते पर डाला।” उन्होंने कहा, “अकाली दल ऐसे सियासी नेताओं की पार्टी है जिन्हें लोगों ने बार-बार नकारा है।”

लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली धर्म का भी दुरुपयोग कर सकते हैं, लेकिन लोग इससे प्रभावित नहीं होंगे।” उन्होंने कहा, “वे लोगों को गुमराह करने के लिए हवाई किले बना रहे हैं, लेकिन पंजाबियों को गुमराह नहीं किया जा सकता।” उन्होंने आगे कहा, “लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें फिर से सबक सिखाएंगे।” उन्होंने कहा, “उन्होंने हमेशा पंजाब और इसके लोगों की पीठ में छुरा मारा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “परंपरागत सियासी पार्टियां उनसे ईर्ष्या करती हैं क्योंकि वे यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब पर प्रभावी ढंग से शासन कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने इन पार्टियों के लोग-विरोधी और पंजाब-विरोधी रुख के कारण अपना विश्वास पूरी तरह से खो दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले शासक पंजाब और पंजाबियों की तुलना में अपने परिवारों की अधिक चिंता करते थे, जिसके कारण प्रदेशवासियों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।”

अपने संबोधन में आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “लोगों का भारी उत्साह आप और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रति उनके प्यार को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “वे पंजाब के सबसे लोकप्रिय और मेहनती मुख्यमंत्री हैं, जो लोगों के लिए दिल से काम कर रहे हैं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, डॉ. रवजोत, वरिष्ठ आप नेता मनीष सिसोदिया और अन्य उपस्थित थे।

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भगवंत मान सरकार द्वारा बाबा साहिब अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर प्रदेश की लगभग सभी महिलाओं के कल्याण के लिए योजना की शुरुआत; पंजाब में 1000–1500 रुपये मासिक सहायता की शुरुआत

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बाबा साहिब अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर एक निर्णायक कल्याण अभियान की शुरुआत करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब में लगभग हर महिला के सशक्तिकरण के लिए एक योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रदेश भर की महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना को बाबा साहिब अंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के दृष्टिकोण के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए, मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का शुभारंभ किया, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाएं केवल तीन दस्तावेजों के साथ इस योजना का लाभ ले सकती हैं, जबकि कैंपों और सहायक स्टाफ के एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से महिलाओं को उनके घर पर ही सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।

यह योजना पहले 9 हलकों में शुरू की जाएगी और 15 मई से इसका विस्तार शेष 108 हलकों में किया जाएगा। योजना का भुगतान जुलाई से शुरू होगा और रजिस्ट्रेशन के लिए कोई समय सीमा नहीं होगी। इससे प्रत्येक पात्र महिला को लाभ की गारंटी प्रदान की गई है, चाहे वह कभी भी रजिस्ट्रेशन करवाए। 26,000 रजिस्ट्रेशन केंद्रों और हर गांव और वार्ड में तैनात समर्पित ‘महिला सतिकार सखियों’ के साथ, इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू करने, बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने और निश्चितता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है, जो इसे देश में महिलाओं के लिए सबसे व्यापक प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता पहलों में से एक बनाती है।

वरिष्ठ ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि यह योजना पायलट आधार पर आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती सहित 9 हलकों में शुरू की गई है। उन्होंने कहा, “शेष 108 हलकों में महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू होगा। जुलाई 2026 से 1000 या 1500 रुपये का मासिक भुगतान शुरू होगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महिलाओं को पहुंच के बारे में आश्वस्त करते हुए कहा, “पंजीकरण के लिए कोई समय सीमा नहीं है और महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे 15 अप्रैल, 15 मई या 15 अगस्त को पंजीकरण करवाएं।” उन्होंने आगे कहा कि देर से पंजीकरण करवाने से लाभों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, “उन्हें जुलाई के बाद अपना पूरा भुगतान मिलेगा, इसलिए चाहे वे सितंबर के अंत में पंजीकरण करवाएं, फिर भी उन्हें तीन महीने यानी जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए पूरा भुगतान मिलेगा।”

