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Donald Trump ने 75 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ 90 दिनों के लिए स्थगित किए, चीन पर बढ़ाया 125% टैरिफ।

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अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को 75 से अधिक देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ यानी ‘जैसे को तैसा’ की नीति को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया। यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। हालांकि, उन्होंने चीन को इस छूट से बाहर रखा और उस पर लगाए गए टैरिफ को 104% से बढ़ाकर 125% कर दिया है।

यह कदम चीन द्वारा जवाबी तौर पर 84% का टैरिफ लगाने के बाद उठाया गया। चीन पर 125% टैरिफ का मतलब है कि चीन में बने 100 डॉलर के उत्पाद अब अमेरिका में 225 डॉलर में बिकेंगे। इस तरह से चीनी सामानों की कीमत बढ़ने से उसकी बिक्री में कमी आएगी।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि चीन ने वैश्विक बाजार में सम्मान का आदान-प्रदान नहीं किया है, इसलिए वह टैरिफ को 125% तक बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि यह कदम चीन को यह समझाने में मदद करेगा कि अमेरिका और दूसरे देशों से धोखाधड़ी के दिन अब खत्म हो गए हैं।

जो देश डील करेंगे, उनके लिए टैरिफ 10% रहेगा

ट्रम्प ने कहा कि 75 से ज्यादा देशों ने अमेरिका के प्रतिनिधियों को बुलाया है और इन देशों ने मेरे मजबूत सुझाव पर अमेरिका के खिलाफ किसी भी तरह से जवाबी कार्रवाई नहीं की है। इसलिए मैंने 90 दिन के विराम (पॉज) को स्वीकार किया है। टैरिफ पर इस रोक से नए व्यापार समझौतों पर बातचीत करने का समय मिलेगा।

वहीं, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत करने के इच्छुक देशों के लिए यह दर घटकर 10% हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कनाडा और मेक्सिको के कुछ सामानों पर 25% टैरिफ लगता था। अब उन्हें भी बेसलाइन टैरिफ में शामिल कर लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यूरोपीय यूनियन इस बेसलाइन टैरिफ में शामिल है या नहीं।

मंदी, महंगाई का खतरा था, ट्रम्प के करीबी भी टैरिफ के खिलाफ थे

  1. ट्रम्प टैरिफ के चलते अमेरिका समेत ग्लोबल मार्केट में 10 लाख करोड़ डॉलर की गिरावट आई थी। हालांकि, टैरिफ रोकने के फैसले के कुछ घंटों के अंदर ही अमेरिकी शेयर बाजार की वैल्यू 3.1 लाख करोड़ डॉलर बढ़ गई।
  2. ट्रम्प के कई करीबी सलाहकारों और खुद इलॉन मस्क भी टैरिफ वॉर रोकने की सलाह दे चुके थे। ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता भी टैरिफ के खिलाफ थे। मिच मैककोनल, रैंड पॉल, सुसन कोलिन्स व लिसा मुर्कोव्स्की ने टैरिफ को ‘असंवैधानिक, अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक और कूटनीतिक रूप से खतरनाक’ बताया था।
  3. टैरिफ के चलते अप्रत्याशित तौर पर अमेरिकी बॉन्ड्स की बिकवाली शुरू हो गई थी। क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, यह कोरोना काल जैसी स्थिति बन रही थी।
  4. वॉल स्ट्रीट के बैंकों ने टैरिफ के चलते अमेरिका में महंगाई, बेरोजगारी बढ़ने और मंदी आने की चेतावनी दी थी।
  5. अमेरिका चीन से 440 अरब डॉलर का आयात करता है। इस पर उसने 124% टैरिफ लगाया है। चीन से प्रोडक्ट्स मंगवाने वाली अमेरिकी कंपनियों के लिए अब इसका विकल्प खोजना बड़ी चुनौती बन रहा था। ऐसे में बाकी देशों पर टैरिफ रोकना इन कंपनियों की सप्लाई चेन के लिए जरूरी था।

