Connect with us

Punjab

मुझे बदनाम करने के लिए बनाई गई फर्जी वीडियो: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Published

on


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि हमारी सरकार की ओर से पंजाब के लोगों के लिए किए जा रहे कामों को चुनौती देने में नाकाम रहने के कारण राजनीतिक विरोधियों ने मुझे बदनाम करने के लिए जानबूझकर एक नकली वीडियो बनाकर प्रसारित की है।

विपक्षी दल पर धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने और निम्न स्तर की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास हमारी सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं बचा, वे अब मनगढ़ंत प्रचार के जरिए मेरे अक्स को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

नानक नाम लेवा संगत की सूझ-बूझ में पूरा विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अंत में जीत सच्चाई की ही होगी और वे अंतिम फैसला संगत पर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा ध्यान लोगों को बिजली, पानी, सड़कें, अस्पताल, आम आदमी क्लीनिक और रोजगार जैसी सुविधाएं देने पर केंद्रित रहेगा और सच्च-झूठ का फैसला लोग करेंगे।

एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बेहद निम्न स्तर की राजनीतिक साजिश के तहत मेरी नकली वीडियो प्रसारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जब मेरे विरोधी किसी अन्य मोर्चे पर मुझे चुनौती देने में असमर्थ हैं तो वे अब धार्मिक मुद्दों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

हाल ही में प्रसारित एक वीडियो का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाए जा रहे व्यक्ति की शारीरिक बनावट, कद-काठी, चलने और बर्ताव का तरीका किसी भी लिहाज से मुझसे मेल नहीं खाता। फिर भी मेरे राजनीतिक विरोधी मुझे दोषी ठहराने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं, लेकिन लोगों और सिख भाईचारे ने ये वीडियो देख ली हैं और उन्हें स्पष्ट हो गया है कि ये नकली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फॉरेंसिक लेबोरेटरीज के माध्यम से वीडियो की जांच करवाई थी, लेकिन अब उन्हीं लेबोरेटरीज को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस मेरे विरुद्ध एकजुट होकर इन लेबोरेटरीज के मालिकों और उन्हें चलाने वाले कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस विवाद की साजिश मेरे राजनीतिक विरोधियों पर ही उलट गई है और लोग इन जाली वीडियो जारी करने के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं, जिसके कारण वे अब निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं। वे एफआईआर की धमकियों और दबाव की चालों के जरिए लेबोरेटरीज के मालिकों को डरा रहे हैं और उन्हें यह दावा करने के लिए मजबूर कर रहे हैं कि उन्हें झूठी रिपोर्ट तैयार करने के लिए पैसे दिए गए थे।

विरोधियों के कहने के अनुसार सरकार ने जिस लेबोरेटरी से जांच करवाई वह नकली थी, जबकि उन्होंने जिस लेबोरेटरी से जांच करवाई वह असली थी। लोग अच्छी तरह जानते हैं कि क्या असली है और क्या नकली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सिख संगत और पंजाब के लोगों पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि मैं यह मामला लोगों और श्री नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ता हूं। असलियत यह है कि ये पार्टियां पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक तौर पर असफल रहीं हैं। इसलिए उन्होंने अब धार्मिक आधार पर मुझे निशाना बनाने का रास्ता चुना है। ये लोग हर रोज नई फर्जी वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के जरिए प्रसारित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसी चालें उन्हें लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं। उन्होंने कहा कि मैं बिजली, पानी, सड़कें, गांवों के छप्पड़, आम आदमी क्लीनिक, अस्पताल और रोजगार के मौकों पर अपना ध्यान केंद्रित रखूंगा। उन्होंने कहा कि मैं उसी समर्पण और जोश के साथ काम करता रहूंगा और जब तक लोग मेरे साथ खड़े हैं, इनमें से कोई भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

विपक्षी दल को ऐसे तरीके अपनाने के विरुद्ध चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राजनीति बहुत निम्न स्तर तक गिर गई है क्योंकि उनके पास मेरा विरोध करने का कोई और तरीका नहीं है। इसलिए वे लगातार बेबुनियाद आरोपों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। अब शिरोमणि कमेटी ने गुरुद्वारा साहिबान के बाहर मेरा बायकॉट करने संबंधी पोस्टर लगाने के आदेश दिए हैं।’’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सवाल किया कि बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के बाद भी अकाली दल या सुखबीर सिंह बादल के विरुद्ध ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए। उन्होंने पूछा, “2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने उन्होंने अपनी गलतियां कबूली, किए हुए गलत कामों, गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए माना था कि उनके द्वारा संगत के विरुद्ध आदेश दिए गए थे। क्या किसी ने गुरुद्वारों के बाहर उनके बायकॉट का आह्वान देने वाले पोस्टर लगाए थे?”

