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CM मान बोले-ब्लैकमेलिंग के दम पर हड़ताल नहीं चलेगी: आढ़तियों से करेंगे मीटिंग, केंद्र सरकार के समक्ष पहले ही उठा चुके हैं मुद्दा

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पंजाब की मंडियों में आज से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है, लेकिन आढ़ती हड़ताल पर चले गए हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने कमीशन ढाई प्रतिशत पर फ्रीज किया है और इसे नियमित (रेगुलर) किया जाए। वहीं, आढ़तियों की कॉल के बाद पंजाब सरकार ने इस मुद्दे पर आढ़तियों के साथ बैठक करने का फैसला लिया है।

आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विजय कालड़ा ने बताया कि सरकार ने उन्हें मीटिंग के लिए बुलाया है। वहीं, इस मामले में साफ ने किया कि ब्लैकमेलिंग के दम पर हड़ताल नहीं चलेगी। हालांकि उनकी हडताल केंद्र सरकार के खिलाफ है। हम उनसे मीटिंग करेंगे। उन्हें इस बारे में कहेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष उठा चुके है।

आढ़तियों की यह है मांगें

आढ़तियों के मुताबिक 2020 तक आढ़तियों को 2.5% कमीशन MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर मिलता था। गेहूं के MSP ₹2585 प्रति क्विंटल होने पर यह लगभग ₹65 प्रति क्विंटल बनता है। 2018-19 से कमीशन फिक्स्ड रेट पर है ।

पहले ₹46 प्रति क्विंटल था, हाल ही में केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹50.75 प्रति क्विंटल कर दिया। आढ़तियों का कहना है कि यह बहुत कम है और उनकी आय में भारी नुकसान हो रहा है (लगभग ₹170-192 करोड़ का अनुमानित घाटा इस सीजन में)।

कमीशन भी प्रतिशत आधार पर बढ़ाने की मांग

निजी साइलो या प्राइवेट खरीद में भी मंडी वाले बराबर कमीशन मिलना चाहिए। MSP बढ़ने के साथ कमीशन भी प्रतिशत आधार पर बढ़ाया जाए (APMC एक्ट 1961 के अनुसार 2.5% का प्रावधान)। आढ़ती एसोसिएशन (फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन पंजाब) के प्रधान विजय कालरा और अन्य नेताओं ने कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। लगभग 45,000 आढ़ती इस हड़ताल में शामिल होने वाले

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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने मास्टरशेफ इंडिया की प्रतियोगी हरमनप्रीत कौर को वर्षों पुरानी बीमारी और बढ़ते इलाज खर्चों से राहत दिलाई

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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने पटियाला की 51 वर्षीय उद्यमी तथा मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 की टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाने वाली हरमनप्रीत कौर को बड़ी राहत प्रदान की है। हरमनप्रीत पिछले लगभग एक दशक से ब्रेन हैमरेज से जुड़ी जटिलताओं, जैसे कि क्रोनिक ब्लीडिंग, डायबिटीज और सोरायसिस सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।

करीब दो वर्षों से मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हरमनप्रीत को 30 अप्रैल 2026 को राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 मई को उनका सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया। हरमनप्रीत ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने न केवल उनके इलाज का आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि उसे समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराईं।

हरमनप्रीत की स्वास्थ्य समस्याएं वर्ष 2011 में हुए ब्रेन हैमरेज के बाद शुरू हुई थीं, जिसके कारण उन्हें न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक चली बीमारी का असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा। उनकी देखभाल के लिए उनके पति को निजी क्षेत्र की अच्छी नौकरी छोड़नी पड़ी, जबकि इलाज का खर्च लगातार बढ़ता रहा।

कुछ वर्षों बाद, वर्ष 2025 में, पेरिमेनोपॉज के दौरान वे लंबे समय तक लगातार रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हो गईं। उनके गंभीर चिकित्सकीय इतिहास के कारण एनेस्थीसिया से जुड़े किसी भी ऑपरेशन में जोखिम काफी अधिक था। वर्ष 2020 और 2024 में मिरेना इंसर्शन सहित कई उपचार करवाने के बावजूद उनकी समस्या बनी रही और लगभग दो वर्षों तक वह लगातार क्रोनिक ब्लीडिंग से पीड़ित रहीं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. प्रीत कमल सिबिया ने कहा, “हरमनप्रीत, जो रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) की ओर बढ़ रही थीं, पिछले लगभग दस वर्षों से अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। इसके साथ ही उन्हें उच्च रक्तचाप, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपोथायरॉयडिज्म, सोरायसिस और न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं।”

डॉ. सिबिया ने आगे बताया, “उसके गर्भाशय में एक बड़ा फाइब्रॉइड था और पहले भी लंबे समय तक दवाइयों के माध्यम से उपचार किया गया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। विस्तृत जांच के बाद हमारी टीम ने उसका टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा, ऑपरेशन के बाद उसकी रिकवरी सुचारू रूप से हुई और उन्हें संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”

हरमनप्रीत ने बताया कि उपचार के दौरान डॉ. सिबिया की सलाह पर उसने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण करवाया, जिससे उनके परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। उसने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए भगवंत मान सरकार का धन्यवाद किया तथा डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने मुख्य उपचार के साथ-साथ उसकी डायबिटीज और सोरायसिस जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी पूरा ध्यान रखा।

