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Uttar Pradesh

गोरखपुर में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए CM योगी: 1200 बेटियों को दिया आशीर्वाद, कहा- यह मेरा सौभाग्य।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह गोरखपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए, जहाँ 1200 बेटियों का विवाह सम्पन्न हुआ। समारोह में पहुंचकर उन्होंने नवविवाहित जोड़ों पर फूल बरसाए और आशीर्वाद दिया।

CM योगी ने कहा कि अब गरीब अभिभावकों को बेटियों की शादी को लेकर चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “जब कहीं एक घर में शादी होती है तो हम सभी शामिल नहीं हो पाते, लेकिन जब सामूहिक विवाह होता है, तो खुद मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक भी कन्यादान में भाग लेते हैं। यह हमारा सौभाग्य है।”

CM योगी ने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जहाँ न जाति का बंधन होता है और न क्षेत्र का। राज्य सरकार की पहल के तहत, कोई भी अपनी परंपरा और रीति-रिवाजों के अनुसार पंजीकरण करा सकता है। जहां 10 या उससे अधिक जोड़े एकत्र होते हैं, वहां प्रशासन सामूहिक विवाह का आयोजन कराता है।

2017 से पहले 20 हजार मिलते थे, आज 1 लाख दे रहे

योगी ने कहा- 2017 से पहले समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुसूचित जाति और जनजाति की बेटियों की शादी में मात्र 20 हजार रुपए दिए जाते थे। वो भी चेहरा देखकर दिया जाता था। सोचिए, 20 हजार में क्या कोई करेगा। ये धनराशि तब आती थी, जब शादी बीत चुकी होती थी। कभी-कभी तो सालभर बीत जाता था। आज तो वर-वधु के लिए कपड़े, गृहस्थी का सामान मिलता है। कन्या के खाते में 60 हजार रुपए की धनराशि जमा होती है। सरकार जेवर भी दे रही है।

24 लाख बेटियों के जन्म से स्नातक की पढ़ाई का जिम्मा लिया

योगी ने कहा- अब तक लगभग 24 लाख गरीब परिवारों की बालिकाओं को जन्म से लेकर स्नातक तक की 25 हजार रुपए का पैकेज उपलब्ध करा रहे हैं। बेटी जन्म लेगी तो रजिस्ट्रेशन होते ही उसके खाते में धनराशि आ जाएगी। बेटी एक साल की होगी तो उसके अकाउंट में पैसा आ जाएगा। बेटी जैसे ही पहली क्लास में जाएगी, पैसा अकाउंट में आ जाएगा। 5वीं क्लास पास करेगी, उसके अकाउंट में पैसा आ जाएगा। बेटी आईटीआई, पॉलिटेक्निक करना चाहती है, एक निश्चित धनराशि उसके अकाउंट में आ जाएगी।

बाल विवाह, बहु विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं को खत्म किया

योगी ने कहा- सरकार वही जो जनता के द्वार पर जाकर उनकी समस्याओं का रास्ता निकाल सके। सामूहिक विवाह का ये कार्यक्रम बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की अगली कड़ी है। सामाजिक अंधविश्वास जो बाल विवाह, बहु विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं को प्रोत्साहित करते हैं, ये कार्यक्रम उन सब पर एक प्रहार है। इन्हें खत्म किया है।

बेटी को बचाना है तो उसे पढ़ाना होगा। उसे सशक्त करना होगा। 2017 में जब यूपी में भाजपा सरकार आई तो हम लोगों ने संकल्प लिया कि बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई तक का जिम्मा संभालेंगे। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत आज सरकार ने इन परिवारों को जोड़ा है।

योगी ने 11 जोड़ों को भेंट किया उपहार-शगुन किट

समाज कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित इस समारोह में हिंदू, मुस्लिम दोनों धर्म के लोग शामिल रहे। सभी नव दंपतियों को आशीर्वाद देते हुए योगी ने उनके सुखमय और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंच से 11 जोड़ों को उपहार-शगुन किट भेंट किया।

योगी सरकार ने बजट 51 हजार से बढ़ाकर 1 लाख किया

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार ने अब बजट बढ़ा दिया है। अब तक 51 हजार रुपए का बजट था, लेकिन इसे बढ़ाकर अब 1 लाख कर दिया गया है। बजट बढ़ाए जाने के बाद प्रदेश में ये पहला सामूहिक विवाह कार्यक्रम हुआ है।

पहले 35 हजार, अब खाते में 60 हजार भेज रहे

पहले जहां लड़की के खाते में 35 हजार रुपए भेजे जाते थे, वहीं अब 60 हजार रुपए भेजे जाएंगे। गिफ्ट में खर्च होने वाले 10 हजार रुपए की धनराशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दिया गया है। पहले जहां टेंट, भोजन और अन्य व्यवस्था में प्रति जोड़ा 6 हजार रुपए खर्च किए जाते थे, वहीं अब 15 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। लड़की को दिए जाने वाले उपहार में गद्दा, चद्दर आदि जोड़े गए हैं।

पहली बार वधू को सिन्होरा दिया जाएगा

दो दिन पहले ही शासनादेश जारी होने के कारण गिफ्ट की सभी वस्तुओं की खरीदारी नहीं हो पाई हैं। इसके चलते पहले से खरीदे गए 10 हजार रुपए के सामान दिए जाएंगे, जबकि 15 हजार रुपए का बाउचर दिया जाएगा। जैसे ही विभाग जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी कर लेगा, बाउचर के आधार पर ब्लॉकों में स्टॉल लगाकर गिफ्ट दिए जाएंगे। नए शासनादेश के मुताबिक, पहली बार सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाले गिफ्ट में वधू को सिन्होरा (सिंदूरदान) भी दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।

ये गिफ्ट दिए गए

वधू के लिए कढ़ाई साड़ी, चुनरी, डेली यूज की साड़ी और वर के लिए कुर्ता पायजामा, पगड़ी, माला दिए गए। मुस्लिम विवाह के लिए वधू को कढ़ाई वाला सूट, चुनरी, सूट का कपड़ा और वधू के लिए कुर्ता, पायजामा आदि दिया गया। आभूषण में चांदी की पायल, बिछिया भी दी गई है। गृहस्थी के समान में कुकर, जग या लोटा, थाली, गिलास, कटोरा और चम्मच, बक्सा सहित प्रसाधन सामग्री से भरी श्रृंगारदान दी। अब इसमें गद्दा, चद्दर और कुछ अन्य सामान जोड़े गए हैं।

गोरखपुर में अब तक 10 हजार बेटियों की हो चुकी शादी

गोरखपुर में योगी सरकार 10287 गरीब बेटियों की शादी करा चुकी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मांगलिक आयोजन मंगलवार को एक बार फिर होने जा रहा है, इसमें 1200 जोड़े शादी के बंधन में बंधेंगे। यह आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में होगा।

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लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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