Haryana
Haryana के IG Puran Kumar ने की आत्महत्या, Suicide Note में लगाए कई बड़े Officers पर आरोप
हरियाणा के सीनियर IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने घर के साउंडप्रूफ बेसमेंट में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनके परिवार और पुलिस विभाग में इस घटना से सन्नाटा छा गया है।
पोस्टमॉर्टम आज
पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम आज (8 अक्टूबर) चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में होगा। उनकी पत्नी और IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार, जो हाल ही में जापान दौरे से लौटकर आई हैं, सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास में मौजूद हैं।
सुसाइड नोट और वसीयत
पूरन कुमार ने अपने जाने से पहले 8 पन्नों का अंग्रेजी सुसाइड नोट लिखा। इस नोट में उन्होंने 30-35 IPS और कुछ IAS अफसरों के नाम लिए और कहा कि वे कई वजहों से परेशान थे।
उनकी मुख्य शिकायतें इस प्रकार हैं:
- पोस्टिंग में भेदभाव और जातिवाद
- ACR (Annual Confidential Report) में गड़बड़ी
- सरकारी आवास न मिलने
- प्रशासनिक शिकायतों और मुकदमेबाजी की वजह से तनाव
- एक DGP रैंक के अधिकारी पर बेवजह नोटिस भेजने का आरोप
इसके अलावा, उन्होंने अपनी संपत्ति अपनी पत्नी के नाम कर दी। वसीयत की तारीख 6 अक्टूबर है और सुसाइड नोट 7 अक्टूबर का है।
सुसाइड की संभावित वजहें
सूत्रों के अनुसार, IG पूरन कुमार के सुसाइड के पीछे दो मुख्य वजहें मानी जा रही हैं:
- गनमैन के रिश्वत मामले में नाम जुड़ना
- रोहतक पुलिस ने उनके गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ करप्शन केस दर्ज किया था।
- आरोप था कि सुशील कुमार शराब ठेकेदार से हर महीने 2 से 2.5 लाख रुपए मांग रहा था।
- पूछताछ में गनमैन ने IG पूरन कुमार का नाम लिया, हालांकि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला।
- फील्ड ड्यूटी से हटाकर ट्रेनिंग कॉलेज में पोस्टिंग
- पूरन कुमार पहले रोहतक रेंज के IG थे।
- 29 सितंबर को उन्हें अचानक रेंज IG के पद से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, सुनारिया में भेज दिया गया।
- पुलिस विभाग में इस तरह की तैनाती को “punishment posting” माना जाता है।
घटना का विवरण
रसोइए प्रेम सिंह के अनुसार, सुबह 10 बजे पूरन कुमार बेसमेंट गए और किसी को अंदर न आने देने के लिए कहा। उनकी पत्नी अमनीत ने कई बार कॉल की, लेकिन IG ने फोन नहीं उठाया। उनकी बेटी अमूल्या जब बाजार से लौटी, तो उसे बेसमेंट में खून में पड़े पिता मिले। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने मामा, अमित रतन (AAP विधायक) को सूचना दी।
अफसरों की प्रतिक्रिया
- घटना के बाद चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, IAS केएम पांडुरंग, पीसी मीणा, और सीजी कांनथन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी सेक्टर-24 के सरकारी आवास पर पहुंचे।
- IAS अमनीत पी. कुमार अब पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल जाएंगी।
लाइव अपडेट
- अमनीत पी. कुमार कुछ देर में सेक्टर-16 के अस्पताल जाएंगी।
- चीफ सेक्रेटरी और कई IAS/IPS अधिकारी अब भी पूरन कुमार के आवास पर मौजूद हैं।
यह घटना हरियाणा पुलिस विभाग और उनके परिवार के लिए एक बहुत बड़ा सदमा है। सुसाइड नोट में जिन बड़े अधिकारियों के नाम लिए गए हैं, उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी, यह अब पुलिस और प्रशासन की जांच पर निर्भर करेगा।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.
क्या हैं मुख्य शर्तें?
अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.
सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश
यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.
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