दस्तावेज़ प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “पंजीकरण के लिए केवल तीन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें पंजाब के पते वाला आधार, पंजाब का वोटर आईडी और बैंक पासबुक शामिल है। अनुसूचित जातियों की महिलाओं के मामले में अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक है।” जाति प्रमाण पत्र की कमी वाली महिलाओं की चिंताओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं जानता हूं कि मेरी कई अनुसूचित जातियों की बहनों और माताओं के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है, लेकिन उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “अगर इसमें समय लग रहा है तो भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे प्रमाण पत्र के बिना भी इस योजना के तहत पंजीकरण कर सकते हैं और 1000 रुपये मासिक प्राप्त करना शुरू कर सकते हैं। जब भी उनका प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, राज्य सरकार उन्हें जुलाई से 500 रुपये प्रति माह के बकाए का भुगतान करेगी। इस संबंध में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर एक पहुंच विधि की घोषणा की। उन्होंने कहा, “18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी मदद करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर के हर गांव और वार्ड में महिला सतिकार सखियों को तैनात किया जाएगा।”

महिला सतिकार सखियों की भूमिका के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “महिला सतिकार सखियां लाभार्थियों के घर जाएंगी और उन्हें योजना के लाभों के बारे में बताएंगी, उनके सभी संदेह दूर करेंगी और पंजीकरण फॉर्म देंगी। वे लाभार्थियों को पूरी पंजीकरण प्रक्रिया के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी देंगी और उनके सभी सवालों और समस्याओं का समाधान करेंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर लाभार्थी के पास वोटर आईडी या बैंक खाते जैसा कोई दस्तावेज नहीं है, तो ये सखियां उन्हें ये दस्तावेज बनाने में मदद करेंगी। महिला सतिकार सखी उनका हर कदम पर मार्गदर्शन करेगी।”

पहुंच में आसानी के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक बार जब वे अपना पंजीकरण फॉर्म भर लेते हैं और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार हो जाते हैं, तो वे अपने नजदीकी पंजीकरण केंद्र पर जा सकते हैं और वहां फॉर्म जमा करवा सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने व्यापक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि महिलाओं को पंजीकरण में कोई कठिनाई न हो, पंजाब सरकार द्वारा 26,000 से अधिक स्थानों पर पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसमें सभी आंगनवाड़ी केंद्र, सभी सेवा केंद्र और शहरी क्षेत्रों में सभी नगर निगम/समिति कार्यालय शामिल हैं।”

इस योजना के लाभों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना हर वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये का नकद लाभ सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनके विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।”

व्यापक सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “यह महिलाओं को विकल्प देगी और वित्तीय साक्षरता से जोड़ते हुए बचत, किफायतीपन और निवेश को प्रोत्साहित करेगी और उन्हें छोटी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनाएगी।” मौजूदा अंतराल को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब ने पहले ही सामाजिक कल्याण और मानव विकास संकेतकों में काफी प्रगति की है। हालांकि, राज्य भर में बड़ी संख्या में महिलाओं, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर घरों के लिए स्वतंत्र वित्तीय सुरक्षा की कमी है।”

आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “घरेलू भलाई को बेहतर बनाने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक व आर्थिक फैसला लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करना जरूरी है।”

उन्होंने इस पहल के पैमाने पर और जोर देते हुए कहा, “इस योजना के तहत महिलाओं के एक सीमित वर्ग को छोड़कर लगभग उन सभी महिलाओं को कवर किया जाएगा, जो 18 साल और उससे अधिक उम्र की हैं। इसलिए इस योजना से 97 फीसद से अधिक महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसे देश में सबसे व्यापक महिला-पक्षधर सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाती है।”

इसे एक परिवर्तनकारी हस्तक्षेप बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम दर्शाती है और सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है कि महिलाओं के सशक्तिकरण को ठोस वित्तीय आजादी में बदलना चाहिए।”

पात्रता स्पष्ट करते हुए उन्होंने आगे कहा, “18 साल या उससे अधिक उम्र की हर महिला, जो राज्य में वोटर के रूप में पंजीकृत है और जिसके पास पंजाब की रिहायशी को दर्शाने वाला एक प्रमाणिक आधार कार्ड है और भारत चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया पंजाब का एक प्रमाणिक वोटर आईडी है, वह इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने की योग्य होगी।”

