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CM मान ने नांदेड़ साहिब को पवित्र नगर का दर्जा देने की मांग की, कहा कि वे महाराष्ट्र सरकार के समक्ष यह मांग उठाएंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी, और इस बात पर जोर दिया कि यह पवित्र शहर सिखों और संपूर्ण मानवता के लिए अपार आध्यात्मिक महत्व रखता है।
मान ने ये टिप्पणियां शनिवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में मत्था टेकने के बाद कीं।
यह याद दिलाते हुए कि पंजाब सरकार पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुकी है, पंजाब के मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिबान के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “इसी तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार को नांदेड़ साहिब के लिए भी घोषणा करनी चाहिए, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास करेगी।”
मान ने कल्गी धर पातशाह जी के पवित्र तीर्थस्थल पर भी मत्था टेकी, तीर्थस्थल प्रबंधन से मुलाकात की और श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ देखी।
सभा को संबोधित करते हुए मान ने कहा, “नांदेड़ साहिब न केवल सिखों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए एक पवित्र स्थान है, क्योंकि दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस पवित्र भूमि पर बिताया था।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार गुरु गोविंद सिंह को उचित श्रद्धांजलि के रूप में नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने के लिए महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करेगी।
मुख्यमंत्री ने नांदेड़ साहिब स्थित पंजाब भवन के पूर्ण कायाकल्प की भी घोषणा की।
“पंजाब सरकार द्वारा निर्मित पंजाब भवन को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा,” मान ने कहा, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि तीर्थयात्रियों के लाभ के लिए नांदेड़ में वेरका दूध उत्पादों की आपूर्ति को और भी सुव्यवस्थित किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “इस पवित्र स्थान पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने राष्ट्र के प्रति पंजाबियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, “पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम में, देश को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में और भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने में उत्कृष्ट भूमिका निभाई है।”
उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रतिबद्धता के तहत पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। उन्होंने कहा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु साहिब के जीवन, दर्शन और मानवता के लिए किए गए उनके सर्वोच्च बलिदानों से जोड़े रखना है।”
इसी बीच, तख्त श्री हजूर साहिब में मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति और विकास तथा जनता की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “तख्त श्री हजूर साहिब सिख धर्म के पांच सर्वोच्च धार्मिक केंद्रों में से एक है, जो समुदाय को आध्यात्मिक, सांसारिक और नैतिक शक्ति प्रदान करता है।”
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गुरुग्राम में किसने खरीदा ₹271 करोड़ का देश का सबसे महंगा पेंटहाउस!
भारत के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में गुरुग्राम ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। डीएलएफ के सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में करीब ₹271 करोड़ का पेंटहाउस बिकने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महंगी प्रॉपर्टी को कारोबारी मानव सरदाना ने खरीदा है, जो ‘इंपीरियल ऑटो’ से जुड़े रहे हैं। इस डील ने गुरुग्राम की प्रीमियम रियल एस्टेट मार्केट में नई चर्चा छेड़ दी है।
‘द डहलियास’ को डीएलएफ का सबसे महत्वाकांक्षी सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट 29 मंजिलों वाले 8 टावरों में फैला है, जिसमें कुल 420 अपार्टमेंट्स हैं। इसकी कुल प्रोजेक्ट वैल्यू करीब ₹40,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। प्रोजेक्ट को खास तौर पर बेहद हाई-नेट-वर्थ ग्राहकों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ₹271 करोड़ में खरीदे गए इस पेंटहाउस का सुपर एरिया करीब 17,200 वर्ग फीट है, जबकि इसका कारपेट एरिया लगभग 10,500 वर्ग फीट बताया गया है। इस हिसाब से सुपर एरिया के आधार पर इसकी कीमत करीब ₹1.58 लाख प्रति वर्ग फीट और कारपेट एरिया के हिसाब से लगभग ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फीट बैठती है।
इतनी बड़ी कीमत के साथ यह सौदा भारत के सबसे महंगे आवासीय संपत्ति लेनदेन में शामिल हो गया है। खास बात यह है कि कारपेट एरिया के हिसाब से कीमत गुरुग्राम को देश के सबसे महंगे रिहायशी बाजारों में शामिल मुंबई की प्रीमियम लोकेशनों के काफी करीब ले आती है।
मुंबई के वर्ली और अन्य प्रमुख इलाकों में भी लग्जरी घरों की कीमतें कई बार ₹2 लाख प्रति वर्ग फीट से ऊपर पहुंच जाती हैं। ऐसे में गुरुग्राम में ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फीट के करीब की यह डील शहर में बढ़ती लग्जरी हाउसिंग डिमांड और प्रीमियम प्रॉपर्टी की कीमतों को दर्शाती है।
