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युवाओं के सपनों को मिलेगा सरकारी ‘रनवे’: CM Mann ने राज्य के पहले स्टार्टअप कॉन्क्लेव का किया आगाज़

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कपूरथला स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में राज्य के पहले स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया, जिसके तहत नवाचार, कड़ी मेहनत और उद्यमिता को सरकार के आर्थिक दृष्टिकोण में प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित यह स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026 एक प्रमुख राज्य-स्तरीय मंच के रूप में उभरा है, जो नवाचार, उद्यमिता और राज्य के तेजी से विस्तार कर रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाता है।

100 से अधिक स्टार्टअप्स की भागीदारी, उद्यमों को सीड ग्रांट्स का वितरण तथा उद्योगपतियों, निवेशकों, इनक्यूबेटरों, अकादमिक विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक ही छत के नीचे लाकर भगवंत मान सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नए कारोबारी विचारों को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने पंजाब के युवाओं को रोजगार पैदा करने वाला बनने के लिए प्रेरित किया और युवाओं की अगुवाई वाले विकास को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अपडेट रहने तथा उद्यम सृजन की नई सोच अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब का भविष्य नौकरियों की तलाश में नहीं, बल्कि उद्यमिता अपनाने में है।

स्टार्टअप कॉन्क्लेव के दौरान उद्यमियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनाना है और उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने के योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि राज्य के युवा नौकरी ढूंढने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनें, ताकि वे अपनी अलग पहचान बना सकें।” उन्होंने कहा कि पंजाबी स्वभाव से ही इंजीनियर और जन्मजात उद्यमी होते हैं, इसलिए वे जिस भी राह को चुनते हैं, उसमें सफलता हासिल करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पंजाबियों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने अपडेट रहने और उद्यम सृजन का नारा देते हुए कहा कि फंड्स की कोई कमी नहीं है और सरकार कारोबारी नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए हर विचार पर पूरी मदद करेगी। अपनी हालिया जापान यात्रा के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट दृष्टिकोण से ही देश प्रगति करते हैं। उन्होंने कहा कि जापान में परिवहन के हर साधन को सिंगल विंडो के माध्यम से सुलभ बनाया गया है। जापान के पास भविष्य को देखने का दृष्टिकोण है।” उन्होंने राइजिंग स्टार और राइजिंग सन जैसी कंपनियों को सकारात्मक मानसिकता के उदाहरण के रूप में बताया, जिनके कारण उनकी औसत आयु 100 वर्षों से अधिक है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के युवाओं से ऐसी ही अग्रगामी सोच अपनाने की अपील की और इसे सफलता की कुंजी बताया।

जापान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी नागरिक अपने सपनों को पूरा करने के लिए ओवरटाइम काम करते हैं, जिससे उनकी आयु भी लंबी होती है। उन्होंने कहा, “पंजाबियों को वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने और अपनी क्षमता को बेहतर ढंग से सिद्ध करने के लिए इन गुणों को अपनाना चाहिए। पंजाब सरकार आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है और यह सरकार का नैतिक दायित्व है।”

इस सम्मेलन पर विश्वास व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब के नवाचारी और तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के दौरान उद्यमियों, निवेशकों, अकादमिक विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक ही मंच पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य पंजाब के युवाओं की उपलब्धियों को उजागर करना और दूसरों को प्रेरित करना है तथा यह गर्व और संतोष की बात है कि राज्य भर से 100 से अधिक स्टार्टअप्स इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस आयोजन के दौरान पंजाब में स्थित 15 से अधिक इनक्यूबेटर्स और पांच से अधिक सहायक संस्थाओं ने अपनी पहलों को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार आठ स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन चेक प्रदान कर रही है, जिनमें सात स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के रूप में 3-3 लाख रुपये और प्रत्येक स्टार्टअप को लीज रेंटल सहायता के रूप में 1.20 लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि स्टार्टअप केवल कारोबार नहीं होते, बल्कि ये रोजगार के नए अवसर सृजित करने और राज्य के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पिछली सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग नए उद्यम शुरू करने से डरते थे, क्योंकि नेता उनके उद्यमों से हिस्सा मांगते थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन नेताओं ने जनता को लूटा और उनके हाथ पंजाब और पंजाबियों के खून से रंगे हुए हैं, जबकि इसके विपरीत अब आम लोगों की सरकार हर नागरिक को जीवन में सफल होने का उचित अवसर दे रही है। पंजाब सरकार के दीर्घकालिक विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार का सपना है कि पंजाब के युवा नौकरी ढूंढने वालों के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनें। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान करने वाले स्टार्टअप्स को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक एवं कारोबारी विकास नीति 2022 को उद्यमियों को पारदर्शी और मजबूत ढांचा प्रदान करने के लिए लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप पंजाब राज्य में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास कर रही है, जिसमें महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स और नए उद्यमों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब का मजबूत औद्योगिक आधार और उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा स्टार्टअप विकास के लिए अनुकूल है और राज्य की प्रगति की नींव अब नवाचार और उद्यमिता के मार्ग पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से पंजाब के युवाओं की प्रतिभा पर विश्वास करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए साझेदार बनने का आह्वान किया।

