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Haryana

Kangana Ranaut के बयान से मच गई सियासी खलबली, दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिया पलट जवाब

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Kangana Ranaut भाजपा सदस्य ने कृषि कानून के बारे में एक ऐसा बयान दिया जिससे बहुत से लोग नाराज़ हो गए। उनके बोलने के बाद, कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने भाजपा की आलोचना करना शुरू कर दिया। हरियाणा में कांग्रेस के एक नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि 750 किसानों ने एक ऐसी व्यवस्था की रक्षा के लिए अपनी जान गंवा दी जो किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने में मदद करती है। उन्होंने भाजपा सदस्यों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस हरियाणा में चुनाव जीतती है, तो वे उन कृषि कानूनों को वापस नहीं आने देंगे। उन्होंने भाजपा सदस्यों से कहा कि वे चुनाव के बाद शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए कानून ला सकते हैं, लेकिन वे लोगों की भावनाओं और विचारों को लेकर आएंगे। कंगना ने यह भी उल्लेख किया कि अब वह भाजपा की सदस्य हैं और उन्होंने अपने शब्दों के साथ अधिक सावधान रहना सीख लिया है और अगर उन्होंने किसी को नाराज़ किया है, तो वह खेद व्यक्त करती हैं और अपनी पिछली टिप्पणियाँ वापस लेती हैं।

सरकार के साथ काम करने वाले समूह का हिस्सा केसी त्यागी कंगना की बातों से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा, जो एक बड़ी राजनीतिक पार्टी है, कंगना की बातों से सहमत नहीं है। उन्हें आश्चर्य है कि कंगना ये बातें क्यों कह रही हैं, खासकर तब जब हरियाणा में कृषि कानूनों को लेकर महत्वपूर्ण चुनाव होने वाले हैं। उन्हें लगता है कि उनकी टिप्पणियों से लोग भ्रमित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “आज हरियाणा में कई जगहों पर लोग उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वह ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसी बातें कह रही हैं, लेकिन इससे भाजपा और एनडीए की छवि खराब हो सकती है। इसके लिए भाजपा या पीएम मोदी को दोष देना उचित नहीं है।” उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और कृषि मंत्री पहले ही बता चुके हैं कि कृषि नियमों के साथ क्या हो रहा है। सरकार भी किसानों से नियमित रूप से बात कर रही है। उन्होंने पहले ही करीब 24 तरह की फसलों के लिए न्यूनतम मूल्य बढ़ा दिया है।

कंगना ने किसानों और उनके लिए बनाए गए नियमों के बारे में कुछ कहा, लेकिन जब लोग उनकी बातों से बहुत नाराज हुए, तो उन्होंने अपना विचार बदल दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें लगता है कि किसानों को प्रधानमंत्री श्री मोदी से उन नियमों को खत्म करने के लिए कहना चाहिए। लेकिन फिर उसने देखा कि बहुत से लोग उसके विचार से नाखुश थे। उसने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही उन नियमों को हटा दिया है। कंगना ने महसूस किया कि उसकी राय उसके समूह की मान्यताओं से मेल खानी चाहिए, और अगर उसके शब्दों से किसी को ठेस पहुँची है, तो उसे खेद है और उसने उन्हें वापस लेने का फैसला किया।

कांग्रेस पार्टी ने जो कुछ कहा, उससे बहुत नाराज़ है। उनके नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि कैसे अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए 750 किसान मर गए और कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अभी भी यह नहीं समझ रही है कि यह कितना गंभीर है। उन्होंने उल्लेख किया कि तीन कृषि कानूनों को वापस लाने की योजना है, जो उनके अनुसार अनुचित हैं, और कांग्रेस इसके सख्त खिलाफ है। एक अन्य नेता दीपेंद्र हुड्डा ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि वे हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनाएंगे और कोई भी उन अनुचित कानूनों को वापस नहीं ला सकता।

खेती से जुड़े कुछ नियमों को लेकर किसान वास्तव में नाखुश थे, इसलिए उन्होंने लंबे समय तक दिल्ली शहर के पास बड़े विरोध प्रदर्शन किए। उनके विरोध के कारण, सरकार ने दिसंबर 2021 में उन नियमों को हटाने का फैसला किया। देश के नेता पीएम मोदी ने कहा कि वह किसानों को नियमों को समझने में मदद नहीं कर सके और कुछ गलत हो गया।

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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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