Connect with us

Punjab

गैंगस्टर जग्गू गैंग के चार गुर्गे को जालंधर Police ने किए ग्रिफ्तार, तीन पिस्टल और एक रिवॉल्वर की जब्त

Published

on

देहात Police ने बठिंडा जेल में बंद कुख्यात बदमाश जग्गू भगवानपुरिया के चार मददगारों को पकड़ा है। ये मददगार जग्गू के दोस्त अमन की मदद से पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हथियार पहुंचा रहे थे। अमन जर्मनी में रहता है और उसे अंडा के नाम से भी जाना जाता है। जग्गू के गिरोह में चार लोग शामिल थे और उन्होंने पंजाब में कई बार दूसरों को हथियार दिए हैं। पुलिस ने इनसे तीन पिस्तौल और एक रिवॉल्वर जब्त की है, जिसमें से एक पिस्तौल चीन में बनी है। दो कारें, एक एक्सएसयूवी और एक ब्रेज़ा बरामद की गई हैं।

एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह खख नाम के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन चार लोगों ने कुछ गलत किया होगा, वे अब तीन दिनों से पुलिस के पास हैं। पुलिस उनसे पूछताछ करेगी कि उन्हें हथियार किसने दिए, और फिर उन लोगों को भी पकड़ने की कोशिश करेगी। अमन उर्फ ​​अंडा जर्मनी में है, लेकिन उसका नाम पुलिस केस में सामने आया है। पुलिस प्रमुख एसएसपी खख ने बताया कि भोगपुर थाने के प्रभारी सिकंदर सिंह को गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना में बताया गया था कि हथियार बेचने वाले गिरोह के पांच लोग जालंधर के अलग-अलग इलाकों में रह रहे हैं और इन हथियारों को पहुंचाने की तैयारी में हैं।

पुलिस ने चार बदमाशों का पीछा किया और आदमपुर नामक स्थान के पास से दो को पकड़ लिया। पकड़े गए बदमाशों का नाम असरत कंठ है, जिसे सबी के नाम से भी जाना जाता है और वह बटाला में रहता है, जबकि कमलप्रीत सिंह है, जिसे कोमल बाजवा के नाम से भी जाना जाता है और वह भोगपुर में रहता है। जिन लोगों ने कुछ गलत किया, उनमें से तीन भाग गए। पुलिस टीमों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया और आदमपुर नामक स्थान से बटाला नामक दूसरे स्थान तक 70 किलोमीटर तक उनका पीछा किया, जो कि काफी लंबा रास्ता है, और आखिरकार उन्हें पकड़ लिया।

इस दौरान कोई भी एक-दूसरे पर गोली नहीं चला रहा था। बटाला के पास पकड़े गए बदमाशों में जालंधर के सूरत नगर निवासी प्रदीप कुमार उर्फ ​​गोरा और आनंद नगर निवासी गुरमीत राज उर्फ ​​जुनेजा शामिल हैं। बटाला का रहने वाला साजन दीप नाम का एक व्यक्ति उस समय कार से भाग गया जब पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश कर रही थी। अब पुलिस उसे खोजने के लिए हर जगह तलाश कर रही है। जब पुलिस ने कार की जांच की तो उन्हें एक छोटी बंदूक, दो पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, कुछ गोलियां, गोलियों को रखने वाले तीन पुर्जे और पकड़े गए लोगों की दो कारें मिलीं।

संजू जिसे साहिल भी कहते हैं, बटाला जेल में था और उसने कुछ बुरे लोगों को हथियार दिए थे। एसएसपी खाक ने बताया कि उन बुरे लोगों का सरगना असरत कंठ जिसे सबी भी कहते हैं, अमन नाम के एक अन्य व्यक्ति से बात कर रहा था जिसे अंडा भी कहते हैं।

अंडा ने संजू जिसे साहिल भी कहते हैं और जो बटाला में गुप्त रूप से हथियार बेचता है, को हथियार सबी तक पहुंचाने को कहा। संजू लंबे समय से अंडा को हथियार दे रहा था।

संजू ने कुछ हथियार दिए और फिर बटाला नामक जगह पर पुलिस ने उसे और भी हथियारों के साथ पकड़ लिया। अब पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। जग्गू भगवानपुरिया नामक व्यक्ति ने ये हथियार अमन नामक एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से भेजे थे, जिसे अंडा के नाम से भी जाना जाता है।

सबी इसलिए परेशानी में था क्योंकि पुलिस को लगा कि उसने कुछ बहुत बुरा किया है। उनका मानना ​​था कि एक समूह का नेता साबी ने 23 जुलाई को गांधी कैंप नामक मोहल्ले में योद्धा नामक एक लड़के को घायल करके मार डाला था।

राहुल दातार, उसका दोस्त, उस समय बुरी तरह घायल हो गया जब कुछ बदमाशों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला किया। इसमें शामिल एक अन्य व्यक्ति साबी भाग गया और छिप गया। लोग कह रहे हैं कि यह दो बुरे लोगों के बीच की लड़ाई थी और साबी ने राहुल को चोट पहुँचाने की योजना बनाई थी। राहुल अभी भी अस्पताल में भर्ती है और ठीक होने की कोशिश कर रहा है। अब, बटाला पुलिस को साबी को उसके द्वारा किए गए बुरे कामों के बारे में बताने के लिए अदालत में लाने की अनुमति है। पुलिस को पता चला कि इस्तेमाल किए गए कुछ हथियार पाकिस्तान की सीमा के ज़रिए चीन से आए थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

तरनतारन में बड़ी कामयाबी, BSF और पंजाब पुलिस ने हथियारों की बड़ी खेप बरामद की

Published

on

पंजाब में सीमा पार से हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तरनतारन पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की है।

इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक MP-09 राइफल और सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क की मदद से भेजे गए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल राज्य में टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम देने, दहशत का माहौल बनाने और पंजाब की कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सीमा पार बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे मॉड्यूल, उसके अन्य सदस्यों और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।

पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

Continue Reading

National

अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

Published

on

पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

Continue Reading

National

सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

Published

on

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

Continue Reading

Trending