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Himachal Pradesh

Sirmaur में पति की दरिंदगी, पत्नी को डंडों से पीटकर मार डाला

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कई फैक्ट्रियों वाले Sirmaur के व्यस्त इलाके पांवटा साहिब में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को लाठी से बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। पांवटा साहिब में पुलिस ने तुरंत इस बारे में पता लगा लिया और महज 4 घंटे में ही उस व्यक्ति को पकड़ लिया, जिसने यह कृत्य किया था।

पांवटा पुलिस को रविवार देर रात करीब 1:00 बजे इस घटना के बारे में पता चला। उन्होंने सोमवार सुबह 5:00 बजे इस कृत्य को अंजाम देने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया। नेहा नामक एक छोटी बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सोहन सिंह ने उसकी मां रक्षा देवी को लाठी से बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे उसकी मां की मौत हो गई।

सोहन सिंह चौधरी उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर नामक गांव में रहते हैं। वे तारूवाला में शिव कॉलोनी नामक स्थान पर बलिराम नामक चाचा से काफी समय से किराए पर मकान लेकर रह रहे हैं। नेहा ने पुलिस को बताया कि वह और उसके माता-पिता भी करीब 6-7 साल से बलिराम चाचा के यहां किराए पर रह रहे हैं।

रविवार की रात, हर दिन की तरह, मम्मी ने खाना बनाने के बाद मम्मी और पापा टीवी देख रहे थे। रात के करीब 9:30 बजे थे। रात के खाने के बाद मम्मी और पापा अपने कमरे में चले गए और वह और उसकी बहन अपने कमरे में चली गईं। पापा अक्सर गुस्सा हो जाते थे और मम्मी को छोटी-छोटी बातों पर चोट पहुँचाते थे। रविवार रात को मम्मी और पापा 11 बजे तक टीवी देखते रहे। उस दौरान वह और उसकी बहन भी जाग रही थीं।

आधी रात के करीब उसने मेन गेट खुलने की आवाज़ सुनी, तो वह मम्मी और पापा के कमरे में गई। पापा वहाँ नहीं थे। वह काफी देर तक इंतज़ार करती रही, लेकिन पापा वापस नहीं आए। उसने मम्मी को कई बार आवाज़ लगाई, लेकिन मम्मी ने जवाब नहीं दिया। इसलिए, वह कमरे में गई और लाइट जलाई। फिर उसने देखा कि मम्मी खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ी हैं। वह ज़ोर से चिल्लाई, और फिर उसकी बहन अंजलि भी कमरे में आ गई।

इसके बाद, वह गेट खोलकर बगल के राजू अंकल के घर की ओर भागी और मदद के लिए चिल्लाने लगी। जब राजू अंकल और उनकी पत्नी ने उसकी आवाज़ सुनी, तो वे बाहर आ गए। उसने उन्हें बताया कि उसके पापा ने उसकी मम्मी को बुरी तरह से चोट पहुँचाई है और फिर भाग गए हैं। उन्होंने उसकी मम्मी के सिर पर डंडों और कुछ और चीज़ों से वार किया। पड़ोसी उसकी माँ रक्षा देवी को अस्पताल ले गए। दुख की बात है कि डॉक्टर ने बताया कि रक्षा देवी की मौत रात 1:00 बजे हो गई थी।

अस्पताल ने पुलिस को घटना के बारे में बताया और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने सोमवार सुबह-सुबह बांगरन चौक पर उस व्यक्ति को पकड़ लिया जिसने यह घटना की थी। योगेश रोल्टा नाम के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को एक विशेष टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने शव की जांच करने के बाद उसे परिवार को वापस सौंप दिया। पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है।

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हिमाचल में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, अब बिजली बिलों में जुड़ा फ्यूल चार्ज

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हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए 300 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे को अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। इसके उलट राज्य के बिजली उपभोक्ताओं पर नए-नए शुल्क और सेस का बोझ बढ़ता जा रहा है। अब सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार द्वारा फ्यूल चार्ज लागू किए जाने के बाद बिजली बिलों में अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। इस संबंध में बिजली बोर्ड ने 30 मई को अधिसूचना भी जारी की थी।

जानकारी के अनुसार, बिजली दरों के साथ ईंधन और बिजली खरीद लागत को जोड़ते हुए फ्यूल चार्ज लगाया गया है। जून में जारी मई माह के बिजली बिलों में यह नया शुल्क शामिल किया गया है। सोशल मीडिया पर कई उपभोक्ता अपने बिजली बिल साझा कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि फ्यूल चार्ज के कारण उनके बिलों में 50 से 150 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।

बिजली बोर्ड के अनुसार, करीब 100 यूनिट बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को लगभग 33 रुपये, 200 यूनिट खपत पर 67 रुपये और 300 यूनिट खपत पर करीब 100 रुपये अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना पड़ सकता है। खपत बढ़ने के साथ यह शुल्क भी बढ़ता जाएगा। इसका असर सभी वर्गों के उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ता पहले से ही विभिन्न प्रकार के सेस का भुगतान कर रहे हैं। इनमें मिल्स सेस भी शामिल है। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली सब्सिडी का लाभ केवल दो मीटरों तक सीमित कर दिया गया है। ऐसे में सरकार के इस फैसले को लेकर लोगों में असंतोष देखने को मिल रहा है।

हालांकि सरकार 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का दावा करती है, लेकिन इसके साथ कई शर्तें भी जुड़ी हुई हैं। यदि किसी उपभोक्ता की प्रतिदिन बिजली खपत 4 यूनिट से अधिक हो जाती है, तो 125 यूनिट से कम खपत होने पर भी उसे बिल का भुगतान करना पड़ सकता है। इससे पहले सरकार ने 125 से 300 यूनिट तक मिलने वाली बिजली सब्सिडी भी बंद कर दी थी, जिसे बाद में दोबारा बहाल कर दिया गया।

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली लगभग 5.89 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलती है। हालांकि सरकार इसमें करीब डेढ़ रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इसके बावजूद नए फ्यूल चार्ज लागू होने से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

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एंट्री फीस पर बैक फुट पर हिमाचल सरकार, जानें आपको पहनी गाड़ी के लिए कितना देना होगा toll?

