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वीर बाल दिवस के नाम पर अकाली दल के दोहरे मापदंडों का पर्दाफाश, Pannu ने हरसिमरत बादल के पिछले समर्थन पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने ‘वीर बाल दिवस’ के नाम को लेकर चल रहे विवाद और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी द्वारा एसजीपीसी में रोजाना हो रहे घोटालों के बारे में दिए गए ताजा बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वीर बाल दिवस पर बोलते हुए पन्नू ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने सांसदों को पत्र लिखकर नाम बदलने की मांग की थी, जिसके बाद ‘आप’ के सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और मीडिया के जरिए भी इसे उजागर किया। उन्होंने दोहराया कि ‘आप’ साहिबजादों को “बाल” (बच्चे) नहीं मानती बल्कि उन्हें ‘बाबाओं’ के रूप में सम्मान देती है और उन्हें “निक्कीआं जिंदां, वड्डे साके” के रूप में याद करती है।
पन्नू ने इशारा किया कि जहां शिरोमणि अकाली दल (बादल) आज वीर बाल दिवस के नाम का कड़ा विरोध कर रहा है, लेकिन रिकॉर्ड बताते हैं कि जब वीर बाल दिवस की शुरुआत हुई थी, तब कई सांसदों ने इसके समर्थन में दस्तखत किए थे, जिनमें सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि पहले किसी मुद्दे पर स्टैंड लेना और बाद में उससे पीछे हटना अकाली दल का पुराना पैटर्न रहा है, चाहे वो पंथक मुद्दे हों या पंजाब के हित।
एक और उदाहरण देते हुए पन्नू ने कृषि कानूनों के आंदोलन के दौरान अकाली नेताओं की भूमिका को याद करते हुए कहा कि किसी ने भी अकाली दल से ज्यादा आक्रामक तरीके से तीन कृषि कानूनों का प्रचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि तब प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और हरसिमरत कौर बादल के वीडियो लगातार वायरल किए जाते थे, जिनमें इन कानूनों को फायदेमंद बताया गया था। जब जनता के दबाव में कानून वापस लिए गए तो अकाली नेतृत्व ने अपनी गलती नहीं मानी, बल्कि यह दावा किया कि वे लोगों को कानून “समझा” नहीं सके।
पन्नू ने हरसिमरत कौर बादल के 2019 के एक ट्वीट का भी हवाला दिया, जो वीर बाल दिवस पर पोस्ट किया गया था। इसमें साहिबजादों की तस्वीरें थीं, जिनको वीर बाल दिवस कहा गया था और यहां तक कि #ChildrensDay हैशटैग का इस्तेमाल भी किया गया था।
पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह सांसदों को वीर बाल दिवस के नामकरण का विरोध करने के लिए कहा गया था और पंजाब के सांसदों ने संसद में अपना विरोध दर्ज कराकर सहमति जताई थी, उसी तरह अब अकाली नेताओं से नाम को अंतिम रूप देने के समय उनकी भूमिका और समर्थन के बारे में पूछताछ की जानी चाहिए।
दूसरे मुद्दे पर बात करते हुए पन्नू ने एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब दिया, जहां धामी ने सवाल किया था कि क्या सरकार खुद को श्री अकाल तख्त साहिब से ऊपर समझती है। पन्नू ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ने कभी भी श्री अकाल तख्त साहिब से ऊपर होने का दावा नहीं किया और वह इस संस्था का दिल से सम्मान करती है।
पन्नू ने धामी के उस बयान पर सवाल उठाए कि “एसजीपीसी में रोजाना 10-20 घोटाले होते हैं”। उन्होंने पूछा कि धामी स्पष्ट करें कि ये किस तरह के घोटाले हैं क्या ये वित्तीय हैं, घी की खरीद से संबंधित हैं, रसीदों से हैं या निर्माण कार्यों से? पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी के मुख्य सेवादार के रूप में धामी सिख संगत को इसका स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देने के लिए बाध्य हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि धामी एसजीपीसी अध्यक्ष के पद पर रहते हुए अक्सर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रवक्ता के रूप में बोलते हैं, जिससे भ्रम पैदा होता है। पन्नू ने कहा कि धामी एक धार्मिक संस्था की आड़ में राजनीतिक बयानबाजी करते हैं, जो कि अनुचित है।
2015 की बेअदबी की घटना का हवाला देते हुए पन्नू ने एक टेलीविजन बहस को याद किया जहां एसजीपीसी के एक सदस्य ने दावा किया था कि जिस गुरुद्वारा साहिब से गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप चोरी हुआ था, वह एसजीपीसी के अधीन नहीं था। पन्नू ने सवाल किया कि क्या गुरु ग्रंथ साहिब सिर्फ एसजीपीसी के प्रबंध वाले गुरुद्वारों में ही गुरु माने जाते हैं? उन्होंने ऐसी दलीलों को बेहद चिंताजनक बताया।
गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के मुद्दे पर पन्नू ने याद दिलाया कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और एसआईटी का गठन किया गया है। खुद एसजीपीसी ने जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग करने का प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को अब जवाबदेही में देरी करने की बजाय एसआईटी को सहयोग करना चाहिए और कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
पन्नू ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक तौर पर बोलना चाहता है तो वह खुलकर राजनीतिक हैसियत में ऐसा करे, लेकिन धार्मिक संस्थाओं को राजनीतिक एजेंडे के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। संगत और कानून के प्रति जवाबदेही सबसे ऊपर होनी चाहिए।
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Punjab News: भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश पर्व पर वर्षभर चलने वाले राज्य स्तरीय समारोहों की शुरुआत की, 2027 में ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों का हुआ आगाज़
Punjab News: श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज श्री खुरालगढ़ साहिब में प्रदेश स्तरीय समागम का शुभारंभ पूर्ण धार्मिक मर्यादा एवं उत्साह के साथ श्री अखंड साहिब जी के पाठ के आरंभ के साथ किया गया। यह भव्य समागम 6 फरवरी तक चलेगा तथा इसी दिन श्री अखंड साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। समागम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान गुरु चरणों में हाजिरी लगाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं भाईचारे की कामना करेंगे।
संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे
इस अवसर पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह, प्रधान श्री गुरु साधु संप्रदाय सोसायटी पंजाब संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि धर्म मिशन संत सतविंदर हीरा, संत दयाल नाथ समुंदड़ा, संत जगीर सिंह नंदाचौर, धाम चानण पुरी सहौड़ा से संत धर्मपाल, तग्गड़ बराड़ा से बलकार सिंह, शेरपुर ढक्कों से संत रमेश दास, गांव चेता से संत मनप्रीत दास, ढिंगरियाँ से संत बलवंत सिंह, पंडोरी लध्धां से सतनाम सिंह, बसी मरुफ़ से संत कुलदीप सिंह के अलावा अन्य संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
आज कैबिनेट मंत्रीओं हरपाल सिंह चीमा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरजोत सिंह बैंस, डॉ. रवजोत सिंह और लाल चंद कटारुचक्क के अलावा डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रौड़ी, चेयरमैन एससी कमिशन जसवीर गढ़ी, विधायक डॉ. ईशांक कुमार, संस्कृति व पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली व अन्य शख्सियतों ने गुरु चरणों में शीश नवाया।
गुरु चरणों में शीश नवाने उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्ष 2027 में श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व ऐतिहासिक और भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 फरवरी से पूरे वर्ष चलने वाले समागमों की श्रृंखला आरंभ की है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की महान शिक्षाएं सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं, जिन्हें जन-जन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से परिचित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु महाराज जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा इसके लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।
श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं
डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है और यहां आयोजित समागम सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खुरालगढ़ साहिब में आयोजित होने वाला यह प्रदेश स्तरीय समागम सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।
कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महान केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं समाज में समानता, प्रेम और सेवा की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में गुरु जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार पूरा साल समागमों की श्रृंखला चला रही है।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी का जीवन संघर्ष, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनके विचार आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने संगत से गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समाज में समरसता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध है।
