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CM मान का बड़ा खेल विज़न: जून 2026 तक पंजाब में होंगे 3,100 स्टेडियम

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज खेल और युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान पंजाब के खेल बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के लिए स्पष्ट, समयबद्ध निर्देश जारी करते हुए अधिकारियों को प्रदेश भर में 1,350 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे 3,100 स्टेडियमों का कार्य जून 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा एक व्यापक पैकेज की भी शुरुआत की गई जिसमें लगभग 3,000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित करना, 50 करोड़ रुपए की लागत से 17,000 खेल किटों का वितरण, एक व्यापक खेल पोर्टल की शुरुआत और 43 करोड़ रुपए की लागत से एक नए युवा भवन का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना और उन्हें नशे के खतरे से दूर रखना है।

आज यहां खेल और युवा सेवाएं विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के अनुसार प्रदेश भर के गांवों में ये स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन स्टेडियमों पर 1350 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, समतल खेल का मैदान, पेड़, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन स्टेडियमों का कार्य निर्धारित समय के अंदर पूरा किया जाना चाहिए और साथ ही हर हालत में कार्यों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए प्रदेश भर में लगभग 3000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण के तहत प्रदेश भर में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपए की लागत से ऐसे अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, बेंच, डंबल सेट, केटलबेल सेट, रैक, फ्लोर मैट और अन्य कई अत्याधुनिक उपकरण शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपए की लागत से खिलाड़ियों को 17000 खेल किटें वितरित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन किटों में वॉलीबॉल और फुटबॉल (प्रत्येक के लिए तीन वॉलीबॉल और फुटबॉल तथा दो नेट), क्रिकेट के लिए दो बैट, विकेट, छह टेनिस गेंदें शामिल होंगी। भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को 31 मार्च, 2026 तक गांवों में 5600 खेल किटें वितरित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि विभाग द्वारा एक व्यापक खेल पोर्टल शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेल प्रेमी और खिलाड़ी एक क्लिक पर खिलाड़ियों की रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन ग्रेडेशन, ऑनलाइन डी.बी.टी., खेल आयोजन करवाना, ग्राउंड रिजर्वेशन, ई-सर्टिफिकेट, परिणाम रिकॉर्ड करना, पेंशन/वजीफा और अन्य सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 10,000 युवाओं के लिए प्रदेश के नौ जंगली क्षेत्रों में ट्रैकिंग, एडवेंचर, टीम एक्टिविटी कैंप भी लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली जनवरी से पल्लणपुर, सिसवां, मिर्जापुर (मोहाली), टिब्बा टपरिया (रोपड़), नारा (होशियारपुर), और हरिके पत्तन रख (तरनतारन) में कैंप लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 43 करोड़ रुपए की लागत से सेक्टर 42ए में एक नया युवा भवन बनाया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसमें 200 युवाओं के लिए हॉस्टल सुविधाएं, 400 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, एक कॉन्फ्रेंस हॉल, सेमिनार रूम और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खेल नीति 2023 पेश की और बजट को वर्ष 2023-2024 में 350 करोड़ रुपए से बढ़ाकर वर्ष 2024-25 के लिए 1000 करोड़ रुपए कर दिया। उन्होंने कहा कि मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में 10.50 करोड़ रुपए की लागत से हॉकी टर्फ को बदला जा रहा है और इन्हें भारतीय हॉकी फेडरेशन द्वारा मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को मोहाली स्पोर्ट्स स्टेडियम सेक्टर 78 में 9 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन सिंथेटिक ट्रैक का कार्य मार्च, 2026 तक पूरा करने के लिए भी कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर मौजूद है। उन्होंने कहा कि चोटों से जूझ रहे खिलाड़ियों की देखभाल और उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए इस कैडर के लिए 92 कर्मचारियों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री ने भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार के हर प्रयास का उद्देश्य युवाओं की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाना है ताकि उन्हें नशे के खतरे से दूर रखा जा सके।

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पंजाब में मानसून सुस्त, उमस बढ़ाएगी परेशानी

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पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है और किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बरनाला, संगरूर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब समेत कई जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, बठिंडा, मानसा और मोहाली में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आने वाले दिनों में पूरे पंजाब में बारिश सामान्य से सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां दिन के समय उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

अगले पांच दिनों के दौरान पंजाब में व्यापक या तेज बारिश के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, इसलिए लोगों को आने वाले दिनों में गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगले चार से पांच दिनों तक फसलों में अनावश्यक सिंचाई से बचने और खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी का उचित प्रबंध रखने को कहा गया है। मौसम साफ रहने पर ही उर्वरकों और फसल सुरक्षा दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा धान, गन्ने और कपास की फसलों की नियमित निगरानी करने तथा कीटों से बचाव के लिए विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

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आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी की पढ़ाई जारी रहेगी, संस्कृत लागू करने का फैसला वापस

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आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी भाषा की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES), जालंधर ने अपने उस पहले के फैसले को वापस ले लिया है, जिसमें स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही गई थी। अब छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पहले की तरह अपनी मातृभाषा पंजाबी की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

इस फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब चेतना मंच के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जौहल, महासचिव सतनाम सिंह मानक और संगठन सचिव प्रिंसिपल गुरमीत सिंह पलाही ने कहा कि नए नियमों के तहत छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पंजाबी या संस्कृत में से किसी एक भाषा का चयन करने की स्वतंत्रता होगी। इसके साथ ही वे अंग्रेजी और हिंदी से जुड़े निर्धारित विषयों का भी चयन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौवीं कक्षा में अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत के विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जबकि दसवीं कक्षा की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

डॉ. जौहल ने पंजाबी भाषा को बचाने के लिए चलाए गए अभियान का समर्थन करने वाले सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे गए उनके पत्र ने इस मामले के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा पंजाबी भाषा से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी लगातार इस मुद्दे को उठाया। कानूनी और सामाजिक स्तर पर किए गए प्रयासों के साथ-साथ केंद्रीय पंजाबी लेखक संघ के नेतृत्व में चंडीगढ़ में प्रदर्शन भी किए गए। पंजाब चेतना मंच ने पंजाब के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखकर स्कूलों में पंजाबी भाषा को बनाए रखने की मांग की थी। अब इस फैसले को पंजाबी भाषा के संरक्षण और उसके अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर गुरिंदर सिंह देवीदासपुरा ने समस्त संगत को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने बहुत कम आयु में ही मानवता की सेवा, दया, विनम्रता और परोपकार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी पूरी मानवता को सेवा, प्रेम और करुणा का संदेश देती हैं। उन्होंने संगत से गुरु साहिब के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने और जरूरतमंदों की सेवा के लिए सदैव आगे आने की अपील की।

प्रकाश पर्व के विशेष अवसर पर रात्रि के समय सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में विशेष रोशनी और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। रोशनी से जगमगाता श्री हरिमंदिर साहिब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और इस पावन पर्व की रौनक को और भी भव्य बना देगा।

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