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3–8 साल के बच्चों में निवेश का मतलब है अगले 20 वर्षों के लिए पंजाब के भविष्य में निवेश करना: Harjot Singh Bains

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पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में ‘खेल पिटारा’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह एक व्यापक खेल-आधारित लर्निंग किट है, जिसका उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक और अर्थपूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।

यह पहल 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों पर केंद्रित है, जिसे भविष्य की शैक्षणिक सफलता और बौद्धिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। सरकार का लक्ष्य नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के कक्षाओं को बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षण वातावरण में परिवर्तित करना है।

‘खेल पिटारा’ क्या है?

‘खेल पिटारा’ एक लर्निंग-टीचिंग मटेरियल (LTM) किट है, जिसे बच्चों को रटने की बजाय गतिविधि-आधारित और अनुभवात्मक तरीके से सीखने के लिए तैयार किया गया है। यह किट बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

विद्यार्थियों को क्या लाभ मिलेगा?

यह पहल बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक समझ (Numeracy) को मजबूत करेगी। साथ ही, बच्चों के भाषा कौशल को निखारने, तार्किक सोच विकसित करने और समस्या-समाधान क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

सरकार का मानना है कि प्रारंभिक वर्षों में गुणवत्तापूर्ण निवेश ही आने वाले वर्षों में मजबूत और सक्षम पंजाब की आधारशिला रखेगा।

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सरकारी अस्पतालों में आज से सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी OPD इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह जारी

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मोहाली समेत पूरे पंजाब में  16 अप्रैल से सभी संस्थानों के खुलने का समय बदल जाएगा। अब ये संस्थान सुबह 8 बजे खुलेंगे और दोपहर 2 बजे बंद हो जाएंगे। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे चलेगी। इस संबंधी आदेश सेहत विभाग की तरफ से जारी कर दिए गए है। यह सारी कोशिश गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर की गई। लोगों को कहा गया है कि तय नियमों का पालन करे।

आम आदमी क्लीनिक सुबह आठ बजे खुलेंगे

सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने बताया कि जिले की सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में यह नया समय लागू होगा। इसमें जिला अस्पताल, सब-डिविजनल अस्पताल खरड़ व डेराबस्सी, सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटर, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर-सब-सेंटर, आम आदमी क्लिनिक और ईएसआई अस्पताल आदि शामिल हैं। जिला अस्पताल फेज-6 मोहाली का कामकाजी समय पहले ही बदलकर सुबह 8 बजे से दोपहर 2:30 बजे कर दिया गया था, जो 1 अप्रैल से लागू है।

पर्ची का काउंटर आधा घंटा पहले खुलेगा

डॉ. जैन ने आगे बताया कि पंजाब सरकार के निर्देश पर अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन काउंटर अस्पताल खुलने के निर्धारित समय से आधा घंटा पहले खुलेंगे। इससे मरीजों को पर्ची बनाने में लंबी कतारें नहीं लगेंगी और वे अपनी जांच व इलाज का काम आराम से समय पर करवा सकेंगे। सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह 24 घंटे चालू रहेंगी। सिविल सर्जन कार्यालय मोहाली और अस्पतालों के अंदरूनी कार्यालयों का समय पहले जैसा ही रहेगा। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह बदलाव मरीजों को बेहतर सुविधा देने और गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखकर किया गया है।

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करीब 39 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी, पंजाब में मुफ्त और कैशलेस इलाज का तेज विस्तार: डॉ. बलबीर सिंह

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भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ (एमएमएसवाई) देश की सबसे व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में तेजी से उभर रही है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।

योजना की शुरुआत के बाद से इसका विस्तार तेजी से हुआ है। अब तक लगभग 39 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और विभिन्न जिलों में कैंप, कम्युनिटी सर्विस सेंटर, सुविधा केंद्र और अन्य सरकारी संस्थानों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार का लक्ष्य लगभग 65 लाख परिवारों को इस योजना के दायरे में लाना है, जिससे करीब 3 करोड़ लोगों को लाभ मिल सके।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना लोगों को आर्थिक रूप से सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से परिवार बिना किसी भुगतान के जीवन रक्षक और महत्वपूर्ण इलाज प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय रहते रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना किसी रुकावट के कैशलेस इलाज का लाभ लिया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि इस योजना का उद्देश्य पंजाब को एक ऐसी डिजिटल और कैशलेस स्वास्थ्य प्रणाली की ओर ले जाना है, जहां हर व्यक्ति को समय पर इलाज मिल सके और आर्थिक कारणों से इलाज में देरी न हो।

