Connect with us

Haryana

Hisar में मेकअप आर्टिस्ट के साथ हुआ गैंगरेप, पीड़िता ने कहा BJP नेता और प्रॉपर्टी डीलर घर दिलाने के बहाने होटल ले गए

Published

on

Hisar पर मेकअप का काम करने वाली एक महिला ने बताया कि कुछ लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया गया है। उसका दावा है कि दो लोगों ने उसके साथ ऐसा किया। इनमें से एक व्यक्ति निगरानी करने वाले समूह का सदस्य है और दूसरा जमीन बेचने का काम करता है।

लड़की ने बताया कि दो लोगों ने उसे घर खोजने में मदद करने की बात कहकर धोखा दिया। इसके बजाय वे उसे एक होटल में ले गए और उसे ऐसा पेय पिलाया जिससे उसे अजीब महसूस हुआ। उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ क्या हुआ।

मंगलवार, 22 अक्टूबर को एक लड़की डॉक्टर को दिखाने अस्पताल गई थी। जब उसने पुलिस को बताया कि क्या हुआ, तो उन्होंने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस होटल में लगे कैमरों से वीडियो भी देख रही है कि क्या इससे उन्हें मदद मिल सकती है।

भाजपा नेता मंदीप मलिक ने बताया कि उनके बारे में कही गई बुरी बातें सच नहीं हैं। उनका मानना ​​है कि घर बेचने वाला दूसरा व्यक्ति जानबूझकर उन्हें धोखा देने की कोशिश कर रहा है।

शहर के एक अच्छे मोहल्ले में रहने वाली एक लड़की ने पुलिस को बताया कि उसे घर खरीदना है। इसलिए, उसने मिल गेट रोड पर प्रॉपर्टी का कारोबार करने वाले प्रदीप सहरावत नाम के एक व्यक्ति को फोन किया। प्रदीप ने कहा कि वह उसे घर खोजने में मदद करेगा।

लड़की ने बताया कि जब उसने प्रदीप सहरावत को दोबारा फोन किया, तो मंदीप मलिक नाम के एक व्यक्ति ने फोन उठाया। उसने उससे कहा कि अगर उसे घर के बारे में बात करनी है, तो उसे मिनी पंजाब नामक एक होटल में आना चाहिए, जो बाईपास रोड पर है। उसने यह भी बताया कि घर बेचने वाला व्यक्ति भी वहीं होगा। इसलिए, वह होटल चली गई।

लड़की ने बताया कि भाजपा नामक एक संगठन के लिए काम करने वाले मंदीप मलिक नाम के एक व्यक्ति ने उसे एक होटल में मुलाकात की और उसके लिए एक कोल्ड ड्रिंक मंगवाई। इसे पीने के बाद उसे बहुत चक्कर आने लगे और कमजोरी महसूस होने लगी। प्रदीप सहरावत नाम का एक और व्यक्ति भी होटल में आया। उन दोनों ने उसे बहुत बुरी तरह से चोट पहुंचाई। जब लड़की ने मंदीप से कहा कि वह किसी को बताएगी कि क्या हुआ, तो उसने उसे यह कहकर डरा दिया कि वह सरकार में महत्वपूर्ण लोगों को जानता है और वे उसका कुछ नहीं कर सकते।

भाजपा से जुड़े मनदीप मलिक ने कहा कि जिस मामले की बात हो रही है, उसमें उनका कोई हाथ नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदीप सहरावत नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर ने एक कंपनी के बारे में शिकायत की थी, जिसकी वजह से दूसरे पक्ष को ठेस पहुंची।

एक जमीन बेचने वाले व्यक्ति और दूसरे व्यक्ति के बीच समस्या पर बात करने के लिए लोगों के एक समूह के साथ बैठक हुई थी। मुझे भी इस बैठक में बुलाया गया था। कोई व्यक्ति लोगों को बरगलाने के लिए एक लड़की का इस्तेमाल कर रहा है, और मैं यह भी नहीं जानता कि वह कौन है।

हरियाणा के भाजपा के एक नेता ने एक स्पोर्ट्स खेलने वाली लड़की के साथ अनुचित व्यवहार किया। वह बस में उसके बगल में बैठा, उससे बात की और फिर उसे इस तरह से देखा कि वह असहज हो गई। दूसरे खिलाड़ी परेशान हो गए और इस पर खूब शोर मचाया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Haryana

हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

Published

on

भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

Continue Reading

Haryana

जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

Published

on

जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

Continue Reading

Haryana

हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन

Published

on

हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश


मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.

क्या हैं मुख्य शर्तें?


अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.

सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश


यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.

Continue Reading

Trending