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भगवंत मान सरकार की ऐतिहासिक पहल, पंजाब के 40 लाख गरीब-दलित-पिछड़े वर्ग के परिवारों को मुफ्त राशन किट मिलनी शुरू

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर जिले के गांव भलवान से गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक उपलब्ध करवाने के लिए राशन किट वितरित करके ‘मेरी रसोई’ स्कीम की शुरुआत की। देश भर में जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक देने के लिए सबसे बड़ी पहलों में से एक ‘मेरी रसोई’ स्कीम के तहत राज्य के लगभग 40 लाख गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राशन किट मिला करेगी। इस स्कीम को बढ़ती महंगाई के दौरान संघर्ष कर रहे परिवारों पर रसोई के बोझ को कम करने के लिए अत्यंत जरूरी मदद बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार न सिर्फ ऐलान कर रही है बल्कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य देखभाल, महिला-केंद्रित कल्याण स्कीमों और खाद्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से हर घर को उचित राहत प्रदान कर रही है।

उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सामाजिक कल्याण को मजबूत करने के साथ-साथ ‘आप’ सरकार बुनियादी ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है और आने वाले समय में पंजाब को पूरी तरह “खंभा-मुक्त” राज्य बनाने के लिए जमीनदोज बिजली केबलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्कीम के शुभारंभ समारोह के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों ने कल्याणकारी उपायों को सिर्फ गेहूं और दालों की वितरण तक सीमित कर दिया था, जबकि पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास किया है कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोइयों में रोजाना जरूरतों के लिए आवश्यक सभी चीजें उपलब्ध रहें।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेरी रसोई’ योजना के तहत हर लाभार्थी परिवार को हर तीन महीने में विशेष रूप से तैयार की गई राशन किट मिलेगी, जिसमें सरसों का तेल, दाल, चीनी, नमक, हल्दी और घरेलू रसोई चलाने के लिए जरूरी अन्य वस्तुएं होंगी।” इस बात पर जोर देते हुए कि यह योजना आम परिवारों की सामान्य जरूरतों, खासकर घरेलू जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मजबूत और खुशहाल पंजाब तभी बनाया जा सकता है जब हर घर की रसोई चलती रहे और कोई बच्चा भूखा न सोए।

उन्होंने कहा, “बच्चों के लिए पौष्टिक खुराक उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलों में भागीदारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार चाहती है कि हर घर में पौष्टिक और जरूरी भोजन पदार्थों की पहुंच हो ताकि बच्चे प्रोटीन की कमी के कारण कमजोरी का शिकार न हों।” पंजाब सरकार के लोक कल्याण-मुखी शासन मॉडल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं, जिससे परिवारों को पैसे बचाने और घरेलू खर्च चलाने में काफी मदद मिल रही है। कृषि और सिंचाई सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की है, जिससे वे रात की मुश्किलों की बजाय दिन में अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी रजवाहों, खालों और पाइपलाइनों को बहाल कर और बिछाकर नहरी सिंचाई प्रणाली को फिर से जीवित किया है। इस ऐतिहासिक पहल ने सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया है और भूजल को संरक्षित करने में मदद की है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि नहरी पानी की बेहतर उपलब्धता ने किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम की है, जिससे पंजाब में तेजी से कम हो रहे भूजल स्तर के भंडारण को बचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “मावां-धीयां सत्कार योजना” के लिए रजिस्ट्रेशन प्रगति पर है। इस योजना के तहत हर योग्य महिला को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, “18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आगे आना चाहिए और इस स्कीम के लिए रजिस्टर करवाना चाहिए। जनरल वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति से संबंधित परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए दिए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए सम्मान, आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है ताकि वे अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें। स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत लोग सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नकद रहित इलाज प्राप्त कर सकते हैं। पंजाब में किसी भी परिवार को चिकित्सा इलाज के लिए जमीन या कीमती चीजें बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि 35 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं और सरकार पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का विस्तार कर रही है।

