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Punjab

606 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देंगे सीएम मान:टैगोर थिएटर में चल रहा कार्यक्रम, 17000 नौकरियां देने का ऐलान कर चुकी सरकार

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पंजाब सरकार की तरफ से आज शिक्षा विभाग में रखे गए 606 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में समारोह रखा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नवनियुक्त कर्मचारियों को नौकरी के नियुक्ति पत्र देंगे। इससे पहले सीएम मान नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित कर रहे है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन्हें नौकरी मिली है उन सभी को नव वर्ष और नई जिम्मेदारी के लिए बधाई। 606 नई नियुक्ति में 385 स्पेशल एजुकेटर टीचर, 8 प्रिंसिपल रखे जा रहे हैं। इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस समेत अधिकारियों को भी बधाई दी।

सीएम बोले-यहां बुलाने का मतलब क्रेडिट लेना नहीं

सीएम भगवंत मान ने कहा कि आपको यहां बुलाने का मतलब क्रेडिट लेना नहीं, बल्कि अधिकारियों के आई कांटेक्ट करवाना है। उन्होंने कहा- बदकिस्मती है कि जिन लोगों ने चिट्ठी लिखनी थी उन्होंने लंबा समय अपने पेन आपके लिए नहीं चलाए। अपने चेलों और संगियों के लिए ही यह पेन चले हैं। आप सभी मेरा परिवार हैं, जितनी खुशी मेरे परिवार के सदस्य को नौकरी मिलने पर होनी थी, वही खुशी आज मुझे आप लोगों को नौकरी मिलने पर है। आपके परिवार के सपने संजोए थे, उसे पूरा करने का प्रयास हो रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद लोग और नियुक्ति पत्र लेने आए कर्मचारी।

कार्यक्रम में मौजूद लोग और नियुक्ति पत्र लेने आए कर्मचारी।

भर्ती के लिए बनाया स्पेशल कैडर

अपने संबोधन में सीएम मान ने कहा कि “मत यकीन कर अपने हाथ की लकीरों पर, नसीब तो उनका भी होता है जिनके हाथ नहीं होते।” यह शायरी पढ़कर कहा कि आप उन बच्चों को पढ़ाने का काम मिलेगा जो बोल, सुन और समझ नहीं सकते हैं। मैं ऐसे बच्चों से मिला हूं जो इस तरह से परेशान बच्चे हैं, उन्हें उनके माता पिता भी नहीं संभाल पाते हैं। एनजीओ उनका सहयोग जरूर करते हैं। उन्होंने कहा कि आपका स्पेशल कैडर बनाना पड़ा है, ताकि भर्ती की जा सके।

जिसके बच्चे-पढ़े लिखे होंगे वो बड़ा इंसान

उन्होंने कहा- आने वाले दिनों में अमीर व्यक्ति उसे नहीं माना जाएगा जिसके पैसे, महंगी कारें या लॉकर में पैसे पड़े हैं, बल्कि उसे बड़ा आदमी माना जाएगा जिसके बच्चे जितने पढ़े हुए होंगे। बैंक में पड़े पैसे जब निकलवाने जाएंगे तो वह बता दें वह तो विजय माल्या लेकर भाग गया, या फिर ईडी वाले आएंगे और लॉकर की चाबी ले जाएं। पहले भी देखा है कि ज्यादा पैसे कमाने वालों के महल खाली पड़े रहते हैं। फिर जेल में भी नींद आ ही जाती है तो महल बनाने का क्या फायदा।

विदेशों से लिया गया अनुशासन का सबक

विदेशों में ड्राइविंग लाइसेंस पर अंक (पॉइंट्स) दिए जाते हैं। बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ये अंक कटते जाते हैं। जब कोई व्यक्ति नौकरी के लिए आवेदन करता है, तो उसके ड्राइविंग रिकॉर्ड की भी जांच होती है। तर्क यह दिया जाता है कि जिसका सड़क पर व्यवहार सही नहीं है, वह कार्यालय में भी अनुशासन नहीं निभा पाएगा। इसी वजह से लोग वहां नियमों का गंभीरता से पालन करते हैं।

इसी तर्ज पर हम भी शिक्षकों के पढ़ाने का रिकॉर्ड और उनके कार्य-व्यवहार को जांचते हैं। इसी तय किए गए मापदंड (क्राइटेरिया) के आधार पर शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और जिम्मेदारी दोनों बनी रहे।

26 जनवरी और 15 अगस्त समारोह में सभी अध्यापक शामिल

अब 26 जनवरी और 15 अगस्त के सरकारी समारोहों में कच्चे अध्यापकों सहित सभी कैडर के अध्यापकों को शामिल किया जा रहा है। पहले ऐसा नहीं होता था, लेकिन अब सभी को समान सम्मान और भागीदारी दी जा रही है।

वर्तमान को जीने का संदेश

अक्सर लोग वर्तमान को नहीं जीते। बड़े होने पर कहते हैं—“हॉस्टल वाला कमरा दिला दो, पानी की कश्ती दिला दो”, जबकि बचपन में कहते थे कि “कहां मच्छरों में फेंक दिया।” इसलिए जरूरी है कि इंसान वर्तमान में खुश रहना सीखे। जीवन हंसी-खेल और सकारात्मकता के साथ कटे, यही उद्देश्य होना चाहिए।

शिक्षा बजट बढ़ाने की प्रतिबद्धता

दिल्ली में शिक्षा पर 26 से 27 प्रतिशत तक बजट रखा गया है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में शिक्षा बजट अपेक्षाकृत कम होता है। हम भी शिक्षा के लिए बड़ा बजट रखेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य मिल सके।

बच्चों की रुचि के अनुसार शिक्षा

देश की नींव मजबूत करनी है, इसलिए बच्चों को सही ढंग से तैयार करना जरूरी है। बच्चे का जिस ओर झुकाव हो, उसे उसी दिशा में आगे बढ़ाया जाए। जो खेलना चाहता है, उसे खेल में मौका मिले; जो कवि बनना चाहता है, उसे कविता की दुनिया में आगे बढ़ाया जाए। इसी से पंजाब और देश की तरक्की संभव है।

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पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए की जा रही है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा की व्यवस्था करने वाला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, उससे ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू हुई है। बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की पवित्र जिम्मेदारी हमें बख्शने के लिए गुरु साहिब के चरणों में शुक्राना किया जा रहा है। पंजाब की शांति और ‘सर्बत्त के भला’ के लिए अरदासें जारी रहेंगी।”

पवित्र तख्त साहिब में माथा टेकते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा। हम भाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की जिम्मेदारी मिली, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को खत्म करने में मददगार होगा।”उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और एकता को तोड़ना था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। यह कानून निवारक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा गुनाह करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

सिखों की श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ आध्यात्मिक साझ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी प्रकट कर रहे हैं और धन्यवाद कर रहे हैं।” शुक्राना यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब के बाद वे 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे। उन्होंने अत्यधिक गर्मी के बावजूद यहां एकत्रित हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “इस यात्रा का एकमात्र मंतव्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पास करने के लिए ताकत और बख्शने के लिए परमात्मा का शुक्राना करना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम तो एक माध्यम हैं, जिसे गुरु साहिब ने यह पवित्र जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं इस एक्ट को पास करने वाला कोई नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है। मैं गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस एक्ट का एकमात्र उद्देश्य पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण लोगों की अशांत हुई भावनाओं को शांत करना है। इस कानून के पीछे कोई भी राजनीतिक मंतव्य नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस पहल के लिए हमारा धन्यवाद करने के लिए रोजाना फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति इस एक्ट का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस पवित्र मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें जल्दी अपने गुनाहों के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।” लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के मामले की सदन में सफलतापूर्वक पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उस समय को शोक के महीने के रूप में मनाता है क्योंकि छोटे साहिबजादों को जालिम शासकों ने जिंदा नींव में चिनवा दिया था। मुझसे पहले 190 से अधिक सांसदों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी संसद में यह मुद्दा नहीं उठाया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, बेइंसाफी और दमन के खिलाफ जूझने के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ प्रकट किया था, जो इतिहास को नया मोड़ देने वाली घटना थी। इसी दिन हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पास किया है।”मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पंजाब विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुई। इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।”

पंजाब में सिखी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सिखों के पांच तख्तों में से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) – पंजाब में पड़ते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की लंबे समय से लटकती मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। इन शहरों के समग्र विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।”

यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं।

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स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में ‘शुक्राना यात्रा’ के स्वागत के लिए की बैठक की अध्यक्षता

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पंजाब विधानसभा स्पीकर सरदार कुलतार सिंह संधवां ने आज कोटकपूरा में पार्टी पदाधिकारियों, ब्लॉक प्रधानों, सरपंचों और विभिन्न विंगों के नेताओं के साथ आगामी ‘शुक्राना यात्रा’ के प्रबंधों को अंतिम रूप देने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने बताया कि यह बैठक 7 मई को कोटकपूरा पहुंचने वाली ‘शुक्राना यात्रा’ के शानदार स्वागत को सुनिश्चित बनाने के लिए मुख्य जिम्मेदारियां सौंपने पर केंद्रित थी।

इस मौके पर बोलते हुए स्पीकर संधवां ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026’ के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मान सरकार की यह पहल अब एक ऐतिहासिक कानून बन गई है, जिससे साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सत्कार की रक्षा के लिए कानूनी ढांचे को काफी मजबूती मिली है।

सरदार संधवां ने कहा, ‘‘यह यात्रा इस ऐतिहासिक कानून के लिए शुक्राना और खुशी का सुहृदय इजहार है।’’ यह ‘शुक्राना यात्रा’ 6 मई को आनंदपुर साहिब से शुरू होकर 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में समाप्त होगी। स्पीकर ने सभी पंच-सरपंचों, धार्मिक व्यक्तित्वों, सामाजिक संगठनों और पार्टी कार्यकर्ताओं से इस ऐतिहासिक मौके को मनाने के लिए 7 मई को शाम 4:00 बजे कोटकपूरा मंडी गेट (भटिंडा रोड) पर बड़ी संख्या में इकट्ठा होने की दिल से अपील की।

बैठक में मनप्रीत सिंह मनी धालीवाल, कमल मान ऑस्ट्रेलिया, मिहर सिंह चानी (ब्लॉक प्रधान), मास्टर कुलदीप सिंह, हरविंदर सिंह (ब्लॉक प्रधान), अमरीक सिंह (सरपंच डागो रुमाणा), सुखवंत सिंह नंबरदार (यूथ लीडर), गुरदीप शर्मा, लाड़ी ढुड्डी, रविंदर गोयल, नरेश सिंगला, सुखदीप सिंह नथेवाला, कुलदीप सिंह मौर (सोशल मीडिया), प्रदीप सिंह बराड़, प्रिंस बहल और अश्वनी कुमार समेत कई अन्य शख्सियतें मौजूद थीं।

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“चुनावों से पहले नफरत फैलाती है BJP”—हरपाल सिंह चीमा

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चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अमृतसर और जालंधर में हुए हालिया धमाकों पर चिंता जताई और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा।

चीमा ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के जरिए राज्य में डर और दहशत का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां बीजेपी नफरत फैलाकर लोगों को बांटने की राजनीति करती है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी चुनावों के दौरान तनाव और हिंसा के जरिए वोट हासिल करने की कोशिश की गई थी।

वित्त मंत्री ने कहा कि बीजेपी की प्राथमिकता देश की अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद बीजेपी की ओर से “अगला निशाना पंजाब” जैसा बयान आया, और इसके तुरंत बाद धमाकों की घटनाएं सामने आईं।

राज्यसभा के मुद्दे पर भी उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि सिर्फ दो विधायकों वाली पार्टी के छह राज्यसभा सदस्य बन जाना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक तरीकों से किया गया है।

चीमा ने कहा कि पंजाब बहादुरों की धरती है और यहां के लोग ऐसी राजनीतिक चालों को समझते हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में जनता बीजेपी को करारा जवाब देगी।

अंत में उन्होंने कहा कि राज्य में अमन-शांति बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अशांति फैलाने की कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा।

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