Connect with us

Punjab

पंजाब में बागवानी को बढ़ावा, किसानों को नए बाग लगाने पर मिलेगी 40% सब्सिडी

Published

on

पंजाब के बागवानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने आज कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार आकर्षक सब्सिडी योजनाओं के माध्यम से किसानों को बागवानी का पेशा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर फसल विविधीकरण को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम) के तहत किसान नए बाग लगाने के साथ-साथ अन्य बागवानी गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक गेहूं-धान चक्र पर निर्भरता कम करना, भू-जल संरक्षण करना और उच्च-मूल्य वाली फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना है।

इस संबंध में आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बागवानी मंत्री ने कहा कि इच्छुक किसान अपने संबंधित जिला बागवानी कार्यालयों के माध्यम से सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसान विभाग के फील्ड स्टाफ से भी मार्गदर्शन ले सकते हैं, जो उन्हें आवेदन तैयार करने, पात्रता संबंधी शर्तें पूरी करने तथा अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करेंगे।

श्री भगत ने कहा कि मान सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि सभी किसान-हितैषी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से और समय पर जमीनी स्तर तक किसानों तक पहुंचे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बागवानी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और बेहतर आय के लिए फल एवं सब्जियों की खेती की ओर अग्रसर हों।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Politics

बेअदबी के दोषियों को बचाने वाले पुराने शासक जल्द सलाखों के पीछे होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पिछली सरकारों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को बचाने वालों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अब ऐतिहासिक ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ के माध्यम से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के दोषियों के लिए सख्त कानूनी सजा सुनिश्चित की है।

शुक्राना यात्रा के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ स्थायी रोक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पंजाब की शांति और भाईचारे को भंग करने की हिम्मत न करे। कानून लागू कर मानवता की सेवा करने का अवसर मिलने पर उन्होंने परमात्मा का धन्यवाद करते हुए कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ लागू करने की सेवा बख्शी, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाएं और यह सुनिश्चित करें कि हर व्यक्ति को पता हो कि बेअदबी में शामिल किसी भी व्यक्ति को अब सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, “सजा के डर से अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल सहित विपक्ष के कई शीर्ष नेता पहले ही भाग रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पुराने शासकों का बेअदबी रोकने के लिए कानून बनाने का न तो इरादा था और न ही इच्छाशक्ति, जिसके कारण उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं बार-बार हुईं। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने अब ऐसा कानून पारित किया है, जो इसे हमेशा के लिए खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी दोबारा ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।” अकाली नेतृत्व की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में बेअदबी की घटनाओं का विरोध कर रहे निर्दोष लोगों पर गोली चलाने के आदेश दिए गए थे।

नशों के खतरे को लेकर अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों की नस्लकुशी का मामला दर्ज होना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशों के व्यापार को संरक्षण दिया, जो उनके लंबे कुशासन के दौरान फलता-फूलता रहा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नेताओं के हाथ पंजाब के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं क्योंकि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी संरक्षण में नशे का प्रसार हुआ और कई युवा इसकी चपेट में आए। उन्होंने कहा, “इनके गुनाह माफ नहीं किए जा सकते और पंजाब के लोग पीढ़ियों को तबाह करने वाले इन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे।”

बेअदबी की घटनाओं के माध्यम से पंजाबियों की भावनाओं को आहत करने के लिए अकाली दल की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने गुरबाणी के नाम पर वोट मांगे और साथ ही गुरु की वाणी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अकाली नेता अक्सर अपने कार्यकाल के विकास का दावा करते हैं, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य घटनाओं को जानबूझकर नजरअंदाज करते हैं, जहां बेअदबी हुई और मासूम लोगों की जानें गईं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और ऐसे माफिया को संरक्षण दिया जिसने राज्य को सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर किया। उन्होंने कहा, “अकालियों ने पंजाबियों को भावनात्मक रूप से तोड़ा और माफिया को बचाया, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद कर दिया। अपने शासनकाल के दौरान नशे के व्यापार को बढ़ावा देना लोगों के साथ विश्वासघात के बराबर है।”

सुखबीर सिंह बादल पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने जनता में अपना आधार पूरी तरह खो दिया है और अब रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए भुगतान किए गए लोगों को बुलाया जाता है। उन्होंने कहा, “हर अकाली रैली में वही चेहरे नजर आते हैं।” उन्होंने कहा कि जो नेता कभी 25 साल तक शासन करने का दावा करते थे, उन्हें अब पंजाब के जागरूक और बहादुर लोगों ने राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया है। उन्होंने अकाली नेतृत्व को अवसरवादी बताते हुए कहा कि वे अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख और विचारधारा बदलते रहते हैं।

