Himachal Pradesh
Himachal में बना इतिहास: पहली बार Robotic Surgery की Facility Launched, Chief Minister ने किया Inaugurate
हिमाचल प्रदेश के Atal Institute of Medical Super Specialties (AIMSS), चमियाणा में आज पहली बार रोबोटिक-सहायता वाली सर्जरी का सफल उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस नई सुविधा का उद्घाटन किया और खुद सर्जरी रूम में लगभग आधे घंटे तक रहकर पूरी प्रक्रिया देखी। यह प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहाँ अब AIIMS जैसी तकनीक से इलाज मिलना संभव हो गया है।
पहला ऑपरेशन: सटीक, तेज और दर्द-रहित
पहला मरीज है खलिनी निवासी 67 वर्षीय महेंद्र पाल, जिन्हें प्रोस्टेट संबंधी समस्या के लिए रोबोटिक सर्जरी की गई। ऑपरेशन करीब तीन घंटे चला, जिसमें रक्त-स्राव बिल्कुल नहीं हुआ, जबकि पारंपरिक सर्जरी में लगभग चार यूनिट ब्लड की जरूरत होती।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस तकनीक से सर्जन को अधिक precision एवं control मिलता है, और मरीज को कम दर्द, तेज रिकवरी और छोटी चीरा मिलता है। पारंपरिक सर्जरी में आमतौर पर 8–10 दिन अस्पताल में रहना पड़ता था, लेकिन रोबोटिक सर्जरी में डिस्चार्ज केवल 3–4 दिनों में हो सकता है।
अन्य ऑपरेशन और टीम
पहले दिन दो ऑपरेशन हो चुके हैं—पहला प्रोस्टेट और दूसरा किडनी ट्यूमर से पीड़ित शीला देवी का। सर्जिकल टीम में लखनऊ के संजय गांधी PGI के यूरोलॉजी प्रमुख डॉ. अनंत कुमार, डॉ. पंपोष रैना, और डॉ. पवन कौंडल शामिल थे, जिनकी ट्रेनिंग AIIMS जैसे संस्थानों में हुई है।
सरकार की बड़ी योजनाएँ: टेक्नोलॉजी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की घोषणा भी की:
- नए विभाग खोलना, तकनीशियन की भर्ती,
- ₹11 करोड़ का हॉस्टल निर्माण,
- ₹23 करोड़ का इन-हाउस ऑटोमेटेड लैब,
- 3-Tesla MRI मशीन भी जल्द ही इंस्टॉल की जाएगी।
राज्य भर के सरकारी मेडिकल कॉलेज—जैसे IGMC Shimla, Tanda, Hamirpur—में भी इसी तरह की रोबोटिक सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से लाई जाएंगी। सरकार ₹3,000 करोड़ से अधिक खर्च कर रही है पुरानी मशीनें रिटायर करने और नई टेक्नोलॉजी लाने के लिए।
बदलाव क्यों जरूरी था?
पहले हिमाचल के मरीज स्पेशलिटी इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते थे, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती थी। अब यह सुविधा शिमला में मिलने से मरीजों का जीवन आसान और treatment local हो गया है।
Himachal Pradesh
Himachal में घूमना हुआ महंगा, एक अप्रैल से एंट्री के लिए चुकाना होगा दोगुने से भी ज्यादा शुल्क
प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नई बैरियर नीति अधिसूचित कर दी है। इसे पहली अप्रैल से लागू किया जाएगा। नई नीति के तहत अन्य राज्यों से हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों को अब पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।
प्रस्तावित दर के मुताबिक सामान्य छोटे वाहनों से अब 170 रुपये का प्रवेश शुल्क लिया जाएगा, पहले उनसे 70 रुपये लिए जाते थे। जिन वाहनों से पहले 110 रुपये लिए जाते थे उनसे 170 लिए जाएंगे। बड़े ट्रकों पर भी शुल्क बढ़ाया है। पहले अधिकतम शुल्क 720 रुपये तय किया था। अब इसे बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया है। सरकार ने पहली बार इस नीति में छह प्रमुख बैरियरों को फास्टैग से जोड़ने का निर्णय लिया है।
नकद लेन-देन में कमी होगी
इसमें सिरमौर के गोविंदघाट, नूरपुर के कंडवाल, ऊना के मैहतपुर, बद्दी, परवाणू व बिलासपुर जिले के गरामोड़ा बैरियर शामिल हैं। बैरियरों का संचालन संभालने वाले ठेकेदारों को आवंटन के 15 दिन के भीतर फास्टैग प्रणाली लागू करनी होगी। इससे वाहनों की आवाजाही में तेजी आएगी और नकद लेन-देन में कमी होगी। बैरियरों की नीलामी ऑनलाइन होगी।
राजस्व में होगी बढ़ोतरी
इसके लिए संबंधित जिलों के उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की है। इसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी सदस्य होंगे। यदि किसी बैरियर को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी मामले का निपटारा करेंगे। इससे राजस्व में पहले के मुकाबले दो से तीन गुना तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
Himachal Pradesh
हिमाचल में भारी बर्फबारी की चेतावनी आज:Tourists को ऊंचे क्षेत्रों में नहीं जाने की Advisory
हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटे तक भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। स्नोफॉल के साथ बर्फीले तूफान, शीतलहर और ओलावृष्टि का भी अलर्ट दिया गया है। इस दौरान- टूरिस्ट समेत लोकल लोगों को अधिक ऊंचे क्षेत्रों की यात्राएं टालने की सलाह दी गई है।
लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर जिला की अधिक ऊंची चोटियों पर एक दो स्पेल में भारी हिमपात हो सकता है। शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन जिला के अधिक ऊंचे भागों में भी बर्फ गिरने के आसार है। निचले व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इस दौरान तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए DC कुल्लू तोरुल एस रवीश ने आज मनाली और बंजार सब डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी का निर्णय लिया है।

