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Punjab

कांग्रेस, शिअद और भाजपा को कुर्सी की चिंता, हमें पंजाब की फिक्र: CM भगवंत मान

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पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में Aam Aadmi Party की सरकार ने ‘काम की राजनीति’ को प्राथमिकता देते हुए जनता से किए गए वादों को पूरा किया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने हर वर्ग के लिए ठोस कदम उठाए हैं और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने Indian National Congress, Shiromani Akali Dal और Bharatiya Janata Party को नकारते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताया था, और उनकी सरकार उस भरोसे पर पूरी तरह खरी उतरी है।

CM मान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा केवल सत्ता की राजनीति में उलझे हुए हैं, वहीं उनकी सरकार पंजाब को आगे बढ़ाने और बचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति को पंजाब में सफल नहीं होने दिया जाएगा।

गैंगस्टर मुद्दे पर केंद्र और भाजपा पर हमला

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब से जुड़े कुछ गैंगस्टरों को भाजपा शासित राज्यों की जेलों में वीआईपी सुविधाएं दी जा रही हैं। इस संदर्भ में उन्होंने Lawrence Bishnoi का नाम लेते हुए कहा कि उसे Gujarat की जेल में विशेष सुविधाएं मिल रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि उसे पंजाब लाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और सुरक्षा का हवाला दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर पूछताछ करनी है तो संबंधित एजेंसियां पंजाब आकर भी कर सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा।”

CM मान ने आगे आरोप लगाया कि ऐसे गैंगस्टरों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।

‘काम की राजनीति’ पर जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब का समग्र विकास है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव किए गए हैं और आने वाले समय में भी विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा।

अंत में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और पंजाब को तरक्की की राह पर आगे ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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Kuldeep Dhaliwal का सुखबीर बादल पर तीखा हमला, कहा- गैंगस्टरों को भगाने की बात करने वाले खुद ‘गैंगस्टरों को लाओ कैंपेन’ चला रहे हैं

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि तरनतारन से कंचनप्रीत कौर को चुनाव क्षेत्र इंचार्ज लगाकर बादल ने इसे स्पष्ट कर दिया है कि वह 2027 में पंजाब के अंदर किस तरह के माडल लाना चाहते हैं। उनहोंने कहा कि जिस तरह भाजपा गुजरात मॉडल की बात करती है या हरियाणा सरकार हरियाणा मॉडल की बात करती है, उसी तरह सुखबीर बादल अब पंजाब में अपना ‘सुखबीर मॉडल’ पेश कर रहे हैं, जिससे सिर्फ आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को बढ़ावा मिलेगा।

मंगलवार को पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने कहा कि अगर सुखबीर सिंह बादल अपने ‘गैंगस्टर्स लाओ’ मुहिम के तहत ऐसा मॉडल पेश करना चाहते हैं, तो उन्हें अभी सभी 117 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर देनी चाहिए, ताकि लोगों को उनकी असली सोच का पता चल सके। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल को अब अबोहर से जगदीश भोले जैसे लोगों को भी टिकट देने की घोषणा कर देनी चाहिए। उन्होंने सुखबीर बादल से सवाल करते हुए पूछा कि वह डेरा बाबा नानक से पहले जैसे लोगों के नामों की घोषणा करने में देरी क्यों कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि अगर अकाली दल पंजाब के जख्मों पर नमक छिड़कना चाहता है, तो सुखबीर बादल बरगाड़ी, बहबल कलां और कोटकपूरा में निहत्थे सिखों पर गोलियां चलाने वाले सुमेध सैनी और उमरानंगल जैसे विवादित अधिकारियों को भी मैदान में उतारने का ऐलान करें। धालीवाल ने कहा कि सुखबीर बादल को अब गुरमीत राम रहीम से भी सूचि मंगवा लेनी चाहिए ताकि उनके ‘गैंगस्टर और क्रिमिनल’ मॉडल की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सके।

