Connect with us

Haryana

Haryana: 300 मकानों के पानी और सीवर कनेक्शन होंगे निलंबित,जानें वजह ?

Published

on

गुरुग्राम। Haryana के गुरुग्राम के DLF क्षेत्र में अब अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पंजाब और Haryana हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने DLF के फेज-1 से लेकर फेज-5 तक उन मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जो अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियाँ चला रहे हैं। इस संदर्भ में करीब 300 मकानों के पानी और सीवर कनेक्शन काटने की योजना बनाई जा रही है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी, जिसमें DTPE को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी है।

पहले चरण में 300 मकानों की पहचान की गई है, जिन्हें कारण बताओ नोटिस और रिस्टोरेशन आदेश जारी किए गए हैं। DLF में 10,000 मकानों में से लगभग 6,000 मकानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया है। सर्वे के दौरान कई मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया गया। कुछ मकानों में स्टिल्ट पार्किंग में अवैध रूप से कमरे बनवाए गए हैं, जबकि अन्य में अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई हैं।

इसके अलावा, कुछ मकानों में अवैध रूप से शौचालय और स्टोर का निर्माण भी किया गया है। DTPE कार्यालय ने इन सभी मकानों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस चरण में DLF फेज 1 से 5 तक लगभग 300 मकानों को नोटिस और रिस्टोरेशन आदेश दिए गए हैं। रिस्टोरेशन आदेश के तहत मकान मालिकों को एक सप्ताह का समय दिया गया है, जिसमें उन्हें कब्जा प्रमाणपत्र के अनुसार अपने निर्माण को सही करना होगा।

अगर मकान मालिक इस आदेश के बाद कोई जवाब नहीं देता है तो इन मकानों को पेयजल और सीवर कनेक्शन काटे जा सकते हैं। इसके सात ही तहसीलदार को पत्र लिख कर इन मकानों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। तहसीलदार को रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर में इन मकानों को लाल एंट्री में डालना होगा, ताकि कोई भी रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने पर स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके।

DTPE कार्यालय की ओर से इस हफ्ते में इन मकाों का कब्जा प्रमाणपत्र रद्द करवाया जाएगा। यह प्रमाणपत्र DTP योजना कार्यालय द्वारा प्रदान किया जाता है। पत्र लिखकर इन प्रमाणपत्रों को रद्द किया जाएगा, जिससे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा सके। ग्राम नियोजन विभाग के आदेश के बाद 8 जनवरी को DLF फेज-5 में 50 मकानों के कनेक्शन काट दिए गए थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Haryana

अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Published

on

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Continue Reading

Haryana

भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

Published

on

हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

Continue Reading

Haryana

हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

Published

on

भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

Continue Reading

Trending