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Bharat का Pride: Shubhanshu Shukla बने ISS पर कदम रखने वाले पहले Bharatiya, Safely Returns to Earth
भारत ने एक और इतिहास रच दिया है! भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले भारत के पहले व्यक्ति बन गए हैं। और अब, वो अपने स्पेस मिशन को पूरा करके सुरक्षित धरती पर लौट आए हैं।
किस मिशन से गए थे अंतरिक्ष?
शुक्ला का यह सफर Axiom-4 (Ax-4) मिशन का हिस्सा था, जो एक प्राइवेट स्पेस फ्लाइट है। इस मिशन को अमेरिका की Axiom Space कंपनी ने चलाया था। लेकिन यह सिर्फ अमेरिका का नहीं, बल्कि NASA, ISRO (भारत की स्पेस एजेंसी), ESA (यूरोप की स्पेस एजेंसी) और SpaceX का संयुक्त मिशन था।
26 जून 2025 को यह मिशन स्पेस में गया और लगभग 3 हफ्ते के बाद, 15 जुलाई को दोपहर 3:01 बजे (IST), ये अंतरिक्ष यात्री कैलिफोर्निया के समुद्री तट के पास समुद्र में सफलतापूर्वक लैंड हुए।
कौन-कौन थे इस मिशन में?
- शुभांशु शुक्ला (भारत) – मिशन के पायलट
- पेगी व्हिट्सन (अमेरिका) – मिशन लीडर, NASA की अनुभवी स्पेस ट्रैवलर
- स्लावोस्ज उज़नान्स्की (पोलैंड)
- तिबोर कापू (हंगरी)
भारत के लिए क्यों खास है ये मिशन?
भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा थे, जो 1984 में रूस के Soyuz स्पेस मिशन के जरिए गए थे। लेकिन शुभांशु शुक्ला, पहले भारतीय बने जो ISS यानी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर गए।
ISS वह स्पेस स्टेशन है, जहां अंतरिक्ष वैज्ञानिक रहते हैं, काम करते हैं और रिसर्च करते हैं। ये धरती से करीब 400 किलोमीटर ऊपर स्पेस में है।
अंतरिक्ष से विदाई में क्या कहा शुभांशु ने?
अंतरिक्ष से अपने आखिरी दिन शुभांशु शुक्ला ने भारत के लिए एक भावुक संदेश दिया:
“यह सफर अविश्वसनीय रहा। अब यह खत्म हो रहा है, लेकिन आपके और मेरे लिए यात्रा अभी बाकी है। भारत की स्पेस यात्रा मुश्किल जरूर है, लेकिन अगर हम ठान लें, तो तारे भी हमारी पहुंच में हैं।”

उन्होंने भारत के पहले स्पेस हीरो राकेश शर्मा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जो लाइन कही थी –
“सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा”,
आज वो लाइन फिर से सच हुई है।
वापसी कैसे हुई?
- स्पेसक्राफ्ट ने ISS से सोमवार को अलग (undocking) होकर धरती की ओर वापसी शुरू की।
- Axiom Space ने बताया कि जब स्पेसक्राफ्ट धरती के पास आया तो एक sonic boom (तेज़ आवाज़) से उसकी एंट्री हुई।
- फिर ये कैप्सूल समुद्र में splashdown हुआ।
- इसके बाद एक विशेष जहाज़ ने स्पेसक्राफ्ट को निकाला और हेलिकॉप्टर के ज़रिए क्रू को ज़मीन पर लाया गया।
अब आगे क्या?
इस मिशन से भारत को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आने वाले समय में ISRO का Gaganyaan मिशन है, जिसमें भारत अपने खुद के अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में भेजेगा। शुभांशु शुक्ला की ये उड़ान उस दिशा में एक बड़ा और प्रेरणादायक कदम है।
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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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जयपुर में 24 घंटे के लिए डिजिटल कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह प्रतिबंध बीती रात 12 बजे से लागू हो गया है और आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के संवेदनशील इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं, जिससे माहौल खराब होने का खतरा है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा SMS और MMS सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाने, शांति भंग करने या जारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य रहने पर प्रतिबंध हटाने को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।
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7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।
भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।
इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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