धालीवाल ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उन ‘कमाऊ बेटों’ को टिकट दें, जिन्होंने दरबार साहिब की लंगर की सूखी रोटियों के घोटाले करके बादलों के घर पैसे भेजे हैं। उन्होंने कहा कि सुखबीर जी, उन लोगों को भी टिकट दें जिन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूप चुराए और अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट कोहली को भी मैदान में उतारें जो आपके पैसों का हिसाब रखता है। उन पुराने जत्थेदारों को भी टिकट दो जिन्होंने तुम्हारे कहने पर राम रहीम को माफी दी थी, ताकि पंजाब के लोगों को पता चले कि तुम्हारी टोली में किस तरह के लोग शामिल हैं।

आप विधायक पर गुरु घरों की ज़मीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कि सुखबीर बादल उन चेलों को भी टिकट दें, जिन्होंने पंजाब में गुरु घरों की ज़मीनें हड़पीं या बेची हैं। उन्होंने कहा कि अंब साहिब और आनंदपुर साहिब की ज़मीनें बेचकर बादलों तक पैसा पहुंचाने वाले मैनेजरों को भी उम्मीदवार बनाया जाए।

धालीवाल ने कहा कि सुखबीर बादल एक तरफ गैंगस्टरों को भगाने की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने खुद ‘गैंगस्टर लाओ’ मुहिम शुरू की हुई है।

धालीवाल ने आगे कहा कि सुखबीर को एसजीपीसी और गुरु रामदास अस्पताल में लूट-खसोट करने वाले डॉक्टरों और नेताओं को टिकट देकर अपना मन खुश कर लेना चाहिए, क्योंकि पंजाब के लोग अब उन्हें वोट नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि अकाली दल के असली वर्कर पार्टी छोड़कर भाग गए हैं और अब सुखबीर के पास सिर्फ़ पैसे वसूलने वालों की फ़ौज रह गई है। धालीवाल ने तंज करते हुए कहा कि सुखबीर बादल के सत्ता में आने के सपने कभी पूरे नहीं होंगे, लेकिन 117 उम्मीदवारों की घोषणा से उनकी असलियत और उनके ‘जोड़ीदारों’ का चेहरा पूरे पंजाब के सामने नंगा हो जाएगा।

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पंजाब में माइनिंग और एजुकेशन में बड़े रिफॉर्म, विधानसभा में ‘क्रशर संशोधन’ और ‘Guru Teg Bahadur University’ बिल पास

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पंजाब विधानसभा ने सोमवार को बजट सत्र के आखिरी दिन पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टाकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026 और श्री आनंदपुर साहिब में बनने वाले श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी पंजाब 2026 बिल पास हुए।

पंजाब रेगुलेशन आफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टाकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) 2026 को जल संसाधन एवं खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा पेश किया गया, जबकि दूसरा बिल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश किया गया। इन दोनों बिलों को सदन ने सर्वसम्मति से पारित हुआ। खनन मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार ने क्रशर इकाइयों और उससे जुड़े व्यवसायों के नियमन को सुव्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया है।

यह विधेयक, एक पिछले अध्यादेश की जगह लेगा और इस क्षेत्र में अधिक स्पष्टता, जवाबदेही और पर्यावरणीय निगरानी के उद्देश्य को पूरा करने में मदद करेगा। मंत्री ने बताया कि बिल का उद्देश्य अवैध खनन पर अंकुश लगाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। यह अधिनियम जिला खनन अधिकारियों को दस्तावेजों और बिना हिसाब वाले माल को जब्त करने का अधिकार भी देता है।

यदि जुर्माना अदा नहीं किया जाता है तो ऐसे माल की नीलामी करने के प्राविधान भी इसमें शामिल हैं। वहीं, बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने रेत खनन से 20,000 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का वादा किया था। इस पर मंत्री गोयल ने कहा कि फाजिल्का वाले क्षेत्र में पोटाश मिला है।