ऐलान होते ही अमेरिकी शेयर बाजार में 10% तक तेजी

टैरिफ रोकने के ऐलान से 4 घंटे पहले ही ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “दिस इज ए ग्रेट टाइम टु बाय (यह खरीदी का बहुत अच्छा समय है)।” इसके बाद जैसे ही ट्रम्प ने रेसिप्रोकल टैरिफ रोकने की घोषणा की, शेयर बाजारों में तेजी लौट आई।

डॉऊ जोंस 2,600 अंक (7.1%) से अधिक उछला। S&P 500 में 9.5% बढ़ोतरी हुई। नैस्डैक 1536 अंक या 10.3% बढ़ा। नैस्डेक में यह बढ़त 2008 की मंदी के बाद सबसे बड़ी है। वहीं, एपल, एनवीडिया, टेस्ला जैसी कंपनियों के शेयर में भी उछाल देखा गया।

सबसे ज्यादा बढ़त 20.01% टेस्ला में हुई। बिटकॉइन में भी 6% बढ़त हुई। मालूम हो, एक दिन पहले ही टैरिफ वॉर से घबराए दुनियाभर के बाजार 4% तक गिर गए थे।

चीन पर टैरिफ क्यों बढ़ाया

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रम्प ने उन देशों को टैरिफ वापस लेकर प्रोत्साहित किया है, जिन्होंने बढ़ते ट्रेड वॉर के बीच अमेरिका के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला। चूंकि चीन ने बुधवार को ही अमेरिका पर टैरिफ 34% से बढ़ाकर 84% करने की घोषणा की थी। इसलिए ट्रम्प ने चीन पर टैरिफ 104% से 125% कर दिया।

EU को लेकर स्पष्टता नहीं ?

यूरोपीय यूनियन (EU) के 26 देशों ने 9 अप्रैल को अमेरिका के सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। यह टैरिफ 15 अप्रैल से लागू हो जाएगा। यूरोपीय यूनियन के एकमात्र देश हंगरी ने अमेरिका पर टैरिफ लगाने के फैसले का विरोध किया था।

हालांकि इसके बावजूद EU ने बुधवार को 23 अरब डॉलर (1.8 लाख करोड़ रु.) के अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। ऐसे में अब EU पर टैरिफ की दर कितनी रहेगी, इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

चीन नई इंडस्ट्री व इनोवेशन बढ़ाने पर जोर दे रहा

चीन के पास अमेरिका के करीब 600 अरब पाउंड (करीब 760 अरब डॉलर) के सरकारी बॉन्ड हैं। मतलब ये कि चीन के पास अमेरिकी इकोनॉमी को प्रभावित करने की बड़ी ताकत है। वहीं, चीन ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है।

चीन ने 1.9 लाख करोड़ डॉलर का अतिरिक्त लोन इंडस्ट्रियल सेक्टर को दिया है। इससे यहां फैक्ट्रियों का निर्माण और अपग्रेडेशन तेज हुआ। हुआवेई ने शंघाई में 35,000 इंजीनियरों के लिए एक रिसर्च सेंटर खोला है, जो गूगल के कैलिफोर्निया हेडक्वार्टर से 10 गुना बड़ा है। इससे टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कैपेसिटी तेज होगी।

चीन बोला- झुकने के बजाए आखिर तक लड़ेंगे

अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ वॉर के बीच चीन ने कहा कि वह अमेरिका के आगे ‘जबरदस्ती’ झुकने के बजाए आखिर तक लड़ना चुनेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन उकसावे से नहीं डरता, वह पीछे नहीं हटेगा।

माओ निंग ने सोशल मीडिया पर कई सारे पोस्ट शेयर किए हैं। इसमें एक पूर्व चीनी नेता माओ जेदोंग का भी वीडियो है। उसमें माओ कह रहे हैं- हम चीनी हैं। हम उकसावे से नहीं डरते। हम पीछे नहीं हटते। यह वीडियो 1953 का है जब कोरियाई जंग में चीन और अमेरिका अप्रत्यक्ष तौर पर आमने-सामने थे।

