Politics
भोआ के 4 गांवों को मिलेगी बड़ी सड़क सुविधा, ₹1 करोड़ की लागत से शुरू होगा निर्माण
पठानकोट के भोआ विधानसभा क्षेत्र के चार गांवों के लोगों को जल्द ही बेहतर सड़क सुविधा मिलने जा रही है। इन गांवों में करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण शुरू किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक ने इन विकास कार्यों का नींव पत्थर रखा।
इस मौके पर मंत्री ने सिर्फ सड़क निर्माण की शुरुआत ही नहीं की, बल्कि गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने मंत्री के सामने पानी की कमी, ड्रेनेज की समस्या, गलियों की खराब हालत और सड़कों की बदहाल स्थिति सहित कई स्थानीय मुद्दे रखे।
ग्रामीणों के मुताबिक, इन समस्याओं की ओर पिछले करीब 20 वर्षों से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण उन्हें लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खास तौर पर खराब सड़कों के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और किसानों को काफी दिक्कत होती थी।
अब सड़क निर्माण का काम शुरू होने की खबर से गांवों के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नई सड़कों के बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि गांवों को आसपास के क्षेत्रों से बेहतर तरीके से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण के अलावा उनके द्वारा बताई गई अन्य समस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सड़क निर्माण की शुरुआत पर गांववासियों ने सरकार और कैबिनेट मंत्री का धन्यवाद किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही अन्य समस्याओं का समाधान भी जल्द किया जाएगा।
National
अमित शाह ने एसीबी पर दबाव डाल कर सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कराया- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेता व पंजाब के सह प्रभारी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का सीधा हाथ बताया। उन्होंने अमित शाह से पूछा कि आपने एसीबी पर दबाव डाल कर सत्येंद्र जैन को क्यों गिरफ्तार कराया? एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह तक एसीबी का सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने को कोई प्लान नहीं था, लेकिन दोपहर में अमित शाह का सीधे एसीबी को फ़ोन आया कि गिरफ़्तार कर लो, तब गिरफ़्तार किया।
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बताएं कि उन्होंने जांच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येन्द्र जैन को क्यों गिरफ़्तार करवाया? एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह तक एसीबी का सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने का कोई प्लान नहीं था। फिर दोपहर में अमित शाह का सीधे फ़ोन आया कि गिरफ़्तार कर लो। तब गिरफ़्तार किया। ज़ाहिर है कि अब गिरफ्तारी इस बात से नहीं होती कि किसी ने कोई गुनाह किया है या नहीं बल्कि इस बात से होती है कि वे दोनों किसे गिरफ़्तार करना चाहते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गिरफ्तारी तब की जाती है, जब पुलिस को उस व्यक्ति से पूछताछ और जांच करनी हो। सत्येंद्र जैन की पुलिस ने कस्टडी ही नहीं ली। इसका मतलब सत्येंद्र से कोई पूछताछ नहीं करनी। केवल अमित शाह के दबाव के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
Politics
मानसून को लेकर पंजाब सरकार अलर्ट, बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम
पंजाब में मानसून सीजन के दौरान बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बाढ़ से बचाव के इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने और बाकी बचे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
विभाग के अनुसार, राज्य में करीब 414.75 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न बाढ़ रोधी कार्य करवाए गए हैं। इनमें 101 बोल्डर और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, 17 बांधों को ऊंचा करने और 22 बांधों को मजबूत करने के काम शामिल हैं। इसके अलावा 188 ड्रेनों की सफाई और पांच बाढ़ नियंत्रण गेटों से जुड़े कार्य भी किए गए हैं।
बैठक के दौरान अधिकारियों को नदियों, ड्रेनों और बांधों समेत बाढ़ की आशंका वाले सभी इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही गाद निकालने और अन्य जरूरी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए कहा गया, ताकि भारी बारिश या जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पंजाब सरकार का कहना है कि मानसून के दौरान लोगों की जान-माल, कृषि भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने और आपात स्थिति में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रखा जा रहा है।
Politics
पंजाब सरकार ने हर मंच पर RDF का मुद्दा उठाया, लेकिन केंद्र अभी भी किसानों के पैसे रोके बैठा है: हरपाल सिंह चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस बयान को कि ‘पंजाब के किसी भी मंत्री ने कभी भी सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट फंड (आरडीएफ) के पैसे के लिए संपर्क नहीं किया’ बहुत गैर-जिम्मेदाराना, गुमराह करने वाला और सरासर झूठ बताया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता झूठ बोलने में माहिर हैं और जनता के सामने हर बात को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं। उन्होंने साफ किया कि पंजाब सरकार ने लगातार और हर प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार के सामने आरडीएफ फंड का मुद्दा उठाया है।
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए हरपाल चीमा ने आंकड़ों और मीटिंग्स की जानकारी देते हुए कहा कि 28 नवंबर 2024 को उन्होंने खुद कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक के साथ केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की थी और 3 प्रतिशत आरडीएफ का पैसा जारी करने की मांग की थी। इसके अलावा 17 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की थी और यही मांग दोहराई थी। 10 जनवरी को वित्त मंत्री चीमा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की, जिसके बाद मुख्यमंत्री मान ने 17 जनवरी को वित्त मंत्रीअमित शाह से मुलाकात की। 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री फिर कंज्यूमर अफेयर्स और फूड मंत्री प्रहलाद जोशी से मिले और 30 जून को वित्त मंत्री चीमा ने फिर निर्मला सीतारमण से फंड जारी करने की रिक्वेस्ट की।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने भी लेटर लिखकर केंद्र सरकार को डिमांड भेजी थी। इसके अलावा, जीएसटी काउंसिल की मीटिंग्स में भी यह मुद्दा निर्मला सीतारमण के सामने उठाया गया था और अगस्त 2025 की जीएसटी काउंसिल में इस पर डिटेल में चर्चा हुई थी। हाल ही में, 14 मार्च 2026 को वित्त मंत्री चीमा ने भारत सरकार को ऑफिशियल लेटर भेजकर आरडीएफ का बकाया जारी करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि खुद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने भरोसा दिलाया था कि वह अमित शाह और निर्मला सीतारमण से मिलकर पंजाब को उसका बनता कानूनी हक दिलाएंगे, लेकिन इसके बावजूद न तो फंड जारी किया गया और न ही कोई पॉजिटिव कदम उठाया गया।
वित्त मंत्री चीमा ने हैरानी जताते हुए कहा कि एक सीनियर केंद्रीय मंत्री, जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पंजाब का केंद्र सरकार की तरफ कुल ₹9,821 करोड़ का आरडीएफ बकाया है। भारत सरकार एमएसपी पर गेहूं और धान खरीदती है, जिस पर नियमों के मुताबिक 3 प्रतिशत आरडीएफ का पैसा दिया जाता है। केंद्र सरकार पहले पैसे के गलत इस्तेमाल की बात करती थी, जबकि सच यह है कि इसका गलत इस्तेमाल पिछली अकाली-भाजपा सरकार के दौरान हुआ था। आम आदमी पार्टी सरकार ने 2022 में रेगुलर बदलाव किए और तय किया कि आरडीएफ का पैसा सिर्फ और सिर्फ किसानों की मंडियों और गांव की सड़कों को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा।
चीमा ने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पंजाब के किसानों और आम जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केंद्रीय मंत्री गुमराह करने वाले प्रोपेगैंडा का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बहुत जागरूक हैं और वे अच्छी तरह जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी लगातार पंजाब और पंजाबियों के हितों के खिलाफ काम करती रही है।
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