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Rangla Punjab की Digital जीत: Mann government के नेतृत्व में Punjab ने National स्तर पर जीता Data Technology Award 2025

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पंजाब के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने यह साबित कर दिया है कि पंजाब सिर्फ खेती, किसानी और बहादुरी में ही नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया की दौड़ में भी सबसे आगे है। राज्य ने डेटा टेक्नोलॉजी अवार्ड 2025 जीतकर पूरे देश में एक नई मिसाल कायम की है।

यह अवार्ड पंजाब सरकार को डेटा एनालिटिक्स की कैटेगरी में मिला है। इसका मतलब है कि अब पंजाब में फैसले सिर्फ अंदाज़ों से नहीं, बल्कि सही आंकड़ों के आधार पर लिए जा रहे हैं। यह बदलाव हर नागरिक की जिंदगी को आसान और बेहतर बना रहा है।

कहाँ और किसे मिला यह अवार्ड

यह नेशनल अवार्ड इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा जयपुर (राजस्थान) में आयोजित एक बड़े समारोह में दिया गया।
पंजाब सरकार की ओर से यह सम्मान डी.के. तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग) ने प्राप्त किया।

अमन अरोड़ा का बयान

सुशासन और सूचना तकनीक मंत्री अमन अरोड़ा ने इसे पूरे राज्य के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा,

यह अवार्ड मान सरकार की दूरदर्शी सोच और पारदर्शी गवर्नेंस का प्रमाण है। हमारी कोशिश है कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर हर नागरिक तक तेज़, ईमानदार और जवाबदेह सेवाएँ पहुंचाई जाएं।”

उन्होंने आगे कहा कि डेटा एनालिटिक्स आधुनिक शासन में गेम-चेंजर है, जो फैसलों को सही दिशा में ले जाने में मदद करता है।

क्या है डेटा एनालिटिक्स और कैसे बदल रहा पंजाब

पहले सरकारी फैसले अक्सर अंदाज़ों या पुराने आंकड़ों पर लिए जाते थे। अब टेक्नोलॉजी की मदद से सरकार को रियल टाइम डेटा मिलता है।
इससे यह तय करना आसान हो गया है कि –

  • किस गाँव को डॉक्टर चाहिए,
  • किस शहर में सड़क की ज़रूरत है,
  • किस किसान को किस तरह की मदद चाहिए।

इससे सरकारी सेवाओं की डिलीवरी फास्ट और सही हो गई है।

लोगों को घर बैठे मिल रही सुविधाएँ

मान सरकार के इस डिजिटल सिस्टम से अब नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

  • कई जरूरी सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
  • लोग घर बैठे ही अपना काम कर पा रहे हैं।
  • इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।

यह सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान है जो सरकार अपने नागरिकों को दे रही है।

पारदर्शिता और जवाबदेही में बढ़ोतरी

इस डिजिटल सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब हर नागरिक देख सकता है कि उसका टैक्स का पैसा कहाँ और कैसे खर्च हो रहा है।

  • इससे सरकार और जनता के बीच भरोसा बढ़ा है।
  • भ्रष्टाचार कम हुआ है।
  • गवर्नेंस ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह हो गई है।

मुख्यमंत्री मान का विज़न रंगला पंजाब

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का सपना है कि पंजाब में ऐसा शासन हो जिसमें –

  • पारदर्शिता हो,
  • ईमानदारी हो,
  • तेज़ी से काम हो।

यह अवार्ड इसी सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मान सरकार की ये कोशिशें “रंगला पंजाब” यानी खुशहाल, समृद्ध और डिजिटल पंजाब की ओर बढ़ते कदमों का प्रमाण हैं।

अवार्ड का महत्व

यह नेशनल अवार्ड सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भरोसे का प्रतीक है।

  • यह दिखाता है कि पंजाब सरकार टेक्नोलॉजी को सही मायने में जनता की सेवा में इस्तेमाल कर रही है।
  • यह राज्य के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का एक बड़ा मील का पत्थर है।
  • इससे पूरे देश को संदेश गया है कि पंजाब डिजिटल सुशासन (Digital Governance) में भी एक लीडर बन रहा है।

यह जीत पंजाब के हर उस नागरिक की जीत है, जो बदलाव और अच्छे शासन की उम्मीद रखता है।
अब पंजाब की मिट्टी सिर्फ रंगों से नहीं, बल्कि डिजिटल रोशनी से भी जगमगाएगी
“रंगला पंजाब” का सपना धीरे-धीरे हकीकत बन रहा है, जहाँ हर फैसले में डेटा की ताकत और हर काम में पारदर्शिता होगी।

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O.T.S स्कीम को मिला जोरदार समर्थन: 111.16 करोड़ की वसूली, 31 मार्च के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी!

