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पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ का असर, आठवीं के नतीजों में बेटियों का जलवा; टॉप 20 में से 19 स्थानों पर जमाया कब्जा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ ज़मीनी स्तर पर नतीजे दे रही है और आम परिवारों की बेटियों ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा की मेरिट लिस्ट में पहले 20 में से 19 स्थान हासिल करके दबदबा बना लिया है। चंडीगढ़ में अपने आवास पर शीर्ष विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पहले 20 विद्यार्थियों को बिना किसी एडमिशन परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश दिया जाएगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है।
मुख्यमंत्री ने पहले तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपए के नकद इनाम से सम्मानित किया और विद्यार्थियों से अपील की कि वे ज़मीन से जुड़े रहें, कड़ी मेहनत करें और सही रोल मॉडल चुनें। उन्होंने कहा कि पंजाब के बदले हुए सरकारी स्कूल अब शिक्षा में राष्ट्रीय मानक के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों द्वारा दिखाया गया आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ता शिक्षा में निरंतर निवेश के प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार आधुनिक स्कूलों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही माहौल के माध्यम से हर बच्चे की आकांक्षाओं को उड़ान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
विद्यार्थियों से बातचीत के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा के नतीजों में पूरे सूबे से अव्वल रहने वाले होनहार विद्यार्थियों को आज चंडीगढ़ में सम्मानित किया गया। इस खास मौके पर उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी दिल से बधाई दी गई।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस साल के नतीजों में पहला स्थान ईंटों के भट्ठे पर काम करने वाले मुनीम की होनहार बेटी ने हासिल किया है, जबकि दूसरा और तीसरा स्थान क्रमशः टाइलों की दुकान के मालिक और एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के शिक्षक की बेटियों ने प्राप्त किया है। ये नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि आम परिवारों के बच्चे अब शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इन बच्चों के आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और समर्पण को देखकर हमें बहुत खुशी और गर्व महसूस हुआ।”
पोस्ट के अंत में कहा गया है, “हमारी सरकार बच्चों के सपनों को उड़ान देने और उन्हें जीवन में सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम गुणवत्ता भरी शिक्षा, आधुनिक स्कूल और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।”
अव्वल रहे विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पहली बार लड़कियों ने टॉप 20 में से 19 स्थान हासिल करके मेरिट लिस्ट में दबदबा बना लिया है, यह उनके दृढ़ इरादे का शक्तिशाली प्रमाण है। उन्होंने इस शानदार उपलब्धि पर ज़ोर देते हुए कहा, “इन विद्यार्थियों को बिना किसी प्रवेश परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में नवीं कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। पहली बार लड़कियों ने पहले 20 में से 19 स्थान हासिल किए हैं, जिसमें सिर्फ एक लड़का 20वें रैंक पर है। पहले 19 स्थान हासिल करके लड़कियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।”
विद्यार्थियों की योग्यता और क्षमता पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ली गई आठवीं कक्षा की परीक्षाओं में कुल 2.62 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “ये टॉप 20 विद्यार्थी पहले ही अपनी योग्यता साबित कर चुके हैं। शीर्ष स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने अपनी योग्यता साबित की है और इसलिए उन्हें बिना किसी एडमिशन परीक्षा के मेरिट के आधार पर स्कूल ऑफ एमिनेंस में विशेष कोटे के तहत प्रवेश दिया जाएगा।”
विद्यार्थियों, शिक्षकों और माता-पिता को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “यह सबके लिए बहुत गर्व और संतोष का पल है। विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत के साथ-साथ उनका मार्गदर्शन करने वाले माता-पिता और शिक्षकों का योगदान भी उतना ही सराहनीय है। यह ऐतिहासिक दिन है क्योंकि राज्य भर से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी यहाँ इकट्ठे हुए हैं।”
शीर्ष विद्यार्थियों के सम्मान को गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसे युवाओं का सम्मान करना राज्य सरकार का फर्ज है और विद्यार्थियों में विश्वास पैदा करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि वे कल के नेता हैं। जीवन में सफलता पाने के लिए आपको अपने मनपसंद क्षेत्रों में रोल मॉडलों को ध्यान से चुनना चाहिए।”