कल्याणकारी स्कीमों में पहले नौकरशाही द्वारा पैदा की गई अनावश्यक बाधाओं की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने असुविधा का कारण बनने वाली जटिल बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणालियों को हटा दिया है और सभी, खासकर महिलाओं तथा बुजुर्ग नागरिकों के लिए कल्याणकारी स्कीमों संबंधी रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं को सरल बना दिया है। उन्होंने कहा, “घरेलू काम करने वाली बहुत सी महिलाओं को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनके उंगलियों के निशान समय के साथ फीके पड़ जाते हैं। इसलिए पंजाब सरकार ने फोटो-आधारित सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बनाया है।”

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हाल ही में लागू किए गए बेअदबी विरोधी कानून से पंजाब के लोगों को बेहद राहत और संतोष मिला है। उन्होंने कहा, “सालों तक लोगों को बेअदबी की घटनाओं के कारण दुख सहना पड़ा और बेअदबी में शामिल दोषी अक्सर कमजोर कानूनी प्रबंधों के कारण जमानत प्राप्त कर लेते थे। इस नए कानून में सख्त सजा, भारी जुर्माना, लंबी कैद और उम्रकैद तक की व्यवस्था की गई है।” उन्होंने कहा कि कानून को पहले ही राज्यपाल से सहमति मिल चुकी है और कानून को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भर की सिख संगत द्वारा इस कानून को भरपूर समर्थन मिला है। सिर्फ कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पिछली सरकारें बार-बार लोगों की मांगों के बावजूद सख्त कार्रवाई करने में असफल रहीं, जबकि पंजाब सरकार ने भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

मुख्यमंत्री ने सरकार के प्रति लोगों के भारी समर्थन और प्यार के लिए उनका धन्यवाद करते हुए कहा, “उनकी सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों का पैसा स्कूलों, अस्पतालों, कल्याणकारी स्कीमों और बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाए।” इस समारोह के दौरान खाद्य एवं सिविल आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, सीनियर सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।

इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज संगरूर में, हमने 40 लाख परिवारों की भलाई के लिए ‘मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना’ शुरू की है, जिसके तहत बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए साल में चार बार राशन किटें वितरित की जाएंगी।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमारी सरकार मुफ्त बिजली, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, किसानों को दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई और नहरी पानी जैसी सुविधाएं प्रदान करके समाज के हर वर्ग के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। गांव सतौज से, हम पूरे राज्य से खंभे हटाने के लिए बिजली की तारों को जमीनदोज करने की ऐतिहासिक पहल भी शुरू कर रहे हैं।”

पोस्ट में आगे लिखा, “पिछली सरकारों ने बेअदबी की घटनाओं पर सिर्फ सियासत की, लेकिन हमने उम्रकैद और 50 लाख रूपए के जुर्माने वाला सख्त कानून लाकर गुरु मर्यादा की रक्षा को सुनिश्चित किया है। ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में यह सफर निरंतर जारी रहेगा। आप सरकार द्वारा ऐतिहासिक कदम, पूरे राज्य के 40 लाख परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा को मजबूत करके घरेलू बोझ को घटाया*

“मेरी रसोई योजना” भगवंत मान सरकार के कल्याण और लोक-केंद्रित मॉडल को दर्शाती है, जो राजनीतिक बयानबाजी की बजाय आम परिवारों के लिए सम्मान, पोषण और वित्तीय राहत को प्राथमिकता देती है। ऐसे समय में जब बढ़ते घरेलू खर्च देश भर के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रभावित कर रहे हैं, भगवंत मान सरकार ने लगभग 40 लाख परिवारों को रोजाना जीवन के लिए रसोई की जरूरी सप्लाई की सीधी सहायता करके एक ऐतिहासिक और सहानुभूतिपूर्ण कदम उठाया है। पिछली सरकारों के विपरीत, जो कल्याण को सिर्फ ऐलानों तक सीमित रखती थी, ‘आप’ सरकार ने खाद्य सुरक्षा के दायरे का विस्तार करते हुए गरीब परिवारों को गेहूं और राशन सहायता के अलावा पौष्टिक जरूरी भोजन पदार्थ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है।

पारदर्शी डिलीवरी प्रणालियों, मानक भोजन किटों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक व्यापक पहुंच के माध्यम से, भगवंत सिंह मान सरकार ने स्वस्थ, मजबूत और संतुष्ट पंजाब बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है, जहां कोई भी परिवार अपनी पोषण संबंधी जरूरतों के लिए संघर्ष करने को मजबूर न हो।

