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भाजपा को दिया गया हर वोट महंगे पेट्रोल और डीज़ल के लिए वोट होगा: हरपाल सिंह चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेताओं ने पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर भाजपा की लीडरशिप वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि लगातार चार बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीज़ल लगभग ₹8 प्रति लीटर महंगा हो गया है, जिससे किसान, ट्रांसपोर्टर, व्यापारी और मध्य वर्गीय परिवार गहरे आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

उन्होंने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, वहीं मोदी सरकार बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए आम लोगों पर बोझ डाल रही है। नेताओं ने कहा कि धान की बुआई के मौसम में डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा और इससे पूरे देश में ट्रांसपोर्ट और ज़रूरी चीज़ों की कीमतें और बढ़ेंगी।

इस बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से केंद्र द्वारा पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने महंगाई को कंट्रोल करने और लोगों को आर्थिक तंगी से बचाने में भाजपा सरकार की नाकामी को सामने ला दिया है।

अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि 15 मई से 25 मई के बीच तेल की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी ने पूरे देश में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। 15 मई को पेट्रोल की कीमतों में ₹3.29 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, इसके बाद 19 मई को ₹0.96, 23 मई को ₹0.94 और फिर 25 मई को ₹2.87 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई। सिर्फ़ दस दिनों में पेट्रोल की कीमतों में ₹8.06 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यह साफ़ तौर पर भाजपा सरकार की जनविरोधी सोच को दिखाता है, जो लोगों को राहत देने के बजाय लगातार आम आदमी का खून निचोड़ रही है।”

हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “15 मई को डीज़ल की कीमतें ₹3.11 प्रति लीटर बढ़ाई गईं, इसके बाद 19 मई को ₹0.94, 23 मई को ₹0.95 और 25 मई को ₹2.80 प्रति लीटर बढ़ाई गईं। दस दिनों के अंदर डीज़ल की कीमतें भी लगभग ₹8 प्रति लीटर बढ़ गई हैं। किसान, ट्रांसपोर्टर, मज़दूर और व्यापारी इस बनावटी फ़्यूल महंगाई के बोझ तले दबे हुए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “डीज़ल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने किसानों को ऐसे मुश्किल समय में खास तौर पर प्रभावित किया है जब धान की बुआई का मौसम चल रहा है। किसान ट्रैक्टर और खेती के काम के लिए डीज़ल पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। ऐसे समय में जब उन्हें मदद की ज़रूरत थी, भाजपा सरकार उन पर पैसे का बोझ बढ़ा रही है और उन्हें और मुश्किलों की ओर धकेल रही है।”

वित्त मंत्रीने आगे कहा कि यह महंगाई का संकट सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक ही सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 48% से 75% तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि एविएशन फ्यूल की कीमतों में भी करीब 25% की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी से ट्रेडर्स, बिजनेसमैन और आम लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट, ट्रैवल और जरूरी सर्विस महंगी हो रही हैं। केंद्र सरकार जानबूझकर कुछ बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए महंगाई का पूरा बोझ आम लोगों पर डाल रही है। भाजपा सरकार न सिर्फ आर्थिक मोर्चे पर फेल हो रही है, बल्कि बड़े कॉर्पोरेट के फायदे के लिए छोटे ट्रेडर्स, किसानों, कर्मचारियों और मिडिल क्लास के खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रही है।”

हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भाजपा का ‘बड़ी हुई महंगाई की मार’ का नारा अब देश के सामने पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। प्रधानमंत्री अक्सर विदेश यात्राओं में बिज़ी रहते हैं, जबकि देश के लोग बढ़ती कीमतों और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। भारत के 140 करोड़ लोगों ने प्रधानमंत्री को देश की सेवा करने के लिए चुना था, न कि देशवासियों की तकलीफों को नज़रअंदाज़ करने के लिए। केंद्र सरकार को तुरंत दखल देकर तेल की कीमतों को कंट्रोल करना चाहिए और किसानों, मज़दूरों, व्यापारियों और मिडिल क्लास को राहत देनी चाहिए। लगातार लापरवाही और जनविरोधी आर्थिक नीतियां देश को और आर्थिक मंदी और अस्थिरता की ओर धकेलेंगी।”

इस बीच, आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, “मैंने पहले ही पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में चेतावनी दी थी, जो अब सच साबित हो रही है। केंद्र सरकार की इंटरनेशनल ट्रेड नीतियां और बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाले फैसले ही देश के लोगों के लिए महंगे फ्यूल की असली वजह हैं।”

उन्होंने दावा किया, “किसानों को उनकी फसलों के मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) में थोड़ी बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन डीज़ल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे खेती की लागत और बढ़ गई है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर सब्जियों, ज़रूरी चीज़ों और ट्रांसपोर्ट की लागत पर पड़ेगा, जिससे आम और मिडिल क्लास परिवारों पर और भी ज़्यादा आर्थिक बोझ पड़ेगा।”

