Uttar Pradesh
CM Yogi का Gorakhpur दौरा: देश को तोड़ने वालों पर बड़ा हमला, General Bipin Rawat के नाम पर बने auditorium का inauguration
गोरखपुर में मंगलवार का दिन कई बड़े कार्यक्रमों और कड़े बयानों से भरा रहा। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां जनरल बिपिन रावत की याद में बनाए गए भव्य ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया, वहीं देश को तोड़ने की साजिश करने वालों पर खुलकर हमला भी बोला। उन्होंने साफ कहा कि तोड़ने वाले तत्व जब सत्ता में आते हैं, तो सिर्फ अपने परिवार का भला सोचते हैं और विदेशों में होटल व द्वीप खरीदकर देश को कंगाल बनाने की कोशिश करते हैं।
देश को बांटने वालों को घुसने मत देना: योगी
सैनिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि समाज जब एकजुट रहता है तभी देश आगे बढ़ता है। लेकिन कई बार ऐसे लोग सत्ता में आ जाते हैं जो जनता की जगह अपने परिवार और अपनी प्रॉपर्टी पर ध्यान देते हैं।
योगी बोले—
“कोई विदेश में होटल खरीदता है, कोई द्वीप। ये लोग जयचंद की तरह देश के साथ विश्वासघात करते हैं। एक लॉलीपॉप से देश का कल्याण नहीं होता। जिंदगी में अनुशासन नहीं होगा तो ‘दुशासन’ घुस जाएगा।”
जनरल बिपिन रावत की याद में बना शानदार ऑडिटोरियम
सीएम योगी ने गोरखपुर सैनिक स्कूल में देश के पहले CDS स्व. बिपिन रावत की याद में बनाए गए जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया।
- इस ऑडिटोरियम में 1000 से ज़्यादा लोग बैठ सकते हैं।
- उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
- कार्यक्रम में जनरल रावत की बेटियां कृतिका और तारिणी रावत, असम राइफल्स के DG ले. जनरल विकास लाखेड़ा, और एयर चीफ मार्शल (रिटायर्ड) आर.के.एस. भदौरिया भी मौजूद रहे।
योगी ने कहा कि रावत जैसे सैनिकों की वीरता और सरलता नई पीढ़ी को हमेशा प्रेरणा देगी। उन्होंने सैनिक स्कूल से कहा कि हर साल 8 दिसंबर को रावत और उनके साथ शहीद हुए सभी जवानों की याद में स्मृति दिवस आयोजित किया जाए।
“युद्धभूमि में बलिदान दोगे तो स्वर्ग मिलेगा” – योगी ने याद किया बिपिन रावत का संदेश
कार्यक्रम में योगी ने वह बात भी याद दिलाई जो जनरल रावत अक्सर कहा करते थे—
“अगर युद्धभूमि में बलिदान हो जाओगे तो स्वर्ग मिलेगा, जीतोगे तो धरती का राज करोगे।”
योगी बोले कि यह बात सिर्फ सेना ही नहीं, हर भारतीय नागरिक पर लागू होती है।
उन्होंने बताया कि -20 और -40 डिग्री तापमान में तैनाती पर रावत ने उनसे कहा था—
“काम करते रहो, फल की चिंता मत करो। खून जमने न पाए इसलिए गड्ढा खोदकर वापस भरते रहते हैं।”
“विदेशी आक्रांता हमारे लिए महान नहीं हो सकते”
सीएम योगी ने इतिहास से जुड़े विवादों पर भी बात की।
उन्होंने कहा—
“भारत के परमवीर चक्र विजेता हमारे हीरो हैं। विदेशी आक्रांता महान कैसे हो सकते हैं? इतिहास के साथ छेड़छाड़ करके उन्हें महान बताना, ये गुलामी की मानसिकता है।”
फर्टिलाइजर फैक्ट्री को फिर से चलाने की लंबी लड़ाई
गोरखपुर फर्टिलाइजर फैक्ट्री को लेकर योगी ने बताया कि
- फैक्ट्री ट्रेड यूनियनवाद के कारण बंद हुई थी।
- इसे दोबारा शुरू करने के लिए उन्होंने 1996 से 2016 तक लगातार संघर्ष किया।
- आज यह फैक्ट्री तीन गुनी क्षमता पर चल रही है।
सैनिक स्कूलों में लड़कियों को आरक्षण मिले – योगी
सीएम ने बताया कि सैनिक स्कूलों में लड़कियों के लिए आरक्षण की शुरुआत उन्होंने 2018 में लखनऊ सैनिक स्कूल से कराई थी।
गोरखपुर सैनिक स्कूल में अभी 310 कैडेट्स प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जब राष्ट्रपति गोरखपुर आई थीं और उन्हें सैनिक स्कूल के बच्चे दिखे तो वे अपनी गाड़ी से उतरकर उनसे मिलने पहुंचीं।
गोरखपुर दौरे की बाकी गतिविधियाँ
नया राजकीय ITI का उद्घाटन
- पिपरौली क्षेत्र के नरकटहा गांव में नया ITI तैयार हुआ है।
- निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के CSR फंड से हुआ।
- यह गोरखपुर का 11वां ITI होगा, जो PPP मॉडल पर चलेगा।
SIR को लेकर जनप्रतिनिधियों की बैठक
सीएम शाम 4 बजे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
एमपी शिक्षा परिषद का 93वां स्थापना सप्ताह समारोह
10 दिसंबर को गोरखनाथ विश्वविद्यालय में इसका मुख्य आयोजन होगा।
मुख्य अतिथि: उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह
सीएम योगी का पूरा दौरा
- राष्ट्रभक्ति,
- अनुशासन,
- विकास,
- और विदेशी प्रभाव व तोड़ने वाली राजनीति के खिलाफ संदेशों से भरा रहा।
उन्होंने जनरल बिपिन रावत के आदर्शों को याद किया, गोरखपुर को कई विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया और समाज से अपील की कि देश को तोड़ने वाले तत्वों को पहचानें और उनके खिलाफ एकजुट रहें।
Uttar Pradesh
‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रामनगरी में मौजूद रहीं। तीनों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।
इस अवसर पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया, वही लोग उस समय सत्ता में थे।
कुर्सी बचाने के लिए वे नोएडा जाने से कतराते थे
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये वही लोग हैं जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए नोएडा जाने से कतराते थे। वह उन्हें अंधविश्वास नहीं लगता था। लेकिन राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण या मथुरा-वृंदावन का उल्लेख करना उन्हें अंधविश्वास और रूढ़िवादिता लगता था।
वृंदावन जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार शाम लगभग 5 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। उनके स्वागत को लेकर शहर में व्यापक स्तर पर सजावट और व्यवस्थाएं की गई हैं। राष्ट्रपति के आगमन के बाद वे होटल रेडिसन में ठहरेंगी और शाम करीब 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर, वृंदावन से अपने धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगी। इसके बाद उनके प्रेम मंदिर, नीब करौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में दर्शन करने का कार्यक्रम निर्धारित है।
