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IND vs ENG तीसरा टेस्ट: लॉर्ड्स में आज से Bumrah vs Archer, जानें किसका पलड़ा रहेगा भारी?

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Jasprit Bumrah vs Jofra Archer in IND vs ENG 3rd Test: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला आज, 10 जुलाई से ‘क्रिकेट के मक्का’ लॉर्ड्स स्टेडियम में शुरू होगा. एजबेस्टन टेस्ट में 336 रनों की धमाकेदार जीत के साथ सीरीज को 1-1 से बराबर करने के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरपूर नजर आ रही है. इस मुकाबले में दो तेज गेंदबाजों की जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिलेगी. भारत के जसप्रीत बुमराह और इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर. इंग्लिश धुरंधर आर्चर चार साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं. वहीं बुमराह लगभग 16 दिन बाद मैदान पर उतरेंगे. 

एजबेस्टन टेस्ट में बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय टीम ने शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी का प्रदर्शन किया. कप्तान शुभमन गिल ने 269 और 161 रन की दो बेहतरीन पारियां खेलीं, मोहम्मद सिराज ने 6 विकेट चटकाए और आकाश दीप ने मैच में 10 विकेट लेकर सबको चौंका दिया. हालांकि बुमराह भारत की गेंदबाजी की रीढ़ हैं. इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्होंने पांच विकेट लेकर अपना 14वां टेस्ट फाइव-फर लिया था. 2024 से अब तक बुमराह ने 15.07 की औसत से 78 विकेट चटकाए हैं, जिनमें 6 बार पांच विकेट लेना शामिल है. उनकी वापसी तय है, ऐसे में प्रसिद्ध कृष्णा का पत्ता कटना तय माना जा रहा है.

आर्चर की वापसी से इंग्लैंड को उम्मीद

वहीं तीसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन घोषित कर दी है, जिसमें जोफ्रा आर्चर को जोश टंग की जगह शामिल किया गया है. 30 वर्षीय जोफ्रा आर्चर ने फरवरी 2021 के बाद पहली बार टेस्ट टीम में वापसी की है. उनकी रफ्तार इंग्लैंड की अपेक्षाकृत अनुभवहीन गेंदबाजी को मजबूती दे सकती है, जो अब तक इस सीरीज में लगातार प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही है. 

आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 13 मैच खेलें हैं, जिनमें उन्होंने 42 विकेट झटके हैं. वहीं भारत के खिलाफ उन्होंने 2 टेस्ट मैचों में 4 विकेट लिए हैं. हालांकि इस आंकड़े में हैरानी की बात ये है कि उन्होंने इन चार विकेटों में से केवल 28 गेंद फेंककर 2 बार कैप्टन गिल का शिकार किया है. ऐसे में शुभमन गिल को उनका सामना संभलकर करना पड़ेगा.   

लॉर्ड्स में भारत का रिकॉर्ड

वहीं लॉर्ड्स में भारत का ओवरऑल डरावना, लेकिन हालिया रिकॉर्ड शानदार रहा है. इस मैदान पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 19 में से केवल 3 मैच जीता है. हालांकि 2014, 2018 और 2021 की पिछली तीन सीरीज में भारत ने यहां तीन में से दो मुकाबले जीते हैं.  

सीरीज के अब तक के टॉप परफॉर्मर

अब तक मौजूदा सीरीज में शुभमन गिल दो टेस्ट (चार पारियों) में 585 रन बना चुके हैं, जिसमें तीन शतक और एक 269 रनों की मैराथन पारी शामिल है. उनका औसत 146.25 और स्ट्राइक रेट 73 से अधिक है. वहीं इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोश टंग अब तक सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उन्होंने दो टेस्ट में चार पारियों में 11 विकेट लिए हैं. दोनों टीमें इस मैच में अपना सर्वस्व झोंकने के लिए तैयार रहेंगी. यह मुकाबला दोपहर के बाद 3.30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 3 बजे होगा. 