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगत बहुत समझदार है और लोग ही सबसे ऊपर हैं। उन्होंने आगे कहा, “ये लोग घमंड के तहत ऐसी घटिया हरकतें कर रहे हैं क्योंकि उनके पास मेरे विरुद्ध उठाने के लिए कोई असली मुद्दा ही नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन गांवों, सामुदायिक इकट्ठों और जनसभा में वे दौरा करते हैं, वहां लोगों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है। उन्होंने कहा, “विरोधियों को लोगों के ये ठाठों मारते इकट्ठ बर्दाश्त नहीं हो रहे क्योंकि उन्हें कभी भी लोगों का ऐसा भरपूर समर्थन नहीं मिला। इसलिए तीनों पार्टियां अब एक ही उद्देश्य के तहत मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने में जुट गई हैं, लेकिन अंतिम फैसला लोगों के हाथों में है।”

मुख्यमंत्री ने पंजाब और यहां के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “मैं पंजाब और इसके हितों की रक्षा के लिए डटकर खड़ा रहूंगा। वे जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन लोग फैसला करेंगे कि सत्ता की लालसा के लिए इस स्तर तक गिर जाना सही है या नहीं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रसारित की जा रही वीडियो पूरी तरह जाली और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पर विश्वास न करें। विपक्षी दल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर रह गया है क्योंकि उनका अब जमीन पर कोई वजूद नहीं रह गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी गांवों में लोग मिलनियां करवाई जाती हैं तो विपक्षी दल घबरा जाता है और बेचैन हो जाता है। उन्होंने आगे कहा, “इसी कारण अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने मेरे विरुद्ध एक साझा मोर्चा बनाया है। वे राजनीतिक तौर पर मेरा मुकाबला नहीं कर सकते, इसलिए वे झूठे धार्मिक प्रचार के जरिए मेरी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सालों से सत्ता इन पार्टियों के पास रही है और ये लोग एक-दूसरे को बचाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “वो दिन अब लद गए हैं। अब 2027 में विरोधियों को सत्ता में वापस आने की कोई संभावना नहीं दिख रही, इसी लिए वे चिंतित हैं। स्कूल बनाए जा रहे हैं, अस्पतालों में सुधार किया जा रहा है, सड़कें बनाई जा रही हैं, गांवों के तालाब साफ किए जा रहे हैं और नहरी पानी किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है। ये नेता पंजाब में हो रही तरक्की को बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसी कारण वे ऐसी साजिशें रच रहे हैं।”

लोगों और संगत में अपने विश्वास को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘संगत फैसला करेगी। लोग फैसला करेंगे। मैं लोगों का हूं और मैं उन्हीं के बीच रहूंगा। आज भी मैं लोगों के बीच जा रहा हूं और मुझे भरोसा है कि मैं जहां भी जाऊंगा, वे मुझ पर वही प्यार बरसाते रहेंगे। यही प्यार मुझे पंजाब की सेवा करते रहने की ताकत देता है।’’

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

CM भगवंत मान ने डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र पर रखा नींव पत्थर

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से बनाए जाने वाले इस केंद्र पर करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, बाणी और उनकी महान शिक्षाओं से जोड़ना है।

इस अध्ययन केंद्र में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी, उनकी बाणी और मानवता को दिए गए संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनकी शिक्षाओं में समानता, भाईचारे, सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को इन विचारों से परिचित कराने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यहां रहकर अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। केंद्र में अध्ययन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी बाणी समाज में समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देती है। ऐसे में इस केंद्र के जरिए इन महान विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन से जुड़े अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

Continue Reading

Politics

दिल्ली में CM मान की अहम बैठकें, धान से लेकर बिजली और गुरबाणी तक उठाए पंजाब के मुद्दे

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इन बैठकों के दौरान खास तौर पर आने वाले धान के सीजन से पहले पंजाब में पड़े पुराने अनाज के स्टॉक को उठाने, राज्य की बिजली जरूरतों और गुरबाणी के प्रसारण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने पंजाब से जुड़े इन महत्वपूर्ण मामलों को केंद्र के सामने रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।

धान के सीजन से पहले पुराने अनाज का स्टॉक उठाने की मांग

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर पंजाब में पड़े पुराने गेहूं और चावल के स्टॉक को जल्द उठाने का मुद्दा उठाया। पंजाब में बड़ी मात्रा में पुराना अनाज मौजूद है, जिसके कारण आने वाले धान खरीद सीजन में मंडियों और गोदामों में भंडारण को लेकर चिंता बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई धान की फसल मंडियों में पहुंचने से पहले पुराने स्टॉक को हटाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

ताजा जानकारी के अनुसार, केंद्र की ओर से पंजाब में पड़े करीब 18 लाख मीट्रिक टन पुराने अनाज के स्टॉक को 20 सितंबर तक उठाने पर सहमति दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे आगामी धान खरीद सीजन से पहले पंजाब के लिए बड़ी राहत बताया। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने यह भी भरोसा दिया है कि बचा हुआ स्टॉक 30 सितंबर तक उठाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे पंजाब की मंडियों और भंडारण केंद्रों पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए क्यों अहम है पुराना स्टॉक हटाना?