एक उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के लिए जिम्मेदार नेता एक बार श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए थे और अपनी गलतियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था, लेकिन बाद में जब यह उनके राजनीतिक हितों के अनुकूल नहीं रहा तो वे अपने बयान से मुकर गए। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग उनका असली चेहरा जानते हैं और समझते हैं कि उन्होंने राजनीतिक चालों के जरिए जनता को बार-बार गुमराह किया है।” उन्होंने आगे कहा कि जो नेता कभी अजेय माने जाते थे, आज उन्हें पार्टी की कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को याद दिलाया कि पुराने शासकों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को बचाया, जिससे पंजाब के युवाओं को नशे की ओर धकेला गया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग इन अपराधों के लिए अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें एक और कड़ा सबक सिखाएंगे।” उन्होंने कहा कि बार-बार चुने जाने के बावजूद अकालियों ने पंजाब के साथ विश्वासघात किया और लोगों की पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने कहा, “उन्होंने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।”

इस कानून की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार खुद को भाग्यशाली मानती है कि उसे ऐसा ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी पंजाब में शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की गहरी साजिश का हिस्सा थी।” उन्होंने कहा कि यह कानून दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए मिसाल कायम करने वाली सजा सुनिश्चित करता है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकेगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि दुनियाभर में लोग इस कानून के लागू होने पर खुशी और आभार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक एक्ट को पारित करने के लिए हमें शक्ति और साहस देने पर परमात्मा का धन्यवाद करने हेतु मैंने श्री आनंदपुर साहिब से यह शुक्राना यात्रा शुरू की है।” उन्होंने बताया कि 9 मई तक वे तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेकेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य पंजाब सरकार को इस महत्वपूर्ण कानून को लागू करने योग्य बनाने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करना है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे जनता की सेवा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “दूसरे नेता मौसम देखकर बाहर निकलते हैं, लेकिन मैं लोगों की भलाई के लिए हमेशा उनके बीच रहता हूं।”

Continue Reading

National

AAP पंजाब ने चुनाव से पहले वोटरों को बांटने के लिए भाजपा पर डर और डराने-धमकाने की राजनीति करने का लगाया आरोप : अमन अरोड़ा

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मंगलवार को जालंधर और अमृतसर में हाल ही में हुए धमाकों के लिए विपक्षी पार्टियों द्वारा पंजाब सरकार को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिशों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का राजनीतिक फ़ायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और आरोप लगाया कि भाजपा का चुनाव से पहले डर और बांटने का इतिहास रहा है।

अरोड़ा ने कहा कि पूरे देश में एक रुझान देखा गया है जहां चुनाव से पहले वोटरों को बांटने के लिए कानून-व्यवस्था, धर्म या सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं का सहारा लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी फ़ायदे के लिए अशांति फैलाने और समुदायों को बांटने के लिए अक्सर ऐसे तरीके अपनाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव की ओर बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के लोगों के पक्ष के कामों से घबराई हुई है। इसीलिए ऐसी साज़िशें रची जा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं की ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की है, क्योंकि इंटरनेशनल बॉर्डर पर बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया है। यह देखते हुए कि अमृतसर और जालंधर दोनों इस दायरे में आते हैं, अरोड़ा ने कहा कि जवाबदेही केंद्रीय एजेंसियों और केंद्र में भाजपा की सरकार की है।

अरोड़ा ने आतंकवाद की यादें ताज़ा करके पंजाब को अस्थिर करने और डर पैदा करने की कोशिशों के ख़िलाफ़ भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पंजाबी इन “नापाक इरादों” से वाकिफ़ हैं और बांटने वाली राजनीति का शिकार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सांप्रदायिक सद्भाव की ज़मीन है, जहाँ सबसे बुरे समय में भी नफ़रत के बीज कभी नहीं उगे। लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिशें यहाँ कभी कामयाब नहीं होंगी।

पंजाब की एकता और धर्मनिरपेक्षता की विरासत को दोहराते हुए, अरोड़ा ने भाजपा और केंद्र सरकार से ऐसी चालों से बचने और राज्य के सामाजिक ताने-बाने का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब के लोग शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश के खिलाफ एकजुट रहेंगे।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, डॉ. बलबीर सिंह और हरजोत सिंह बैंस ने भी हाल के धमाकों को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इसके लिए केंद्रीय एजेंसियां ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया है, जिससे अमृतसर और जालंधर जैसे इलाके इसके दायरे में आ गए हैं। इसे देखते हुए, उन्होंने कहा कि सुरक्षा में किसी भी चूक की ज़िम्मेदारी सीधे केंद्र की है। मंत्रियों ने आगे कहा कि राजनीतिक फ़ायदे के लिए पंजाब की शांति को बिगाड़ने की भाजपा की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी, क्योंकि राज्य के लोग एकजुट हैं और ऐसी बांटने वाली चालों के खिलाफ़ सतर्क हैं।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने राजनीतिक फ़ायदे के लिए पंजाब को अस्थिर करने की भाजपा की कोशिशों की निंदा करते हुए कहा कि राज्य “कोई ट्रॉफी नहीं बल्कि एक इमोशनल पहचान है।” अमन अरोड़ा की चिंताओं का ज़िक्र करते हुए, बैंस ने कहा कि चुनाव से पहले डर, अशांति और पोलराइज़ेशन पैदा करने के ऐसे तरीके बहुत गैर-ज़िम्मेदाराना और खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की विरासत भारत की आज़ादी की लड़ाई के दौरान दिए गए बड़े बलिदानों पर बनी है और इसे सिर्फ़ चुनावी महत्वाकांक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। भाजपा के “बंगाल की तरह पंजाब जीतने” के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, बैंस ने इन बातों को शर्मनाक और असंवेदनशील बताया और कहा कि पंजाबी अपने निजी राजनीतिक फ़ायदों के लिए अपनी एकता और शांति को कभी भी टूटने नहीं देंगे।

