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बादल परिवार को बचाने की बजाय, एसजीपीसी को 328 सरूपों के लापता होने के मामले में एसआईटी का सहयोग करना चाहिए: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 सरूपों के लापता होने के गंभीर और बेहद संवेदनशील मुद्दे पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और इसके अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को घेरते हुए उन पर प्रभावशाली व्यक्तियों को जानबूझकर बचाने, हितों के टकराव और इंसाफ को भटकाने की बार-बार कोशिश करने के आरोप लगाए।

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि जहां एसजीपीसी अध्यक्ष धामी दावा कर रहे हैं कि यह कार्रवाई “सिख मामलों में दखलअंदाजी” है, वहीं समूची सिख कौम जानती है कि यह मामला एसआईटी के पास सिर्फ इसकी गंभीरता और एसजीपीसी की ओर से ईमानदारी व पारदर्शिता से कार्रवाई करने में असफल रहने के कारण पहुंचा है।

पन्नू ने याद दिलाया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और मामले का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि जांच सरकार द्वारा कराई जाए। अदालत के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई, काबिल अधिकारियों की भागीदारी वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया और अब पहली गिरफ्तारी हो चुकी है।

उन्होंने खुलासा किया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी सतिंदर सिंह कोहली (एस.एस. कोहली) एक चार्टर्ड अकाउंटेंट है, जिसने न सिर्फ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए काम किया है, बल्कि वह बादल परिवार का सीए भी रहा है और उनके कारोबारों को संभालता रहा है। पन्नू ने कहा कि सिर्फ यही तथ्य कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

वित्तीय अनियमितताओं के बारे में बलतेज पन्नू ने पूर्व अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी द्वारा जारी स्पष्टीकरण का हवाला दिया, जिन्होंने कहा था कि उन्होंने आदेश दिया था कि एस.एस. कोहली से जुड़ी फर्म को दिए गए पैसों का 75% हिस्सा वसूल किया जाए और वापस जमा कराया जाए। पन्नू ने इशारा किया कि आज तक वह पैसा एसजीपीसी के खाते में वापस जमा नहीं हुआ है। जबकि वह दावा कर रही है कि उसने मामला सिख गुरुद्वारा जुडिशियल कमीशन के पास ले जाया है।

पन्नू ने हितों के टकराव का एक अहम सवाल उठाया और कहा कि वही वकील, एडवोकेट सियालका, पैसों की वसूली के लिए एसजीपीसी की तरफ से पेश हो रहे हैं और साथ ही 328 सरूपों के मामले में आरोपी एस.एस. कोहली के बचाव पक्ष के वकील के तौर पर भी पेश हो रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सीधे तौर पर हितों का टकराव नहीं है, या क्या यह जानबूझकर किया गया है? कोई एक वकील पैसों की वसूली के लिए एसजीपीसी का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है और उसी समय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 सरूपों के गायब होने के आरोपी का बचाव कैसे कर सकता है?

ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी के बयान का और हवाला देते हुए पन्नू ने कहा कि पूर्व जत्थेदार ने स्पष्ट किया था कि कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, लेकिन एक हफ्ते के अंदर ही एसजीपीसी ने अपना प्रस्ताव बदल दिया और फैसला किया कि कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, सिर्फ इसलिए क्योंकि एस.एस. कोहली का नाम सामने आया था। उन्होंने कहा कि अगर ईशर सिंह रिपोर्ट में कोहली का नाम न आता तो कानूनी कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जानी थी।

पन्नू ने यह भी बताया कि सुखबीर बादल के निजी चैनल के एक पत्रकार के नाम पर एक होटल में कमरा बुक किया गया था, जहां से एस.एस. कोहली को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि यह सीधा सवाल खड़ा करता है कि इस व्यक्ति को कौन बचा रहा है?

धामी के इस दावे पर सख्त एतराज जताते हुए कि यह मुद्दा सिख मामलों में दखलअंदाजी है, पन्नू ने कहा कि जब कल गुरसिखों और विभिन्न सिख संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, क्या वे सिख नहीं हैं? क्या वे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में विश्वास नहीं रखते?

