Connect with us

Haryana

Haryana में 1 September को 10 Trains Cancelled, Passengers की बढ़ी परेशानी

Published

on

पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ के हालात के चलते रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। 1 सितंबर को हरियाणा से होकर गुजरने वाली 10 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इस वजह से हरियाणा, पंजाब, जम्मू और राजस्थान के यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ेगी।

क्यों रद्द हुई ट्रेनें?

उत्तर रेलवे ने जानकारी दी कि जम्मू मंडल में कठुआ-माधोपुर (पंजाब) के बीच ब्रिज नंबर 17 पर भारी बारिश के कारण तकनीकी दिक्कत आ गई है। इस वजह से रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे ही स्थिति में सुधार होगा, रद्द ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

किन यात्रियों को होगी दिक्कत?

ट्रेनें रद्द होने का सबसे ज्यादा असर हरियाणा, पंजाब, जम्मू और राजस्थान के यात्रियों पर पड़ेगा।
खासकर हरियाणा के गुरुग्राम, रेवाड़ी, हिसार और सिरसा से सफर करने वाले लोगों को यात्रा में दिक्कत होगी।

रद्द की गई ट्रेनें (1 सितंबर को):

  • गाड़ी संख्या 14661 बाड़मेर – जम्मूतवी
  • गाड़ी संख्या 14662 जम्मूतवी – बाड़मेर
  • गाड़ी संख्या 14803 भगत की कोठी – जम्मूतवी
  • गाड़ी संख्या 14804 जम्मूतवी – भगत की कोठी
  • गाड़ी संख्या 12413 अजमेर – जम्मूतवी
  • गाड़ी संख्या 12414 जम्मूतवी – अजमेर
  • गाड़ी संख्या 19224 जम्मूतवी – साबरमती
  • गाड़ी संख्या 19223 साबरमती – जम्मूतवी
  • गाड़ी संख्या 19108 MCTM उधमपुर – भावनगर टर्मिनस
  • गाड़ी संख्या 19028 जम्मूतवी – बांद्रा टर्मिनस

आगे क्या?

रेलवे का कहना है कि वे लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। जैसे ही बारिश और तकनीकी समस्या कम होगी, रेल सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर चेक करें।

यह फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि यात्रियों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Haryana

अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Published

on

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Continue Reading

Haryana

भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

Published

on

हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

Continue Reading

Haryana

हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

Published

on

भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

Continue Reading

Trending