वित्तीय प्रतिबद्धता पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 9300 करोड़ रुपये की राशि पहले ही मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने और पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-केंद्रित समाज कल्याण पहलों में से एक बनने की उम्मीद है।”

इस पहल के पीछे की प्रेरणा को दोहराते हुए उन्होंने निष्कर्ष निकाला, “यह बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को विनम्र श्रद्धांजलि है, जो महिलाओं को सशक्त बनाकर और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनाकर उनके विकास के समर्थक थे।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीन लाभार्थियों – हरबंस कौर, दीक्षा और सिमरन – को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सौंपे। लाभार्थियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह उनकी वित्तीय आजादी को काफी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, “यह अहम पहल हमारे विकास में विशेष भूमिका निभाएगी और पहली बार किसी राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ने हमारे बारे में सोचा है।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ईटीओ और मोहिंदर भगत, वरिष्ठ ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया, लोकसभा सदस्य डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, चेयरमैन पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक पवन कुमार टीनू और अन्य शामिल थे।

*राज्य में लगभग सभी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 1000–1500 रुपये मासिक सहायता की शुरुआत, रजिस्ट्रेशन के लिए 26,000 केंद्र स्थापित*

14 अप्रैल, 2026 को बाबा साहब अंबेडकर के जन्मदिवस पर शुरू की गई मांवां-धीयां सतिकार योजना’, पंजाब सरकार की एक बड़ी महिला-केंद्रित कल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है। लाभार्थियों के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती सहित नौ हलकों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगा, जबकि शेष 108 हलकों में पंजीकरण 15 मई से शुरू होगा।

इस योजना के तहत, सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये मिलेंगे, जिसका भुगतान जुलाई 2026 से शुरू होगा। इस योजना के पंजीकरण के लिए कोई समय सीमा नहीं है और सभी पात्र महिलाओं को जुलाई के बाद पूरा भुगतान किया जाएगा, चाहे उन्होंने पंजीकरण देरी से ही क्यों न करवाया हो।

पंजीकरण के लिए केवल तीन बुनियादी दस्तावेजों की आवश्यकता है:

पंजाब के पते वाला आधार कार्ड, पंजाब वोटर आईडी और बैंक पासबुक। अनुसूचित जाति की महिलाओं को एक अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जमा करना भी आवश्यक है; हालांकि, जिनके पास इस समय प्रमाण पत्र नहीं है, वे अभी भी पंजीकरण कर सकती हैं और प्रति माह 1000 रुपये प्राप्त करना शुरू कर सकती हैं, शेष 500 रुपये प्रमाण पत्र जमा होने के बाद भुगतान किए जाएंगे।

व्यापक कवरेज और आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, पंजाब सरकार हर गांव और वार्ड में ‘महिला सम्मान सखियों’ को तैनात करेगी, जो घर-घर जाकर सहायता प्रदान करेंगी, योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगी और लाभार्थियों के दस्तावेज पूरे करने में मदद करेंगी। पंजाब भर के 26,000 से अधिक केंद्रों पर पंजीकरण पूरा किया जा सकेगा, जिनमें आंगनवाड़ी केंद्र, सेवा केंद्र और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम कार्यालय शामिल हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाओं को योजना का लाभ लेने में कोई कठिनाई न हो।

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आंबेडकर जयंती पर CM भगवंत मान ने कांग्रेस-अकाली सरकारों पर साधा निशाना, कहा- ‘गरीबों को जानबूझकर रखा अनपढ़’

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भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस-अकालियों के दशकों लंबे शासन और गरीबों को शिक्षा से दूर करने के बीच संबंधों को उजागर करते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों को अनपढ़ रखना एक सोचा-समझा राजनीतिक फैसला था, जिसने दलित युवाओं की पीढ़ियों को कुचल दिया और उनके विकास के लिए दिए गए स्कॉलरशिप फंडों को हड़प लिया।

उन्होंने कहा कि, पिछली सरकारों से बिल्कुल अलग अपनी सरकार के दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समानता के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए शिक्षा और महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण को प्राथमिकता देकर पिछड़े वर्गों को उपेक्षित करने की इस सोच को बदल रही है।

पिछड़े वर्गों की कठिनाइयों को दूर करने के प्रयास

आदमपुर में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।”

