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संसद में Deependra हुड्डा का भाषण, शाम को सड़कों पर पदयात्रा ¹

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‘हरियाणा मांगे हिसाब’ अभियान के तहत कांग्रेस सांसद Deependra सिंह हुड्डा पूरे प्रदेश में पदयात्रा कर रहे हैं और लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं। कांग्रेस की टीम ने अलग-अलग इलाकों में पदयात्रा कर लोगों से मिलने पर भी सहमति जताई। साथ ही, लोगों को भाजपा द्वारा प्रदेश में किए गए वादों के बारे में बताने का भी निर्णय लिया गया। हरियाणा कांग्रेस कमेटी ने रविवार को बैठक के बाद सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की पदयात्रा की अगली योजना की घोषणा की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा जहां पंचकूला, फरीदाबाद और करनाल में तीन राज्य स्तरीय सम्मेलनों में भाग लेंगे, वहीं दीपेंद्र हुड्डा पदयात्रा का नेतृत्व करते रहेंगे।

कांग्रेस सांसद ने राज्य के 30 अलग-अलग इलाकों में पदयात्रा कर वहां रहने वाले लोगों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। वे आम लोगों से लेकर कार्यकर्ताओं तक सभी से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। वे महिलाओं के साथ घर का बना खाना खाते हैं और सामुदायिक समारोहों में बाल्टी से दूध भी पीते हैं। बारिश होने पर भी दीपेंद्र हुड्डा लोगों से मिलने के लिए पदयात्रा जारी रखते हैं। राजनीति दो जगह होती है, सड़क पर और सदन में। दीपेंद्र हुड्डा इस बात को अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए उन्होंने सुनिश्चित किया कि संसद सत्र के दौरान भी यात्रा जारी रहे।

दीपेंद्र सुबह बहुत से लोगों से बात करने में व्यस्त थे और शाम को सड़क पर चल रहे थे। वे खेलों के लिए पैसे, अहीर नामक समूह की मदद करने और यह सुनिश्चित करने जैसी महत्वपूर्ण चीजों के बारे में बात कर रहे थे कि सभी के साथ उचित व्यवहार हो। कभी-कभी वे हरियाणा के बारे में बात करना भूल जाते हैं, जहाँ से वे आते हैं।

वे उन लोगों के लिए अपना समर्थन दिखाने के लिए कई लोगों के साथ सड़क पर चले, जिनके पास नौकरी नहीं है, जो नशे की लत से जूझ रहे हैं और ऐसे इलाकों में रहते हैं जहाँ अपराध बहुत अधिक है। वे अपना संदेश फैलाने के लिए 12 अगस्त से 18 अगस्त तक अलग-अलग इलाकों में पैदल चलते रहेंगे।

हरियाणा कांग्रेस के नेता चांदवीर हुड्डा ने बताया कि सांसद 15 अगस्त को रोहतक में सुबह की परेड में शामिल होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 16 अगस्त को पंचकूला में महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। 17 अगस्त को फरीदाबाद में अपने गृह राज्य के लोगों की एक सभा में शामिल होंगे और 18 अगस्त को करनाल में एक और सभा में शामिल होंगे। उनकी यात्रा ने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में उत्साह पैदा कर दिया है। उनकी यात्रा के बाद शैलजा ने भी चुनाव प्रचार के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है।

अब भाजपा भी दीपेंद्र की तरह ही प्रदेश में भी ऐसी ही यात्रा निकालने के बारे में सोच रही है। राजनीति में कुछ लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि भाजपा को अपनी योजना में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि दीपेंद्र की यात्रा को लेकर कई लोग उत्साहित हैं। वे चुनाव से ठीक पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने की संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं। अनिल विज और अभय चौटाला कुछ न कुछ कहते रहते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोगों का मानना ​​है कि दीपेंद्र के कार्यक्रमों में काफी समर्थक होने के कारण सरकार के लिए कोई निर्णय लेना मुश्किल है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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