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Haryana में 13 जिलों में रक्षा मॉक ड्रिल की तैयारी, सुरक्षा तंत्र को मिलेगा नया आयाम।

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केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, आज, 7 मई 2025 को देशभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। Haryana राज्य ने इस अभ्यास के लिए पूरी तैयारी कर ली है। राज्य सरकार ने सभी जिलों, कस्बों और गांवों में इस मॉक ड्रिल को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक के बाद, हरियाणा में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी दी कि प्रदेश के 11 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स के महानिदेशक देशराज सिंह भी उपस्थित थे।

इस अभ्यास में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) के स्वयंसेवक, साथ ही स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, जिसमें एयर राइड अलर्ट, ब्लैकआउट अभ्यास और निकासी योजनाओं का परीक्षण शामिल होगा।

Haryana के जिन 11 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, वे हैं: अम्बाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, पंचकुला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर और झज्जर। इन जिलों में नागरिकों की तत्परता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। ये अधिकारी अपने जिलों में सिविल डिफेंस के पदेन नियंत्रक भी हैं। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत हरियाणा के 10 जिले – अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर सिविल डिफेंस श्रेणी-।। में शामिल हैं। वहीं झज्जर जिले को तीसरी कैटेगरी में रखा है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य में सिविल डिफेंस सायरन, एयर रेड अलार्म सिस्टम, हॉटलाइन कंट्रोल रूम, और भारतीय वायुसेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों से रेडियो कम्युनिकेशन लिंक को सक्रिय कर दिया गया है। अभ्यास के दौरान “ब्लैकआउट प्रोटोकॉल’, लोगों की सुरक्षित निकासी और आपात प्रतिक्रिया की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया जाएगा। आम नागरिकों, छात्रों और महत्वपूर्ण संस्थानों के कर्मचारियों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

फायर ब्रिगेड, होम गार्ड्स, स्वास्थ्य कर्मियों और बचाव दलों की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की जा रही है। साथ ही, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय रहें ताकि समय पर चेतावनी, सूचनाओं का आदान-प्रदान और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य केवल प्रशासनिक तैयारियों का परीक्षण करना नहीं है बल्कि आम जनता में जागरूकता, सतर्कता और आपदा से निपटने की क्षमता विकसित करना भी है।

सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के लिए जनता से किया यह आग्रह
ड्रिल से पहले

  • रात को अपना फोन और पावर बैंक चार्ज कर लें।
  • बुनियादी सामान/आपातकालीन आपूर्ति तैयार रखें
  • बैटरी/सौर ऊर्जा से चलने वाली फ्लैशलाइट/टॉर्च, रेडियो, ग्लो स्टिक
  • वैध आईडी कार्ड
  • परिवार की आपातकालीन किट तैयार रखें: पानी, सूखा भोजन, बुनियादी दवाइयां

अलर्ट के बारे में जागरूकता

  • सायरन सिग्नल सीखें (जैसे लंबा निरंतर = अलर्ट : छोटा = सब साफ)
  • आधिकारिक अपडेट के लिए रेडियो/टीवी देखते रहें (जैसे आकाशवाणी, दूरदर्शन)

सुरक्षित क्षेत्र की तैयारी

  • आश्रय के रूप में सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान करें।
  • पारिवारिक अभ्यास का अभ्यास करें
  • लाइट बंद करें, 1-2 मिनट के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में इकट्ठा हों।

आपातकालीन नंबर नोट करें

पुलिस : 112

अग्नि : 101

एम्बुलेंस : 120

-शाम 7 से 8 बजे तक लिफ्ट का उपयोग न करें। लिफ्टों को निष्क्रिय कर दें ताकि ब्लैकआउट के दौरान कोई असुविधा न हो।

-बुजुर्गों/ बच्चों को पहले से सूचित/तैयार करें।

अभ्यास के दौरान

-अगर आपको हवाई हमले के सायरन या घोषणाएँ सुनाई दें – “यह एक अभ्यास है” तो घबराएं नहीं।

-पुलिस, स्कूल अधिकारियों, या बिल्डिंग सुरक्षा या किसी अन्य सरकारी प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करें

-तुरंत सुरक्षित क्षेत्र में इकट्ठा हों।

ब्लैकआउट के दौरान

-घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं, तो अपने वाहन को किनारे पर पार्क करें और लाइटें बंद कर दें। जहां हैँ वहीं रहें और इधर-उधर न जाएं

-अलर्ट के दौरान सभी इनडोर और आउटडोर लाइटें बंद कर दंे। इसमें इन्वर्टर या वैकल्पिक बिजली आपूर्ति को डिस्कनेक्ट करना शामिल है।

-ब्लैकआउट की घोषणा होने/सायरन चालू होने पर गैस/बिजली के उपकरण बंद कर दें।

-यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों की हर समय निगरानी की जाए

-खिड़कियों के पास फोन या एलईडी डिवाइस का इस्तेमाल न करें।

-मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें या खिड़कियों को कार्डबोर्ड/पैनल से ढकें।

-व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर असत्यापित जानकारी न फैलाएं।

ड्रिल के बाद

-जब तक अन्यथा निर्देश न दिया जाए, सामान्य गतिविधि फिर से शुरू करें।

-अपनी प्रतिक्रिया स्थानीय आरडब्ल्यूए या प्रशासन के साथ साझा करें।

-अपने आसपास के बच्चों या बुजुर्गों से बात करें। उन्हें आश्वस्त करें कि यह सिर्फ़ तैयारी का उपाय था।

नोट : यह मॉक ड्रिल अभ्यास चिकित्सा प्रतिष्ठानों यानी अस्पतालों और नर्सिंग होम पर लागू नहीं होता है। हालांकि उन्हें ड्रिल के दौरान सभी खिड़कियों को मोटे पर्दों से ढकना चाहिए और सतर्क रहना चाहिए।

ड्रिल का उद्देश्य नागरिक आबादी को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार करना और ऐसी विकट स्थिति के दौरान बड़े पैमाने पर दहशत की संभावना को कम करना है।

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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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