इस योजना के तहत 2300 से अधिक उपचार प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं और पंजाब व चंडीगढ़ के 850 से अधिक सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसमें हृदय रोगों का इलाज, कैंसर उपचार, डायलिसिस, आर्थोपेडिक सर्जरी जैसे घुटना प्रत्यारोपण, नवजात शिशु देखभाल और दीर्घकालिक बीमारियों का प्रबंधन शामिल है। यह सभी सेवाएं निर्धारित पैकेज दरों के अंतर्गत पूरी तरह कैशलेस प्रदान की जाती हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पॉलिसी वर्ष में अब तक 1.09 लाख से अधिक लाभार्थी करीब 340 करोड़ रुपये के इलाज का लाभ उठा चुके हैं, जो इस योजना की प्रभावशीलता और व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसका लाभ जाति, धर्म, लिंग या आय के आधार पर सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के सभी पात्र निवासियों के लिए उपलब्ध है। हालांकि, अभी भी कुछ भ्रांतियां समाज में बनी हुई हैं, जिन्हें स्पष्ट करना आवश्यक है।

पहली गलतफहमी यह है कि यह केवल पुरानी योजनाओं का विस्तार है, जबकि वास्तविकता यह है कि इसमें कवरेज राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष किया गया है और पात्रता का दायरा भी व्यापक किया गया है।

दूसरी गलतफहमी यह है कि यह योजना केवल गरीब परिवारों के लिए है, जबकि सच्चाई यह है कि यह सभी पात्र निवासियों के लिए उपलब्ध है।

तीसरी भ्रांति यह है कि कैशलेस इलाज में छिपे हुए खर्च होते हैं, जबकि इस योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में सर्जरी, जांच, भर्ती, दवाइयां और इलाज के बाद की देखभाल—सभी कुछ पूरी तरह कैशलेस है।

चौथी गलतफहमी यह है कि यह केवल सीमित अस्पतालों में लागू है, जबकि यह सैकड़ों सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में लागू है।

पांचवीं भ्रांति यह है कि इसका कवरेज केवल प्रतीकात्मक है, जबकि वास्तव में यह 2300 से अधिक उपचार पैकेजों के साथ 10 लाख रुपये तक का वार्षिक कवरेज प्रदान करती है।

छठी और महत्वपूर्ण गलतफहमी यह है कि रजिस्ट्रेशन केवल आपात स्थिति के लिए आवश्यक है, जबकि सत्य यह है कि सत्यापन और कार्ड जारी करने में समय लगता है। इसलिए भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को पहले से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी भी प्रकार की देरी से बचा जा सके।

सरकार ने राज्य के सभी परिवारों से अपील की है कि वे अपनी पात्रता की जांच करें और जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना का पूरा लाभ लिया जा सके।

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संगरूर के लहरागागा सीएचसी में OPD-IPD सेवा शुरू:कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा, डॉ. बलबीर सिंह ने किया उद्घाटन,मेडिकल कॉलेज जल्द

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पंजाब सरकार द्वारा लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने के ऐतिहासिक निर्णय की दिशा में पहला ठोस कदम उठाते हुए, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) लहरागागा में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं सहित ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) और आईपीडी (इन पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवाओं की शुरुआत कर दी गई है। इस पहल का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

यह कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, जो पहले जर्जर स्थिति में था, अब पूरी तरह से नवीनीकरण के बाद आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस कर दिया गया है। इस सेंटर के शुरू होने से लहरागागा और इसके लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और कस्बों के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन जनहित ट्रस्ट के यूनिट ‘अचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च’ द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से लहरागागा की पहचान अब केवल संगरूर जिले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस संस्थान को किसी भी रूप में निजीकरण के तहत नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसी भावना के तहत इस संस्थान को जनहित ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सेवा है नाकि मुनाफा कमाना।

उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से, लंबे समय से बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को अब मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में पुनः शुरू किया जा रहा है। यह मेडिकल कॉलेज मूनक और खनौरी क्षेत्रों को भी कवर करेगा और वहां के अस्पतालों को भी इससे जोड़ा जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस दौरान उन्होंने सीएचसी में सेवाएं दे रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों को सम्मानित भी किया।

कैबिनेट मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज परियोजना को इस मुकाम तक पहुंचाने में वित्त मंत्री स. हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से यहां नर्सिंग की कक्षाएं शुरू की जाएंगी, साथ ही एमडी और एमएस जैसे उच्च चिकित्सा पाठ्यक्रम भी आरंभ किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले इस क्षेत्र के कई प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों की कमी के कारण डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं कर पाते थे, लेकिन अब उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पहले आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की कमी के कारण लोगों को संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था, जिससे कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण जान का नुकसान हो जाता था। अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से ऐसी स्थितियों में सुधार आएगा।

मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता होगी और इसमें कम से कम 440 बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क संरचना राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और नोटिफिकेशनों के अनुसार ही लागू की जाएगी।

इस अवसर पर जनहित ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. धर्मपाल जैन, ट्रस्ट सदस्य डॉ. रजनीश जैन, एसडीएम राकेश प्रकाश गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर, नगर काउंसिल अध्यक्ष श्रीमती कांता गोयल, श्री गौरव गोयल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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