एक मंच पर जुटेंगे विशेषज्ञ, योगी होंगे मुख्य अतिथि
विश्व वानिकी दिवस (21 मार्च) के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देशभर के विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटान होगा। इसमें राज्यों में चल रहे वनीकरण, वन संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन से जुड़े कार्यों की समीक्षा और अनुभवों को साझा किया जाएगा।
Uttar Pradesh
UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में एक विवादित प्रश्न को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार को काफी किरकिरी झेलनी पड़ रही है। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाया है।
विवादित प्रश्न को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा के साथ ही आधा दर्जन से अधिक ब्राह्मण विधायक तो शनिवार से ही डैमेज कंट्रोल में जुट गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मोर्चा संभाला और जिम्मेदारों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है।
प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आपत्तिजनक या विवादित सवालों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़े विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी किसी भी स्थिति में शामिल न की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में सभी पेपर तैयार करने वालों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे।
उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में शनिवार को पूछे गए एक सवाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा में एक बहु विकल्पीय प्रश्न पूछा गया-‘अवसर के अनुसार बदलने वाला।’ परीक्षार्थियों को इसके जो विकल्प दिए गए उसमें एक विकल्प है-’पंडित’। भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी, जबकि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि यदि कोई पेपर तैयार करने वाला बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पेपर बनाने वालों के साथ किए जाने वाले एमओयू में भी इस प्रविधान को शामिल किया जाए, ताकि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह बन सके। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी और अनावश्यक विवादों से भी बचा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पेपर सेटर बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। इस प्रकरण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कड़े रुख के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड भविष्य में प्रश्नों के ‘ऑडिट’ के लिए नई समीक्षा समिति बनाने पर विचार कर रहा है।
दरअसल, शनिवार को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न वर्गों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामले के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 के पहले ही दिन एक सवाल के जवाब में ‘पंडित’ शब्द के विकल्प पर भारी बवाल मच गया है। इस प्रकरण पर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एसबी शिरोडकर ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं होते हैं। इन्हें बाहरी अतिगोपनीय संस्थाएं सेट करती हैं, जिन्हें बोर्ड का कोई अधिकारी भी परीक्षा से पहले नहीं देख सकता। इस विवाद ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही और प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है बवाल का कारण
यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया है। इस सवाल में पूछा गया, “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इसके उत्तर में चार विकल्प में ‘पंडित’ भी दिया गया।
‘पंडित’ विकल्प पर ही विवाद है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने विकल्प में पंडित शब्द रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू महासभा ब्राह्मणों के इस बड़े अपमान पर एफआईआर दर्ज कराएगी।
Uttar Pradesh
CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना सलीम के खिलाफ एक्शन लिया है। पुलिस ने मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज की है।बलरामपुर जिले के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष की तहरीर पर मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
यूपी के 83 थानों में तहरीर
सामने आई जानकारी के मुताबिक, मौलाना के खिलाफ बलरामपुर के अलावा यूपी के 83 थानों में तहरीर दी गई है। हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बीजेपी पदाधिकारियों और छात्रों ने पुलिस को मौलाना के खिलाफ तहरीर दी है। संगठनों ने मौलाना की जल्द से जल्द गिरफ्तारी न होने पर दी बड़े प्रदर्शन की चेतावनी।
कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले ने बीते कुछ दिनों से तूल पकड़ लिया है। विवादित बयान देने वाले मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ पूरे प्रदेश में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की, यहां तक कि बुल्डोजर कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग तक कर डाली है।
अधिवक्ताओं ने भी किया प्रदर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ अधिवक्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के पुतले को भी जलाया गया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा था कि जिस तरह से अब्दुल्लाह सलीम ने अभद्र टिप्पणी की है हम चाहते हैं कि यूपी पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जो कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो उसे मामले में करें किसी की मां के खिलाफ इस तरीके की टिप्पणी करना भारतीय समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
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