अपने उद्यमी सफर के लिए जानी जाने वाली हरमनप्रीत ने वर्षों तक पटियाला में टिफिन सेवा, फूड कार्ट और फूड वैन संचालित की है। लंबे समय तक बीमारी से संघर्ष करने के बावजूद उन्होंने खाना बनाने के अपने जुनून को जारी रखा और मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 के टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाया। अब स्वस्थ होने के बाद वे अपने सपनों को फिर से साकार करने की तैयारी कर रही हैं।

कैशलेस इलाज और समय पर मिली स्वास्थ्य सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि इस अनुभव ने सार्वजनिक सेवाओं के प्रति उनका विश्वास फिर से मजबूत किया है और सरकार पर उसका भरोसा और बढ़ा है। उसने कहा, “मेरे जैसे लाभार्थी इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कि किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों, विशेषकर लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती हैं।”

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भाजपा की धूरी रैली पर हरपाल चीमा का तंज- सीएम नायब सैनी जनता को नहीं, खाली कुर्सियों को भाषण देकर लौटे

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की धूरी जनसभा को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। चीमा ने कहा कि धूरी जनसभा में पंजाब की जनता ने भाजपा को असली आईना दिखा दिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री पंजाब में जनसभा करने गए थे, लेकिन जनता की जगह उन्हें सिर्फ़ खाली कुर्सियों की लाइनें मिलीं।

चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री सैनी उन खाली कुर्सियों को संबोधित करके लौट गए, जिससे यह साफ हो जाता है कि पंजाब के लोगों के दिलों में भाजपा के लिए कोई जगह नहीं बची है। भाजपा नेता पंजाब में चाहे जितने चक्कर लगा लें, पंजाब के जागरूक लोग उन्हे कभी मुंह नहीं लगाने वाले।

चीमा ने भाजपा के जनविरोधी चेहरे को उजागर करते हुए कहा कि पंजाब का बच्चा-बच्चा जानता है कि भारतीय जनता पार्टी वही क्रूर पार्टी है, जिसने अपने घमंड में पंजाब के 750 से ज़्यादा अन्नदाताओं की जान ले ली है। ये हमारे बहादुर किसान थे, जिन्होंने तीन काले कृषि कानूनों को वापस करवाने के लिए अपनी शहादत दी। पंजाब के लोग अपने शहीद किसान भाइयों की कुर्बानी को कभी नहीं भूल सकते, न ही किसानों पर हो रहे अत्याचारों के लिए भाजपा को कभी माफ कर सकते हैं।

केंद्रीय नेतृत्व और भाजपा की नीतियों पर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा न केवल किसान विरोधी है, बल्कि पंजाब विरोधी भी है। यह वही पार्टी है जो हमेशा हमारे पानी को लूटना चाहती थी और हमेशा पंजाब के हक छीनने की ताक में रहती है। उन्होंने न केवल पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार किया है, बल्कि अपनी गलत नीतियों से पूरे देश की अर्थव्यवस्था को भी बर्बाद कर दिया है। पंजाब के लोगों ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को साफ शब्दों में संदेश दे दिया है कि पंजाब की धरती पर नफरत और ज़ुल्म की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।

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भाजपा सरकार द्वारा LPG की कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी पर महंगाई का बोझ और बढ़ा, केंद्र को तुरंत इस बढ़ोतरी को वापस लेना चाहिए: हरपाल सिंह चीमा

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आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रविवार को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तेल और ज़रूरी चीज़ों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से देश भर में आम लोगों की ज़िंदगी दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्य वर्गीय परिवार पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हुए हैं और रसोई गैस की कीमतों में इस ताज़ा बढ़ोतरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी पर आप के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बाद अब एक बार फिर घरेलू रसोई पर यह बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक हर तरफ से महंगाई की मार झेल रहा है। डीजल, एलपीजी, सीएनजी और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लाखों परिवारों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी और महंगी हो गई है।

आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा सरकार यूएस-ईरान युद्ध समेत अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का बहाना बनाकर नागरिकों पर और आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई को कंट्रोल करने और तेल की ऊंची कीमतों से राहत देने के वादे पर सत्ता में आने के बावजूद भाजपा इन वादों को पूरा करने में लगातार नाकाम रही है।

उन्होंने आगे कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल ढाबों/होटलों पर पड़ चुका है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल खाने-पीने की दुकानों पर पड़ चुका है। अब घरेलू एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से परिवारों और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों ने देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है और आम लोगों की खरीदने की ताकत कम की है। उन्होंने मज़ाक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विदेश दौरे करते हैं, लेकिन उनकी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियां देश के नागरिकों को राहत देने में पूरी तरह से फेल रही हैं।

बढ़ी हुई एलपीजी की कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार को बार-बार तेल की कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देश को आर्थिक तंगी की ओर धकेल रही है। केंद्र को आम लोगों पर बोझ डालना बंद करना चाहिए और जनता को असली राहत देने पर ध्यान देना चाहिए।

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