Crime
Greater Noida Murder Case: दहेज की मांग पुरी न होने पर महिला की जलाकर हत्या, 6 साल के बेटे की आंखों के सामने हुआ खौफनाक कांड
देश को झकझोर देने वाला एक और दहेज हत्या का मामला सामने आया है। 26 साल की निकी नाम की महिला को उसके ही ससुराल वालों ने ₹36 लाख दहेज की मांग पूरी न होने पर जलाकर मार डाला। यह खौफनाक वारदात उसके छोटे बेटे की आंखों के सामने हुई, जिसने पूरा मंजर अपनी जुबान से बताया।
बेटे की दिल दहला देने वाली गवाही
पीड़िता के 6 साल के बेटे ने कहा –
“पहले मम्मा के ऊपर कुछ डाला, फिर उन्हें चांटा मारा और फिर lighter से आग लगा दी।”
जब उससे पूछा गया कि क्या उसके पिता ने मम्मी को मारा, तो उसने ‘हाँ’ में सिर हिलाया।
शादी और दहेज की कहानी
- निकी की शादी 2016 में विपिन भाटी से हुई थी।
- शादी के वक्त परिवार की ओर से कार (Scorpio) और कई तोहफे दिए गए थे।
- लेकिन ससुरालवालों की मांग यहीं नहीं रुकी। वे लगातार ₹36 लाख की मोटी रकम की डिमांड करते रहे।
- निकी की बहन कंचन की शादी भी इसी परिवार में हुई थी। उसने बताया कि शादी के 6 महीने बाद से ही दोनों बहनों को लगातार मारपीट, गाली-गलौज और धमकियां दी जाती थीं।
- कंचन के मुताबिक, रात को 1:30 बजे से लेकर 4 बजे तक भी उन्हें पीटा जाता था और कहा जाता था – “एक से दहेज लिया है, दूसरी से भी मिलेगा। वरना मर जाओ, हम दूसरी शादी कर लेंगे।”
खौफनाक वारदात का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें निकी को बुरी तरह पीटकर घर से बाहर घसीटा जाता है और फिर आग लगा दी जाती है।
- वीडियो में वह जलती हुई सीढ़ियों से नीचे आती हुई नजर आती है।
- चारों तरफ लोग खड़े थे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।
- बच्चे और पड़ोसी डर से कांपते हुए यह सब देखते रहे।
अस्पताल और मौत
- गंभीर जलने के बाद निकी को फोर्टिस अस्पताल, नोएडा ले जाया गया।
- वहां से हालत गंभीर होने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया।
- लेकिन रास्ते में ही निकी ने दम तोड़ दिया।
- पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया।
FIR और पुलिस की कार्रवाई
- पीड़िता की बहन कंचन की शिकायत पर कसना थाना में मामला दर्ज हुआ।
- आरोपियों में निकी का पति विपिन भाटी, सास दया देवी, ससुर सतवीर और देवर रोहित शामिल हैं।
- पुलिस ने पति विपिन को गिरफ्तार कर लिया है।
- बाकी आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।
पति का Instagram पोस्ट
गिरफ्तारी से पहले पति विपिन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उसने लिखा –
“Why did you leave me? The world is calling me a killer. Main barbaad ho gaya.”
उसने आत्महत्या की तरफ इशारा भी किया। लेकिन पुलिस ने उसे ट्रैक करके पकड़ लिया।
लोगों का गुस्सा
- घटना के बाद इलाके में गुस्सा है।
- लोग Kasna police station के बाहर जमा होकर “Justice for Nikki” की मांग कर रहे हैं।
- सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है।
यह मामला फिर से दिखाता है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी महिलाओं की जान ले रही है। कानून होने के बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। अब पूरा देश मांग कर रहा है कि निकी और उसके मासूम बेटे को न्याय दिलाने के लिए दोषियों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिले।
Crime
Delhi Blast: Red Fort के पास Car explosion काCCTV Footage आया सामने, ट्रैफ़ि Traffic के बिच अचानक हुआ Car में धमाका
दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए तेज कार धमाके की शुरुआत से लेकर अब तक की पूरी जानकारी सामने आ चुकी है। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मामला बेहद संवेदनशील है और जांच एनआईए (National Investigation Agency) कर रही है। नीचे इस घटना से जुड़ी सारी प्रमुख बातें सरल और सीधी भाषा में दी जा रही हैं—ताकि हर पाठक आसानी से समझ सके।
घटना क्या हुई और कब हुई
- तारीख: 10 नवंबर 2025 (सोमवार)
- समय: लगभग शाम 6:50:52 PM (सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पर यही समय दिखा)
- स्थान: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास, गेट नंबर-1 के नज़दीक, लाल किले चौराहा।
- घटना के वक्त ट्रैफिक सिग्नल पर कई वाहन धीरे-धीरे चल रहे थे — बाइक, कार और ऑटो की लाइनें लगी हुई थीं। इसी दौरान एक आई-20 कार में अचानक जोरदार धमाका हुआ और उसमें आग लग गई। फुटपाथ और आसपास के कई वाहन भी जल गए।
सीसीटीवी फुटेज