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें नम्र रहने और कड़ी मेहनत में विश्वास रखने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार स्कूल स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अथक मेहनत कर रही है और पंजाब में शिक्षा क्रांति की शुरुआत की है, जिससे सामाजिक-आर्थिक खाई को पाटने और विद्यार्थियों के जीवन को बदलने में मदद मिली है।”
शिक्षा को पंजाब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में रोल मॉडल के रूप में उभरा है। पंजाबी हमेशा आगे रहे हैं और हर क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर शीर्ष रहे तीन विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपए के नकद इनाम से सम्मानित भी किया। सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जैतो (फरीदकोट) की तमन्ना ने 600 में से 600 अंक प्राप्त करके पहला स्थान हासिल किया, सरकारी मिडिल स्कूल, अड़कवास (संगरूर) की जसप्रीत कौर ने 598 अंक प्राप्त करके दूसरा स्थान हासिल किया और संत मोहन दास मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोट सुखिया (फरीदकोट) की जश्नदीप कौर ने 598 अंक प्राप्त करके तीसरा स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गर्व के साथ कहा कि ये तीनों विद्यार्थी प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर की एथलीट भी हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी आकांक्षाएं साझा की और व्यक्तिगत रूप से सम्मानित होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे आम पृष्ठभूमि से आते हैं और कड़ी मेहनत, समर्पण तथा सरकार के सहयोग से अपने सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ हैं।
इस मौके पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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अकाली दल और बादल परिवार ने अपनी खत्म हो रही प्रासंगिकता बचाने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब को राजनीतिक अखाड़ा बना लिया है: बलतेज पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने तीखा हमला करते हुए कहा कि राजनीति के इतिहास में यह पहली बार है कि श्री अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज साहिब किसी खास राजनीतिक पार्टी के पक्ष में खड़े होकर खुलेआम राजनीति कर रहे हैं।
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब पूरी दुनिया में सिखों की सर्वोच्च और सबसे पवित्र जगह है, न कि सुखबीर सिंह बादल या अकाली दल की निजी जागीर। उन्होंने कहा कि जत्थेदार साहिब को सुखबीर बादल के कहने पर आधी रात को जत्थेदार बनाया गया, बिना किसी सिख पंथ या संगठन की राय लिए, ऐसी जगह पर जहां गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश भी नहीं हुआ था।
ऐसे में बादल परिवार के प्रति उनकी वफादारी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी का खुद को सुखबीर बादल का सिपाही कहना, इन महान सिख संस्थाओं के राजनीतिकरण का जीता-जागता सबूत है।
बलतेज पन्नू ने जत्थेदार द्वारा जारी कथित फोरेंसिक रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हम आपकी रिपोर्ट मान भी लें कि वीडियो (एआई) से नहीं बनाई गई, तो जत्थेदार साहिब हमें बताएं कि उस वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की हाइट क्या है? जिस मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आप उंगली उठा रहे हैं, क्या उनकी हाइट वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की हाइट से मेल खाती है? वह कौन सा होटल का कमरा है जहां गुरु साहिब की तस्वीरें दिखाई गई हैं, जैसा कि दावा किया जा रहा है? रिपोर्ट यह बताने में पूरी तरह नाकाम है कि वीडियो में असल में कौन है। पन्नू ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी।
अकाली दल के इतिहास को काले पन्नों से भरा बताते हुए पन्नू ने कहा कि साल 2015 में बुर्ज जवाहर सिंह वाला से गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र किताब चोरी हुई, सिखों को गाली-गलौज वाले पोस्टर लगाकर चुनौती दी गई और अक्टूबर महीने में गुरु साहिब के अंगों को कूड़े के ढेर में लुढ़का दिया गया।
उस समय पंथक मुखौटा पहनकर बार-बार सरकार बनाते बनाने वाले सुखबीर बादल और उनके लोग, सोते रहे। उन्होंने जस्टिस जोरा सिंह कमीशन की रिपोर्ट को दबाया, गवाहों को पुलिस की नौकरी देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की और जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट को विधानसभा के बाहर एक-दो रुपये में बेच दिया। कोटकपूरा और बहबल कलां गोलीकांड के सबूत मिटाने की हर मुमकिन कोशिश की गई, जिसकी वजह से आज सुखबीर बादल, सुमेध सैनी और उमरानंगल जैसे लोग बेल पर कोर्ट के बाहर घूम रहे हैं। उन्हें डर है कि बहबल कलां की जांच भी जल्द ही उनके गले की फांस बनने वाली है।