IND vs ENG 3rd Test दोनों टीमों का स्क्वॉड

भारत की टीम: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, करुण नायर, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, ध्रुव जुरेल, साई सुदर्शन, अर्शदीप सिंह, अभिमन्यु ईश्वरन, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर, कुलदीप यादव

इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ऑली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर, शोएब बशीर, जेमी ओवरटन, जोश टंग, सैम जेम्स कुक, गस एटकिंसन, जैकब बेथेल

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National

लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर जीता पहला टेस्ट

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहला महिला टेस्ट मैच अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स के 142 साल के टेस्ट इतिहास में यह पहला अवसर था, जब यहां महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज कर इसे यादगार बना दिया।

भारत ने चौथे दिन सुबह इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समेट दी। मेजबान टीम के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। भारत को आखिरी दिन जीत के लिए सिर्फ चार विकेट चाहिए थे, जिन्हें टीम ने पहले ही सत्र में हासिल कर लिया।

इस ऐतिहासिक मुकाबले से पहले भारतीय टीम को एक खास सरप्राइज भी मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय ड्रेसिंग रूम पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर, खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने इसे भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक पल बताया। मैच खत्म होने के बाद भी सचिन ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। इस दौरान आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी लॉर्ड्स में मौजूद रहे।

मैच की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की अहम बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 147/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया। तीसरे दिन के अंत तक इंग्लैंड का स्कोर 130/6 था और चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने बाकी चार विकेट भी जल्दी लेकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

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Punjab

चंडीगढ़ में खेल पुरस्कार समारोह: CM भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को किया सम्मानित

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पंजाब सरकार ने आज चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड से सम्मानित किया। समारोह के दौरान खिलाड़ियों को कुल 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि भी वितरित की गई।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पंजाब और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। भारतीय हॉकी टीम और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पंजाब से जुड़े खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देना और युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करना है। महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड को पंजाब का सर्वोच्च खेल सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार बनने के बाद पंजाब में खिलाड़ियों को नई पहचान और सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें 3,000 गांवों में खेल मैदान और 6,000 गांवों में जिम स्थापित करने जैसी पहल शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री का पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए धन्यवाद करती हूं। हमने एक टीम के रूप में खेलकर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। एशियन ट्रॉफी जीतना मेरे लिए बेहद गर्व की बात रही। पिछले 15-20 वर्षों से मैं खेल से जुड़ी हूं और हमेशा यह सपना था कि पंजाब के खिलाड़ियों को दुनियाभर में सम्मान मिले। जिस तरह राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, उससे नए खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलेगा और वे पंजाब के लिए पदक जीतने के लिए प्रेरित होंगे।”

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Punjab

पंजाब के Gurindervir Singh ने रचा इतिहास, 100 मीटर में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, जीता गोल्ड मेडल

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भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में शुक्रवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता के दूसरे दिन पंजाब के स्टार स्प्रिंटर Gurindervir Singh ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में नया इतिहास रच दिया। गुरिंदरवीर ने सिर्फ 10.09 सेकंड में रेस पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह 10.10 सेकंड से कम समय में 100 मीटर दौड़ पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

गुरिंदरवीर का यह प्रदर्शन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में चर्चा का विषय बन गया है। उनका यह समय इस सीजन का एशिया का दूसरा सबसे तेज समय माना जा रहा है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक Animesh Kujur को पीछे छोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की।

यह मुकाबला भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद रोमांचक रहा। ओडिशा के Animesh Kujur ने पिछले साल 10.18 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन इस बार गुरिंदरवीर ने पहले अपनी सेमीफाइनल हीट में 10.17 सेकंड का समय निकालकर नया रिकॉर्ड कायम किया।

हालांकि, सिर्फ पांच मिनट बाद ही Animesh Kujur ने दूसरी सेमीफाइनल हीट में 10.15 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड फिर अपने नाम कर लिया। इस तरह कुछ ही मिनटों में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो बार टूटा।

लेकिन असली मुकाबला फाइनल में देखने को मिला, जहां Gurindervir Singh ने 10.09 सेकंड का धमाकेदार समय निकालकर न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना दिया। वह अनीमेश से 0.11 सेकंड तेज रहे और फिनिश लाइन पर लगभग दो फीट आगे नजर आए।

गुरिंदरवीर सिंह की यह सफलता उनके वर्षों के संघर्ष और मेहनत का नतीजा है। दो साल पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कई बार उनके पास अच्छे जूते खरीदने या फूड सप्लीमेंट लेने तक के पैसे नहीं होते थे। उस समय उनके कोच और गांव के लोगों ने उनकी मदद की। यहां तक कि कई बार प्रतियोगिताओं में जाने का खर्च भी गांव वालों ने मिलकर उठाया।

आज वही Gurindervir Singh देश के सबसे तेज धावक बन चुके हैं और उनकी यह उपलब्धि पंजाब समेत पूरे भारत के लिए गर्व की बात बन गई है।

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