आने वाले नगर निगम और नगर परिषद चुनावों के बारे में उन्होंने कहा, “जनता अब भाजपा की नीतियों को समझ चुकी है और चुनावों में इसका करारा जवाब देगी। भाजपा नेता वैट कम करने की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि केंद्र सरकार ने तेल पर कितना टैक्स लगाया है। तेल कंपनियों और केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से ही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।”

दूसरी ओर, आप पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पेट्रोल और डीज़ल की आसमान छूती कीमतों को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर देश की जनता को महंगाई का क्रूर तोहफ़ा दिया है। केंद्र सरकार ने एक बार फिर डीज़ल की कीमतों में ₹2.71 और पेट्रोल की कीमतों में ₹2.61 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।

पन्नू ने हैरानी जताते हुए कहा, “पिछले 10 दिनों में ही पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में ₹7.50 प्रति लीटर से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। भाजपा की ये जनविरोधी नीतियां न सिर्फ़ हमारे किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं, बल्कि बिज़नेस की दुनिया का भी रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। आज देश का हर आम आदमी इस महंगाई के बोझ तले दबा हुआ है।”

पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने सवाल किया कि जाखड़ साहब नगर निगम चुनाव में भाजपा के लिए किस आधार पर वोट मांग रहे हैं। उन्हें पंजाब और देश के लोगों को जवाब देना चाहिए कि पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में ₹7.50 की बढ़ोतरी के बाद उनके पास दिखाने के लिए क्या उपलब्धि है, जिसके आधार पर वे पंजाब के लोगों के पास जा रहे हैं। पंजाब के लोग इस धोखे को अच्छी तरह समझते हैं और चुनाव में इस लूट के खिलाफ़ भाजपा को उसकी सही जगह दिखाएंगे।

उन्होंने कहा, “पंजाब सीधे तौर पर खेती से जुड़ा है और राज्य में धान का सीजन शुरू होने वाला है। इस मुश्किल समय से ठीक पहले किसानों पर डीज़ल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर इतना बड़ा बोझ डालना केंद्र सरकार की सोची-समझी साज़िश है। भाजपा का यह कदम ठीक वैसी ही तानाशाही है, जैसे केंद्र सरकार पहले 3 काले खेती के कानून लाई थी। पंजाब के लोग किसानों को आर्थिक तौर पर बर्बाद करने वाली भाजपा की इस बेरहम सोच को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

आप नेता और आदमपुर विधानसभा इंचार्ज पवन टीनू ने कहा, “जब भाजपा विपक्ष में थी, तो पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी पर भी बड़े विरोध प्रदर्शन होते थे, लेकिन अब लगातार बढ़ोतरी के बावजूद भाजपा नेताओं की चुप्पी समझ से बाहर है। पिछले दस दिनों में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई को चरम पर पहुंचा दिया है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रोज़मर्रा की ज़रूरत की चीज़ें महंगी हो रही हैं, और मिडिल क्लास और गरीब परिवारों पर इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ रहा है।”

पवन टीनू ने कहा, “धान की बुआई जून महीने में शुरू होने वाली है और इस दौरान किसानों को डीज़ल की बहुत ज़रूरत होती है। डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी से खेती की लागत में भारी बढ़ोतरी होगी, जिसका सीधा असर किसानों की इनकम पर पड़ेगा। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किसान पहले से ही आर्थिक तंगी और नुकसान का सामना कर रहे हैं, और ऐसे में फ्यूल की बढ़ती कीमतें उनके लिए एक नई समस्या बन गई हैं।”

उन्होंने भाजपा नेताओं रवनीत सिंह बिट्टू, अश्वनी शर्मा और सुनील जाखड़ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पहले ये नेता हर मुद्दे पर बोलते थे, लेकिन जैसे ही पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने लगे, उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकला। जैसे ही पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म हुए, केंद्र सरकार ने लोगों पर महंगाई का बोझ डाल दिया। भाजपा का मानना है कि देश के आम लोग उसकी जेब में हैं और वह लोगों पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ डाल सकती है। भाजपा बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपना रही है, जबकि आम लोग लगातार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।”

पवन टीनू ने कहा, “पंजाब में 26 मई को म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपल काउंसिल और नगर पंचायत के चुनाव होने वाले हैं। लोगों को इन चुनावों में भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए और महंगाई और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना लोकतांत्रिक फैसला सुनाना चाहिए।”

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तरनतारन में बड़ी कामयाबी, BSF और पंजाब पुलिस ने हथियारों की बड़ी खेप बरामद की

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पंजाब में सीमा पार से हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तरनतारन पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की है।

इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक MP-09 राइफल और सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क की मदद से भेजे गए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल राज्य में टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम देने, दहशत का माहौल बनाने और पंजाब की कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सीमा पार बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे मॉड्यूल, उसके अन्य सदस्यों और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।

पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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