Haryana
Haryana और हरियाणवी सबसे आगे: हिसार में शाह ने की सीएम सैनी की तारीफ, पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना।
हरियाणा। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कभी Haryana नौकरियों के बंटवारे को लेकर बदनाम था। यहां सरकारें बदलने के साथ ही नौकरियों का वितरण भी बदल जाता था—एक सरकार अपने क्षेत्र के लोगों को नौकरी देती, तो अगली सरकार अपने पसंदीदा लोगों को लाभ पहुंचाती। नौकरियों के लिए न सिर्फ सिफारिशी पर्ची जरूरी होती थी, बल्कि पैसों की भी मांग होती थी।
हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में आईसीयू का उद्घाटन, महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के अनावरण और पीजी हॉस्टल के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Haryana और राज्य सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने हरियाणवी अंदाज में “राम-राम” कहते हुए सभी का अभिवादन किया और प्रदेश की गौरवशाली परंपरा को नमन किया। शाह ने बाबर से लेकर औरंगजेब के दौर में सिखों के दस गुरुओं के संघर्ष को भी याद किया।
शाह ने कहा कि Haryana और यहां के लोग देश में हमेशा आगे रहे हैं। यह देश का पहला राज्य है जहां 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाती है। लाल डोरे के अंदर आने वाली संपत्तियों को मालिकाना हक देने और शिक्षित सरपंचों का चुनाव सुनिश्चित करने वाला भी हरियाणा पहला राज्य बना।
उन्होंने बताया कि पंचायतों में महिलाओं को 50% भागीदारी देने, हर घर तक नल से जल पहुंचाने, पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त करने, हर घर में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराकर धुआं मुक्त बनाने और ओलंपिक खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने में भी हरियाणा अग्रणी रहा है। इसके अलावा, देश में बासमती चावल का सबसे बड़ा निर्यातक, सेना में हर दसवां जवान Haryana से, भारत का पहला आयुष विश्वविद्यालय और पहली इथेनॉल रिफाइनरी हरियाणा में स्थापित होने को उन्होंने प्रदेश की बड़ी उपलब्धियों के रूप में गिनाया।
सीएम नायब सिंह सैनी कुशल प्रशासक
अमित शाह ने कहा, सीएम नायब सैनी को कुशल प्रशासक बताते हुए कहा कि चुनाव से पहले उन्होंने सैनी को 22 कार्य करने को कहा था। उन्होंने कहा, हो जाएंगे जी आप चिंता मत करो। इन्होंने ढाई महीने में ही पूरे कर दिए। ये मुस्कुरा कर समस्या सुनते हुए फरियादी का स्वागत करते हैं। फिर समाधान भी करते हैं। उन्होंने कहा, पूर्व सीएम मनोहरलाल ने जो कार्य शुरू किए थे, सैनी उनको बेहतरी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
नौकरियों को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा
शाह ने कहा, Haryana नौकरियां देने के नाम पर बदनाम था। यहां एक सरकार अपने क्षेत्र विशेष के लोगों को नौकरी देती तो दूसरी सरकार आते ही अपने चहेते लोगों को नौकरी देती थी। उनको खर्ची भी चाहिए थी और पर्ची भी। भाजपा सरकार ने 80 हजार नौकरियां बिना खर्ची-पर्ची के दी है। सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता से हो रही हैं और बिना किसी भेदभाव के युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं।
Haryana को 10 साल में 1 लाख 43 हजार करोड़ दिए
अमित शाह ने कहा Haryana को इंफ्रास्ट्रक्चर में भी अग्रणी बनाया जा रहा है। वर्ष 2004 से 2014 तक यूपीए की सरकार ने हरियाणा को विकास के लिए 41 हजार करोड़ दिए थे। एनडीए की सरकार ने 2014 से 2024 तक 1 लाख 43 हजार करोड़ रुपये दिए हैं। पिछले दस सालों में विकास के मामले में Haryana ने इतिहास बनाया है। केंद्र सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए। हर घर शौचालय, हर घर नल से जल, योग मिशन, फिट इंडिया, पोषण अभियान, आयुष्मान और मिशन इंद्रधनुष ये सभी स्वास्थ्य से जुड़े हैं। इन पर मोदी सरकार और भाजपा की राज्य सरकारें मिलकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।
Haryana
भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
Haryana
हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
Haryana
जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |