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पंजाब में बिजली सस्ती हुई:दरों में कटौती, free unit से ज्यादा खपत पर भी बिल कम आएगा, कमर्शियल यूजर्स को भी फायदा

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पंजाब सरकार ने बिजली की दरों में कटौती की है। इस कटौती का लाभ 1 अप्रैल 2026 से पंजाब भर के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। पंजाब सरकार ने नए रेटों को जारी करते हुए बताया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में ₹1.5 प्रति यूनिट तक की कमी की गई है।

बता दें कि पंजाब सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली देती है। वहीं, 2 महीने का बिलिंग सर्किल के चलते 600 यूनिट मुफ्त होते हैं। ऐसे में नई बिजली दरों के बाद 600 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले यूजर्स का बिल भी अब कम आएगा।

बिजली दरों में कटौती के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते पंजाब के ऊर्जा मंत्री संजीव अरोड़ा।

कमर्शियल यूजर्स को भी फायदा पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन ने बताया कि कमर्शियल उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 79 पैसे प्रति यूनिट कम किए गए हैं। इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 74 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दरों को पांच रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। जो कि देश में सबसे कम है।

ये होगी नई बिजली दरें…

श्रेणीमौजूदा टैरिफ (2025-26)नया टैरिफ (01.04.2026 से)
स्लैबफिक्स्ड चार्ज / महीनाऊर्जा शुल्कस्लैबफिक्स्ड चार्ज / महीनाऊर्जा शुल्क
घरेलू सप्लाई (2 kW तक)0–300 यूनिट50 ₹/kW5.40 ₹/kWh0–300 यूनिट50 ₹/kW3.85 ₹/kWh
घरेलू सप्लाई (2 kW तक)300 यूनिट से ऊपर50 ₹/kW7.75 ₹/kWh300 यूनिट से ऊपर50 ₹/kW7.05 ₹/kWh
2 kW से 7 kW तक0–300 यूनिट75 ₹/kW5.72 ₹/kWh0–300 यूनिट70 ₹/kW4.25 ₹/kWh
2 kW से 7 kW तक300 यूनिट से ऊपर75 ₹/kW7.75 ₹/kWh300 यूनिट से ऊपर70 ₹/kW7.05 ₹/kWh
7 kW से 20 kW तक0–300 यूनिट110 ₹/kW6.44 ₹/kWh0–300 यूनिट100 ₹/kW5.00 ₹/kWh
7 kW से 20 kW तक300 यूनिट से ऊपर110 ₹/kW7.75 ₹/kWh300 यूनिट से ऊपर100 ₹/kW7.05 ₹/kWh
20 kW से 100 kVAसभी यूनिट130 ₹/kVA6.75 ₹/kVAhसभी यूनिट130 ₹/kVA6.20 ₹/kVAh
100 kVA से ऊपरसभी यूनिट140 ₹/kVA6.96 ₹/kVAhसभी यूनिट140 ₹/kVA6.40 ₹/kVAh
श्री हरमंदिर साहिब / दुर्ग्याणा मंदिरपहली 2000 यूनिटफ्रीपहली 2000 यूनिटफ्री
श्री हरमंदिर साहिब / दुर्ग्याणा मंदिर2000 यूनिट से ऊपरNA6.41 ₹/kWh2000 यूनिट से ऊपरNA6.10 ₹/kWh

पढ़ें कैसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल पहले से कम आएगा…

  • 300 यूनिट से ज्यादा यूज करने पर राहतः पंजाब सरकार प्रति माह 300 यूनिट फ्री बिजली उपभोक्ताओं को देती है। इससे ज्यादा बिजली यूनिट खर्च करने पर उपभोक्ताओं को पूरा बिल देना होता है। अब ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी कटौती हो जाएगी।
  • 2 किलोवाट लोड से ज्यादा पर भी कमीः पीएसपीसीएल अब तक 2 किलोवाट लोड तक वाले उपभोक्ताओं से पहली 300 यूनिट का बिल 5.40 रुपए प्रति यूनिट वसूलता है। अगर खपत 300 यूनिट से ज्यादा होती है तो ऊपर की यूनिट की दर 7.75 रुपए थी।
  • 1.50 रुपए प्रति यूनिट की कटौतीः इसी तरह 2 किलोवाट से 7 किलोवाट खपत वाले उपभोक्ताओं से पहली 300 यूनिट का बिल 5.72 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से वसूलता है। जबकि 300 से ऊपर की यूनिटों का रेट 7.75 रुपए प्रति यूनिट था। अब सरकार ने सभी रेटों में 1.50 रुपए की कटौती कर दी है। 7 किलोवाट से ज्यादा लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली यूनिटों की दरों में 1.50 रुपए प्रति यूनिट की कटौती की गई है।

PSPCL पहली बार मुनाफे की कंपनी बनी सरकार का दावा है कि इस कार्यकाल में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) पहली बार मुनाफे वाली कंपनी बनी है और पीएसपीसीएल को A+ रेटिंग और FY 2024-25 में ₹2634 करोड़ का मुनाफा हुआ है।

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RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, EMI में नहीं होगा इजाफा

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 से 5 जून तक चली MPC बैठक के बाद इसकी घोषणा की।

RBI के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और अन्य रेपो रेट से जुड़े कर्जों की EMI में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट को स्थिर रखना कर्ज लेने वालों के लिए राहत की खबर है।

RBI गवर्नर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सप्लाई चेन में रुकावटें, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर विकास दर और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है।