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मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने 10 प्रमुख प्रक्रियाओं के तहत 2.44 लाख मरीज़ों को दिया कैशलेस उपचार, ₹316.50 करोड़ से अधिक ख़र्च

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गंभीर बीमारी केवल मरीज़ के स्वास्थ्य की परीक्षा नहीं लेती, बल्कि अक्सर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी झकझोर देती है। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब में इस स्थिति को लगातार बदल रही है और महँगे चिकित्सा उपचार की लागत को परिवारों की चिंता से बाहर करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

आंकड़े खुद पूरी कहानी बयाँ करते हैं। योजना के तहत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली प्रमुख 10 चिकित्सा प्रक्रियाओं में ही अब तक 2,44,468 कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिन पर ₹316.50 करोड़ से अधिक का ख़र्च किया गया है। सप्ताह में कई बार डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीज़ों से लेकर हृदय की सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) या आपातकालीन सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने वाली महिलाओं तक—योजना ऐसे उपचारों को कवर कर रही है, जिनका ख़र्च कई परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल हो सकता था।

यह पैटर्न कोई संयोग नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में स्वास्थ्य प्रणालियाँ हृदय रोग, डायबिटीज़ और किडनी संबंधी विकारों जैसी दीर्घकालिक बीमारियों में तेज़ वृद्धि देख रही हैं। पंजाब भी इससे अलग नहीं है। योजना के तहत डायलिसिस, हृदय उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण (जॉइंट रिप्लेसमेंट)की बढ़ती माँग ऐसे स्वास्थ्य तंत्र को दर्शाती है, जो ऐसी बीमारियों की बढ़ती चुनौती का सामना कर रहा है, जो एक बार अस्पताल जाने से समाप्त नहीं होतीं; बल्कि इनके लिए निरंतर, विशेषज्ञ और अक्सर महँगे उपचार की आवश्यकता होती है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब, के आंकड़ों के अनुसार, क्रॉनिक हीमोडायलिसिस, योजना के तहत सबसे अधिक ली जाने वाली प्रक्रिया बनी हुई है। कुल 1,87,656 डायलिसिस सत्र, जिनकी लागत ₹30.65 करोड़ से अधिक है, उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि क्रॉनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीज़ हर बार अस्पताल जाने के लिए पैसे जुटाने की लगातार चिंता किए बिना अपना उपचार जारी रख सकें।

योजना के तहत 17,698 लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी भी की गई हैं, जो दूसरी सबसे अधिक करवाई जाने वाली प्रक्रिया है। इसके बाद 10,751 टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई हैं, जिससे हज़ारों बुज़ुर्ग मरीज़ों को दोबारा चलने-फिरने और आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिली है। इसके अलावा, 9,317 महिलाओं को कैशलेस सीज़ेरियन डिलीवरी की सुविधा मिली, जिससे परिवारों पर उस महत्त्वपूर्ण समय में पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम हुआ, जब उन्हें सबसे अधिक सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता होती है।

हृदय उपचार भी योजना का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। कुल 8,734 मरीज़ों की पर्क्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी की गई, जबकि 554 मरीज़ों की कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) की गई, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि लागत के कारण जीवनरक्षक हृदय उपचार में देरी न हो।

योजना के तहत किडनी स्टोन के उपचार के लिए 5,770 पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) प्रक्रियाएँ, 2,247 लोअर यूरेटर सर्जरी, 911 सीमेंटलेस टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी और 830 रेडिकल सर्जिकल प्रक्रियाएँ भी कवर की गई हैं। यह विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में उन्नत और महँगे उपचार उपलब्ध करवाने की योजना की क्षमता को दर्शाता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम की वास्तविक सफलता का पैमाना कागज़ों पर दर्ज लाभार्थियों की संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की संख्या है, जिन्हें आर्थिक संकट में पड़े बिना समय पर इलाज मिलता है। किसी स्वास्थ्य योजना की सफलता इसके द्वारा बदली गई ज़िंदगियों में दिखाई देती है।ये आंकड़े उन हज़ारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण उपचार मिला। चाहे आजीवन डायलिसिस की आवश्यकता वाला मरीज़ हो, नी रिप्लेसमेंट करवाने वाला बुज़ुर्ग व्यक्ति हो , सुरक्षित सीज़ेरियन डिलीवरी की आवश्यकता वाली महिला हो या आपातकालीन हृदय उपचार की ज़रूरत वाला मरीज़ हो —मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक बाधाएँ स्वास्थ्य सेवा हासिल करने में कभी रुकावट न बनें।”