पंजाब में हर साल बड़ी मात्रा में धान की फसल मंडियों में पहुंचती है। धान खरीद के दौरान किसानों की फसल को मंडियों में रखने, खरीद करने और बाद में चावल मिलों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है। अगर गोदाम और भंडारण केंद्र पहले से ही पुराने अनाज से भरे हों तो नई फसल की खरीद और भंडारण में परेशानी पैदा हो सकती है। इसी वजह से पंजाब सरकार लगातार केंद्र से पुराने अनाज को जल्द उठाने की मांग कर रही है।

मनमोहर लाल खट्टर से बिजली के मुद्दे पर चर्चा

इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मुलाकात की। बैठक में पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई। पंजाब में कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की मांग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। इसके अलावा घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी भरोसेमंद बिजली व्यवस्था जरूरी है।

मुख्यमंत्री मान ने केंद्रीय मंत्री के सामने पंजाब की बिजली से जुड़ी जरूरतों और समस्याओं को रखा तथा राज्य के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। हालांकि, बैठक के बाद किसी नए बड़े बिजली प्रोजेक्ट या किसी विशेष क्षमता के आवंटन को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी उठाया

दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरबाणी के प्रसारण को किसी एक संस्था या प्लेटफॉर्म के नियंत्रण तक सीमित रखने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि गुरबाणी दुनिया भर में रहने वाली सिख संगत तक आसानी से पहुंचनी चाहिए।

यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के लाइव प्रसारण और उसकी री-स्ट्रीमिंग को लेकर एसजीपीसी और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच बहस चल रही है। एक तरफ एसजीपीसी का रुख है कि श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी का अनधिकृत या बिना अनुमति री-स्ट्रीम नहीं किया जाना चाहिए, जबकि दूसरी तरफ गुरबाणी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और इसे किसी एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखने की मांग भी उठती रही है।

केंद्र के सामने पंजाब के तीन बड़े मुद्दे

मुख्यमंत्री भगवंत मान की दिल्ली में हुई इन बैठकों से साफ है कि पंजाब सरकार ने इस समय राज्य से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र के सामने रखे हैं। पहला मुद्दा आने वाले धान खरीद सीजन से पहले पुराने अनाज के स्टॉक को हटाने का है, ताकि किसानों की नई फसल के लिए मंडियों और गोदामों में पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके। दूसरा मुद्दा पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली व्यवस्था से जुड़ा है। वहीं तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा गुरबाणी के प्रसारण को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने से संबंधित है।

इनमें सबसे अहम आगामी धान खरीद सीजन को माना जा रहा है। पंजाब में धान की बड़ी मात्रा में खरीद होती है और ऐसे में पुराने अनाज की समय पर निकासी तथा नई फसल के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था बनाना राज्य सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता है। यदि तय समय के अनुसार पुराने स्टॉक की निकासी होती है तो आने वाले धान सीजन में मंडियों और भंडारण व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

Continue Reading

public

मोहाली में ‘पंजाब यूथ रन 2026’ मैराथन, नशामुक्ति और फिटनेस का दिया संदेश

Published

on

आम आदमी पार्टी पंजाब के यूथ विंग की ओर से मोहाली में आज सुबह ‘पंजाब Youth Run 2026’ के नाम से एक भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से व्यायाम एवं खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना रहा। मैराथन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि युवाओं के साथ-साथ बड़ी उम्र के लोगों ने भी जोश और उत्साह के साथ दौड़ में भाग लिया और स्वस्थ पंजाब का संदेश दिया।

मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने नशामुक्त पंजाब, स्वस्थ पंजाब और फिट पंजाब का संदेश लोगों तक पहुंचाया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

इस मौके पर आम आदमी पार्टी के सांसद मीत हेयर और मलविंदर सिंह कंग सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने मैराथन में हिस्सा लेने वाले युवाओं और अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही दिशा और बेहतर मंच उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे खेल, शिक्षा और स्वस्थ गतिविधियों के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।

‘आप’ नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल मैदानों, फिटनेस गतिविधियों और सामाजिक अभियानों को बढ़ावा देना जरूरी है। ‘पंजाब Youth Run 2026’ जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

मैराथन में युवाओं के साथ बुजुर्गों की भागीदारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। प्रतिभागियों ने दौड़ के जरिए यह संदेश दिया कि स्वस्थ रहने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है और हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बना सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने फिटनेस, स्वास्थ्य और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने की इस पहल की सराहना की।

पार्टी नेताओं ने बताया कि ‘पंजाब Youth Run 2026’ को केवल मोहाली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आने वाले समय में पंजाब के अन्य शहरों में भी इसी तरह की मैराथन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

Continue Reading

Trending