बुधवार को पहली बार उस धमाके का CCTV फुटेज जारी हुआ। फुटेज में साफ दिखता है कि ट्रैफिक चल रहा है और अचानक कार से तेज रोशनी/आग की लपटें उठती हैं और कैमरे की फुटेज कुछ देर के लिए अंधेरी हो जाती है। यह फुटेज घटना के समय और माहौल को स्पष्ट करता है और जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है।
नुकसान और घायलों की स्थिति
- मृतक: 12 लोगों की मौत हुई।
- घायल: 20+ लोग घायल; इनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- कई वाहन और बाइक भी धमाके की चपेट में आकर जल गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और कुछ की हालत नाज़ुक है।
संदिग्ध और साजिश
- पुलिस की शुरुआती जानकारी में कार में बैठे व्यक्ति का नाम उमर बताया जा रहा है। बताया गया है कि उमर कार में अकेला ही बैठा था, हालांकि पुलिस आयुक्त ने पहले तीन लोग होने की बात कही थी।
- पुलिस को शक है कि यह हमला दो साल से रची जा रही साजिश का हिस्सा था। जांच में यह पता चला कि किसी नेटवर्क ने लोगों की भर्ती और फंडिंग पिछले कुछ वर्षों से की थी। यह समूह एन्क्रिप्टेड चैनलों का प्रयोग कर रहा था और कुछ कामों को धर्मार्थ या शैक्षिक आड़ में छुपाकर फंड इकट्ठा किया जा रहा था।
- शुरुआती पड़ताल में यह भी आशंका जताई जा रही है कि उमर डर कर भागने की कोशिश में या घबराहट में विस्फोट कर बैठा — यानी फिलहाल इसे सीधे आत्मघाती हमला मानने से पहले जांच चल रही है।

विस्फोटक और फॉरेंसिक रिपोर्ट
- घटनास्थल से दो तरह के विस्फोटकों के नमूने और दो कारतूस बरामद हुए हैं। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) इनकी जांच कर रही है।
- प्रारंभिक विश्लेषण में एक नमूना अमोनियम नाइट्रेट जैसा दिख रहा है। दूसरा नमूना अमोनियम नाइट्रेट से भी ज्यादा शक्तिशाली बताया जा रहा है — पर अभी फाइनल रिपोर्ट आने पर ही सही निष्कर्ष मिल पाएगा।
- अभी तक मौके से 40 से ज़्यादा सैंपल इकट्ठा किए जा चुके हैं और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट में ईंधन तेल और डेटोनेटर के इस्तेमाल की भी आशंका है।
जांच एजेंसियाँ और कानूनी मामला
- मामले की जांच फिलहाल एनआईए कर रही है। दिल्ली पुलिस ने भी तफ्तीश में सहयोग दिया है।
- दिल्ली पुलिस ने इस घटना को यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में दर्ज कर लिया है — जो आमतौर पर आतंकी साजिश और विस्फोटक से जुड़े मामलों के लिए लागू होते हैं।
- पुलिस ने आसपास के सभी CCTV फुटेज खंगाले हैं और उमर की कार के 11 घंटे का रूट पुलिस ने ट्रेस कर लिया है। जांच में पाया गया कि उमर लगभग तीन घंटे सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में रुका हुआ था और वहीं उसने इंटरनेट पर फरीदाबाद में साथियों की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरें देखीं।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा और बड़ी साजिश को नाकाम करना
- सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अगर विस्फोटक का पूरा प्लान के मुताबिक इस्तेमाल हुआ होता, तो नुकसान और भी बहुत बड़ा हो सकता था।
- उन्होंने बताया कि सतर्कता और समय-सीमित कार्रवाई की वजह से बड़ी साजिश नाकाम हुई। एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में की गई कुछ कार्रवाइयाँ भी इस नेटवर्क से जुड़ी हुई लग रही हैं — इन सबकी गहन जांच जारी है।
पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता
दिल्ली सरकार ने धमाके के पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है:
- मृतकों के परिजनों को ₹10,00,000 (दस लाख) का अनुदान।
- अस्थायी रूप से अक्षम लोगों को ₹5,00,000।
- गंभीर रूप से घायल लोगों को ₹2,00,000।
- साधारण घायलों को ₹20,000 दी जाएगी।
अभी क्या जानना बाकी है
- विस्फोटकों की फाइनल फॉरेंसिक रिपोर्ट और उनके स्रोत की पहचान अभी बाकी है।
- नेटवर्क के और हिस्सेदारों की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
- घटना की पूरी न्यायिक और फॉरेंसिक प्रक्रिया के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि यह पूर्वनियोजित आत्मघाती हमला था या दुर्घटनावश विस्फोट हुआ।
Crime
Panipat में Police-Criminal Encounter: दो को गोली लगी, एक दबोचा; घर में Firing कर की थी लूट
हरियाणा के पानीपत में पुलिस ने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत बड़ी कार्रवाई की है। विकास नगर में हुए लूट और फायरिंग मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें से दो बदमाश मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए PGIMS रोहतक/खानपुर मेडिकल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इनसे तीन अवैध पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
क्या था पूरा मामला?