उन्होंने कहा कि योजना के तहत कवर की जाने वाली विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाएँ पंजाब में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को दर्शाती हैं जो केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के महँगे इलाज में भी मरीज़ों को सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

आंकड़ों से परे, यह डेटा एक बड़े बदलाव की ओर भी संकेत करता है। अधिक लोग आर्थिक रूप से सुलभ उपचार के कारण दीर्घकालिक बीमारियों से उबर रहे हैं। अधिक बुज़ुर्ग मरीज़ दोबारा चलने-फिरने में सक्षम हो रहे हैं। अधिक महिलाओं को अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं और अधिक परिवार अस्पताल के बिलों के लिए पैसे जुटाने के बजाय मरीज़ के स्वस्थ होने पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

योजना के विस्तार के साथ यह पंजाब के सबसे मज़बूत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभर रही है, जो केवल स्वास्थ्य उपचार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं करवाती, बल्कि गंभीर बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक झटके से भी उन्हें बचाने का काम कर रही है।

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‘आप’ आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार, 117 सीटों पर बूथ स्तर की तैयारियां शुरू

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आम आदमी पार्टी (आप) ने पूरे राज्य में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज़ करते हुए आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें पार्टी के बूथ स्तर नेटवर्क को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स को चुनाव मैदान के लिए तैयार करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में, आप के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स के साथ जिलेवार मीटिंग करना शुरू कर दिया है।

ये मीटिंग ज़मीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर फोकस हैं। इस संगठनात्मक कवायद के तहत, पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ इंचार्ज की मीटिंग होंगी।

पटियाला ग्रामीण के अपने दौरे के दौरान मनीष सिसोदिया ने संगठन के साथियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की, जिसमें आने वाली तैयारियों पर खुलकर चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अपनी बातचीत को याद करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, “अपने साथियों के बीच बैठना एक अनोखा अनुभव था, जिससे पुरानी यादें ताज़ा हो गईं और आगे के सफर के लिए जोश दोगुना हो गया।”

पार्टी की संगठन टीमों को भगवंत मान सरकार द्वारा पिछले 4.5 सालों में किए गए कामों को सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। कैंपेन का मुख्य फोकस सरकार की ज़रूरी पहलों को घर-घर तक पहुंचाना होगा, जिसमें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, 300 यूनिट मुफ़्त बिजली योजना, खेती के लिए नहर का पानी और ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को दी जा रही आर्थिक मदद शामिल है।

चल रहे अभ्यास के तहत पटियाला में बूथ इंचार्जों की एक मीटिंग भी हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए। इसी तरह, भदौर में भी बूथ इंचार्जों की मीटिंग हुई, जिसमें विधायक लाभ सिंह उगोके और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए।

इन मीटिंग के ज़रिए आप अपने बूथ स्तर के संगठन को मज़बूत कर रही है और अपने वर्करों और वॉलंटियर्स को आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए सभी 117 विधानसभा सीटों पर लोगों से जुड़े रहने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए तैयार कर रही है।

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CM भगवंत मान ने डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र पर रखा नींव पत्थर

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से बनाए जाने वाले इस केंद्र पर करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, बाणी और उनकी महान शिक्षाओं से जोड़ना है।

इस अध्ययन केंद्र में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी, उनकी बाणी और मानवता को दिए गए संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनकी शिक्षाओं में समानता, भाईचारे, सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को इन विचारों से परिचित कराने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यहां रहकर अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। केंद्र में अध्ययन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी बाणी समाज में समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देती है। ऐसे में इस केंद्र के जरिए इन महान विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन से जुड़े अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

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