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मुख्यमंत्री ने कहा, “बाबा साहेब एक महान विद्वान, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और एक राजनेता थे। बाबा साहेब अंबेडकर पूरे विश्व इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित शख्सियतों में से एक थे। हालाँकि बाबा साहेब अंबेडकर एक साधारण परिवार से थे, लेकिन उनके बहुमूल्य योगदान ने उन्हें विश्व नेताओं की पंक्ति में ला खड़ा किया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारतीय संविधान बाबा साहेब अंबेडकर की कड़ी मेहनत, समर्पण और दूरदर्शिता का परिणाम था। बाबा साहेब न केवल कमजोर वर्गों के नेता थे, बल्कि वे पूरी मानवता के नेता थे।”

सभा को बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर ने हमेशा हर क्षेत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रोत्साहित किया, चाहे वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हो।

उन्होंने सभी के लिए समान प्रतिष्ठा और सम्मान की वकालत की। बाबा साहेब के जीवन और सिद्धांतों के अनुसार चलते हुए राज्य सरकार द्वारा शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की जा रही हैं।”

मुफ्त सुविधा नहीं खत्म कर सकती गरीबी- सीएम मान

मुख्यमंत्री ने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत राज्य में से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर उन्हें गरीबी से बाहर निकाल सकती है। पिछली सरकारों के नेताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंपने और उनके सपनों को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।”

एक उदाहरण साझा करते हुए उन्होंने कहा, “पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का लोगों के प्रति दृष्टिकोण इस तथ्य से प्रकट होता है कि उनके कार्यकाल के दौरान नौवीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी को स्कूल में फेल नहीं किया जाता था, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थी अपनी कमजोरियों से अनजान रह गए और बाद में मैट्रिक में फेल हो गए, जिससे उनका पूरा जीवन बर्बाद हो गया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गरीब तबके को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से अधिकारी बनाकर सशक्त बनाने के बजाय, बादलों ने यह सुनिश्चित किया कि गरीबों के विद्यार्थी पढ़ाई न करें और केवल आटा-दाल योजना तक ही सीमित रहें।”

उन्होंने आगे कहा, “कमजोर वर्गों की पीढ़ियाँ बादलों द्वारा बनाई गई आटा-दाल योजना के सहारे ही रह गईं।” उन्होंने कहा, “इन नेताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंपा और गरीब तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को शिक्षा से वंचित कर दिया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन नेताओं के हाथ अनुसूचित जातियों की कई पीढ़ियों के खून से रंगे हुए हैं क्योंकि इन लोगों ने अपने लालच और संकीर्ण हितों के लिए इन लोगों के करियर बर्बाद कर दिए थे।

इन नेताओं ने गरीब विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए रखे गए पैसे हड़प लिए ताकि वे जीवन में सफल न हो सकें। अमीर घरानों में पैदा हुए इन नेताओं को आम आदमी के सामने आने वाली कठिनाइयों का बिल्कुल भी अहसास नहीं है, जिसे त्योहार के दौरान भी काम करना पड़ता है।”

‘मावां-धीआं सतिकार योजना’ के तहत सहायता

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने ‘मावां-धीआं सतिकार योजना’ शुरू की है, जिसके तहत अनुसूचित जातियों से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह और बाकी महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह वित्तीय सहायता दी जाएगी।

यह फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।

इस योजना के तहत पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ होगा और राज्य सरकार द्वारा इस संबंधी बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस योजना के लिए पंजीकरण 13 अप्रैल से शुरू हो गया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग इस योजना की शुरुआत को लेकर पंजाब सरकार का मज़ाक उड़ा रहे हैं या निराधार सवाल उठा रहे हैं, वे आम लोगों के लिए 1000 रुपये की कीमत नहीं जानते। ये लोग जो गैर-कानूनी तरीके से कमाए पैसों से एक बार के भोजन पर 5,000 रुपये से अधिक खर्च कर देते हैं, वे इस पैसे की कद्र नहीं जानते।

यह योजना उन लोगों के लिए एक बड़ी वित्तीय सहायता है जिन्हें त्योहार वाले दिन भी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।” उन्होंने आगे कहा, “इन अमीर नेताओं की पत्नियों को 1000 रुपये की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वे अपने श्रृंगार सामग्री की खरीद पर इससे कहीं अधिक पैसे खर्च कर देती हैं।”