वीडियो में माओ कहते हैं- यह जंग कब तक चलेगी यह हम तय नहीं कर सकते। यह राष्ट्रपति ट्रूमैन या फिर आइजनहावर या फिर जो नया राष्ट्रपति बनेगा, उस पर निर्भर करता है। चाहे यह जंग कितना भी लंबा क्यों न चले, हम कभी भी नहीं झुकेंगे। हम तब तक लड़ेंगे जब तक हम पूरी तरह से जीत नहीं जाते।

माओ निंग ने एक दूसरे पोस्ट में एक तस्वीर शेयर की है। इसमें यह बताया गया है कि कीमत मंहगी होने के बाद भी अमेरिकी चीनी सामान ही खरीदेंगे।

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पंजाब में बेअदबी पर उम्रकैद का बनेगा कानून:जैतो की जनसभा में CM मान ने दिए संकेत, 31 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ

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फरीदकोट जिले के जैतो शहर में रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने करीब 31 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करवाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि पंजाब में बेअदबी पर उम्रकैद का कानून बनेगा।

सुखबीर को नीतियों पर आत्ममंथन करने की सलाह

मुख्यमंत्री ने बरगाड़ी बेअदबी मामले और उससे जुड़ी गोलीकांड की घटनाओं के लिए बादल परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पंजाब में बेअदबी के आरोपियों को सख्त सजाओ के कानून के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार द्वारा ऐसा कानून बनाया जाएगा, जिसमें आरोपी को एक साल तक जमानत नहीं मिलेगी। साथ ही उसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने शिअद नेता सुखबीर सिंह बादल को अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान पंजाब के व्यापार पर कब्जा किया गया और जनता को नुकसान पहुंचाया गया।

कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के चार साल के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2022 में लोगों ने पारंपरिक पार्टियों के बजाय आम आदमी पार्टी को मौका दिया और उनकी सरकार ने कम समय में ही बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए हैं। चुनाव से पहले की गई गारंटियां पूरी की जा चुकी हैं और पंजाब को रंगला पंजाब की ओर आगे बढ़ाया जा रहा है।

लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आया हूं :

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह राजनीति में पैसा कमाने नहीं, बल्कि लोगों की सेवा और शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने के लिए आए हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न तो कोई भ्रष्टाचार किया है और न ही किसी को करने देंगे।

कार्यक्रम में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर, विधायक अमोलक सिंह, डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर समेत आसपास के क्षेत्रों के कई विधायक मौजूद रहे।

मंच पर सीएम मान को किया गया सम्मानित।

मंच पर सीएम मान को किया गया सम्मानित।

जनसभा के दौरान उमड़ी भीड़।

जनसभा के दौरान उमड़ी भीड़।

 

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

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मोगा में CM भगवंत मान ने बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन, विपक्ष पर साधा निशाना

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के विकास एजेंडे की पुष्टि करते हुए मोगा में बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और नींव पत्थर रखा। साथ ही उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, किसान सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित शासन मॉडल की रूपरेखा भी पेश की।

प्रदेश स्तरीय समागम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का भारी हुंकार और जन भागीदारी सरकार की ईमानदार और साफ-सुथरी राजनीति में बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि 47 किलोमीटर से अधिक मुख्य सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने, शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, 18.80 करोड़ रुपए के बिजली प्रोजेक्ट शुरू करने और 13 अप्रैल से विभाजन अभियान शुरू करने तक सरकार जमीन पर ठोस बदलाव ला रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार किसानों की गेहूं के दाने-दाने को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी किसान आढ़तियों के रहमो-करम पर न रहे। इस तरह प्रदेश सरकार हर गांव और शहर को जोड़ने वाले विकास मॉडल के माध्यम से पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखने के बाद समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों ने पंजाब के लोगों के साथ बार-बार विश्वासघात किया है।

उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने न सिर्फ पंजाब और यहां के लोगों को बर्बाद किया, बल्कि गुरुओं और गुरबाणी का भी घोर निरादर किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने नशे के व्यापार को सरपरस्ती देकर पंजाब की पीढ़ियों का कत्लेआम किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि नशे को बेचने या सप्लाई करने के लिए सरकारी वाहनों का भी इस्तेमाल किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता सुखबीर बादल दावा करते हैं कि प्रदेश का सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन वे बरगाड़ी और बहिबल कला की बेअदबी की घटनाओं को आंखों से ओझल कर बैठे हैं। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई, जो एक न माफ करने योग्य गुनाह है। वे पंथ और पंजाब की विरोधी ताकतों के समर्थक हैं।”

अकाली दल की कथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं?”

उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने अकालियों को चुना लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा राज्य व यहां के लोगों की पीठ में छुरा मारा। जब किसान भाईचारा अपने हकों के लिए लड़ रहा था, तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जगह बचाने के लिए काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने राज्य की कई पीढ़ियों को तबाह कर दिया है। ये पंजाब विरोधी ताकतें एक-दूसरे से हाथ मिलाकर चल रही हैं और राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता केंद्र और नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुप हैं, जो पंजाब को बर्बाद कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, “ये नेता मुझ पर बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ते क्योंकि वे पंजाब की तरक्की से नाखुश हैं। लोगों को एकजुट होकर इन्हें राज्य से बाहर करके सबक सिखाना चाहिए। सुखबीर बादल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य पंजाब के लिए बेगाने हैं क्योंकि इनका लोगों से कोई मेल नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपनी स्कूली पढ़ाई से लेकर कपड़ों और आदतों तक इन लोगों का आम पंजाबियों से कुछ भी मेल नहीं खाता। ये नेता लोगों के सामने आने वाली समस्याओं से अनजान हैं क्योंकि वे पंजाब की असली स्थिति से कोसों दूर हैं। उन्होंने कभी खेतों का चक्कर तक नहीं मारा, तो किसानों की मुश्किलों के बारे में क्या जान सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने इन पारंपरिक पार्टियों को बड़े पैमाने पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने पंजाब को लूटा। इन नेताओं ने परजीवियों की तरह पंजाब के संसाधनों का खून चूसा और आज भी उनके पास सत्ता की भूख के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। वे मुझे गालियां निकालने और अपनी हाई कमांड को वीडियो भेजने में एक-दूसरे से आगे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई लक्ष्य या उद्देश्य नहीं है और वे निजी हितों में उलझे हुए हैं जबकि हमारी सरकार पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने के लिए हर प्रयास कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा।”

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अनूठी पहल की हैं। हमने लोगों से किए सारे वादे पूरे किए हैं। सरकार बिना किसी पक्षपात के हर घर को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि जब से हमारी सरकार ने सत्ता संभाली है, 90 प्रतिशत परिवारों को बिजली का बिल नहीं आ रहा है। पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 8 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है। सरकार ने नहर प्रणाली को सुधारने पर 6500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और पहली बार 1365 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और आने वाले धान के सीजन तक यह 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। 6900 किलोमीटर लंबे 18,349 जल मार्गों को सुधारकर पानी को टेल तक पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जिन नेताओं के खेतों तक जाकर नहरें बंद हो जाती थी, उन्होंने कभी आम लोगों के इस मुद्दे पर कोई चिंता नहीं की। ऐसे फैसले सिर्फ वे नेता ले सकते हैं जो जमीन की हकीकत समझते हैं, न कि वे जो पहाड़ियों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं।

रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सिर्फ योग्यता के आधार पर 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर रोजगार क्रांति लाई है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड निजी निवेशों के कारण पिछले चार सालों में 7 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और हमने अगले पांच सालों के लिए रखरखाव, मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। सरकार किसानों की सुविधा के लिए हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावनाओं की भी पड़ताल कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों को बड़ी राहत देगा क्योंकि हाई टेंशन तारें उनके और उनकी फसलों के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके गांव से शुरू होगी, जहां काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।

जनकल्याण पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नई तक्सीम योजना 30 दिनों के अंदर जमीन का बंटवारा सुनिश्चित करेगी, जिसे 13 अप्रैल 2026 से पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि लोग जितना हो सके आपसी समझ से विवाद सुलझाएं।

