Punjab
‘पंजाब सरकार आपके द्वार’, सीएम मान बोले- ‘शहरों और गांवों से सरकार चलाने का मेरा सपना पूरा हुआ’
पंजाब सरकार ने आज से पंजाब के सभी 23 जिलों में ‘आप दे द्वार’ योजना शुरू कर दी है। जिले के सभी उपमंडलों में मंत्री और विधायकों ने मोर्चा संभाल लिया है और लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इसके साथ ही इस कैंप में वे 45 सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी, जिनके लिए लोगों को सर्विस सेंटर जाना पड़ता था। इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी भांखरपुर कैंपस का दौरा किया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों के कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने वहां लोगों से मुलाकात भी की. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार बनने से पहले नेता आपके घर आते थे और उसके बाद आपको अपने काम के लिए चंडीगढ़ आना पड़ता था। यदि कोई दस्तावेज छूट गया हो तो उसे वापस करना पड़ता था। मज़दूरी ख़राब लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सीएम मान ने कहा- मेरा सपना सच हो गया। उन्होंने संगरूर में अपने किराये के घर से कहा था कि सरकार शहरों और कस्बों से चलेगी, आज ऐसा हो रहा है।
विभाग ने उसी समय अधिकारियों से बात की और आश्वासन दिया कि उनके 1400 पद अभी भी भरे हुए हैं. जल्द ही नियमों में बदलाव किया जाएगा और महिलाओं का दोबारा टेस्ट किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने इस योजना की घोषणा दिसंबर 2023 में ही कर दी थी. इसे साकार करने के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी. साथ ही सभी मंत्रियों और विधायकों को इस दिन अपने-अपने वार्ड में रहकर लोगों की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम और राजस्व विभाग के अधिकारी उपमंडलों के प्रमुख होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में नोडल अधिकारी की भूमिका एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, ब्लॉक अधिकारी और पंचायत सचिव निभा रहे हैं।
ये शिविर सुबह 10 बजे शुरू हो गए हैं और शाम 5 बजे तक चलेंगे. पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी. एक घंटे के लंच ब्रेक के बाद दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी. सभी जिलों ने अपने स्तर पर शेड्यूल तैयार कर लिया है. जिन इलाकों में कैंप लगाए जाएंगे वहां के लोगों को पहले ही सूचना दे दी गई है।
इस पूरे कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और नागरिकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शिविर में प्राप्त पात्र आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिये गये हैं।
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“पंजाब में किसी भी योग्य नागरिक की वोट नहीं कटने दी जाएगी”, SIR को लेकर CM भगवंत मान का बड़ा बयान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पंजाब में यह अभियान 15 जून से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहेंगे ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब सरकार किसी भी योग्य नागरिक की वोट नहीं कटने देगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि SIR के नाम पर पंजाब में किसी भी तरह का डर या नकारात्मक माहौल नहीं बनने दिया जाएगा।
सीएम मान ने बताया कि आम आदमी पार्टी के BLAs और वालंटियर इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद रहेंगे और चुनाव आयोग के साथ लगातार संपर्क बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार SIR की हर प्रक्रिया पर नजर रखेगी ताकि किसी भी योग्य मतदाता के साथ अन्याय न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में SIR पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। अगर किसी भी राजनीतिक दल को कोई शिकायत होती है तो चुनाव आयोग को उसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में SIR के दौरान कई विवाद सामने आए थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ राज्यों में लाखों वोट काटे जाने के आरोप लगे और पश्चिम बंगाल से जुड़ा मामला अभी भी लंबित है। इसी तरह हरियाणा में भी एक ही व्यक्ति की कई वोट होने के आरोप सामने आए थे।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब का सामाजिक ढांचा और आपसी भाईचारा काफी मजबूत है, इसलिए यहां इस तरह की गड़बड़ियों की संभावना कम है। इसके बावजूद अगर चुनाव आयोग के पास कोई शिकायत पहुंचती है तो उस पर तुरंत और गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है या वह विदेश जाकर वहां की नागरिकता ले चुका है तो उसकी वोट हटाई जा सकती है। लेकिन यदि किसी योग्य नागरिक की वोट गलत तरीके से काटी जाती है तो सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी।
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से अपील की कि वे अपने वोटर संबंधी सभी जरूरी काम समय पर पूरा करें, फॉर्म भरें और अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है।
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मजीठा में कांग्रेस को बड़ा झटका, कई नेता आप में शामिल
मजीठा में आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है, जबकि कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। शनिवार को कांग्रेस के कई सीनियर नेता और ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता अपनी पार्टी छोड़कर आप में शामिल हो गए।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नेताओं को औपचारिक रूप से आप में शामिल किया और उनका स्वागत किया। उनके साथ मजीठा इलाके के इंचार्ज तलबीर सिंह गिल भी मौजूद थे। कांग्रेस से आप में शामिल होने वाले खास नेताओं में परमजीत सिंह पम्मा, पलविंदर सिंह पाली, जगदीप सिंह गोगा, अप्रमदीप सिंह अप्पू और अमनदीप सिंह शामिल हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आप सरकार की नीतियां हर वर्ग की भलाई के लिए हैं। आज राज्य के लोग राजनीति से ऊपर उठकर विकास की राजनीति चुन रहे हैं। मजीठा से इन साथियों के शामिल होने से पार्टी को इलाके में बहुत ज़्यादा ताकत मिलेगी। हम सब मिलकर पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाएंगे।
दूसरी तरफ, तलबीर सिंह ने कहा कि मजीठा में कांग्रेस का ग्राफ पूरी तरह से गिर गया था और आज पार्टी के मेहनती नेताओं के ‘आप’ में शामिल होने से इलाके में पार्टी का बेस और मज़बूत हुआ है। ‘आप’ में शामिल हुए सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भी शुक्रिया अदा किया और कहा कि वे पार्टी की मज़बूती के लिए दिन-रात काम करेंगे।
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CM भगवंत मान ने 72 शिक्षकों को फिनलैंड के लिए किया रवाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ मिलकर 72 शिक्षकों के एक बड़े दल को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड रवाना किया। चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास से शिक्षकों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षक और प्रिंसिपल पंजाब में शिक्षा क्रांति के राजदूत बन रहे हैं और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री मान ने शिक्षकों से बातचीत के दौरान कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दे आज देश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाना और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार अब तक 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों को पांच दिवसीय लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए सिंगापुर भेज चुकी है। इसके अलावा अब 72 प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को फिनलैंड के तुर्कू शहर में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, जहां वे आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, नए शिक्षण उपकरणों और बच्चों के समग्र विकास से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करेंगे।
भगवंत मान ने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा बैच है, जो 29 मई तक प्रशिक्षण पूरा कर वापस लौटेगा। उन्होंने कहा कि पहले विदेश प्रशिक्षण लेकर लौटे शिक्षकों और प्रिंसिपलों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और पंजाब के सरकारी स्कूलों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में भी पंजाब के स्कूलों ने कई मानकों पर शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट स्कूलों के मामले में पंजाब के सरकारी स्कूल देशभर में मिसाल बन रहे हैं। स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों का अनुपात, कंप्यूटरों की उपलब्धता और बिजली जैसी सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लगभग 99.9 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर और बिजली की सुविधा उपलब्ध है, जो शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे फिनलैंड से नया अनुभव और ज्ञान हासिल कर वापस आएं और पंजाब के बच्चों के भविष्य को और मजबूत बनाने में योगदान दें।
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