महिलाओं की भागीदारी की वकालत

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं की अधिकतम भागीदारी की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह अत्यंत आवश्यक है कि लड़कियाँ आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से अपने आप को सशक्त बनाएं।

यह देश के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि घरों और परिवारों को कुशलतापूर्वक संभालने वाली महिलाओं को भी देश चलाना चाहिए। ‘आप’ सरकार इस नेक कार्य के लिए वचनबद्ध है और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लड़कियों को निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बनने और समाज में अत्यंत आवश्यक बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए और राजनीति में शामिल होना चाहिए।

हालाँकि आजकल लड़कियाँ हर क्षेत्र में लड़कों को पीछे छोड़ चुकी हैं, लेकिन राजनीति क्षेत्र में लड़कियाँ आज भी पीछे हैं। इस क्षेत्र को अब तक पुरुषों की जागीर माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है जब महिलाओं को इस क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त करनी चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी एक समानतावादी समाज की सृष्टि के लिए और समाज तथा राज्य के व्यापक हित में बहुत महत्वपूर्ण है। यह जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के सिद्धांतों को मजबूत करने के साथ-साथ इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद करेगा।

महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे और उनका परिवार अपने वोट के अधिकार का सावधानीपूर्वक उपयोग करें ताकि उनका वोट सही नेताओं को विधान सभा और संसद में भेज सके।”

शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि पर बात हो

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस मंच से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर बातचीत हो रही है, जबकि दूसरी पार्टियों के मंचों पर सत्ता हथियाने के दावे किए जा रहे हैं। ये अवसरवादी नेता हैरान हैं क्योंकि लोग उन्हें किसी भी प्रकार का समर्थन नहीं दे रहे हैं।

उनका एजेंडा लोगों के बजाय अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है। इन लोगों ने लंबे समय तक राज किया था, लेकिन अपनी अक्षमता और कुशासन के कारण लोगों ने ‘आप’ को चुना, जो उनके लिए अथक प्रयास कर रही है।”

उन्होंने कहा, “ये वे गद्दार थे जो कभी भी राज्य और इसके लोगों के प्रति वफादार नहीं रहे। असलियत यह है कि पारंपरिक पार्टियाँ हमसे ईर्ष्या करती हैं क्योंकि ‘आप’ ने आम आदमी की भलाई का एजेंडा तय किया है।”

कांग्रेस नेतृत्व फूट का शिकार

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस नेतृत्व फूट का शिकार है और इनकी रैलियों में कार्यकर्ताओं के बजाय अधिक नेता मंच पर मौजूद होते हैं। इन कांग्रेसी नेताओं के पास राज्य के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता संभालकर पंजाब की दौलत को लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी भी पूरे नहीं होंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति देने के साथ-साथ दिन में भी 95 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। लगभग 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल मिल रहे हैं। 65 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं।”

उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के लिए पंजीकरण कराने की अपील भी की ताकि उन्हें 10 लाख रुपये का कैशलेस इलाज मिल सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह करदाताओं का पैसा है और ‘आप’ सरकार इसके एक-एक पैसे का उपयोग बड़े जनहित में कर रही है। पंजाब की राजनीति में यह लंबे समय से नहीं हो रहा था।

ये पार्टियाँ केवल बदल-बदल कर हुकूमत करती थीं और लोगों तथा देश को लूटने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। ‘आप’ सरकार द्वारा किए गए अभूतपूर्व कामों से हैरान अकाली नेता सुखबीर बादल लोगों को चाँद पर ले जाने वाले वादे करने के साथ-साथ राज्य में डायनासोरों की वापसी जैसे निराधार और तर्कहीन बयान दे रहे हैं।”

असलियत उजागर करने पर उगलते हैं जहर

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन गैर-जिम्मेदाराना बयानों के आधार पर पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य में सत्ता हासिल करने के सपने देख रहे हैं, जो कभी भी संभव नहीं हो सकता। ये नेता सुबह-सुबह हमारे खिलाफ जहर उगलना शुरू कर देते हैं क्योंकि हमने लोगों के सामने इन नेताओं की असलियत उजागर कर दी है।