पन्नू ने कहा कि साल 2022 में जब पंजाब के लोगों ने आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत दिया और भगवंत मान की सरकार बनाई, तो इन पुराने नेताओं के पैरों तले से ज़मीन खिसक गई। पहले तो उन्होंने झूठा प्रचार किया कि यह सरकार 3 महीने या एक साल नहीं चलेगी। जब सरकार ने बहुत अच्छा काम करना शुरू किया और मुख्यमंत्री मान हेल्थ चेक-अप के लिए अस्पताल गए, तो उनकी घबराहट इतनी बढ़ गई कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री की बेटी का वीडियो दिखाया और गंदी राजनीति की। लेकिन पंजाब के लोगों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
पन्नू ने पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि आज साढ़े चार साल होने जा रहे हैं और राज्य में सरकार के खिलाफ कोई ‘एंटी-इनकंबेंसी’ नहीं है। मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने जालंधर लोकसभा उपचुनाव, गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक, तरनतारन उपचुनाव समेत नगर निगम, नगर परिषद और सरपंच चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह जीत लाठी या पुलिस के बल पर नहीं, बल्कि विकास के बल पर 2017 तक चले उनके गुंडा राज को खत्म करके मिली है। मान सरकार ने नहरी पानी की पहुंच 21% से बढ़ाकर 80% की, किसानों को दिन में बिजली दी, लोगों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दी, सड़कों पर रोड सेफ्टी फोर्स तैनात की और जनता को 10 लाख रुपये के मुफ्त कैशलेस इलाज के साथ हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड दिया।
बलतेज पन्नू ने कहा कि अकाली दल के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिस मान सरकार को वे हमेशा बदनाम करते थे, उसी मान सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी रोकने के लिए ‘सत्कार एक्ट’ में ऐतिहासिक बदलाव करके सख्त कानून लागू किया है। अब बेअदबी करने वाले को सजा भुगतनी पड़ेगी।
यह एक्ट भी पास हो गया और गवर्नर के साइन के बाद लागू हो गया। बादल परिवार, जो खुद को पंथ का ठेकेदार मानता था और जिसने 2007 से 2017 के बीच पंजाब की पूरी पीढ़ी को नशे की आग में झोंक दिया, आज गुरु नानक देव जी की धरती पर बने इस सख्त कानून को पचा नहीं पा रहा है। इसी घबराहट में उन्होंने अब अपनी राजनीति का आखिरी कार्ड खेल दिया है, बदकिस्मती से उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को भी मोहरे के तौर पर मैदान में उतार दिया है, लेकिन पंजाब के समझदार लोग उनके इन मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे।
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CM भगवंत सिंह मान द्वारा यू.पी.एस.सी.- 2025 पास करने वाले उम्मीदवारों का सम्मान; कहा, पंजाब के आम परिवारों के बच्चे लगातार राज्य का मान बढ़ा रहे हैं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यू.पी.एस.सी. (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन)-2025 की प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सफलता पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की बढ़ती गुणवत्ता और राज्य के युवाओं की अथाह संभावनाओं को दर्शाती है।
भविष्य के अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि आम परिवारों के युवा कड़ी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ इरादे के साथ देश के सबसे महत्वपूर्ण पदों को प्राप्त कर रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में लड़कियों के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियाँ महिला सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं और यह भी साबित करती हैं कि बराबर अवसर बेटियों को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने योग्य बनाते हैं।
शैक्षणिक सुधारों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार हर विद्यार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बराबर अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार का सपना पंजाब के और युवाओं को लोक सेवा के उच्च और प्रतिष्ठित पदों पर पहुँचते देखना है।
इस मुलाकात के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज, मुझे उन होशियार उम्मीदवारों का विशेष रूप से सम्मान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिन्होंने प्रतिष्ठित यू.पी.एस.सी.-2025 परीक्षा पास करके पंजाब का मान बढ़ाया है। इन युवाओं से मेरी सार्थक बातचीत हुई। उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और लगन अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। मुझे पूरा विश्वास है कि ये आने वाले वर्षों में ईमानदारी, प्रतिबद्धता और समर्पित भावना के साथ देश और पंजाब की सेवा करेंगे। हमारा सपना है कि और युवाओं को उच्च और प्रतिष्ठित पदों पर देखना है और ‘आप’ सरकार इस सपने को साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।”