गुरुग्राम पिछले कुछ वर्षों में देश के प्रमुख लग्जरी रियल एस्टेट बाजारों में तेजी से उभरा है। बड़े कॉरपोरेट हाउस, उद्योगपति और हाई-नेट-वर्थ खरीदार यहां बड़े आकार के अपार्टमेंट, पेंटहाउस और अल्ट्रा-लक्जरी घरों में निवेश कर रहे हैं। ₹271 करोड़ की यह डील इस बात का संकेत मानी जा रही है कि गुरुग्राम में प्रीमियम प्रॉपर्टी का बाजार अब देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों को टक्कर देने लगा है।
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देश में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ, सिर्फ ‘‘आप’’ लड़ रही आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विश्व आदिवासी दिवस पर देश भर के आदिवासी समाज को बधाई देते हुए कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ है। दूसरी सभी पार्टियों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और ज़मीन पर डाका डाला और उनसे छीन कर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया। केवल आम आदमी पार्टी ही आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ रही है। आज आदिवासी नेता चैतर वसावा एक झूठे केस में जेल में हैं, क्योंकि वे आदिवासी समाज की आवाज़ उठा रहे थे। हम सभी उनके जल्द बाहर आने के लिए प्रार्थना करते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर आदिवासी समाज के लोगों से कहा कि पिछले 75 साल में आदिवासी समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। 75 साल में देश ने तरक्की की, बाकी सभी समाज के लोगों ने तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज पीछे रह गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया। उनके जितने भी संसाधन थे, उन पर डाका डाला गया। जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज का पैदाइशी अधिकार है, लेकिन इन्हें समाज से छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया गया क्योंकि बाकी पार्टियों के नेता चोर और भ्रष्टाचारी थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है और इसके लिए कितनी ही बार हमारे नेता जेल गए हैं। चैतर वसावा आदिवासी समाज का बेटा और भाई है। वह आदिवासी समाज को हक दिलवाने के लिए न जाने कितनी बार जेल गए हैं। ये लोग पेसा कानून तो ले आए, लेकिन उसे लागू नहीं किया। समाज और ग्राम सभा से पूछे बिना ही ये सारे निर्णय ले लेते हैं। आज चैतर वसावा जेल में है क्योंकि वह आदिवासी समाज के लिए लड़ रहा है। वह जल्दी बाहर आए, इसके लिए प्रार्थना करना।
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बेंगलुरु के 3-Star और 5-Star होटलों में बड़ी फूड सेफ्टी जांच, Expired दूध-मांस और खराब सब्जियां मिलने से मचा हड़कंप
बेंगलुरु के बड़े और लग्जरी होटलों की रसोइयों में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एफएसएसएआई की टीमों ने शहर के 26 होटलों में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब मांस और मछली, सड़ी हुई सब्जियां, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए।
इस कार्रवाई के लिए 30 निरीक्षण टीमें तैनात की गई थीं। अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, जो खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड या इस्तेमाल के लायक नहीं पाई गई, उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया।
जांच के दौरान द ललित अशोक से करीब 76 किलो मांस, 200 किलो सब्जियां और 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध बरामद किया गया। ताज यशवंतपुर से करीब 72 किलो मांस और मछली, जबकि फोर सीजन्स होटल से लगभग 19 किलो मांस मिला। शांगरी-ला होटल से करीब 15 किलो मांस और विवांता बेंगलुरु व्हाइटफील्ड से लगभग 3 किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद हटाए गए।
सबसे बड़ी बरामदगी में से एक रेडिसन ब्लू एट्रिया से हुई, जहां करीब 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मांस, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ होटलों की रसोई और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।
अधिकारियों को कुछ सब्जियों पर फंगस मिली, जबकि कई जगह खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने में भी लापरवाही सामने आई। कुछ उत्पादों पर जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था।
निरीक्षण के दौरान चिकन, मटन, मछली, दूध, खाना पकाने के तेल, मसाले, चीज और सॉस समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया है, वहां होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बड़े और लग्जरी होटलों से इसलिए की गई है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि होटल चाहे कितना भी बड़ा या महंगा हो, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं।
अब अधिकारियों की नजर उन फूड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर भी है, जहां से होटलों और कैटरिंग संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।
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