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प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से पीछे हुआ भारत- केजरीवाल

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भारत को सालाना प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से भी पिछड़ने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पर कैपिटा इनकम में भारत बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। देश ने मोदी जी को प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि वो हमें दुनिया का सबसे अमीर देश बनायेंगे। लेकिन उन्होंने तो भारत को बांग्लादेश से भी गरीब बना दिया। आज भारत की प्रति व्यक्ति आय 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है।

शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं एक ऐसी बात बताने जा रहा हूं जिसे सुनकर हर देशभक्त को बड़ा धक्का लगेगा। भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब देश घोषित हो गया है। भारत की सालाना पर कैपिटा इनकम 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब हमारी पर कैपिटा इनकम बांग्लादेश से बहुत ज्यादा थी। 2014 में हमारी पर कैपिटा इनकम 1600 डॉलर थी और बांग्लादेश की 1100 डॉलर थी, लेकिन आज बांग्लादेश हमसे आगे निकल गया है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि स्विट्जरलैंड की पर कैपिटा इनकम 1,15,000 डॉलर है, सिंगापुर की 99,000 डॉलर और अमेरिका की 90,000 डॉलर है। 2014 में लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया था कि हम अमेरिका को पीछे छोड़ेंगे। हमें क्या पता था कि विश्व गुरु का सपना दिखाने वाले लोग देश को इतना लूटेंगे और चूसेंगे कि 12 साल बाद भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब हो जाएगा।

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प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से पीछे हुआ भारत- केजरीवाल

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भारत को सालाना प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से भी पिछड़ने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पर कैपिटा इनकम में भारत बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। देश ने मोदी जी को प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि वो हमें दुनिया का सबसे अमीर देश बनायेंगे। लेकिन उन्होंने तो भारत को बांग्लादेश से भी गरीब बना दिया। आज भारत की प्रति व्यक्ति आय 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है।

शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं एक ऐसी बात बताने जा रहा हूं जिसे सुनकर हर देशभक्त को बड़ा धक्का लगेगा। भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब देश घोषित हो गया है। भारत की सालाना पर कैपिटा इनकम 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब हमारी पर कैपिटा इनकम बांग्लादेश से बहुत ज्यादा थी। 2014 में हमारी पर कैपिटा इनकम 1600 डॉलर थी और बांग्लादेश की 1100 डॉलर थी, लेकिन आज बांग्लादेश हमसे आगे निकल गया है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि स्विट्जरलैंड की पर कैपिटा इनकम 1,15,000 डॉलर है, सिंगापुर की 99,000 डॉलर और अमेरिका की 90,000 डॉलर है। 2014 में लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया था कि हम अमेरिका को पीछे छोड़ेंगे। हमें क्या पता था कि विश्व गुरु का सपना दिखाने वाले लोग देश को इतना लूटेंगे और चूसेंगे कि 12 साल बाद भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब हो जाएगा।

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दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बड़ी कार्रवाई, हटाए गए बैरिकेड और अनधिकृत ढांचे

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भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच दिल्ली से एक और बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी के चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बने कुछ अनधिकृत ढांचों और बैरिकेड्स पर भारतीय अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने JCB की मदद से हाई कमीशन के बाहर बनाए गए उन ढांचों को हटाया, जो निर्धारित और मंजूर सीमा से बाहर बताए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बैरिकेड्स, ट्रैफिक बोलार्ड और वीजा सेक्शन के पास लोगों की लाइन को व्यवस्थित करने के लिए बनाए गए कुछ अस्थायी ढांचों को भी हटा दिया गया।

कार्रवाई के बाद हाई कमीशन के बाहर टूटे हुए बैरिकेड, लोहे के ढांचे और अन्य मलबा दिखाई दिया। अधिकारियों की ओर से फिलहाल इसे मुख्य रूप से अनधिकृत निर्माण और निर्धारित सीमा से बाहर बने ढांचों को हटाने की कार्रवाई बताया गया है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को पाकिस्तान में कुछ दिन पहले हुई एक कार्रवाई से जोड़कर भी देखा जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगाए गए कुछ सुरक्षा बैरिकेड और पार्किंग पोल हटाए गए थे। इसके बाद अब दिल्ली में पाकिस्तान के राजनयिक मिशन के बाहर इसी तरह की कार्रवाई हुई है।

