Haryana
पूर्व डिप्टी सीएम Dushyant Chautala इस तारीख को नामांकन दाखिल करेंगे, कहा कि वह इस चुनाव में विरोधियों का भ्रम तोड़ देंगे
जननायक जनता पार्टी नामक समूह के नेता और उपमुख्यमंत्री रह चुके Dushyant Chautala कल यानी 5 सितंबर को आधिकारिक तौर पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह खबर शेयर की। चौटाला ने यह भी कहा कि वह इस चुनाव में अपने विरोधियों को दिखाएंगे कि वे गलत हैं।
दुष्यंत चौटाला गुरुवार यानी 5 सितंबर को सुबह 11 बजे यह कहने जा रहे हैं कि वह नेता बनना चाहते हैं। वह यह बात हरियाणा के उचाना नामक स्थान के लिए कहेंगे। दुष्यंत ने कहा कि वह अपने विरोधियों को दिखाना चाहते हैं कि वे सही नहीं हैं और ऐसा करते हुए वह सभी की शुभकामनाएं मांग रहे हैं।
दुष्यंत चौटाला ने चुनाव के लिए आजाद समाज पार्टी के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि चंद्रशेखर आजाद की पार्टी 20 सीटें जीतने की कोशिश करेगी और दुष्यंत की पार्टी जेजेपी 70 सीटें जीतने की कोशिश करेगी।
दुष्यंत चौटाला आज तक नामक न्यूज चैनल से बात कर रहे थे। उन्होंने नायब सैनी नामक व्यक्ति और इनेलो नामक समूह से कहा कि अब वे और भी मजबूत महसूस कर रहे हैं और आगामी चुनावों में कड़ी मेहनत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा पार्टी को जेजेपी नामक एक अन्य समूह की मदद की जरूरत है और वे हारने की संभावना रखते हैं। उनका मानना है कि जल्द ही जनता उन्हें दिखा देगी कि वे क्या सोचते हैं। नायब सिंह सैनी ने कहा कि दुष्यंत चाहें तो एक या दो सीटें ले सकते हैं। दुष्यंत ने जवाब दिया कि सैनी को पहले अपनी सीट जीतने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने उल्लेख किया कि यह स्पष्ट नहीं है कि सैनी करनाल या नारायणगढ़ में से किस सीट से चुनाव लड़ेंगे। दुष्यंत ने सैनी की तुलना एक पतंग से की जो ठीक से उड़ नहीं सकती क्योंकि उसकी डोर टूट गई है, जिसका अर्थ है कि वे अनिश्चित हैं और भागने के लिए एक आसान जगह की तलाश कर रहे हैं। दुष्यंत ने बताया कि सैनी मुख्यमंत्री हैं और भाजपा में एक बड़े नेता हैं, लेकिन वे करनाल में एक सीट चुनने के लिए पर्याप्त आश्वस्त नहीं हैं। दुष्यंत ने सुझाव दिया कि सैनी को आधिकारिक तौर पर यह कहने के लिए एक तारीख तय करनी चाहिए कि वे चुनाव लड़ना चाहते हैं। दुष्यंत का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अभी तक सभी को यह नहीं बताया है कि उनके लिए चुनाव में कौन उम्मीदवार होगा।
उन्हें लगता है कि वे निर्णय लेने में बहुत समय ले रहे हैं। कांग्रेस पार्टी जल्द ही अपनी पसंद के बारे में चर्चा करने के लिए एक बैठक करने जा रही है। सबसे पहले, वे तय करेंगे कि कौन चुनाव लड़ेगा, लेकिन फिर इस बारे में कुछ बहस हो सकती है। उन्हें यह भी लगता है कि इन पार्टियों में नेता कौन होगा, इस बारे में महत्वपूर्ण निर्णय उनके गृहनगर हरियाणा में नहीं, बल्कि दिल्ली में बहुत दूर किए जा रहे हैं।
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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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