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टोल और एंट्री टैक्स के ढांचे में बदलाव किया है. यह बदलाव राज्य सरकार ने हरियाणा और पंजाब के विरोध के बाद दिया है. सरकार ने मार्च में पहले जारी की गई दरों में संशोधन करते हुए, नीति को तर्कसंगत बनाने के बाद वाहनों की कई श्रेणियों को राहत दी है. सरकार ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है.

पिछले महीने राज्य सरकार ने वाहनों की सभी श्रेणियों के लिए टोल की दरें अधिक निर्धारित की गई थीं. इनमें यात्री वाहनों (12+1 क्षमता तक) के लिए 130 रुपये प्रतिदिन, हल्के वाणिज्यिक यात्री वाहनों के लिए 200 रुपये और बड़े आकार के मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए 900 रुपये तक की दरें शामिल थीं.

कितना कम किया गया टोल?

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विरोध प्रदर्शनों और उसके बाद कैबिनेट द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद, सरकार ने यात्री वाहनों के लिए टोल घटाकर 100 रुपये प्रतिदिन कर दिया है. यह संशोधित दर उन गैर-हिमाचल पंजीकृत वाहनों पर भी लागू होगी, जिनकी क्षमता 12 सीटों तक है. इन वाहनों को पहले 130 रुपये का भुगतान करना पड़ता था.

संशोधित नीति के तहत, सरकार ने हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत हल्के मोटर वाहनों के लिए दी जाने वाली छूट का दायरा भी बढ़ाया है. अब मोटर वाहन अधिनियम के तहत आने वाले निजी और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के वाहनों (टैक्सी सहित) को इस छूट का लाभ मिलेगा.

टोल बैरियर के निकट रहने वाले निवासियों को भी अतिरिक्त राहत प्रदान की गई है. अब वह पांच किलोमीटर के दायरे में रियायती टोकन निःशुल्क प्राप्त करने के पात्र होंगे. हालांकि, इसके लिए उन्हें सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निवास प्रमाण पत्र के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी.

पंजाब ने दी थी ये चेतावनी

मार्च में हिमाचल सरकार ने जो टोल दरे निर्धारित की थी. उसका विरोध पंजाब और हरियाणा ने किया था. वहीं पंजाब के लोगों ने 31 मार्च की रात 12 बजे से हिमाचल के एंट्री पॉइंट बंद करने की भी चेतावनी दी थी. वहीं इसे लेकर विधानसभा के बाद बीजेपी विधायकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था.

आज से ये चीजें हुई महंगी

हिमाचल सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है. गेहूं, मक्का व अन्य फसलों का एमएसपी बढ़ाया गया है. हल्दी का एमएसपी 150 रुपये प्रति किलो किया है. अदरक का एमएसपी 30 रुपये तय किया है. वहीं गाय का दूध 61 व भैंस का 71 रुपये प्रति किलो की दर से सरकार खरीद करेगी.

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Himachal में घूमना हुआ महंगा, एक अप्रैल से एंट्री के लिए चुकाना होगा दोगुने से भी ज्यादा शुल्क

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प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नई बैरियर नीति अधिसूचित कर दी है। इसे पहली अप्रैल से लागू किया जाएगा। नई नीति के तहत अन्य राज्यों से हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों को अब पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।

प्रस्तावित दर के मुताबिक सामान्य छोटे वाहनों से अब 170 रुपये का प्रवेश शुल्क लिया जाएगा, पहले उनसे 70 रुपये लिए जाते थे। जिन वाहनों से पहले 110 रुपये लिए जाते थे उनसे 170 लिए जाएंगे। बड़े ट्रकों पर भी शुल्क बढ़ाया है। पहले अधिकतम शुल्क 720 रुपये तय किया था। अब इसे बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया है। सरकार ने पहली बार इस नीति में छह प्रमुख बैरियरों को फास्टैग से जोड़ने का निर्णय लिया है।

नकद लेन-देन में कमी होगी

इसमें सिरमौर के गोविंदघाट, नूरपुर के कंडवाल, ऊना के मैहतपुर, बद्दी, परवाणू व बिलासपुर जिले के गरामोड़ा बैरियर शामिल हैं। बैरियरों का संचालन संभालने वाले ठेकेदारों को आवंटन के 15 दिन के भीतर फास्टैग प्रणाली लागू करनी होगी। इससे वाहनों की आवाजाही में तेजी आएगी और नकद लेन-देन में कमी होगी। बैरियरों की नीलामी ऑनलाइन होगी।

राजस्व में होगी बढ़ोतरी

इसके लिए संबंधित जिलों के उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की है। इसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी सदस्य होंगे। यदि किसी बैरियर को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी मामले का निपटारा करेंगे। इससे राजस्व में पहले के मुकाबले दो से तीन गुना तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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