इसके साथ ही RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान में भी कटौती की है। पहले 6.9 फीसदी रखे गए अनुमान को घटाकर अब 6.6 फीसदी कर दिया गया है।

केंद्रीय बैंक के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 6.6 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है।

RBI ने यह भी चिंता जताई है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इसका असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग तथा खपत पर पड़ सकता है।

हालांकि रेपो रेट को स्थिर रखने से आम लोगों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और GDP वृद्धि दर के घटाए गए अनुमान आने वाले समय के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।

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होर्मुज संकट के बीच तेल कंपनियों की चेतावनी, कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल

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दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों और वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जारी संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल योग्य तेल भंडार तेजी से घट रहे हैं, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में दुनिया के पास करीब 8.4 अरब बैरल तेल का भंडार था, लेकिन इसमें से केवल 0.8 अरब बैरल ही तत्काल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर होर्मुज मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो सितंबर तक कई देशों के वाणिज्यिक तेल भंडार खतरनाक स्तर तक नीचे पहुंच सकते हैं।

इस दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ीं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा अतिरिक्त तेल आपूर्ति, रणनीतिक भंडारों के इस्तेमाल और अन्य स्रोतों से बाजार में आई सप्लाई के कारण कीमतों पर तुरंत असर नहीं पड़ा।

वहीं अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक वर्थ ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ हफ्तों में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए रखे गए अतिरिक्त तेल भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं और बाजार की संकट झेलने की क्षमता अब पहले से काफी कम हो चुकी है।

माइक वर्थ के मुताबिक जून और खासतौर पर जुलाई महीने में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और कई देशों में आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।

इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के प्रमुख सुल्तान अल-जाबेर ने कहा है कि भले ही संघर्ष खत्म हो जाए, फिर भी होर्मुज मार्ग से तेल की सामान्य आपूर्ति बहाल होने में कई महीने लग सकते हैं। उनका अनुमान है कि पूरी तरह सामान्य स्थिति 2027 से पहले लौटना मुश्किल हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश अपने रणनीतिक तेल भंडार दोबारा भरना शुरू करते हैं तो वैश्विक बाजार में मांग और बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। ऐसे में आने वाले महीने वैश्विक तेल बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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‘मन की बात’ में PM मोदी ने की धावक गुरिंदरवीर सिंह की सराहना, युवाओं के लिए बताया प्रेरणा स्रोत

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान भारतीय धावक Gurindervir Singh की ऐतिहासिक उपलब्धि की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने गुरिंदरवीर को 100 मीटर दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान उन्होंने गुरिंदरवीर से सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष, मेहनत और सफलता के सफर के बारे में भी जानकारी ली।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने, चुनौतियों को स्वीकार करने और दूसरों को प्रेरित करने का भी जरिया हैं। उन्होंने गुरिंदरवीर और उनके साथी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिला रही हैं।

गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर के रूप में सेवा दे रहे हैं और खेलों के साथ-साथ देश सेवा को भी अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते हैं। उन्होंने हाल ही में 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। इस प्रदर्शन के साथ वह 10.10 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

गुरिंदरवीर ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि वह महान धावक Milkha Singh मिल्खा सिंह की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं। उनके परिवार में खेलों का माहौल रहा है। उनके पिता और दादा भी खेलों से जुड़े रहे, जिसके कारण बचपन से ही उनके मन में खेलों के प्रति विशेष रुचि पैदा हुई।

उन्होंने बताया कि हर साल दिवाली और नए साल पर घर की सफाई करते समय वह अपने पिता के जीते हुए पदक और ट्रॉफियों को साफ किया करते थे। उन ट्रॉफियों को देखकर उनके मन में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ता गया। वह अपने पिता से हर ट्रॉफी के पीछे की कहानी पूछते थे और उनके पिता अपने संघर्ष, मेहनत और खेल यात्रा के अनुभव साझा करते थे। इन्हीं कहानियों ने उनके भीतर एक बड़ा खिलाड़ी बनने का सपना जगाया।

गुरिंदरवीर ने बताया कि जब उन्होंने 100 मीटर दौड़ को अपना मुख्य इवेंट बनाने का फैसला किया तो कई लोगों ने उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की। लोगों का कहना था कि 100 मीटर स्प्रिंट भारतीय खिलाड़ियों के लिए नहीं है और इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर सफलता हासिल करना आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने और उनके पिता ने कभी अपना विश्वास नहीं खोया और अपने लक्ष्य पर डटे रहे।

उन्होंने कहा कि उनके पिता का भरोसा और हौसला ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। उसी विश्वास के सहारे उन्होंने लगातार मेहनत की और आज वह मुकाम हासिल किया, जिसे कभी असंभव माना जाता था। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अपने संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हुए गुरिंदरवीर ने कहा कि सफलता का रास्ता कभी आसान नहीं होता। कई बार हार का सामना करना पड़ा, कई प्रतियोगिताओं में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हुआ और चोटों ने भी राह में बाधाएं पैदा कीं। लेकिन हर कठिन समय में उनके परिवार, कोच और करीबी लोगों ने उनका साथ दिया।

उन्होंने अपने कोच का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें यही सिखाया कि यदि आप खुद पर विश्वास नहीं करेंगे तो कोई और भी आप पर विश्वास नहीं करेगा। गुरिंदरवीर ने कहा कि परिवार, कोच और समाज से मिलने वाला समर्थन किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होता है और यही प्रेरणा उन्हें हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है।

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