13 अक्टूबर की रात विकास नगर निवासी राजवंती, पत्नी सुरेश, ने पुलिस को शिकायत दी थी कि संजीव उर्फ बाजा और उसके साथी उनके घर में घुस आए थे। उन्होंने परिवार पर फायरिंग की और घर से
- ₹3 लाख नकद
- सोने की चेन
- चांदी की पायलें
लूट ली थीं। यह मामला जमीनी विवाद से जुड़ा बताया गया।
पुलिस ने कैसे पकड़े आरोपी
पानीपत के SP भूपेंद्र सिंह ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश के लिए CIA वन की टीम को लगाया। इंस्पेक्टर विजय के नेतृत्व में टीम लगातार सुराग जुटा रही थी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी जवाहरा-शाहपुर रोड से रात के समय गुजरने वाले हैं।
इस पर पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी की।
जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चला दीं और मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश की।
मुठभेड़ कैसे हुई
- बदमाशों ने पुलिस पर 4 राउंड फायरिंग की
- पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की
- इस दौरान आरोपियों संदीप और सन्नी के पैर में गोली लगी
- तीसरा आरोपी भागते हुए पकड़ लिया गया
फिलहाल दोनों घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बरामदगी
मौके से पुलिस ने
• 3 पिस्तौल
• 6 जिंदा कारतूस
जब्त किए।
FIR दर्ज
- इस लूट व फायरिंग की पहली FIR सेक्टर-29 थाने में दर्ज है।
- मुठभेड़ और हथियार बरामदगी के मामले में नई FIR नंबर 356, दिनांक 8 नवंबर 2025, थाना इसराना में दर्ज हुई है।
SP का बयान
SP भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत यह पुलिस की बड़ी सफलता है। आरोपियों के क्राइम रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश भी जारी है।
पुलिस ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
Crime
Corruption के खिलाफ Amritsar में Vigilance की बड़ी कार्रवाई, SHO के नाम पर रिश्वत लेते आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया
भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अमृतसर में एक बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने एक ऐसे शख्स को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है जो SHO (थानेदार) के नाम पर रिश्वत ले रहा था। यह कार्रवाई अमृतसर के छेहरटा इलाके में की गई।
जानकारी के मुताबिक, एक स्थानीय व्यक्ति ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि कुछ समय पहले SHO और उसकी टीम उसके घर आई थी। उन्होंने उस व्यक्ति पर नशा तस्करी (drug smuggling) के आरोप लगाए और धमकी दी कि अगर मामला सुलझाया नहीं गया तो उसके खिलाफ अपराध का केस दर्ज कर दिया जाएगा।
शिकायतकर्ता ने डर के कारण SHO के एक जानकार ललित अरोड़ा से संपर्क किया। बताया गया कि ललित अरोड़ा ने SHO की ओर से केस दर्ज न करने के बदले ₹25 लाख की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकता, जिस पर दोनों के बीच ₹5 लाख में सौदा तय हो गया।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरा मामला विजिलेंस विभाग को बताया। विभाग ने पहले जांच की और फिर कार्रवाई करने का प्लान बनाया। जब ललित अरोड़ा शिकायतकर्ता से ₹5 लाख रिश्वत लेते हुए मिला, तो विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाहों की मौजूदगी में उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ अमृतसर में केस दर्ज कर लिया गया है और अब विजिलेंस यह जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में SHO या उसकी टीम के अन्य सदस्य भी शामिल थे या नहीं।
विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति पुलिस या सरकारी अफसर के नाम पर जनता को धोखा न दे सके।
मुख्य बातें एक नज़र में:
- विजिलेंस की कार्रवाई अमृतसर के छेहरटा इलाके में हुई।
- आरोपी ललित अरोड़ा, SHO के नाम पर रिश्वत मांग रहा था।
- रिश्वत की रकम ₹25 लाख मांगी गई, ₹5 लाख पर डील तय हुई।
- विजिलेंस ने आरोपी को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
- केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू हो चुकी है।
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