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Uttar Pradesh

‘हनुमानगढ़ी केवल एक मंदिर नहीं, सनातन धर्म की..’, हनुमानगढ़ी की प्रशंसा में बोले CM योगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना की और श्री हनुमत कथा मंडपम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने हनुमानगढ़ी को भक्ति, शक्ति, बुद्धि और युक्ति का संगम बताते हुए कहा कि यह स्थल केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए योद्धा भाव का प्रतीक है।

CM ने राम मंदिर आंदोलन और सनातन धर्म की रक्षा में हनुमानगढ़ी के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्थल अयोध्या की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि हनुमानगढ़ी का योगदान राम मंदिर आंदोलन में अभूतपूर्व रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास कार्यों की समीक्षा की और राम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

CM योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर अयोध्या के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक प्रगति की चर्चा करते हुए सनातन धर्म की रक्षा और इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

त्रेतायुगीन विरासत और सनातन धर्म का रक्षक है हनुमानगढ़ी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत हनुमानगढ़ी के त्रेतायुगीन टीले को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा की यहां से हनुमान जी महाराज ने अयोध्या धाम की रक्षा की है। उन्होंने बाबा अभयराम दास जी महाराज को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह श्रीहनुमत कथा मंडपम बाबा अभयराम दास जी की दूरदर्शिता और वैष्णव अखाड़ों की सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है। उनकी कृपा से आज हम इस भव्य स्वरूप को देख रहे हैं।

उन्होंने हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन, संतों और नागाओं की प्रशंसा की, जिन्होंने एक-एक पाई बचाकर इस मंडपम का निर्माण किया। सीएम योगी ने कहा कि हनुमानगढ़ी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए योद्धा भाव का प्रतीक है। यह मंडपम आने वाली पीढ़ियों के लिए हनुमानगढ़ी के वैभव को संरक्षित रखेगा।

उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी का यह मंडपम न केवल आध्यात्मिक केंद्र बनेगा, बल्कि सत्संग और कथाओं के माध्यम से सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाएगा। उन्होंने हनुमानगढ़ी के नागाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आपका इतिहास सनातन धर्म के उस कालखंड की सेना के रूप में जाना जाता है, जब देश विधर्मियों आक्रांताओं से त्रस्त था तब अखाड़ों ने सनातन धर्म की रक्षा केलिए स्वयं को समर्पित किया था।

भारत का आधार है सनातन धर्म, विश्व का मार्गदर्शक बनने को तैयार

योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म को भारत के अस्तित्व और वजूद का आधार बताते हुए कहा कि इसके सम्मान और गरिमा के खिलाफ कुछ भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने हनुमानगढ़ी के नागाओं और संतों से आह्वान किया कि वे अपने योद्धा भाव को बनाए रखें और सनातन धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की। कहा कि भारत छेड़ता नहीं है और कोई छेड़ तो उसे छोड़ता भी नहीं है।

सीएम योगी ने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए कहा कि बजरंगबली ने रावण के दरबार में यही संदेश दिया था। पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देकर खुद को बर्बाद कर रहा है। भारतीय सेना की कार्रवाई में 124 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं।

यह गलती पाकिस्तान की है, जो आतंकियों को प्रश्रय दे रहा है। ये आतंकवाद पाकिस्तान को ले डूबेगा और इसमें ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अध्यात्मिक जगत में कोई अस्तित्व नहीं है। जिसका अपना वास्तविक अस्तित्व न हो, उसकी एक निश्चित लाइफ होती है। अब पाकिस्तान का समय पूरा हो गया है।

आज अयोध्या का नाम सुनते ही लोगों के मन में उत्साह और उमंग जागती है

मुख्यमंत्री ने अयोध्या को सनातन धर्म का वैश्विक केंद्र बताते हुए कहा कि आज अयोध्या का नाम सुनते ही लोगों के मन में उत्साह और उमंग जागती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अयोध्या में पहले हनुमानगढ़ी और फिर श्रीराम जन्मभूमि के दर्शन की परंपरा सनातन धर्म की आस्था का आधार है। जैसे काशी में काल भैरव के दर्शन के बाद विश्वनाथ के दर्शन होते हैं, वैसे ही अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद श्रीराम के दर्शन पुण्य प्रदान करते हैं।

हनुमानगढ़ी के वैभव को बढ़ाएगा श्रीहनुमत कथा मंडपम

मुख्यमंत्री ने श्रीहनुमत कथा मंडपम को सत्संग, कथाओं और आध्यात्मिक आयोजनों का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यह मंडपम विशिष्ट अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था के साथ हनुमानगढ़ी के वैभव को और बढ़ाएगा। उन्होंने हनुमानगढ़ी के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

उन्होंने संतों और नागाओं से आह्वान किया कि वे सनातन धर्म के कार्यक्रमों को और भव्य बनाएं। सीएम योगी ने कहा कि हमें अपने मित्र और शत्रु को पहचानना होगा। जो सनातन धर्म के मार्ग में बाधा डालते हैं, उन्हें चिह्नित कर सरकार और प्रशासन को सूचित करना होगा। हनुमान जी की तरह हमें विघ्नों को पार करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है।

गोरक्षपीठ और अयोध्या का अटूट नाता

सीएम योगी ने गोरक्षपीठ और अयोध्या के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ महाराज, विहिप के अशोक सिंहल और दिगंबर अखाड़े के महंत रामचंद्र दास परमहंस महाराज ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को मजबूती दी। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज हम श्रीराम लला के भव्य मंदिर को देख रहे हैं। हनुमानगढ़ी ने भी इस संकल्प को आगे बढ़ाया और यह मंडपम इसका जीवंत उदाहरण है।

इस अवसर पर गद्दनशीन महंत प्रेमदास महाराज, निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्री महंत मुरली दास, बसंतिया पट्‌टी के महंत रामचरण दास, सरपंच महंत रामकुमार दास, गद्दनशीन महंत के उत्तराधिकारी डॉक्टर महेश दास, महंत गौरीशंकर दास, संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत राजू दास, महंत अवधेश कुमार दास, महंत कमल नयन , विंदगद्याचार्य महंत देवेन्द्र प्रसादाचार्य ,महंत रामलखन दास, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी रमेश दास और हेमंत दास,नागा उपेंद्र दास,पहलवान मनीराम दास,पहलवान रामकृष्ण दास आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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