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Punjab में अवैध खनन पर सरकार का ‘मास्टरस्ट्रोक’, क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स की शुरुआत; कीमतों पर लगेगी लगाम
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमित खनन प्रणाली को मज़बूत रूप से लागू करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज पंजाब में क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों (सी.आर.एम.एस.) की शुरुआत की। पठानकोट ज़िले में स्थित इन साइटों की शुरुआत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि इस पहल से बाज़ार में रेत और अन्य खनिजों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा राज्यभर में ग़ैर-कानूनी खनन पर अधिक प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकेगा।
इस अवसर पर खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री, क्रशर मालिकों, भूमि मालिकों और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में दो क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन दोनों साइटों के अंतर्गत 4.46 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के साथ विभाग द्वारा एक सुव्यवस्थित ढांचा लागू किया जा रहा है, जिसके तहत स्वीकृत खनन योजनाओं और पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों के अंतर्गत पंजीकृत क्रशर इकाइयाँ सीधे खनन गतिविधियों से जुड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री
स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के लोगों को किफ़ायती दरों पर रेत और अन्य खनिज पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों तथा लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के संचालन से लघु खनिजों की कानूनी आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे बाज़ार में कीमतें स्थिर और उचित बनी रहेंगी।
नई खनन नीति के तहत की गई पहलों का विवरण साझा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्यभर से क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों के लिए कुल 138 आवेदन तथा लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के लिए 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 305.59 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 44 साइटों की ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्टें स्वीकृत हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 79.74 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 14 साइटों को पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी 44 स्वीकृत साइटों को 31 मार्च 2026 तक अंतिम अनुमति मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद इन साइटों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
श्री गोयल ने बताया कि 44 स्वीकृत माइनिंग साइटों पर 31 मार्च 2026 तक कार्य आरंभ हो जाएगा, जो राज्यभर में लघु खनिजों की कानूनी आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार की समयबद्ध कार्य-योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शेष 119 साइटों पर भी इसी वर्ष के भीतर सभी कानूनी स्वीकृतियां और पर्यावरणीय मंजूरियां पूर्ण होने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ किया जाएगा। यह विस्तार बाज़ार में रेत और बजरी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, प्रभावी निगरानी को सुदृढ़ करेगा तथा पूरे पंजाब में ग़ैर-कानूनी खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाएगा।
खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि कानूनी खनन आपूर्ति का विस्तार न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि करेगा, बल्कि खनन क्षेत्र में नियमितता भी लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मान सरकार द्वारा ग़ैर-कानूनी माइनिंग के विरुद्ध ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और ग़ैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जा रही है।
इस सुव्यवस्थित ढांचे के बारे में और विस्तार से बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एक क्रशर-ओनर माइनिंग साइट पर पंजीकृत क्रशर मालिक अपनी स्वयं की भूमि पर, लीज़ पर ली गई भूमि पर अथवा विधिवत पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से प्राप्त भूमि पर स्वीकृत माइनिंग योजना, ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्ट तथा पर्यावरणीय स्वीकृति के अनुसार खनन कर सकता है। इसी प्रकार लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के अंतर्गत भूमि स्वामी कानूनी एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने के उपरांत अपनी भूमि पर खनन कार्य कर सकता है।
कैबिनेट मंत्री ने दोहराया कि भविष्य में विभाग कानूनी स्वीकृतियों की प्रक्रिया को और तेज़ करेगा, पर्यावरणीय नियमों का सख़्ती से पालन सुनिश्चित करेगा तथा सतत खनन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के साथ निकट समन्वय में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बुनियादी ढांचा विकास को गति देगी और पंजाब भर में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगी।
बैठक के दौरान मुख्य अभियंता (माइनिंग) स. हरदीप सिंह मैंदीरत्ता, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा क्रशर प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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जयपुर में 24 घंटे के लिए डिजिटल कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह प्रतिबंध बीती रात 12 बजे से लागू हो गया है और आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के संवेदनशील इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं, जिससे माहौल खराब होने का खतरा है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा SMS और MMS सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाने, शांति भंग करने या जारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य रहने पर प्रतिबंध हटाने को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।
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7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।
भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।
इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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