हिमाचल में आज भारी बर्फबारी की चेतावनी।
प्रदेश के ज्यादातर भागों में बीती रात से ही मौसम बदल गया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी 10 जिलों में आज 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने का पूर्वानुमान है। इसी तरह, 10 जिलों में आज शीतलहर का भी यलो अलर्ट दिया गया है।
इससे तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी। ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिला में कल ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है।
31 जनवरी को फिर अच्छी बारिश-बर्फबारी
कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे 28 व 29 जनवरी को ऊंचे क्षेत्रों में ही हल्की बारिश-बर्फबारी होगी। निचले इलाकों में मौसम साफ रहेगा। 30 जनवरी को मौसम पूरे प्रदेश में साफ हो जाएगा। 31 जनवरी को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इससे एक फरवरी तक अच्छी बारिश-बर्फबारी के आसार बन रहे हैं।

शिमला-ठियोग एनएच पर फिसलन कम करने के लिए मिट्टी डालते हुए PWD के मजदूर।
प्रदेश में 3 NH समेत 750 सड़कें
प्रदेश में बीते शुक्रवार की भारी बारिश-बर्फबारी के कारण पहले ही 3 नेशनल हाईवे समेत 750 सड़कें, 1500 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 175 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी है। सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। आम जनता के साथ साथ टूरिस्ट भी परेशान है। ऐसे में फिर से बर्फबारी का अलर्ट लोगों की परेशानियां बढ़ाएगा।
Himachal Pradesh
Manali में बर्फबारी से कई किलोमीटर लंबा जाम, कार से उतरकर पैदल चलने लगे पर्यटक
देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. दिल्ली-एनसीआर में जहां शुक्रवार सुबह से ही बारिश हो रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का नया दौर शुरू हो गया है. कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी देखने को मिल रही है. ताजा बर्फबारी जहां थोड़ी राहत लेकर आई तो इससे कुछ आफत भी आई. कई जगहों पर पर्यटक फंस गए हैं. बर्फबारी के बाद मनाली की सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. सैकड़ों की संख्या में पर्यटक घंटों से जाम में फंसे हुए हैं.
बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को जमकर बर्फबारी हुई. इस बर्फबारी से कई लोगों की मुस्किलें बढ़ गईं. चंडीगढ़-मनाली हाइवे पूरी तरह से जाम हो गया है. कई किलोमीटर तक गाड़ियों का जाम लगा हुआ है.
मनाली से 10 किलोमीटर पहले बराहन से मनाली की तरफ जाने वाली सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप पड़ गया है. लोग घंटों से बर्फबारी के बीच गाड़ियों में फंसे हुए हैं. मनाली से अटल टनल का रास्ता भी बंद हो गया है. कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पर्यटक पैदल ही अपना सामान लेकर मनाली से घर वापसी के लिए निकल रहे हैं.

हिमाचल में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते कई जगहों पर पर्यटक फंसे हुए हैं. बताया ये भी जा रहा है कि बर्फबारी के कारण कुल्लू में रात भर पर्यटक फंसे रहे. सुबह रेस्क्यू टीम ने उन्हें वहां से निकाला. अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों को निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया जा रहा है.
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