पंजाब से यू.पी.एस.सी. परीक्षा-2025 पास करने वाले नए चुने गए आईएएस अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के युवा अपनी शानदार उपलब्धियों के माध्यम से राज्य का मान बढ़ा रहे हैं। इन अधिकारियों ने प्रतिष्ठित यू.पी.एस.सी. परीक्षा पास की है और न केवल पंजाब बल्कि अपने माता-पिता का भी मान बढ़ाया है। इन युवाओं की सफलता हमारे विद्यार्थियों की अथाह क्षमता और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न तो पहली ऐसी उपलब्धि है और न ही आखिरी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी आने वाले वर्षों में नए मील के पत्थर स्थापित करते रहेंगे और पंजाब का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “आम परिवारों के बच्चे साबित कर रहे हैं कि समर्पण, लगन और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता पूरे राज्य के लिए बहुत गर्व और संतोष की बात है। राज्य के इन बेटों और बेटियों ने अपनी योग्यता साबित की है और यह दिखाया है कि हर घर में सक्षम युवा हैं।”
विद्यार्थिनियों के शानदार प्रदर्शन को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियाँ शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और समाज के लिए तेजी से रोल मॉडल के रूप में उभर रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लड़कियों ने पंजाब के हर क्षेत्र में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करके अपनी योग्यताओं को साबित किया है। ये बेटियाँ असाधारण प्रतिभा और दृढ़ता का प्रदर्शन कर रही हैं। इनकी उपलब्धियाँ शक्तिशाली संदेश देती हैं कि बराबर अवसर और उत्साह के साथ लड़कियाँ अपनी इच्छा के अनुसार परिणाम हासिल कर सकती हैं।”

विद्यार्थिनियों की सफलता को पूरे राज्य के लिए बेहद गर्व और संतोष वाली बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट प्रतीक बताया। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम बेहतर बुनियादी ढाँचे, शिक्षा की आधुनिक विधियों और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शिक्षण वातावरण प्रदान करके सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक बच्चा आर्थिक कठिनाइयों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार रखता है और हमारी सरकार हर बच्चे तक यह अवसर पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी अन्य बच्चों की तरह ऊँचाइयों को छूने के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा, “शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने और समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि प्रत्येक बच्चे को सफल होने का समान अवसर मिले।”
अभिभावकों से अपने बच्चों पर विश्वास करने और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग देने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में विशिष्ट प्रतिभाएँ और क्षमताएँ होती हैं, जिन्हें अपेक्षाओं के बोझ तले दबाने के बजाय निखारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “माता-पिता को अपने बच्चों की क्षमताओं को पहचानना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्हें ऐसे करियर चुनने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए जिनमें उनकी रुचि न हो। जब बच्चों को अपने परिवारों से विश्वास और समर्थन मिलता है, तो वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं और अपनी पूरी क्षमता के साथ मेहनत करते हैं।”
शैक्षिक सुधारों और विद्यार्थियों के कल्याण से संबंधित पहलों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा वातावरण तैयार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जहाँ प्रत्येक बच्चा अपनी पूर्ण क्षमता को पहचान सके।
सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि वे कड़ी मेहनत करते रहेंगे, समाज में सार्थक योगदान देंगे तथा पंजाब की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उन्होंने कहा, “पंजाब का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि इन युवा अधिकारियों की उपलब्धियाँ हमारे लोगों की प्रतिभा, दृढ़ता और आकांक्षाओं को दर्शाती हैं। मैं सभी को जीवन में और अधिक ऊँचाइयाँ प्राप्त करने की शुभकामनाएँ देता हूँ तथा उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए कठोर परिश्रम करने का आह्वान करता हूँ।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सलाह भी दी कि वे अपनी सफलता के बावजूद विनम्र बने रहें और नई ऊँचाइयों को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा, “अपनी उपलब्धियों पर अहंकार न करें। जमीन से जुड़े रहें, विनम्र रहें और मेहनत करते रहें। इस मंच का उपयोग केवल सफल अधिकारी बनने के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले अच्छे इंसान बनने के लिए भी करें।”
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नव-नियुक्त अधिकारी अपने पदों का उपयोग जनसेवा के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें सार्वजनिक सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा, “अपनी कलम का उपयोग समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की सहायता के लिए करें। लोगों के अधिकतम कल्याण को सुनिश्चित करें ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को आपके कार्यों का लाभ मिल सके। यही मानवता की सच्ची सेवा है और प्रत्येक अधिकारी को इसे प्राप्त करने में सार्थक भूमिका निभानी चाहिए।”