इस अवसर पर चेयरमैन पंजाब एससी कमीशन डॉ. जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं सामाजिक न्याय, समानता और मानव कल्याण की सशक्त प्रेरणा हैं। गुरु जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सब गुरु रविदास जी के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा अनुसूचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। ऐसे समागम समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।
गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है
विधायक चब्बेवाल डॉ. ईशांक कुमार चब्बेवाल ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब की पावन धरती पर आयोजित यह प्रदेश स्तरीय समागम संगत के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं हमें सत्य, करुणा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस मौक़े पर अध्यक्ष एससी विंग पंजाब गुरप्रीत सिंह जी.पी., डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, पर्यटन विभाग के डायरेक्टर संजीव तिवाड़ी, एसएसपी संदीप कुमार मलिक, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) अमरबीर कौर भुल्लर, नगर निगम कमिश्नर ज्योति बाला, एसडीएम मुकेरियां ओएशी मंडल, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, एसडीएम दसूहा कंवलजीत सिंह, एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह, सहायक कमिश्नर परमप्रीत सिंह के अलावा अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु महाराज जी के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना की।
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भगवंत सिंह मान सरकार ने Punjab के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने हेतु निवेश अभियान को और तेज किया
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुंबई में चल रहे निवेश रोडशो के दूसरे दिन को और अधिक गति प्रदान की. प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के हिस्से के रूप में, राज्य ने युवाओं के लिए निवेश को रोजगार के अवसरों में बदलने पर विशेष जोर दिया. विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत बनाने और उन्हें बड़े उद्योगों में परिवर्तित करने की रणनीतियां पेश की गईं. इन प्रयासों से पंजाब को युवा-केंद्रित औद्योगिक विकास और उद्यमिता-आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है.
प्रमुख उद्योगों के साथ उच्च-स्तरीय चर्चाएं
दिन की शुरुआत सनातन टेक्सटाइल और महिंद्रा ग्रुप जैसे प्रमुख कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों से हुई. इनमें कपड़ा, ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण, रक्षा उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश पर गहन विचार-विमर्श किया गया. पंजाब के कुशल श्रमिकों, मजबूत औद्योगिक ढांचे और स्थिर नीतियों का लाभ उठाते हुए मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित रहा.
सीएक्सओ राउंडटेबल: एमएसएमई को सशक्त बनाना
दिन का मुख्य आकर्षण सीएक्सओ राउंडटेबल रहा, जिसमें प्रमुख निजी इक्विटी फर्मों और वित्तीय संस्थाओं ने भाग लिया. बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, एवेंडस वेल्थ मैनेजमेंट, नियो वेल्थ, ओकेएस एसेट मैनेजमेंट, अल्वारेज एंड मार्सल तथा थिंक लॉ जैसी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.
बैठक में एमएसएमई को वैश्विक स्तर के बड़े उद्यमों में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, पूंजी निवेश और रणनीतिक मार्गदर्शन पर चर्चा हुई. इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ ने राज्य के सुधार-आधारित शासन, फास्टट्रैक सिंगल-विंडो सिस्टम और समयबद्ध अनुमतियों पर प्रस्तुति दी, जबकि निवेश प्रोत्साहन सचिव ने नीतिगत स्थिरता और निवेशक सुविधा की प्रतिबद्धता को उजागर किया. सत्र इंटरैक्टिव चर्चा और नेटवर्किंग लंच के साथ समाप्त हुआ.
लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में साझेदारियांरा
राउंडटेबल के बाद, प्रतिनिधिमंडल ने यूएई की डीपी वर्ल्ड के साथ लॉजिस्टिक्स, रेल-कनेक्टेड टर्मिनलों और बहुविध परिवहन ढांचे पर बातचीत की, ताकि पंजाब की निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सके. इसके अलावा एवेन्यू सुपरमार्ट्स, यूपीएल लिमिटेड और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के साथ संगठित खुदरा, कृषि इनपुट, खाद्य प्रणाली तथा खेल शिक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. इन चर्चाओं ने विनिर्माण, सेवाएं, कृषि-व्यापार और उभरते उद्योगों में पंजाब की विविध संभावनाओं को सामने लाया.
