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अमन अरोड़ा द्वारा एयर फोर्स अकादमी और एनडीए मेरिट सूची में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाली माई भागो प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट की महिला कैडेटों का सम्मान

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पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा, जिनके साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विकास प्रताप भी उपस्थित थे, ने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (ए.एफ.सी.ए.टी.) और नेशनल डिफेंस अकादमी (एन.डी.ए.) की मेरिट सूची में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट की दो महिला कैडेटों को सम्मानित किया।

एक किसान की बेटी महकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी की मेरिट सूची में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि कोमलप्रीत कौर ने अखिल भारतीय स्तर पर 18वां स्थान हासिल कर एनडीए, खड़कवासला में अपनी जगह सुनिश्चित की है। यह उपलब्धि रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

पंजाब भवन में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने पंजाब की बेटियों के अदम्य साहस और संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि लाखों उम्मीदवारों में से ए.एफ.सी.ए. टी. में पहला और एन.डी.ए. परीक्षा में 18वां स्थान प्राप्त करना इन बेटियों की सफलता के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सफलता की यह कहानी यहीं समाप्त नहीं होती। वर्ष 2022 से महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और माई भागो प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के 377 कैडेट भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वर्ष 2023 में माई भागो एएफपीआई में लड़कियों के लिए एनडीए प्रिपरेटरी विंग शुरू करके एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है जहां सरकार लड़कियों के लिए समर्पित डिफेंस प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट चला रही है।

दोनों महिला कैडेटों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा, “यह पूरे पंजाब के लिए गर्व और खुशी का अवसर है। हमारी बेटियाँ महकप्रीत और कोमलप्रीत ने अपनी अथक मेहनत से राज्य का नाम रोशन किया है।”

श्री अमन अरोड़ा ने कहा, “पंजाबियों ने हमेशा देश का नेतृत्व किया है—चाहे स्वतंत्रता संग्राम हो या देश की संप्रभुता की रक्षा। पंजाब सरकार द्वारा संचालित माई भागो एएफपीआई इसी भावना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। हमारी बेटियों ने एक बार फिर पंजाब का गौरव बढ़ाया है। मैं दोनों कैडेटों, उनके परिवारों और पंजाब की प्रत्येक बेटी को बधाई देता हूं।”

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि जल्द ही होशियारपुर के बजवाड़ा में सरदार बहादुर अमीन चंद सोनी आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने का अवसर प्राप्त कर सकें।

इस दौरान श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि संगरूर के चीमा मंडी में संत बाबा अतर सिंह जी आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट की आधारशिला भी शीघ्र रखी जाएगी। इस संस्थान के 18 महीनों में पूर्ण होने की उम्मीद है। इसके अलावा, 14 सी-पाइट केंद्रों के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण का कार्य जारी है तथा आने वाले महीनों में दो नए सी-पाइट केंद्र भी खोले जाएंगे।

रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विकास प्रताप ने कहा कि ये परिणाम राज्य में लड़कों और लड़कियों के लिए रक्षा प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनाई गई केंद्रित रणनीति की सफलता को दर्शाते हैं। महकप्रीत और कोमलप्रीत ने सभी सीमाओं को पार करते हुए एक नई मिसाल कायम की है, जो छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रत्येक बेटी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि एएफपीआई और सी-पाइट केंद्रों के विस्तार से पंजाब के और अधिक युवाओं को संरचित कोचिंग, शारीरिक प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास के अवसर मिलेंगे, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए माई भागो एएफपीआई के निदेशक मेजर जनरल जसबीर सिंह संधू, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा कि रक्षा सेवाओं में महिलाओं के लिए सीमित पदों के बावजूद देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करना अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है। महकप्रीत और कोमलप्रीत ने राज्य सरकार के पंजाब की बेटियों को सशस्त्र बलों में अधिकारी बनाने के मिशन को नई ऊर्जा और गति प्रदान की है।

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मान सरकार का टैक्स चोरी पर बड़ा एक्शन, 7 करोड़ का माल जब्त; 3.5 करोड़ का जुर्माना

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पंजाब सरकार ने टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ अपनी मुहिम और तेज कर दी है। जीएसटी विभाग द्वारा मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना में पिछले एक सप्ताह के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग ने करीब 2400 मीट्रिक टन माल जब्त किया है, जिसका कारोबार बिना वैध बिलों या संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा था।

विभाग के अनुसार जब्त किए गए माल की अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर लगभग 3.50 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य में टैक्स चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मान सरकार राजस्व की सुरक्षा और पारदर्शी कर व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी विभाग की विशेष टीमें लगातार संदिग्ध लेन-देन और कर नियमों के उल्लंघन पर नजर रख रही हैं। विभाग द्वारा की जा रही जांच और छापेमारी के दौरान कई बड़े मामलों का खुलासा हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले टैक्स चोरी को मिलने वाली ढील अब खत्म हो चुकी है और सरकार ने जवाबदेह तथा पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। राज्यभर में तैनात विशेष टीमें आगे भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रखेंगी।

हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार का उद्देश्य व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाना और सभी कारोबारियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।

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उत्तर प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में बारिश और आंधी का असर जारी

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उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह वाराणसी में तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। करीब आधे घंटे तक हुई जोरदार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, कौशांबी में भी सुबह हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली।

हालांकि बारिश ने लोगों को राहत दी है, लेकिन कुछ इलाकों में यह आफत भी बनकर सामने आई। अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के घाटमपुर पूरे परमेश्वरी गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ। शाम करीब चार बजे मिट्टी के घर की दीवार गिरने से मां और बेटी उसकी चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं परिवार का आठ वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज जारी है।

दूसरी ओर लखनऊ, कानपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में सुबह से धूप निकली रही। हालांकि हवा में नमी अधिक होने के कारण गर्मी का असर कुछ कम महसूस किया गया। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 43 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि 21 जिलों के लिए आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले 24 घंटों में कमजोर पड़ने लगेगा। इसके बाद करीब 12 दिनों से जारी बारिश और तूफान का दौर समाप्त हो सकता है और गर्मी फिर से जोर पकड़ सकती है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है और पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विभाग ने 9 जून से हीटवेव शुरू होने की भी संभावना जताई है।

इससे पहले गुरुवार को लखनऊ, मऊ, बिजनौर और आगरा समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हुई थी। वहीं अन्य इलाकों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर बना रहा। वाराणसी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हरदोई में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

फिलहाल मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

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भगवंत मान सरकार का ई-रिक्शा अभियान 3,440 गांवों तक पहुंचा, पंजाब में जमीनी स्तर पर ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ आंदोलन को मिली और मजबूती

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि को रोकने के लिए व्यापक सुधारों की घोषणा के 24 घंटों से भी कम समय में पंजाब सरकार ने इस निर्णय को कानून का रूप देने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर तुरंत कानून का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निजी स्कूलों की फीस को नियमित किया जा सके और पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इससे 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को अनुचित आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।

यह प्रस्तावित कानून वार्षिक फीस वृद्धि को 5 प्रतिशत तक सीमित करेगा और पिछले तीन वर्षों में निर्धारित 15 प्रतिशत सीमा से अधिक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को विद्यार्थियों के अभिभावकों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। यह कदम पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक निर्णायक पहल है कि निजी स्कूल व्यावसायिक लाभ की बजाय विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में कार्य करें।

अपने निर्देशों में स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “सुलभ और किफायती शिक्षा प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस समय पंजाब भर के लगभग 7,800 निजी स्कूलों में 32 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ये विद्यार्थी और उनके परिवार मनमाने तरीके से फीस वृद्धि के खिलाफ मजबूत सुरक्षा और इन संस्थानों के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता के हकदार हैं।”

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी को सख्ती से रोकने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा एक पवित्र और जनकल्याणकारी कार्य है, न कि कोई व्यापारिक गतिविधि जिसे लाभ कमाने के लिए चलाया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि इस सिद्धांत को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भी समर्थन दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि निजी संस्थानों को उचित फीस लेने का अधिकार है, लेकिन शिक्षा क्षेत्र में व्यावसायीकरण और अत्यधिक मुनाफाखोरी स्वीकार्य नहीं है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार एक ऐसा विधायी ढांचा लाएगी जिससे निजी संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगेगी। इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और विभाग को जल्द से जल्द कैबिनेट के विचार हेतु एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।”

प्रस्तावित कानून के तहत पंजाब सरकार निजी स्कूलों के लिए एक सख्त वार्षिक फीस सीमा लागू करेगी। नए ढांचे के अनुसार निजी स्कूलों को एक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।

यह कानून अभिभावकों को पूर्वव्यापी राहत भी प्रदान करेगा। कोई भी निजी स्कूल जिसने लगातार पिछले तीन वर्षों में निर्धारित सीमा 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उसे कानूनी रूप से अतिरिक्त ली गई फीस अभिभावकों को वापस करनी होगी।

भगवंत मान सरकार का मानना है कि शिक्षा हर बच्चे के लिए सुलभ और किफायती होनी चाहिए तथा अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। इस प्रस्तावित कानून से पूरे पंजाब में निजी स्कूलों के लिए एक पारदर्शी और जवाबदेह नियामक ढांचा स्थापित होने की उम्मीद है।

कांग्रेस सरकार ने निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की छूट दी थी

2019 में कांग्रेस सरकार ने ऐसे प्रावधान लागू किए थे जिनके तहत निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की छूट मिल गई थी। स्कूलों को केवल नोटिस बोर्ड और वेबसाइटों पर संशोधित फीस की जानकारी प्रदर्शित करने के बाद फीस ढांचे में बदलाव की अनुमति दी गई थी, जिसमें नियामक निगरानी बहुत कम थी। इससे मनमानी फीस वृद्धि का रास्ता खुल गया और पूरे पंजाब में अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता गया।

भगवंत मान सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए कानून का उद्देश्य इस व्यवस्था को समाप्त करना, निजी स्कूलों की जवाबदेही सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को अतिरिक्त फीस के बोझ से राहत देना है।

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