इस अवसर पर मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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भाजपा का कानूनी सलाहकार नशे के साथ पकड़ा गया, भाजपा नेताओं ने पंजाब में सीधे तौर पर नशे बेचने शुरू कर दिए है: हरपाल सिंह चीमा
आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को कहा कि नशा डीलर समेत भाजपा पदाधिकारी की गिरफ्तारी से भाजपा की पोल खुल गई है। पार्टी के नशा तस्करी से गहरे संबंध, पंजाब में सालों से फैले नशा के खतरे में उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले नशा तस्कर भाजपा की राजनीतिक सरपरस्ती में काम करते थे, लेकिन अब भाजपा नेता और पदाधिकारी खुद नशा से जुड़े मामलों में पकड़े जा रहे हैं।
आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा को यह साफ करना चाहिए कि गुजरात के रास्ते बार-बार बड़ी मात्रा में नशे क्यों पकड़े जा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि अकाली-भाजपा राज में ही पूरे पंजाब में चिट्टा फैला और राज्य अंधेरे धकेल दिया था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत सैकड़ों बड़े नशा तस्करों को जेल भेजा गया है, उनकी प्रॉपर्टी गिराई गई हैं, और नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह भाजपा नेता हो, पदाधिकारी हो या समर्थक।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस गिरफ्तारी ने भाजपा के दोहरे रवैये और नशा तस्करी से उसके गहरे संबंधों को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। सालों से भाजपा पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब उसका अपना एक पदाधिकारी नशे के मामले में पकड़ा गया है, जिससे साबित होता है कि पार्टी खुद उसी बुराई में शामिल है, जिसके खिलाफ लड़ने का दिखावा करती है। उन्होंने दावा किया कि पहले नशा तस्कर उनके राजनीतिक संरक्षण में काम करते थे, अब भाजपा नेता खुद नशे के साथ पकड़े जा रहे हैं। इस घटना ने पंजाब के लोगों के सामने भाजपा का असली चेहरा सामने ला दिया है।
मंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बिना किसी समझौते के नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान चला रही है। सैकड़ों बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा गया है, उनकी प्रॉपर्टी गिराई गई हैं और राजनीतिक संबंधों की परवाह किए बिना नशा तस्करी में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
पिछली सरकार के समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने अकाली-भाजपा सरकार के दौरान नशे का सबसे बुरा दौर देखा। अकाली दल-भाजपा सरकार के समय ही पंजाब में ‘चिट्टा’ फैला और राज्य को भारी नुकसान हुआ। आज वही पार्टियां जिन्होंने पंजाब को अंधेरे में धकेला, जनता को गुमराह करने और अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार पंजाब से नशे खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन देश भर में फैले नशे नेटवर्क में भाजपा की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। भारत में आने वाले नशे का एक बड़ा हिस्सा देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचने से पहले भाजपा शासित गुजरात से होकर गुजरता है।
भाजपा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए कि गुजरात से बार-बार बड़ी मात्रा में नशे क्यों बरामद होते हैं। पंजाब को टारगेट करने के बजाय, भाजपा को यह बताना चाहिए कि उसकी निगरानी में इतने बड़े पैमाने पर नशे देश में कैसे आ रहे हैं।
नशे खत्म करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम के ज़रिए बॉर्डर सिक्योरिटी को मज़बूत किया है, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ की है, और नशे के दलदल में फंसे युवाओं को नॉर्मल ज़िंदगी में लौटने में मदद करने के लिए नशा छुड़ाने और रिहैबिलिटेशन सेंटर बढ़ाए हैं।”
आप सरकार नशे के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है। कोई भी इंसान, चाहे वह कितने भी ऊंचे पॉलिटिकल पद या रसूख वाला हो, अगर नशा तस्करी में शामिल पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने आगे कहा कि अगर कोई भाजपा नेता, पदाधिकारी या समर्थक नशा तस्करी में शामिल पाया गया तो पंजाब पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और उन्हें जेल भेजेगी। भगवंत सिंह मान सरकार में कानून सबके लिए बराबर है।
अपनी बात खत्म करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि किन पार्टियों ने पहले राज्य को बर्बाद किया है और पंजाब का भविष्य कौन बचाएगा। ईमानदारी से काम कर रहे हैं। भाजपा और अकाली दल ने पंजाब को बार-बार धोखा दिया है। आप सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह अभियान तब तक पूरी ताकत से जारी रहेगा जब तक हर नशा तस्करों को सज़ा नहीं मिल जाती।
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