दोनों घटनाओं के समय को देखते हुए इसे ‘Tit-for-Tat’ कार्रवाई के तौर पर भी देखा जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। ऐसे में दोनों देशों के राजनयिक परिसरों के बाहर इस तरह की कार्रवाइयां चर्चा का विषय बन गई हैं।

फिलहाल भारतीय अधिकारियों की ओर से दिल्ली की कार्रवाई को नियमों और निर्धारित सीमा के उल्लंघन से जुड़ा कदम बताया गया है। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई पर पाकिस्तान की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और इसका दोनों देशों के रिश्तों पर आगे क्या असर पड़ता है।

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गन्ने से इथेनॉल बनाने से 17 दिनों में चीनी 20 रुपए महंगी- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश भर में चीनी की कीमतों में भारी वृद्धि के लिए मोदी सरकार के गलत फैसले को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि गन्ने से इथेनॉल बनाने से चीनी का उत्पादन गिर गया और 17 दिनों में चीनी 20 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई। ये लोग इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने की बात कर रहे थे। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब वही विदेशी मुद्रा फूंक कर चीनी आयात करने की नौबत आ गई है। ये सरकार है या मज़ाक? पूरी की पूरी अनपढ़ों की सरकार है। किसी को कुछ नहीं ही पता कि क्या करने से क्या होगा?

गुरुवार को एक वीडियो जारी कर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे मोदी सरकार बिल्कुल अनपढ़ लोगों की सरकार है। उन्हें यही नहीं पता कि वे क्या निर्णय ले रहे हैं और उसका क्या असर होगा। इन्होंने गन्ने की खेती को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट किया और इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाना चालू कर दिया। कहा गया कि इससे पेट्रोल बचेगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी, जिसे हम विदेशों से तेल आयात करने के लिए खर्च करते हैं। गन्ने की खेती को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट करने से देश में गन्ने और चीनी की भारी कमी हो गई। चीनी की किल्लत के कारण पिछले 17 दिनों में इसके दाम 20 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं। 17 दिन पहले जो चीनी 46 रुपए किलो थी, वह अब 65 रुपए किलो हो गई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा देश चीनी एक्सपोर्ट करता था, लेकिन अब इंपोर्ट करने की प्लानिंग कर रहा है। तेल पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए इथेनॉल बनाया गया और अब उसी विदेशी मुद्रा को हम चीनी इंपोर्ट करने पर खर्च करेंगे। एक तरफ इथेनॉल वाले पेट्रोल से लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं और माइलेज गिर रही है, वहीं दूसरी तरफ लोगों को अब महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है। सरकार डिसीजन लेती है, लेकिन इन्हें यही नहीं पता कि इसका क्या असर होने वाला है। जब गन्ने को इथेनॉल के लिए डाइवर्ट किया गया, तो इन्हें सोचना चाहिए था कि इतना गन्ना इथेनॉल में जाएगा तो चीनी कहां से आएगी? समझ नहीं आता कि मोदी सरकार में ऊपर से नीचे तक सारे अनपढ़ हैं क्या?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने अभी तक जितने भी डिसीजन लिए हैं, उनका कोई फायदा नहीं हुआ। नोटबंदी में पूरे देश में कई लोग मारे गए। कोरोना आया तो लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई करने की बजाय थाली बजाने के लिए कहा गया। ऐसा लगता है कि पूरी की पूरी सरकार अनपढ़ लोगों की है। लेकिन कसूर हमारा अपना है कि हमने इन अनपढ़ लोगों को वोट देकर वहां बिठा दिया, जिन्हें कोई अक्ल नहीं है। इन्हें सरकार चलानी नहीं आती और दुखी हम लोग हो रहे हैं।

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