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वैट बकाये के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम को व्यापारियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत अब तक करीब 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं। इनमें से सरकार 111.16 करोड़ रुपये की वसूली भी कर चुकी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्कीम पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से इस योजना को अच्छा समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि कारोबारियों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू है। इसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाएगी और बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए पहले ही करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कारोबारियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अंतिम मौके का लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाये का निपटान कर लें। उन्होंने कहा कि OTS स्कीम के तहत ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है और वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड को साफ कर सकते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और बिना किसी छूट के सख्त वसूली प्रक्रिया लागू की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान्य कानूनी जांच और कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि मुकदमेबाजी को कम करना और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना भी है।

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व्यापक औद्योगिक निवेश ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और शासन में हुए सुधारों पर मुहर लगाई: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला के तहत आप सरकार के अधीन कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसका उद्देश्य जनता के सामने चार वर्षों के शासन का स्पष्ट और क्षेत्रवार लेखा-जोखा प्रस्तुत करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था में सुधार अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है, जो नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, संगठित अपराध पर निरंतर कार्रवाई, पुलिस सुधारों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने आगे कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्ती, आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसे प्रयास पंजाब में कानून लागू करने की मजबूती को दर्शाते हैं। अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और आपराधिक नेटवर्क को खुली छूट दी, वे अब इतिहास को मिटाकर दोबारा लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे जवाबदेही से बच नहीं सकते।

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कोई लिहाज न करने) की नीति अपनाई है और कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती गई है और न ही बरती जाएगी, बल्कि उन्हें मिसाल कायम करने वाली सजा दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 से अब तक 95,881 नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं।”

कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ नशीले पदार्थों की 6,109 बड़ी/व्यावसायिक खेपें जब्त की गई हैं। नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट (अधिक प्रभावित क्षेत्रों) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके चलते 5625 किलोग्राम हेरोइन, 3461 किलोग्राम अफीम, 1628 क्विंटल भुक्की और 4.96 करोड़ इंजेक्शन, गोलियां, कैप्सूल और सिरप बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “54.47 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है और एनडीपीएस मामलों में 3440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1556 तस्करों से 772 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं।”

संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के गठन के बाद 2858 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 35 को निष्क्रिय किया गया और 1105 गैंगों का भंडाफोड़ किया गया है। अपराधों में इस्तेमाल किए गए 2267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एजीटीएफ ने 6 अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बड़े हत्या मामलों, जबरन वसूली रैकेट, बैंक डकैतियों, गैंगस्टरों की गिरफ्तारी और आतंकवादी साजिशों समेत 38 सनसनीखेज मामलों को सुलझाया है।”

सीमा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 560 किलोमीटर लंबी सीमा है और नशों तथा हथियारों की सप्लाई को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया है। पंजाब ऐसा सिस्टम स्थापित करने वाला पहला राज्य है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने केंद्र से फंड मांगे थे, लेकिन कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग किया और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं, 1472 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और ड्रोन के जरिए 341 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।”

पुलिस सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जो अंतिम वर्ष या चुनावी साल में भर्ती करती थीं, हमारी सरकार ने नियमित भर्ती सुनिश्चित की है।

पिछले चार वर्षों में 12,197 भर्तियां की गई हैं, जिनमें 1062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल और 10,285 कांस्टेबल शामिल हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 1746 कांस्टेबलों (वर्ष 2025) की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 3298 कांस्टेबलों (वर्ष 2026) के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसके लिए 10 मार्च 2026 से आवेदन मांगे गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 327.69 करोड़ रुपए की लागत से 2904 वाहन खरीदे गए हैं, जिनमें 2258 चार-पहिया और 646 दो-पहिया वाहन शामिल हैं।

जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स भारत की अपनी तरह की पहली समर्पित फोर्स है, जो 5500 किलोमीटर से अधिक हाईवे को कवर करती है और इससे मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने आगे बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक इस फोर्स ने 43,983 हादसों में 47,386 पीड़ितों की मदद की, 19,973 लोगों को मौके पर सहायता दी और 27,413 घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।

तकनीकी अपग्रेड पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एस.ए.एस. नगर और जालंधर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं और जल्द ही इन्हें लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस एक राष्ट्रीय फोर्स है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है।

भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों से अपना गिरोह चला रहे गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

पंजाब की कानून-व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित और शांत राज्यों में से एक है। किसी भी राज्य या देश में निवेश आना कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण होता है, और बड़े स्टील प्लांट द्वारा 3200 करोड़ रुपए का निवेश इस बात को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि कई प्रमुख वैश्विक कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं और कई ने पहले ही निवेश शुरू कर दिया है। राज्य बड़े आयोजनों की मेजबानी कर रहा है और अक्टूबर में एशिया कप हॉकी की मेजबानी करेगा।

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में नशों को संरक्षण देने और फैलाने वाले नेता अब इसे खत्म करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि गैंगस्टरों को टिकट देकर किसने उन्हें हलका इंचार्ज बनाया। ये नेता गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं और आज भी उन्हें कानूनी व अन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लोगों के साथ ईद मनाई। यहां ईदगाह में ईद के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों की परियोजनाओं की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान उन्होंने सभी परिवारों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नाम दर्ज कराने की अपील की, जिससे इस जनहितकारी योजना का उद्देश्य जनता की स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है।

लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मुझे मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर बहुत सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना की सजीव तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं। मैं प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से ईद मनाने आए सभी लोगों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें पातशाह के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी और वह आवाज आज भी पूरी दुनिया में गूंज रही है।”

ईद के इस पावन अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपए की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला यह मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल होना भी जरूरी है, इसलिए इन्हें भी साथ ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है और फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में होने की संभावना है और हमारी बेटियां वहां शिक्षा प्राप्त करेंगी।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बन सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लोग अपने दिलों में उन्हीं नेताओं को जगह देते हैं जो उनके लिए काम करते हैं। वर्ष 2022 में पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया और सरकार ने अब तक अपने वादों और गारंटियों को पूरा किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद-रहित इलाज कार्ड के लिए अपना नाम दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य नकद-रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों अस्पताल शामिल हैं। राज्य में रहने वाले सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।

मैं प्रार्थना करता हूं कि पंजाब के किसी भी निवासी को कभी बीमारी की स्थिति का सामना न करना पड़े और सभी स्वस्थ रहें, लेकिन यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार उनके इलाज के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

मलेरकोटला के लोगों ने इतना अधिक प्यार दिया है कि उसका कर्ज कई जन्मों में भी नहीं उतारा जा सकता। इस प्यार की कीमत वही समझ सकता है जिसे यह मिलता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहाँ जो भी बीज बोया जाता है, वह उग आता है। महान गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की इस पवित्र धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनपेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “यह पवित्र महीना उस समय को दर्शाता है जब ईश्वरीय आदेश से पवित्र कुरान मानवता को प्रदान की गई थी। हम सभी मिलकर हर धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न भाषाएं, उप-भाषाएं, और संस्कृतियां हैं, जो इसे अनेकता में एकता का एक अनूठा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे महान आध्यात्मिक गुरुओं ने पूरे विश्व को शांति, सद्भाव, एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती से हम प्रतिदिन “सरबत के भले” की अरदास करते हैं और सभी की खुशहाली की कामना करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और इन्हें कभी कमजोर नहीं किया जा सकता।

इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।

उन्होंने पंजाब सरकार और राज्य के लोगों की ओर से पूरे मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, और राज्य सरकार इसे भविष्य में भी सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।

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