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Punjabमें बाढ़ का कहर: 2.56 Lakh लोग प्रभावित, 29 की मौत, हजारों को Relief Camps में ठहराया गया

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पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ ने हालात काफी बिगाड़ दिए हैं। खेत, घर, सड़कें और गांव पानी में डूब गए हैं। लोगों की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। पंजाब सरकार ने बताया कि अब तक 2.56 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 15,688 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, जबकि 7,144 लोग राहत कैंपों में ठहरे हुए हैं

राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार पूरी ताकत से राहत और बचाव कार्य कर रही है।

कितने लोग प्रभावित और कहां से निकाले गए?

  • सबसे ज़्यादा असर गुरदासपुर जिले पर पड़ा है, जहां 1.45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
  • अमृतसर (35,000), फिरोजपुर (24,015), फाजिल्का (21,562), पठानकोट (15,053) और SAS नगर (7,000) भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
  • अब तक गुरदासपुर से 5,549, फिरोजपुर से 3,321, फाजिल्का से 2,049, अमृतसर से 1,700 और पठानकोट से 1,139 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है
  • बाकी जिलों जैसे होशियारपुर, कपूरथला, मोगा, मानसा, बरनाला आदि से भी लोग निकाले गए हैं।

राहत कैंप और लोगों की स्थिति

  • पूरे राज्य में 129 राहत कैंप लगाए गए हैं।
  • इनमें सबसे ज्यादा कैंप गुरदासपुर (25), पटियाला (20), होशियारपुर (20) और अमृतसर (16) में हैं।
  • कैंपों में फिलहाल 7,144 लोग रह रहे हैं
    • इनमें सबसे ज्यादा फिरोजपुर (3,987), फाजिल्का (1,201), होशियारपुर (478), पठानकोट (411) और गुरदासपुर (424) शामिल हैं।

कैंपों में लोगों को खाना, दवाइयां और बेसिक सुविधाएं दी जा रही हैं।

मौतें और लापता लोग

बाढ़ ने अब तक 29 लोगों की जान ले ली है

  • सबसे ज्यादा मौतें पठानकोट (6) में हुई हैं।
  • अमृतसर, बरनाला, होशियारपुर, लुधियाना और मानसा में 3-3 मौतें हुईं।
  • रूपनगर में भी 3 मौतें हुईं।
  • बठिंडा, पटियाला, SAS नगर और संगरूर में 1-1 व्यक्ति की जान गई।
    इसके अलावा पठानकोट जिले में 3 लोग अभी भी लापता हैं

किसानों और फसलों का बड़ा नुकसान

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है।

  • 94,061 हेक्टेयर जमीन फसलों के साथ प्रभावित हुई है।
  • सबसे ज्यादा नुकसान अमृतसर (23,000 हेक्टेयर), मानसा (17,005), कपूरथला (14,934), तरन तारन (11,883) और फिरोजपुर (11,232) जिलों में हुआ है।
  • कई अन्य जिलों जैसे पटियाला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बठिंडा और मुक्तसर साहिब में भी फसलें डूब गई हैं।

बचाव और राहत कार्य

  • राज्य में NDRF की 20 टीमें तैनात हैं।
  • आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की 10 टुकड़ियां बचाव कार्य कर रही हैं, जबकि 8 रिज़र्व पर रखी गई हैं।
  • 35 हेलीकॉप्टर भी राहत कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।
  • BSF और इंजीनियर टीमें भी मदद में लगी हैं।
  • इसके अलावा राज्य सरकार ने 114 नावें और 1 हेलीकॉप्टर राहत कार्यों के लिए लगाए हैं।

सरकार की अपील

राजस्व मंत्री ने कहा कि हालात कठिन हैं लेकिन सरकार ने वादा किया है कि हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाई जाएगी। DC को निर्देश दिए गए हैं कि नुकसान का जल्दी आकलन करें, ताकि मुआवज़ा समय पर दिया जा सके।

कुल मिलाकर, पंजाब में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और लाखों प्रभावित हैं। लेकिन सरकार, सेना और अन्य एजेंसियां युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रही हैं।

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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: CM Bhagwant Singh Mann

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पंजाब के फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहीदों की विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरित करने का प्रयास है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह दिन केवल शहीदों को याद करने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का भी है। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन आज भी उन्हें उनके योगदान के अनुसार सम्मान नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान शहीदों को अब तक भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आजादी के शुरुआती दौर में देश की कमान ऐसे युवाओं के हाथ में होती, तो देश की दिशा कुछ और ही होती।

उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपने नाम पर स्मारक और स्टेडियम बनवाते हैं, जबकि असली हकदार शहीदों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहीदों को सिर्फ खास दिनों पर याद न करें, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश और समाज की सेवा करें।

मुख्यमंत्री ने आजादी की कीमत का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी बहुत बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बदलाव लाने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि वोट की ताकत की जरूरत है। सही नेतृत्व का चुनाव करके ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें भव्य प्रवेश द्वार, शहीदों के जीवन पर आधारित गैलरी, दीवार चित्र, पार्क, 3-डी मैपिंग शो, म्यूजिकल फाउंटेन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल और सोलर पावर प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं और एक प्रगतिशील व खुशहाल पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।

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नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!

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पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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Chandigarh

पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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