राज्य सरकार की बिज़नेस ब्लास्टर्स मुहिम के तहत युवाओं को एकजुट होने और नवोन्मेषी विचारों की खोज करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विद्यार्थी अनूठे विचारों से भरपूर हैं, लेकिन अक्सर उन्हें मान्यता और प्रोत्साहन की कमी रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम उदाहरणों से भरी उस दुनिया में रहते हैं, जहां सफलता केवल प्रस्तुति पर नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत पर निर्भर करती है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपने वे नहीं होते जो नींद में देखे जाते हैं, बल्कि असली सपने वे होते हैं जो सोने नहीं देते।

युवाओं को अल्पकालिक प्रसिद्धि से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें समाज के लिए प्रकाश स्तंभ बनने का आह्वान किया। टूथपेस्ट कंपनी की बिक्री बढ़ाने के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक साधारण और व्यावहारिक विचार ने एक कंपनी की किस्मत बदल दी। भगवंत सिंह मान ने गर्व से कहा कि मास्टरकार्ड के सीईओ की तरह स्विगी और जोमैटो के संस्थापक भी पंजाबी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सपनों को उड़ान देने के लिए एक रनवे के रूप में काम कर रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

नवीनतम विकास के लिए राज्य के सहयोग को उजागर करता स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026
पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने कपूरथला स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन किया, जिसे नवाचार, उद्यमिता और पंजाब के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक प्रमुख राज्य-स्तरीय मंच के रूप में घोषित किया गया। इस सम्मेलन के दौरान स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, निवेशक, औद्योगिक दिग्गज, अकादमिक विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक ही मंच पर एकत्र हुए, जिन्होंने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और पंजाब को नवीन उद्यमों के लिए एक प्राथमिक गंतव्य के रूप में चुनने हेतु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

इस सम्मेलन में 75 से 80 स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, इंडस्ट्री एसोसिएशन्स और इकोसिस्टम पार्टनर्स ने भाग लिया, जिन्होंने अपने उत्पादों, सेवाओं और नवाचारों का प्रदर्शन किया, जो पंजाब में स्टार्टअप्स की क्षमता को दर्शाते हैं। इस आयोजन में स्टार्टअप पंजाब इकोसिस्टम और सरकारी पहलों, सीड-फंडेड स्टार्टअप्स को चेक वितरण तथा इन्वेस्ट पंजाब समिट से जुड़े स्टार्टअप-संबंधी सहयोगियों को भी उजागर किया गया।

सम्मेलन के दौरान इनक्यूबेटर सहायता प्रणालियों को मजबूत करने, स्केलेबल स्टार्टअप्स के निर्माण पर संस्थापकों की समझ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप टेक और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर थीम आधारित पैनल चर्चाओं का आयोजन भी किया गया। यह आयोजन इनक्यूबेटर्स, सहयोगियों और नोडल एजेंसियों को सम्मानित करने के साथ संपन्न हुआ, जिसमें नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास के पंजाब के व्यापक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया।

