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Punjab

पंजाब में पहली बार गन्ने के 100 प्रतिशत बकाए का निपटारा, भगवंत मान सरकार ने साल 2025-26 के पिढ़ाई सीजन के दौरान किसानों को 695.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने कृषि और सहकारी क्षेत्रों को मजबूत करने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस तहत पहली बार पंजाब सरकार ने साल 2025-26 के पिढ़ाई सीजन के दौरान गन्ना किसानों के 100 प्रतिशत बकाए अदा कर दिए हैं। प्रदेश भर की शुगर मिलों ने रिकॉर्ड 167.20 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की और 695.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, ताकि किसानों को उनकी फसल के बकाए का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

यह उपलब्धि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की किसान कल्याण, फसल विविधीकरण और ग्रामीण समृद्धि के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने और गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि विकास के नए अवसर पैदा किए हैं।

गन्ने की खेती और शुगर मिलें रोजगार के अवसर पैदा करने और हजारों किसान परिवारों की सहायता में अहम भूमिका निभाती आ रही हैं। कृषि को और प्रोत्साहित करने के लिए सहकारी शुगर मिलों ने किसान-हितैषी कई पहल की हैं, जिनमें उन्नत बीजों की आपूर्ति, सब्सिडी वाली कृषि मशीनरी, उर्वरक, खरपतवार और कीटनाशक, मिट्टी जांच की सुविधाएं, जागरूकता शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इन प्रयासों ने उत्पादन बढ़ाने और गन्ने की खेती में किसानों के विश्वास को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है।

भगवंत मान सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान करने को भी प्राथमिकता दी है। साल 2025-26 के पेराई सीजन के दौरान खरीदे गए गन्ने के सभी भुगतान जारी किए गए, जिससे गन्ना उत्पादकों को बड़ी वित्तीय राहत मिली और सरकार की कृषि नीतियों में उनका भरोसा और मजबूत हुआ।

भगवंत मान सरकार द्वारा बकाए का सीधा भुगतान ने गन्ने की खेती में किसानों का भरोसा बहाल किया: पाल सिंह

गांव हुथियां के सरपंच और बटाला शुगर मिल से जुड़े किसान पाल सिंह ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “मैं पिछले 30 सालों से गन्ने की खेती कर रहा हूं और इस समय मेरे पास 20 एकड़ में गन्ने की खेती है। हम बटाला शुगर मिल से जुड़े हैं और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार के अधीन मिल ने यह सुनिश्चित किया है कि राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचे। कुछ किसानों को 20 लाख रुपये, कुछ को 10 लाख रुपये और कुछ को 15 लाख रुपये सीधे उनके खातों में मिले हैं।

उन्होंने आगे कहा, “हमारे खातों में जमा भुगतान ने किसानों का उत्साह बढ़ाया है। पहले भुगतान राशि समय के साथ किश्तों में आती थी। अब किसानों को बकाए सीधे उनके खातों में मिल गए हैं, जिससे हममें से कई लोगों को गेहूं और धान से आगे बढ़ने और गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।”

भगवंत मान सरकार के समय पर भुगतान ने राहत दी और अन्य किसानों को गन्ने की खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया-लखबीर सिंह

मिल की शुरुआत से ही इससे जुड़े गांव आलोवाल के लखबीर सिंह ने कहा, “जब से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सत्ता में आए हैं, फसल के भुगतान में काफी सुधार हुआ है। पूरा भुगतान जारी करने के फैसले से बटाला मिल से जुड़े किसानों में खुशी की लहर है। जमीन मालिकों को उनके बकाए मिल गए हैं और वे बेहद संतुष्ट हैं।

उन्होंने आगे कहा, “अगर गन्ने का भुगतान इसी तरह होता रहा तो किसान अधिक से अधिक गन्ने की खेती करने और मिलों से जुड़े रहने के लिए बहुत प्रेरित होंगे। मिल ने किसानों को बड़ी राहत दी है और उनके विश्वास को मजबूत किया है।”

मिल के स्टाफ के योगदान की सराहना करते हुए लखबीर सिंह ने कहा, “मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी लगन से काम किया है और इसे सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मिलों में से एक बनाने में मदद की है। इन परिणामों को हासिल करने में उनके प्रयासों ने अहम भूमिका निभाई है।”

मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह सुनिश्चित करके किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है कि भुगतान राशि समय पर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो। इससे किसानों का भरोसा बढ़ा और उन्हें गन्ने की खेती जारी रखने का प्रोत्साहन मिला है।”

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तरनतारन में बड़ी कामयाबी, BSF और पंजाब पुलिस ने हथियारों की बड़ी खेप बरामद की

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पंजाब में सीमा पार से हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तरनतारन पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की है।

इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक MP-09 राइफल और सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क की मदद से भेजे गए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल राज्य में टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम देने, दहशत का माहौल बनाने और पंजाब की कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सीमा पार बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे मॉड्यूल, उसके अन्य सदस्यों और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।

पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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