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सोना ₹1.33 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर: सोना ₹1.33 लाख के ऑलटाइम हाई पर, चांदी ₹2,958 गिरी

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सोने-चांदी की कीमत रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. सोना अपने ऑल टाइम हाई की सीमा को पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना चुका है. चांदी की कीमत अपने पहली बार 2 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर गई है. सोने-चांदी की इस ब्रेक फेल कीमत ने जहां खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं एक्सपर्ट को इसे खतरे की घंटी मान रहे हैं.

सोना के दाम में आज यानी 15 दिसंबर को ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम सोने की कीमत 732 रुपए बढ़कर 1,33,442 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। इससे पहले ये 1,32,710 रुपए पर था।

वहीं, चांदी के दाम में आज गिरावट है। 2,958 रुपए गिरकर 1,92,222 रुपए किलो हो गई है। इससे पहले ये 1,95,180 रुपए पर थी। ये इसका ऑल टाइम हाई भी है।

अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं?

IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।

इस साल सोना ₹57,280 और चांदी ₹1,06,205 महंगी हुई

  • इस साल अब तक सोने की कीमत 57,280 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,33,442 रुपए हो गया है।
  • चांदी का भाव भी इस दौरान 1,06,205 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 1,92,222 रुपए प्रति किलो हो गई है।

गोल्ड में तेजी के 2 प्रमुख कारण

  • जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।
  • रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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आम जनता को बड़ा झटका: घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

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बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस यानी Liquefied Petroleum Gas (LPG) के दामों में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब बढ़कर 913 रुपये हो गई है। इससे पहले राजधानी दिल्ली में यह सिलेंडर 853 रुपये में मिल रहा था। नई कीमतें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं। रसोई गैस की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से आम जनता के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

आम परिवारों की जेब पर बढ़ेगा बोझ

रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। ऐसे में कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी से लाखों परिवारों के मासिक खर्च में इजाफा होना तय है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का कारण बन सकती है। घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल देश के अधिकांश घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार की उज्ज्वला योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी गैस कनेक्शन की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में महसूस किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों पर निर्भर करती हैं। हाल के समय में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संसाधनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।विशेष रूप से Iran से जुड़े क्षेत्रीय तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। इससे कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका प्रभाव एलपीजी के दामों पर भी दिखाई देता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय होते हैं दाम

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। एलपीजी भी काफी मात्रा में विदेशों से आयात की जाती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में होने वाले बदलाव का सीधा असर देश के घरेलू बाजार पर पड़ता है। तेल विपणन कंपनियां वैश्विक कीमतों, मुद्रा विनिमय दर और परिवहन लागत को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर रसोई गैस की कीमतों में बदलाव करती हैं।

लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश में LPG गैस सिलेंडर की ताज़ा कीमत

ताज़ा जानकारी के अनुसार घरेलू LPG (14.2 किलोग्राम) गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। देशभर में लगभग ₹60 की बढ़ोतरी के बाद कीमतें बढ़ गई हैं।

  • लखनऊ (Lucknow) में LPG सिलेंडर की कीमत
  • घरेलू LPG (14.2 kg): लगभग ₹980 के आसपास (पहले लगभग ₹890.50)
  • कमर्शियल LPG (19 kg): लगभग ₹1900 – ₹2000 के बीच (डीलर और टैक्स के अनुसार अलग हो सकती है)

पहले भी बढ़ चुकी हैं कीमतें

पिछले कुछ वर्षों में एलपीजी की कीमतों में कई बार बदलाव देखने को मिला है। कभी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है तो कभी राहत भी दी गई है। हालांकि, हाल के समय में गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस के दाम बढ़ना उनके बजट को प्रभावित कर रहा है।

शहरगैस सिलेंडर कीमत (लगभग)
लखनऊ₹940 – ₹980
वाराणसी₹960 के आसपास
कानपुर₹940 – ₹950
नोएडा / गाजियाबाद₹910 – ₹930
प्रयागराज₹940 के आसपास

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर असर

देश में Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना और महिलाओं को धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना था।

हालांकि गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से इन लाभार्थियों के लिए सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो सकता है। कई सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि गरीब परिवारों को गैस पर अतिरिक्त सब्सिडी दी जाए ताकि वे इस सुविधा का लाभ लगातार उठा सकें।

महंगाई पर बढ़ी चिंता

रसोई गैस के दाम बढ़ने से महंगाई को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पहले से ही खाद्य पदार्थों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ना लोगों के घरेलू खर्च को और बढ़ा सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अप्रत्यक्ष रूप से अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि कई छोटे व्यवसाय और खाद्य प्रतिष्ठान भी एलपीजी का उपयोग करते हैं।

सरकार की नीति और सब्सिडी पर नजर

एलपीजी की कीमतों को लेकर सरकार की सब्सिडी नीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समय-समय पर सरकार सब्सिडी के जरिए उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश करती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती है, तो सरकार को उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई नीतियों पर विचार करना पड़ सकता है।

आम लोगों की प्रतिक्रिया

कीमतों में बढ़ोतरी की खबर सामने आते ही आम लोगों में चिंता देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि पहले से ही रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़े हुए हैं और अब रसोई गैस महंगी होने से घरेलू खर्च और बढ़ जाएगा। कुछ उपभोक्ताओं ने उम्मीद जताई है कि सरकार आने वाले समय में गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत देने के लिए कोई कदम उठा सकती है।