अकाली दल का नाम इतना खराब है कि अगर यह किसी पेड़ पर लिखा भी जाए तो वह सूख जाएगा, इसलिए लोगों को इनसे बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “इन लोगों ने आम आदमी की दौलत और संसाधनों को बेरहमी से लूटा है, जिसके लिए उन्हें कभी भी माफ नहीं किया जाएगा।

इन लोगों ने पंजाब और पंजाबियों को खत्म करने के लिए हमेशा पंजाब विरोधी ताकतों का साथ दिया है, चाहे वह 1919 की बैसाखी की गोलियां हों या नशा, जिसे इन्होंने अपने लंबे कुशासन के दौरान संरक्षण दिया। ‘आप’ सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कठोर प्रयास कर रही है। हमारी सरकार राज्य के लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का समझदारी से उपयोग कर रही है।”

बैसाखी की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पवित्र त्योहार लोगों को सदियों पुरानी समृद्ध और शानदार सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाता है।”

देश के धर्मनिरपेक्ष सामाजिक ताने-बाने को करें मजबूत

उन्होंने आगे कहा, “1699 में इस पावन दिवस पर दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने विभिन्न जातियों से संबंधित पांच प्यारों को अमृत छका कर पवित्र शहर श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिससे एक समानतावादी समाज की सृष्टि हुई और विश्वव्यापी भाईचारे तथा सद्भावना के अलावा मानवता के लिए प्रेम और दया का प्रचार किया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “यह त्योहार फसल कटाई के मौसम की शुरुआत और रबी की फसलों के पकने को भी दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “लोगों को हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए इस त्योहार को पारंपरिक उत्साह और खुशी के साथ मनाना चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दिन हर पंजाबी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपने जीवन के हर फैसले के लिए दशमेश पिता और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से प्रेरणा लेते हैं।

हालांकि अकालियों ने अपने कार्यकाल के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के जघन्य अपराध के माध्यम से हर पंजाबी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई।

कांग्रेस और अकालियों की बदनीयती के कारण इस माफी के लायक अपराध के दोषी सजा से बच गए। अब हमारी सरकार ने ऐतिहासिक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) बिल, 2026’ पारित कर दिया है, जिससे बेअदबी के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।”

जनरल डायर को सम्मानित करने का आरोप

उन्होंने कहा, “मजीठिया परिवार, जिसने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग नरसंहार के दोषी जनरल डायर को इस जघन्य घटना के बाद रात के खाने की व्यवस्था करके सम्मानित किया था, के एकमात्र प्रतिनिधि ने इस महत्वपूर्ण दिन घर से दूर रहना पसंद किया।

वे घर से दूर रहे क्योंकि वे इस तथ्य से अच्छी तरह वाकिफ थे कि उनका पर्दाफाश होना लाजमी है। इन नेताओं के हाथ निर्दोष लोगों के खून के साथ-साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से भी रंगे हुए हैं, जिसके लिए इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता।”

सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ आप नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस योजना के लिए पंजीकरण आज शुरू हो गया है।

अगर बाबा साहेब ने संविधान नहीं बनाया होता तो ऐसे समारोह न होते। दिल्ली में हमने बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की तस्वीरें अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान लगाई थीं, लेकिन भाजपा के सत्ता में आते ही उन्हें हटा दिया गया क्योंकि भाजपा इन नेताओं से नफरत करती है।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बाबा साहेब की पीठ में छुरा घोंपने के लिए निवासियों को वोट डालने के अधिकार से वंचित करने के लिए कठोर प्रयास कर रही है।

नुसूचित जाति का वित्त मंत्री

पंजाब के पास हरपाल चीमा के रूप में पहला अनुसूचित जाति का वित्त मंत्री है क्योंकि शिक्षा और वित्तीय सशक्तिकरण के दोहरे स्तंभ बाबा साहेब की विचारधारा का आधार थे। ‘आप’ सरकार बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की इच्छाओं को साकार करने के लिए कठोर प्रयास कर रही है।”

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ईटीओ और मोहिंदर भगत, वरिष्ठ ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया, लोक सभा सदस्य डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, चेयरमैन पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक पवन कुमार टीनू और अन्य शामिल थे।

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