उन्होंने कहा कि सच्चाई और असलियत संगत और पूरी दुनिया के सामने आनी चाहिए। बलतेज पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी द्वारा दिए गए स्पष्ट लिखित निर्देशों और समय सीमा के बावजूद एसजीपीसी की ओर से अपना सैटेलाइट टीवी चैनल शुरू करने में असफल रहने का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने अपना चैनल इसलिए लॉन्च नहीं किया क्योंकि बादल परिवार की मल्कियत वाले एक निजी चैनल पर लाइव टेलीकास्ट जारी है। इसकी बजाय, एसजीपीसी ने सिर्फ एक यूट्यूब चैनल बनाया और उस पर ‘एसजीपीसी’ लिख दिया, जबकि जत्थेदार के एक ‘फ्री-टू-एयर’ सैटेलाइट चैनल लॉन्च करने के स्पष्ट निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया, ताकि गुरबाणी के ऑडियो और वीडियो को सभी चैनलों द्वारा मुफ्त में प्रसारित किया जा सके और किसी का एकाधिकार न रहे।

पन्नू ने कहा कि कार्यकारी जत्थेदार के आदेशों का पालन इसलिए नहीं किया गया क्योंकि मुनाफा सिर्फ एक चैनल द्वारा कमाया जा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि सब कुछ एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे बचाया जा रहा है ताकि उनका कारोबार जारी रहे और बड़े पैमाने पर बढ़े।

पन्नू ने आगे आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए ईशर सिंह रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए प्रस्ताव को, जिसमें दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, जानबूझकर एक और प्रस्ताव पास करके रद्द कर दिया गया था कि कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसमें एस.एस. कोहली का नाम शामिल था।

उन्होंने चेतावनी दी कि एक व्यक्ति को इतनी आक्रामकता से क्यों बचाया जा रहा है? वह कौन से राज जानता है? किन होटलों में क्या-क्या हुआ, क्या प्रबंध किए गए, आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।

बलतेज पन्नू ने एसजीपीसी अध्यक्ष धामी से एसआईटी को पूरा सहयोग देने की अपील की, जिसने एक आरोपी को गिरफ्तार करके पहले ही बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को सहयोग करना चाहिए ताकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता सरूपों के बारे में सच्चाई सामने आ सके कि वे कहां हैं और कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने मौजूदा जत्थेदार द्वारा जारी लिखित आदेशों का भी हवाला दिया, जिसमें एसजीपीसी को अपने स्टाफ और संसाधनों का उपयोग लापता सरूपों का पता लगाने के लिए करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में साबित करता है कि 328 सरूपों के ठिकाने के बारे में अभी भी कुछ पता नहीं है।

पन्नू ने कहा कि जहां धामी साहब बार-बार कह रहे हैं कि मामला पहले ही सुलझ गया था और यह सिर्फ गिनती की गलती थी, वहीं जत्थेदार साहब का लिखित आदेश स्पष्ट तौर पर कुछ और ही बयान करता है।

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O.T.S स्कीम को मिला जोरदार समर्थन: 111.16 करोड़ की वसूली, 31 मार्च के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी!

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वैट बकाये के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम को व्यापारियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत अब तक करीब 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं। इनमें से सरकार 111.16 करोड़ रुपये की वसूली भी कर चुकी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्कीम पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से इस योजना को अच्छा समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि कारोबारियों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू है। इसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाएगी और बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए पहले ही करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कारोबारियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अंतिम मौके का लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाये का निपटान कर लें। उन्होंने कहा कि OTS स्कीम के तहत ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है और वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड को साफ कर सकते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और बिना किसी छूट के सख्त वसूली प्रक्रिया लागू की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान्य कानूनी जांच और कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि मुकदमेबाजी को कम करना और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना भी है।

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29 मार्च को होगी Punjab Cabinet की अहम बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर !

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पंजाब में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह कैबिनेट बैठक 29 मार्च, रविवार को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास, कोठी नंबर 45, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़े फैसले ले सकती है। इसके अलावा कुछ नई योजनाओं को मंजूरी मिलने और चल रही परियोजनाओं की समीक्षा भी इस बैठक का हिस्सा हो सकती है।

यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में आम जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे बुनियादी सुविधाएं, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाएं—पर खास ध्यान दिया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता राज्य के विकास को गति देना और लोगों को राहत पहुंचाना है, ऐसे में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

पंजाब कैबिनेट की इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें लिए गए फैसले आने वाले समय में राज्य की नीतियों और दिशा को तय कर सकते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम जनता की नजरें भी इस बैठक पर टिकी हुई हैं।

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जलालाबाद में आज 508 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान करेंगे मुख्यमंत्री; अनाज मंडी में तैयारियां पूरी

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पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा

डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की।

सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात

स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे।

सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

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