आगे कीमतों में बदलाव संभव

ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर एलपीजी की कीमतों में फिर बदलाव संभव है। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें कम होती हैं तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है, लेकिन यदि कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है तो घरेलू गैस सिलेंडर और महंगा भी हो सकता है।

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चांदी 2 दिन में ₹26 हजार सस्ती हुई:₹2.64 लाख किलो पर आई, 10 ग्राम सोना ₹7 हजार गिरकर ₹1.62 लाख का हुआ

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सोने और चांदी के दामों में आज यानी 5 मार्च को लगातार दूसरे दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2 हजार रुपए घटकर ₹1.60 लाख पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.62 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना 2 दिन में 7 हजार रुपए सस्ता हुआ है।

वहीं, एक किलो चांदी 7 हजार रुपए गिरकर ₹2.64 लाख पर आ गई है। इससे पहले इसकी कीमत ₹2.71 लाख रुपए प्रति किलो थी। ये दो दिन में 26 हजार रुपए सस्ती हुई है। सोना चांदी के दाम में ये गिरावट प्रॉफिट बुकिंग की वजह से आई है।

सोना इस साल ₹26 हजार और चांदी ₹27 हजार महंगी

इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.60 लाख रुपए पर है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 27 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 24 हजार रुपए महंगी हुई है।

इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल

तारीखसोनाचांदी
31 दिसंबर 2025₹1,33,195₹2,30,420
20 जनवरी 2026₹1,47,409₹3,09,345
10 फरवरी 2026₹1,56,255₹2,59,100
28 फरवरी 2026₹1,59,097₹2,66,700
5 मार्च 2026₹1,60,586₹2,64,212

अमेरिका-ईरान तनाव पर निर्भर रहेगा बाजार

जानकारों का मानना है कि सोने-चांदी की अगली चाल इन दो बातों पर निर्भर करेगी:

  1. मिडल ईस्ट संकट: अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है या कच्चे तेल की कीमतें फिर से उछलती हैं, तो सोने-चांदी में दोबारा तेजी आ सकती है।
  2. अमेरिकी डेटा: अगर अमेरिका के आर्थिक आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो डॉलर मजबूत होगा और इससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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आज से बिना सिम नहीं चलेगा WhatsApp , सरकार ने लागू किया नया नियम

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SIM Binding Rules: आज एक मार्च से केंद्र सरकार का सिम बाइंडिंग नियम लागू हो गया है और WhatsApp और टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप इसी मोबाइल नंबर से चल पाएंगे जिसका सिम फोन में एक्टिव हो। इसका मतलब है कि जिस नंबर से व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया है, वहीं सिम आपके फोन में होना जरूरी है। अगर आपने सिम निकाला है, बंद किया है या किसी और हैंडसैट में डाला है तो आपका व्हाट्सऐप काम करना बंद कर देगा। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य है कि साइबर फ्रॉड रोका जा सके और डिजिटल धोखाधड़ी से यूजर्स को बचाया जा सके। ध्यान रहे कि सिम इनएक्टिव या बंद रहने पर व्हाट्सऐप काम नहीं करेगा और हर व्हाट्सऐप, टेलीग्राम अकाउंट उसी कंडीशन में काम करेंगे जब उनसे कनेक्टेड नंबर वाला सिम उस फोन में पड़ा होगा जिससे ये अकाउंट यूज किए जा रहे हैं। 

दूरसंचार मंत्रालय ने 28 नवंबर को दिया था 90 दिनों का समय- कल खत्म हुई मियाद

दूरसंचार मंत्रालय ने 28 नवंबर को सिम बाइंडिग नियमों का ऐलान किया था और इन्हें लागू करने के लिए इन सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म कंपनियों को 90 दिनों का समय दिया था जो समयसीमा कल 28 फरवरी को खत्म हो गई है।  व्हाट्सऐप ने अभी इसको लेकर कोई ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है लेकिन इसी हफ्ते में व्हाट्सऐप ने ऐलान किया था कि भारत के सिम बाइडिंग नियमों के साथ उसने टेस्टिंग शुरू कर दी है।

डेस्कटॉप लॉगिन पर क्या होगा असर

वेब और डेस्कटॉप लॉगिन पर हर 6 घंटे में आपका अकाउंट लॉग-आउट हो जाएगा और इसे क्यूआर कोड से दोबारा लॉगिन करना होगा। 

आप पर क्या होगा असर

सरकार की कोशिश है कि इस कदम की मदद से साइबर ठगों, साइबर क्रिमिनल्स और डिजिटल अरेस्ट करने वालों पर लगाम लगाई जा सके।  ये कदम आम लोगों की भलाई के लिए ही है और इससे उन्हें कोई नुक्सान नहीं होगा। केवल कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. जैसे कि एक्टिव सिम अगर फोन में नहीं है तो आपके फोन में व्हा्टसऐप, टेलीग्राम नहीं चल पाएंगे। सिम निकालकर दूसरे फोन में डालने पर व्हा्टसऐप रुक जाएगा। अगर आप सिम निकालते हैं तो व्हाट्सऐप टेंपरेरी इनएक्टिव हो सकता है और आपको दोबारा अपने हैंडसेट में सिम डालकर लॉगिन प्रॉसिस करना पड़ेगा। 

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