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व्यापक औद्योगिक निवेश ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और शासन में हुए सुधारों पर मुहर लगाई: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला के तहत आप सरकार के अधीन कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसका उद्देश्य जनता के सामने चार वर्षों के शासन का स्पष्ट और क्षेत्रवार लेखा-जोखा प्रस्तुत करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था में सुधार अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है, जो नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, संगठित अपराध पर निरंतर कार्रवाई, पुलिस सुधारों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने आगे कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्ती, आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसे प्रयास पंजाब में कानून लागू करने की मजबूती को दर्शाते हैं। अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और आपराधिक नेटवर्क को खुली छूट दी, वे अब इतिहास को मिटाकर दोबारा लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे जवाबदेही से बच नहीं सकते।

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कोई लिहाज न करने) की नीति अपनाई है और कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती गई है और न ही बरती जाएगी, बल्कि उन्हें मिसाल कायम करने वाली सजा दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 से अब तक 95,881 नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं।”

कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ नशीले पदार्थों की 6,109 बड़ी/व्यावसायिक खेपें जब्त की गई हैं। नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट (अधिक प्रभावित क्षेत्रों) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके चलते 5625 किलोग्राम हेरोइन, 3461 किलोग्राम अफीम, 1628 क्विंटल भुक्की और 4.96 करोड़ इंजेक्शन, गोलियां, कैप्सूल और सिरप बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “54.47 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है और एनडीपीएस मामलों में 3440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1556 तस्करों से 772 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं।”

संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के गठन के बाद 2858 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 35 को निष्क्रिय किया गया और 1105 गैंगों का भंडाफोड़ किया गया है। अपराधों में इस्तेमाल किए गए 2267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एजीटीएफ ने 6 अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बड़े हत्या मामलों, जबरन वसूली रैकेट, बैंक डकैतियों, गैंगस्टरों की गिरफ्तारी और आतंकवादी साजिशों समेत 38 सनसनीखेज मामलों को सुलझाया है।”

सीमा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 560 किलोमीटर लंबी सीमा है और नशों तथा हथियारों की सप्लाई को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया है। पंजाब ऐसा सिस्टम स्थापित करने वाला पहला राज्य है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने केंद्र से फंड मांगे थे, लेकिन कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग किया और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं, 1472 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और ड्रोन के जरिए 341 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।”

पुलिस सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जो अंतिम वर्ष या चुनावी साल में भर्ती करती थीं, हमारी सरकार ने नियमित भर्ती सुनिश्चित की है।

पिछले चार वर्षों में 12,197 भर्तियां की गई हैं, जिनमें 1062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल और 10,285 कांस्टेबल शामिल हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 1746 कांस्टेबलों (वर्ष 2025) की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 3298 कांस्टेबलों (वर्ष 2026) के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसके लिए 10 मार्च 2026 से आवेदन मांगे गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 327.69 करोड़ रुपए की लागत से 2904 वाहन खरीदे गए हैं, जिनमें 2258 चार-पहिया और 646 दो-पहिया वाहन शामिल हैं।

जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स भारत की अपनी तरह की पहली समर्पित फोर्स है, जो 5500 किलोमीटर से अधिक हाईवे को कवर करती है और इससे मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने आगे बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक इस फोर्स ने 43,983 हादसों में 47,386 पीड़ितों की मदद की, 19,973 लोगों को मौके पर सहायता दी और 27,413 घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।

तकनीकी अपग्रेड पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एस.ए.एस. नगर और जालंधर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं और जल्द ही इन्हें लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस एक राष्ट्रीय फोर्स है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है।

भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों से अपना गिरोह चला रहे गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

पंजाब की कानून-व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित और शांत राज्यों में से एक है। किसी भी राज्य या देश में निवेश आना कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण होता है, और बड़े स्टील प्लांट द्वारा 3200 करोड़ रुपए का निवेश इस बात को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि कई प्रमुख वैश्विक कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं और कई ने पहले ही निवेश शुरू कर दिया है। राज्य बड़े आयोजनों की मेजबानी कर रहा है और अक्टूबर में एशिया कप हॉकी की मेजबानी करेगा।

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में नशों को संरक्षण देने और फैलाने वाले नेता अब इसे खत्म करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि गैंगस्टरों को टिकट देकर किसने उन्हें हलका इंचार्ज बनाया। ये नेता गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं और आज भी उन्हें कानूनी व अन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लोगों के साथ ईद मनाई। यहां ईदगाह में ईद के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों की परियोजनाओं की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान उन्होंने सभी परिवारों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नाम दर्ज कराने की अपील की, जिससे इस जनहितकारी योजना का उद्देश्य जनता की स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है।

लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मुझे मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर बहुत सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना की सजीव तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं। मैं प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से ईद मनाने आए सभी लोगों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें पातशाह के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी और वह आवाज आज भी पूरी दुनिया में गूंज रही है।”

ईद के इस पावन अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपए की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला यह मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल होना भी जरूरी है, इसलिए इन्हें भी साथ ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है और फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में होने की संभावना है और हमारी बेटियां वहां शिक्षा प्राप्त करेंगी।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बन सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लोग अपने दिलों में उन्हीं नेताओं को जगह देते हैं जो उनके लिए काम करते हैं। वर्ष 2022 में पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया और सरकार ने अब तक अपने वादों और गारंटियों को पूरा किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद-रहित इलाज कार्ड के लिए अपना नाम दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य नकद-रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों अस्पताल शामिल हैं। राज्य में रहने वाले सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।

मैं प्रार्थना करता हूं कि पंजाब के किसी भी निवासी को कभी बीमारी की स्थिति का सामना न करना पड़े और सभी स्वस्थ रहें, लेकिन यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार उनके इलाज के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

मलेरकोटला के लोगों ने इतना अधिक प्यार दिया है कि उसका कर्ज कई जन्मों में भी नहीं उतारा जा सकता। इस प्यार की कीमत वही समझ सकता है जिसे यह मिलता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहाँ जो भी बीज बोया जाता है, वह उग आता है। महान गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की इस पवित्र धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनपेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “यह पवित्र महीना उस समय को दर्शाता है जब ईश्वरीय आदेश से पवित्र कुरान मानवता को प्रदान की गई थी। हम सभी मिलकर हर धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न भाषाएं, उप-भाषाएं, और संस्कृतियां हैं, जो इसे अनेकता में एकता का एक अनूठा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे महान आध्यात्मिक गुरुओं ने पूरे विश्व को शांति, सद्भाव, एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती से हम प्रतिदिन “सरबत के भले” की अरदास करते हैं और सभी की खुशहाली की कामना करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और इन्हें कभी कमजोर नहीं किया जा सकता।

इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।

उन्होंने पंजाब सरकार और राज्य के लोगों की ओर से पूरे मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, और राज्य सरकार इसे भविष्य में भी सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।

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वॉल्वरहैम्प्टन के एक निवास मंदिर में 22 मार्च को वार्षिक चेत चला मेला आयोजित होगा।

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स्थानीय डडली रोड ब्लेकेनहॉल स्थित एक निवास यूनिवर्सल डिवाइन मंदिर में इस रविवार, 22 मार्च 2026 को वार्षिक ‘चेत चला मेला’ आयोजित किया जाएगा जो आध्यात्मिक श्रद्धा और सामुदायिक उत्सव का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। यह पर्व बाबा तरलोचन सिंह जी और माता कवलजीत कौर जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है जिसमें स्थानीय संगत को पारंपरिक धार्मिक विधियों और भक्ति संगीत में सहभागी होने का अवसर मिलेगा।
मेला आयोजन की जानकारी देते हुए मंदिर के प्रतिनिधि गुरजीत सिंह और जीवन सिंह फ्लोरा ने बताया कि यह कार्यक्रम बाबा बालक नाथ जी के पावन आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे पारंपरिक आरती के साथ होगा जिसके बाद 11:30 बजे ध्वजारोहण समारोह के साथ दिनभर के आयोजनों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
दोपहर के समय 12:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक भक्ति कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। प्रतिष्ठित ब्रिटिश कलाकार और गायक भजन भेंट प्रस्तुत करेंगे जबकि बाबा तरलोचन सिंह जी संगत को गुरबाणी शबदों का गायन करेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि बाबा बालक नाथ जी और बाबा तरलोचन सिंह जी के अनेक श्रद्धालु विभिन्न देशों से इस आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। आयोजकों ने इंगलैंड की साध संगत को सादर आमंत्रण दिया है कि वे अपने परिवार और मित्रों सहित इस धार्मिक समारोह में भाग लें। यह वार्षिक आयोजन आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण अवसर बना है।

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