अगर केंद्र सरकार समय पर खनन करती तो रायल्टी के रूप में 20,000 करोड़ से ज्यादा राजस्व आता। बाजवा ने कहा कि मिनिरल्स की तो बात नहीं कहीं थी। राजस्व तो रेत से जुटाना था।

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पंजाब बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को 2,000 करोड़ का आवंटन

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भगवंत मान सरकार ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए पंजाब बजट 2026-27 में ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के लिए ₹2,000 करोड़ का आवंटन किया है। यह आवंटन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही राज्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा पहलों में से एक को और सुदृढ़ करता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों के कारण आवश्यक उपचार में देरी न करनी पड़े।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से मिले हैं, जो एक स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम है

कई परिवारों के लिए, किसी चिकित्सा आपात स्थिति की शुरुआत अक्सर दो महत्वपूर्ण सवालों से होती है, इलाज कितनी जल्दी शुरू हो सकता है और उसके खर्च का प्रबंधन कैसे किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में पंजाब भर के परिवारों को इन सवालों के जवाब मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से मिले हैं, जो एक स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम है और जिसने पूरे पंजाब में अपनी पहुंच लगातार बढ़ाई है।

इसी प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, पंजाब सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया है, ताकि इसकी पहुंच और अधिक बढ़ाई जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब के परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ₹10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार मिलता रहे।

आर्थिक झटकों से सुरक्षा प्रदान की जा रही है

यह कार्यक्रम अब पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों को कवर करता है, जिससे करीब ३ करोड़ निवासियों को लाभ मिल रहा है और गंभीर बीमारियों के साथ आने वाले आर्थिक झटकों से सुरक्षा प्रदान की जा रही है। योजना की बढ़ती पहुंच पंजाब भर में तेजी से बढ़ते पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवा साझेदारियों के विस्तार में भी दिखाई देती है।

अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लाभार्थी 820 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 2300 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध हैं, जो विभिन्न प्रकार की चिकित्सीय प्रक्रियाओं को कवर करते हैं।

बजट में इस बढ़े हुए आवंटन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,
“बीमारी के समय परिवारों को इलाज कराने से पहले पैसों के बारे में नहीं सोचना चाहिए। हमारा उद्देश्य सरल है: पंजाब के हर घर को यह भरोसा होना चाहिए कि जरूरत के समय गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हजारों ऐसे परिवार, जो पहले चिकित्सा खर्चों के कारण परेशान होते थे, अब बिना आर्थिक तनाव के उपचार प्राप्त कर पा रहे हैं।”

गंभीर चिकित्सा स्थितियों का उपचार बिना अग्रिम भुगतान किए प्राप्त कर सकते हैं

इस योजना के तहत लाभार्थी हृदय रोग, कैंसर, किडनी संबंधी बीमारियों, ऑर्थोपेडिक उपचार और दुर्घटना से जुड़ी चोटों सहित कई गंभीर चिकित्सा स्थितियों का उपचार बिना अग्रिम भुगतान किए प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि उपचार से जुड़े निर्णय परिवार की आर्थिक क्षमता के बजाय चिकित्सा आवश्यकता के आधार पर लिए जाएं।

पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को भी हाल के वर्षों में मजबूत किया गया है। राज्य में 1500 से अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, जिनमें 600 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर और 900 से अधिक सामान्य चिकित्सक शामिल हैं। यह संख्या पंजाब में वर्तमान में सेवा दे रहे डॉक्टरों का लगभग 35 प्रतिशत है।

पंजाब सरकार पात्र नागरिकों को प्रोत्साहित कर रही है कि वे अपने नजदीकी सेवा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटर्स में जाकर सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण करवाएं, ताकि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ प्राप्त किया जा सके। जागरूकता और पंजीकरण बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित युवा क्लब सदस्य पहले से ही घर-घर जाकर अभियान चला रहे हैं, जिससे लोगों को पंजीकरण कराने और अपना सेहत कार्ड बनवाने में सहायता मिल रही है।

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