उन्होंने अपील की कि लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद रहित इलाज के लिए अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाएं। यह योजना सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मावां धीयां सत्कार योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति महीना 1500 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों की महिलाओं को 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा लोगों का है, जिसे विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है। पहले यही पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब सारी चोर रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर शिक्षा गरीबी का इलाज है। कोई भी मुफ्त चीज गरीबी खत्म नहीं कर सकती, शिक्षा ही तरक्की और खुशहाली के दरवाजे खोल सकती है। हम शिक्षा को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जहां हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, वहीं दूसरी पार्टियां सिर्फ सत्ता हथियाने की बात करती हैं। लोगों ने इन मौकापरस्त नेताओं को नकार दिया है, जो सिर्फ अपने परिवारों की भलाई के लिए काम करते रहे हैं।

गेहूं की खरीद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़ती सरकार पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम नहीं झुकेंगे। सरकार सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए सहकारी कमेटियों का खरीद कोटा बढ़ाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखा, जिसमें बिजली प्रोजेक्ट, नगर निगम सड़कों की मरम्मत और प्रमुख सड़कों का अपग्रेडेशन शामिल है। उन्होंने रंगला और जीवंत पंजाब बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे पहले ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि भगवंत सिंह मान देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। आप सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए मार्गदर्शक पहल की हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी सत्ता में आई तो वे दिल्ली में भाजपा की तरह इन जनकल्याण योजनाओं को बंद कर देंगे।

भगवंत मान सरकार की विकासोन्मुखी सोच से रंगला पंजाब की ओर बढ़ रहा है राज्य

मोगा में चल रहे बुनियादी ढांचा कार्य एक निर्णायक और काम-आधारित शासन मॉडल को दर्शाते हैं, जहां सड़कों, शहरी बुनियादी ढांचे और बिजली व्यवस्था में बड़े निवेश किए जा रहे हैं।

47.70 किलोमीटर लंबी मोगा-बाघापुराना-कोटकपूरा सड़क को 46.98 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। 22.72 किलोमीटर मोगा-धर्मकोट सड़क का नवीनीकरण 9.98 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है, जिससे मुख्य कस्बों व गांवों में संपर्क मजबूत होगा।

नगर निगम द्वारा 88.62 करोड़ रुपए के शहरी विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें 11.60 करोड़ रुपए के अतिरिक्त टेंडर प्रगति अधीन हैं। इनमें मुख्य सड़कों के नवीनीकरण के लिए 7.58 करोड़ रुपए, अन्य सड़कों के लिए 7.66 करोड़ रुपए, बहुमंजिला सामुदायिक हॉल के लिए 4.16 करोड़ रुपए, पुरानी अनाज मंडी में स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए 2.19 करोड़ रुपए तथा गुरु नानक कॉलेज चौक पर एक घड़ी टावर के निर्माण के साथ-साथ गीता भवन, रेलवे अंडरब्रिज, जूती मार्केट, प्रताप रोड और मुख्य बाजार समेत शहर की प्रमुख जगहों के सौंदर्यीकरण के लिए 97 लाख रुपए शामिल हैं।

बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें रसूंगावाला में 9.82 करोड़ रुपए की लागत वाला 220 केवी ट्रांसफार्मर, 2.62 करोड़ रुपए की लागत वाला 20 एमवीए ट्रांसफार्मर और 4.22 करोड़ रुपए की लागत वाला सोसण में 132 केवी ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा मोगा शहर की बिजली वितरण व्यवस्था को अपग्रेड करने पर 3.74 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ये पहल पूरे शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार कर रही हैं और आसपास के लगभग नौ गांवों को लाभ पहुंचा रही हैं। साथ ही 1 करोड़ रुपए की लागत से डगरू में एक नया सब-डिवीजन कार्यालय तैयार किया जा रहा है।

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AAP नेताओं ने संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने के लिए राघव चड्ढा की आलोचना की

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, आप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा और आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यसभा मेंबर राघव चड्ढा पर संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहने पर जमकर निशाना साधा है।

नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बार-बार बातचीत के बावजूद, 8,500 करोड़ रुपये का आरडीएफ बकाया, 60,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान और 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत जैसे गंभीर मुद्दे नहीं उठाए गए। इस चुप्पी को पंजाब के लोगों और फतवे के साथ धोखा बताते हुए, नेताओं ने कहा कि किसानों की चिंताओं और बाढ़ पीड़ितों की बुरी हालत को न उठाना ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह अलग होना दिखाता है।

संसद में रिप्रेजेंटेशन पर चिंता जताते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राघव चड्ढा को पंजाब के विधायकों ने इस उम्मीद से राज्यसभा के लिए चुना था कि वह नेशनल लेवल पर राज्य की चिंताओं को मज़बूती से प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, उन्होंने पंजाब से जुड़ा एक भी संवेदनशील मुद्दा उठाने से पूरी तरह परहेज किया।

मुख्य वित्तीय मुद्दों की सूचि देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वे लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया ग्रामीण विकास फंड, जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को लगभग 60,000 करोड़ रुपये का भारी जीएसटी नुकसान और जीएसटी मुआवजे में बदलाव के कारण 5,000-6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय नुकसान सहित कई ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फंड का मुद्दा भी ठीक से नहीं उठाया गया।

बाढ़ राहत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भयानक बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पंजाब के लिए 1,600 करोड़ रुपये की राहत की घोषणा के बावजूद, उस रकम का एक भी हिस्सा पंजाब के खजाने में नहीं पहुंचा। ये सभी मुद्दे बार-बार राघव चड्ढा के ध्यान में लाए गए, फिर भी उन्होंने संसद में इनमें से एक भी मुद्दा नहीं उठाया।

निराशा जताते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमने उन्हें उम्मीद के साथ राज्यसभा भेजा था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने इन मुद्दों पर एक बार भी मुंह नहीं खोला। यह साफ तौर पर समझौते को दिखाता है। आम आदमी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो आम लोगों को मौके देती है, लेकिन ऐसे ज़रूरी मुद्दों पर चुप रहना पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात है।

इस बीच, आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल और पार्टी का रोल याद रखना चाहिए कि उन्होंने उन्हें राजनीतिक तौर पर ऊपर उठाया है। उन्हें पंजाब के ज्वलंत मुद्दे जैसे बकाया आरडीएफ और फंड और बाढ़ राहत पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उन्होंने ऐसे मुद्दे उठाए जो पूरे देश ने देखे हैं।

पार्टी के सिद्धातों को दोहराते हुए, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी की स्थापना लोगों के हक के लिए बिना डरे लड़ने के सिद्धों की गई थी और उस रास्ते से कोई भी भटकाव सोचा भी नहीं जा सकता और मंज़ूर नहीं है। राघव चड्ढा को खुद आत्म मंथन करना चाहिए और अन्याय के विरुद्ध खड़े हों और लोगों के हकों की वकालत करने के पार्टी कि मुख्य सिद्धांत को याद रखना चाहिए।

दूसरी ओर, आप के प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से प्रभावित लोगों की बुरी हालत पर राघव चड्ढा की चुप्पी से बहुत निराशा हुई है। पार्टी नेताओं और प्रभावित लोगों ने उनसे बार-बार संसद में मुआवज़े का मुद्दा उठाने की रिक्वेस्ट की थी, खासकर प्रधानमंत्री द्वारा अनाउंस किए गए 1,600 करोड़ रुपये की राहत, जो अभी तक नहीं मिली है।

एक बाढ़ प्रभावित गांव में खड़े होकर उन्होंने कहा कि यह साफ़ है कि लोगों को अपने घरों, फसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी नुकसान हुआ है, फिर भी उनकी आवाज़ कभी राष्ट्रीय स्तर पर नहीं उठाई गई। हमें उम्मीद थी कि वे पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए इंसाफ़ और राहत की ज़ोरदार मांग करेंगे, लेकिन उनकी चुप्पी बहुत निराशाजनक रही है। पंजाब के लोग इस अनदेखी को नहीं भूलेंगे।

आप नेताओं ने मिलकर कहा कि पंजाब के मुद्दों को हर मंच पर ज़ोरदार तरीके से उठाया जाना चाहिए, और ऐसा न करना लोगों और आप को मिले जनादेश के साथ धोखा होगा।

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