निवेश इंडिया की भागीदारी और भविष्य की योजनाएं
इन्वेस्ट इंडिया के प्रतिनिधि ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो राज्य में घरेलू व वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा. मुंबई रोडशो निवेशकों और उद्योग जगत के लिए मजबूत मंच साबित हो रहा है, जहां उन्हें 2026 सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया. ये प्रयास पंजाब को स्थिर, निवेश-अनुकूल वातावरण में व्यवसाय विस्तार, अनुसंधान और वैश्विक बाजार एकीकरण के लिए तैयार दिखाते हैं.
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अमरीका के कृषि वस्तुओ के लिए Zero-tax entry भारतीय किसानों को बर्बाद कर देगी, भाजपा अपना किसान विरोधी एजेंडा आगे बढ़ा रही है: धालीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कथित “गुप्त व्यापारिक समझौते” को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यह डील भारत के किसानों को तबाह करने और देश की कृषि अर्थव्यवस्था को खत्म करने की एक सुनियोजित साज़िश है।
बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि यह बेहद चौंकाने और अपमानजनक है कि जब यह मुद्दा देश के भविष्य और 80 करोड़ से अधिक लोगों की रोज़ी-रोटी से जुड़ा है, तब इसकी जानकारी प्रधानमंत्री संसद या देश की जनता को नहीं दे रहे, बल्कि ट्रंप के ट्वीट्स के ज़रिए सामने आ रही है।
धालीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के लोगों के लिए ट्रंप कौन हैं? वे प्रधानमंत्री मोदी के मित्र हो सकते हैं, लेकिन जब प्रधानमंत्री खुद चुप हैं तो ट्रंप सोशल मीडिया पर भारत की नीतियों की जानकारी क्यों दे रहे हैं? पर्दे के पीछे आखिर कौन-सी डील हुई है और उसे देश से क्यों छुपाया जा रहा है?
आप प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि इस समझौते के तहत भाजपा सरकार ज़ीरो टैक्स पर अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारत के दरवाज़े खोलने की तैयारी कर रही है। इससे सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय बाज़ार में भर जाएंगे और देश के किसान बुरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह व्यापार नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण है। यह भाजपा की भारतीय कृषि को खत्म करने की योजना है, ताकि उनके पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाया जा सके।
धालीवाल ने अमेरिकी कृषि उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स को लेकर स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह सौदा भारत को रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोककर अमेरिका से महंगा तेल आयात करने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे महंगाई बेकाबू हो जाएगी। तेल महंगा होगा तो हर चीज़ महंगी होगी और इसका असर हर घर पर पड़ेगा।
उन्होंने पंजाब भाजपा लीडरशिप को भी कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि वे राज्य की रीढ़ कृषि को सीधे खतरे में डालने वाले इस मुद्दे पर आपराधिक चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। धालीवाल ने सवाल किया कि क्या पंजाब भाजपा के नेता किसानों को यह बताने की हिम्मत रखते हैं कि जब अमेरिकी गेहूं, मक्का, सोयाबीन, कपास, डेयरी उत्पाद, मछली, मीट और अन्य वस्तुएं लगभग ज़ीरो ड्यूटी पर भारत में आएंगी और स्थानीय बाज़ार को तबाह कर देंगी, तब हमारे किसान कहां जाएंगे?
उन्होंने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है। यदि यह सौदा लागू हुआ, तो गेहूं बेल्ट, कपास बेल्ट, डेयरी किसान और मछली पालन से जुड़े लोग पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। पंजाब भाजपा को जवाब देना चाहिए कि तब राज्य का भविष्य क्या बचेगा।
कुलदीप धालीवाल ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत इस पूरे समझौते को सभी शर्तों के साथ लोकसभा और देश की जनता के सामने सार्वजनिक करें।
उन्होंने ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और इस “किसान विरोधी, पंजाब विरोधी और भारत विरोधी” सौदे के खिलाफ संसद से लेकर सड़कों तक संघर्ष करेगी, जब तक इसे पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता। पार्टी ने दोहराया कि पंजाब भारत की कृषि की रीढ़ है और इस डील के लागू होने से पंजाब को भारी नुकसान पहुंचेगा। आप भाजपा को राजनीतिक फायदे और कॉर्पोरेट मुनाफे के लिए देश के किसानों को बेचने नहीं देगी।
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