Connect with us

Uttar Pradesh

CM Yogi का कन्या पूजन पर संदेश, बोले-सब मिलकर सुनिश्चित करें कि कोई भी बहन-बेटी अन्याय की शिकार न हो

Published

on

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मातृ शक्ति के प्रति आदर का पवित्र भाव रखना सबका दायित्व है। सरकार ने भी मातृ शक्ति के सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ी अनेक योजनाएं चलाई हैं। मातृ शक्ति को सम्मान देने, उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना जैसी योजनाएं शुरू की हैं। विधायिका से लेकर हर क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया है।

गोरखनाथ मंदिर में रविवार को कन्या पूजन के बाद प्रदेशवासियों को वासंतिक नवरात्र की नवमी तिथि एवं श्रीरामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज वासंतिक नवरात्रि की नवमी तिथि है। आज सभी सनातन धर्मावलंबियों द्वारा कन्या पूजन किया जा रहा है। मुझे भी आज गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। वासंतिक नवरात्र में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी की तिथि तक आदिशक्ति मां भगवती के अलग-अलग स्वरूपों का अनुष्ठान आज नवदुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पूजन के साथ समारोप की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में मातृशक्ति के प्रति आदर एवं श्रद्धा भाव की जो मजबूत परंपरा रही है, उसे दोनों नवरात्र (शारदीय व वासंतिक) में कन्या पूजन के माध्यम से देखा जा सकता है।

#image_title

मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से अपील की है कि वे बेटी-बेटा या महिला-पुरुष के भेदभाव से ऊपर उठकर बेटियों के साथ किसी भी प्रकार के अन्याय को जगह न दें। हम सभी यह मिलकर सुनिश्चित करें कि कोई भी बेटी, बहन, महिला अन्याय या शोषण का शिकार न होने पाए। यदि हम ऐसा करेंगे तभी एक सशक्त एवं विकसित भारत की संकल्पना को साकार कर पाएंगे।

चुनौतियों से लड़ने की प्रेरणा देता है भगवान श्रीराम का जीवन-चरित्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का भी दिन है। सभी देवालयों में अखंड रामायण पाठ ,भजन कीर्तन हो रहे हैं। सभी सनातन धर्मावलंबी पूर्ण मनोयोग से भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मना रहे हैं। अयोध्या में लाखों श्रद्धालु रामलला के जन्मोत्सव में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। आज 12 बजे भगवान सूर्य भी रामलला का सूर्यतिलक करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि लगभग 500 वर्षों की गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला का पुनः प्रकटीकरण हुआ है। यह सभी सनातन धर्मावलंबियों के लिए बहुत पवित्र दिन होने के साथ ही दुनिया की दबी कुचली एवं शोषित मानवता के लिए एक नई प्रेरणा व प्रकाश का दिन है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन हम सबको मर्यादित आचरण करने के साथ ही सम या विषम परिस्थित में धैर्य न खोकर चुनौतियों से लड़ने की प्रेरणा देता है। व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय कर्तव्यो तथा सार्वजनिक तथा राष्ट्रीय रिश्तों का निर्वहन कैसे हो, इसकी प्रेरणा हमें भगवान श्रीराम का सम्पूर्ण जीवन चरित्र देता है।

#image_title

रामेश्वरम में ऑटो ब्रिज के लिए जताया पीएम मोदी का आभार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामनवमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामेश्वर में देश के पहले ऑटो ब्रिज (पंबन ब्रिज) का भी उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम भारत के पवित्रम धामों में से है। यह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हजारों वर्ष पहले भगवान श्रीराम ने उत्तर और।दक्षिण की सीमाओं को एकसाथ जोड़कर जीवंतता प्रदान की थी। यह हमें एक नई प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम में यह नया ब्रिज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास एवं विरासत के विज़न को दर्शाता है। इससे जुड़ने का आज हम सबको एक अवसर प्राप्त हो रहा है और इसके लिए हम सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttar Pradesh

लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

Published

on

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

Continue Reading

Uttar Pradesh

स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

Published

on

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

Continue Reading

Uttar Pradesh

सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

Published

on

मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

Continue Reading

Trending