Continue Reading

Punjab

BJP कभी भी आर्थिक तरक्की या विकास पर वोट नहीं मांगती, सिर्फ धर्म और जातिगत विभाजन, नफरत और राष्ट्रीय एकता को तोड़ने की कोशिशों के जरिए चुनाव लड़ती है: हरपाल सिंह चीमा

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज अमृतसर के खासा इलाके और जालंधर के बीएसएफ चौंक में हुए विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें आतंक फैलाने और पंजाब की मेहनत से कमाई गई शांति तथा सांप्रदायिक सौहार्द को तोड़ने की जानबूझकर की गई कोशिश बताया।

पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि भाजपा चुनावों से पहले सियासी फायदे के लिए पंजाब में डर और विभाजन का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “जहां कहीं भी विधानसभा चुनाव नजदीक आते हैं, चाहे वह पश्चिम बंगाल हो, केरल, तमिलनाडु या उत्तर प्रदेश, भाजपा लोगों में नफरत और विभाजन पैदा करने की रणनीति ही अपनाती है। आर्थिक स्थिति या गरीबों की हालत पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय, भाजपा जाति और धर्म के आधार पर वोटरों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करती है।”

उन्होंने जोर देकर कहा, “हिंसा भड़काकर और बेकसूर लोगों के खून से खेलकर, वे (भाजपा) किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहते हैं। ‘आप’ ऐसी राजनीति की सख्त निंदा करती है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में भारत के राष्ट्रपति के साथ हाल ही में हुई बैठक का जिक्र करते हुए, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “’आप’ नेतृत्व ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी के सामने तीन करोड़ पंजाबियों की चिंताओं और आवाज को बुलंद किया। इसके तुरंत बाद भाजपा नेताओं के बयानों से साफ हो गया कि पंजाब उनका अगला सियासी निशाना बन गया है। हाल ही में हुए विस्फोट इसी खतरनाक और विनाशकारी एजेंडे का सीधा प्रतिबिंब हैं।”

पंजाब की एकता और दृढ़ता की पुनः पुष्टि करते हुए, मंत्री ने कहा, “पंजाब गुरुओं, पीरों और बहादुर योद्धाओं की पवित्र धरती है। मैं पंजाब को बांटने की कोशिश कर रहे लोगों को याद दिलाना चाहता हूं कि इस धरती पर नफरत के बीज कभी नहीं उगे और ना ही कभी उगेंगे। पंजाबी हमेशा एकजुट रहे हैं और विभाजनकारी ताकतों को हराया है।”

देश के लिए पंजाबियों द्वारा दी गई महान कुर्बानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आजादी के संघर्ष से लेकर 1962, 1965 और 1971 की जंगों तक, देश की रक्षा में पंजाबियों ने बेमिसाल योगदान दिया है। कुर्बानी का जज्बा पंजाब के नौजवानों की रगों में दौड़ता है। यहां तक कि सरहद पर तनाव के हालिया दिनों में भी, पंजाब के छोटे बच्चे सरहद पर तैनात सैनिकों को दूध और भोजन मुहैया करवाने के लिए आगे आए थे।”

‘आप’ और भाजपा की राजनीति में अंतर बताते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में ‘आप’ काम और विकास आधारित राजनीति के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार विश्व स्तरीय शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बुनियादी ढांचा, मजबूत जन सेवाएं और सख्त कानून व्यवस्था बनाने पर केंद्रित है। दूसरी ओर, भाजपा लोकतंत्र को अस्थिर करने के लिए धर्म, जाति की राजनीति और चुने हुए प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त पर निर्भर करती है।”

अपने संबोधन के समापन पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पंजाब शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की हर कोशिश के खिलाफ मजबूती से एकजुट खड़ा है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समाज विरोधी तत्वों और उन्हें सियासी संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भगवंत मान सरकार किसी को भी पंजाब में आतंक फैलाने या इसके सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने की इजाजत नहीं देगी।”

Continue Reading

Trending